00:00वारे एक बैच में आया था, जैने वो डिसा से था, कि कहां से था, बंगाल से कहीं से था,
00:06बजारा परिशान रहता था, बोलता था कि अभी भी जितनी बार वापस गाउं जाता हूँ, तो लानत पढ़ती है, बोलतें
00:13क्यों? उन्हों उताता हूँ, बोलतों मैं आई टीम पढ
00:33आज तक पूरे जिले के जितने भी होनहार, पतिभावान, विद्ध्यार थी थे, वो सब कहां गए थे?
00:44L.I.T. और ये बेचरा L.I.T. पहुंचा ही नहीं? लानतें पढ़ रही है, लड़कियां देखनी रही हैं
00:50उसकी ओर, आम तोर पे जब वहां से लोग वापस जाते थे अपने घरों की ओर, तो कैंपस से खास
00:58तोर पे शेट मिलती थी इसी उद्देशे के लिए, उसे बड़
01:10पिचारा पे थे, वाँ, मज़ा आ गया, मज़ा गया, ये बेचारा ले के जाए तो इसे शर्मिंदा होना पड़े से,
01:17गिस-गिस के I.I.T. में उपर वाले आई में से वो मिटा दिया, तो L.I.T. ऐसा
01:21लगने लगा.
Comments