00:00सूरज को लील लिया बाल हनुमान ने
00:02क्या सोच कर कि ये तो लाल-लाल पका-पका फल है
00:08ये कैसी बात है
00:10और नादान लोग इस बात को ले करके तुल्सीदास का मजाग उड़ाते है
00:16और कहते हैं देखो हिंदूओं के तो सब गरंथ ऐसे ही है
00:19कैसी इसमें गपबाजी रहती है
00:21कि एक बच्चा जाएगा और फल समझ के सूरज को लील लेगा
00:24ऐसा कैसे हो सकता है
00:26अब इतनी बुद्धी साहब अगर आप में एक ऐसा नहीं हो सकता
00:30तो इससे कम से कम थोड़ी ज्यादा बुद्धी तो तुलसी दास में भी रही होगी
00:34मतब इतनी सी ज्यादा तो रही होगी ना आपसे तुलसी दास में
00:37या कम से कम आपके बराबर तो रही होगी उनमें
00:41तो वो एक बिलकोली absurd बात तो नहीं करते
00:43जरूर जो बात करी है, उसमें कुछ छिपा हुआ है, जो क्या छिपा हुआ है, वो आप आज तक समझ
00:49नहीं पाए, क्यों नहीं समझ पाए, क्योंकि वेदान्त पढ़ाई नहीं कभी, उपनिशदों का उ नहीं पता, अभी भी बहुत चलता
01:00है, आप अगर इसी चीज़ को Google सर्
01:03करेंगे न, तो शुरू के ही 20-50 जो आपको रिजल्ट आएंगे, उसमें थे ही 57 तो बस व्यंग वाले
01:09होंगे, मजाक उड़ाने वाले होंगे, कि हिंदू लोग सा बन पढ़ है, और देखो कैसी कैसी बातों पर यकीन करते
01:14रहते हैं, बिल्कुल इसी भाशा में उलिख देत
01:31है, सूर्य क्या है, इस प्रकृति की समस्त उर्जा का स्रोत, कम से कम इस प्रथवी की समस्त उर्जा का
01:41स्रोत, ठीक, तो प्रकृति का सबसे बड़ा प्रतीक है सूर्य, यह हवा जो बहती है, यह हवा किसकी उर्जा से
01:50बहती है, हम सांस भी ले रहे हैं, तो यह उर्जा परो
02:01आपका डीजल पेट्रोल सब ये इसको फॉसिल बनाया किसने सूरे ने बनाया वैज्ञानिक बात कर रहा हूं मैं ये कोई
02:10वो नहीं कहा रहा हूं कि सूरे देव ने बनाया
02:12सोलर एनरजी ने बनाया ठीक है तो सूरज को निगलने का क्या आर्थ हुआ प्रक्रति में जो सबसे बड़ा तुमको
02:21दिखाई पड़ सकता है हनुमान जा करके सीधे उसी को जीत लाए माने प्रक्रति को जीत लेना ये माने ये
02:32नहीं है कि फल समझ कैसे खा गए समझ में आ रह
02:38बात विरांत की ही है बस ऐसी भाषा में कही गई है जो आम लोगों को समझ में आ जाए
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