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सऊदी अरब की तेल अर्थव्यवस्था और लाल सागर के महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर हूती विद्रोहियों के लगातार बढ़ते हमलों के बाद किंगडम ने अब मदद के लिए चीन का दरवाजा खटखटाया है।रॉयटर्स की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, रियाद की अपील के बाद बीजिंग ने गुप्त रूप से तेहरान से संपर्क किया है ताकि हूती विद्रोहियों को नियंत्रित किया जा सके।हूती गुट के तेजी से बढ़ते सैन्य अभियानों और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास के इलाकों पर कब्जे से सऊदी तेल निर्यात गंभीर खतरे में पड़ गया है।दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इन्हीं तेल मार्गों पर निर्भर है, जिसके कारण बीजिंग इस बढ़ते संकट को लेकर बेहद चिंतित है।सार्वजनिक तौर पर शांति और संयम की बात करने वाले चीन ने निजी तौर पर ईरान से स्पष्ट रूप से कहा है कि वह हूती मिलिशिया पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे।ईरानी सूत्रों के मुताबिक, बीजिंग की इस गुजारिश पर तेहरान ने जवाब दिया कि क्षेत्र में शांति तभी संभव है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध समाप्त हो।चीनी विदेश मंत्रालय ने भी यह बात दोहराई है कि क्षेत्रीय अस्थिरता किसी भी पक्ष के हित में नहीं है और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया जाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।हालांकि चीन ने ईरान पर किसी तरह का आर्थिक दबाव डालने की कोई खुली धमकी नहीं दी है, लेकिन इस कूटनीतिक पहल ने मिडिल ईस्ट के भू-राजनीतिक समीकरण को बदल दिया है।सऊदी अरब, चीन और ईरान के बीच चल रही इस गुप्त कूटनीति से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में लाल सागर का यह संकट वैश्विक राजनीति को एक नया मोड़ देने वाला है।

The recent military blitz by Houthi rebels along the Red Sea coast and the Bab el-Mandeb Strait has severely threatened Saudi Arabia's crucial oil exports and trade routes.Faced with escalating security risks, Riyadh has officially turned to China for diplomatic intervention to rein in the advancing Houthi forces and protect vital energy corridors.According to exclusive reports from Iranian sources, Beijing privately approached Tehran, urging it to use its regional influence to prevent the conflict from spreading further.China, being the world's second-largest economy, heavily relies on Middle East oil supplies, making the security of these shipping lanes an absolute economic necessity for Beijing.While China publicly advocates for regional restraint, dialogue, and safe navigation, its private diplomatic messages to Iran reflect deep underlying concerns about supply chain disruptions.In response to Beijing's appeals, Tehran maintained that regional peace and stability are directly linked to ending the ongoing US-Israeli aggression involving Iran.The Chinese foreign ministry emphasized that escalating tensions and targeting vital civilian infrastructure do not serve the interests of any party involved in the geopolitical landscape.Although China did not issue any direct economic threats to coerce Tehran, this high-stakes diplomatic maneuvering underscores Beijing's growing diplomatic weight in West Asia.Ultimately, Saudi Arabia's reliance on China to handle the Houthi threat highlights a shifting paradigm in regional security, where traditional alliances are adapting to new challenges.

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00:03एक तरफ जहां हूती रिबेल्ज ने साउधी अरेबिया की धर्ती और उसके ओईल एक्सपोर्च को हिला कर रख दिया है
00:09वहीं दूसरी तरफ रियत को अपनी इफाज़त के लिए वाशिंटन या किसी और वेस्टन पावर की नहीं बलकी बीजिंग यानी
00:17की चाइना की तरफ देखना पड़ रहा है
00:19जी हाँ दर्शको साउधी अरेबिया यूएस का सबसे पुराना सबसे भरोसम अंदेलाई अब चाइना से मदद की भीक मांग रहा
00:28है
00:28क्या यही है दुनिया के नए वोल्ड ओर्डर की शुरुवात और आखिर वो कौन सी मजबूरी थी जिसने साउधी अरेबिया
00:35को ये कदम उठाने पर मजबूर किया
00:38और परदे के पीछे चाइना और इरान के बीच क्या हाई स्टेक्स खेल चल रहा है
00:43दर्शकों एक बार फिर स्वागत है आपका वान इंडिया में आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसी जियो
00:48पॉलिटिकल हलचल की जिसने पूरे ग्लोबल इनरजी मार्केट्स और वेस्ट एशिया के पावर कॉरिडोस में भूचा ला दिया है
00:55दोस्तों जब घूती रिबेल्ज ने रेट सी कोस्ट और बाबल मांडेप स्टेट के अलाकों में अपना मिलिटरी ब्लिट्स तेज किया
01:03था और साओधी ओयल एक्सपोर्च का सीधे तोर पर खत्रे में डाल दिया था तो रेध ने एक बहुत बड़ा
01:09डिपलोमाटिक दाव
01:10चला था राउटर्स की एक बेहत खूफिया और चौकादेने वाली रिपोर्ट के मुताबित साओधी अरेबिया ने अपने ओयल शिप्मेंस और
01:18स्ट्राटेजिक एनरजी रूट्स को बचाने के लिए अब सीधे चाइना से मदद मांग ली है जी जिन पिंक से मदद
01:25मांगी
01:26है यहाँ पर ये समझना बेहर ज़रूरी है कि आकर ये सब शुरू कहां से हुआ पिछले कुछ दिनों में
01:32हूती फोर्सिस की तरफ से जो लगातार अटाक्स देखे गए हैं उन्होंने ना सिरफ साओधी अरेबिया की डुमेस्टिक सिक्योरिटी पर
01:38सवाल खड़े किये हैं
01:40बलकि ग्लोबल ओयल सप्लाई चेंज को भी खत्रे में डाल दिया है साओधी अरेबिया जो कि दुनिया का सबसे बड़
01:45ओयल एक्स्पोर्टर है जब अपने एकॉनमिक कॉरिडोस पर ऐसी आच आने देता है तो उसके स्ट्राटेजिक ऑप्शन्स बदल जाते हैं
01:53भाईया स
01:54साओधी अरेबिया का साथ कोई नहीं दे रहा वरसो पुराना अमरीका हतियार दे के चला गया था बदले में पैसे
02:00ले गया था लेकिन अब भी कुछ हो नहीं रहा है मदद नहीं मिल रही है और इस पार रियद
02:06ने ट्रडिशन से हटकर बीजिंग का रुख किया है क्योंकि �
02:10चाइना जो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एकोनिमी है अपनी एनरजी जरूरतों के लिए मिल इस्ट के उयल पर सबसे
02:17जादा निर्भर है यानि दर्शको अब इस पूरे चाप्टर में से योरप का और जो वेस्ट है यूएस है उसका
02:26किसा ही खतम होने जा रहा है मिल �
02:28पेलिष्ट अपना तेल चाइना रशिया इंडिया को बेच देगा और अपनी एकोनिमी चला लेगा और वहीं उसको बदले में रक्षा
02:36अब अमरीका नहीं चाइना देगा आप समझी इसके पीछे कितना बड़ा खेल है जब भूती अडवांसेज ने चाइना के भी
02:44एकोनि
02:44इंडिया को हिट करना शुरू किया तो बीजिंग खामोश नहीं बैट सका इस पूरे मामले का सबसे दिल्चस पहलू यही
02:51है कि चाइना ने इस पर क्या किया पबलिक में चाइना हमेशा पीस डायलोग और रीजनल रिस्ट्रेंड की बात करता
02:57है उनकी फॉरण मिनिस्ट्री
02:59का यह official stand रहा है कि regional instability किसी के hit में नहीं है और critical infrastructure को target
03:06नहीं किया जाना चाहिए लेकिन परदे के पीछे यानि private discussions में बीजिंग ने इसे कहीं आगे बढ़कर कदम उठाए
03:14हैं
03:14तीन अरारियन sources के मुताबिच चाइना से सीडे तोर पर तहरान से contact किया है और उनका यह कहना है
03:20कि वो हूती rebels पर अपना influence का इस्तमाल करें ताकि conflict वाले zone में परिशानी ना हो भाया आप
03:29चाइना के tankers को मत मारो अमरीका के tankers के साथ जो करना है करो
03:33अब सवाल यह उखता है कि तहरान का इस पर क्या reaction था जब चाइना ने एरान पर यह pressure
03:39डालने की कोशिश की तो एरानियन साइड यह साफ कह चुकी है कि रीजन में stability और पीस तब तक
03:45नहीं आ सकती जब तक US और इस्रेल का वो conflict नहीं रुपता जो एरान के खिलाफ चल रहा है
03:51यानि तहरान ने इस पूरे local हुटी इशू को एक बड़ा regional और global confrontation के साथ जोड दिया है
03:59शेट ओफ होर्मूस के धक्के से दुनिया गुजरी भी नहीं थी दुनिया उसे भुला भी नहीं पाई थी कि इतने
04:04बाबल mandate पे भी यह खतरा शुरू हो गया है
04:07इरानी foreign minister Abbas Arachi की visits और discussions के दौरान ये साफ हो गया है कि इरान इस वक्त
04:14इस crisis को एक leverage के रूप में इस्तमाल कर रहा है इरान चाहता है कि अपना तब तबाओ और
04:20मजबूत कर ले
04:21Chinese officials ने हाला कि अब तक कोई खुली economic threat या pressure tactics रान पर नहीं अगई है लेकिन
04:27उनका ये private approach बताता है कि बीजिंग अब Middle East की diplomacy में कितने गुसे से और कितना active
04:34role play कर रहा है
04:36जो सबसे बड़े धक्के की बात किस के लिए है अमेरिका के लिए अगर चाइना हर उस जंग में आता
04:41रहा जहां US involved है तो US का दब दबाओ खतम हो जाएगा
04:45पहले जहाएं से मामलों के लिए लोग अमेरिका की तरफ देखते थे वहीं अब साओधी अरेबिया का चाइना के पास
04:51जाना ये दिखाता है कि West Asia का नया power broker कौन है
04:55ये पूरी घटना सिरफ एक military clash या एक regional dispute नहीं है ये इस बात का प्रतीक है कि
05:01कैसे global superpowers की economy, energy security और local conflicts आपस में जुड़ चुके हैं
05:07एक तरफ हूती rebels का ये अकरमक रुख है, दूसरी तरफ साओधी अरेबिया की economic vulnerability और तीसरी तरफ चाइना
05:13की diplomatic balancing art ये सब मिलकर आने वाले समय में दुनिया की राजनीती को एक बिलकुल नई दिशा देने
05:20वाले हैं
05:21अब क्या चाइना का ये private pressure इरान और हूतीस को रोख पाएगा, क्या Saudi oil exports आगे पूरी तरह
05:27सुरक्षित रहे पाएंगी, इन्ही सवालों के गिर्द घूम रहा है आज का सबसे बड़ा geopolitical drama, आज की यही कहानी
05:35सबसे बड़ी है दर्शकों कि अगर Middle East में अब चाइना की involvement हो ज
05:41जाएगी, तो इसका मतलब साफ है कि दुनिया में जो तक्त है बाक्षाहत का वो बदल रहा है, ऐसे में
05:48जो भी आपकी राए हो हमें comment section में जरूर बताइएगा, अब देख रहे हैं One India, मैं हूँ अकुर्श
05:53कोशेक
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