00:00आप में देख कितने लोग किसी न किसी चीज से लिए गिल्टी हो और याद आता है कि यार वाँ
00:03गल्टी हो गई थी बताना हाथ उठाड़ा है
00:05सब मकार
00:08गिल्ट असली होती है तो इंसान को तोड़ देती है तुम वैसे रही नहीं सकते जैसे तुम हो अगर तुमारी
00:13गिल्ट में जरा भी इमानदारी होती
00:16तुमारी गिल्ट सिर्फ एक उद्देशे के लिए है ताकि तुम अपने आपको जता सको कि तुम आदमी अच्छे हो
00:22मैं आदमी अच्छा हूँ
00:24उस दिन गल्ती कर दी थी देखो मुझे आज तक अफसोस है
00:26मैं आदमी अच्छा हूँ
00:27उस दिन गल्ती कर दी थी मैं आज भी गल्ती फील करता हूँ
00:29मैं आदमी अच्छा हूँ
00:31तुमारी गिल्ट का सिर्फ ये प्रेयोजन है
00:33ताकि तुम अपने आपको बता सकोगी तुम आदमी अच्छे हो जब कि आदमी तुम अच्छे हो नहीं
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