00:03एक तरफ जहां हूती रिबेल्ज ने साउधी अरेबिया की धर्ती और उसके ओईल एक्सपोर्च को हिला कर रख दिया है
00:09वहीं दूसरी तरफ रियत को अपनी इफाज़त के लिए वाशिंटन या किसी और वेस्टन पावर की नहीं बलकी बीजिंग यानी
00:17की चाइना की तरफ देखना पड़ रहा है
00:19जी हाँ दर्शको साउधी अरेबिया यूएस का सबसे पुराना सबसे भरोसम अंदेलाई अब चाइना से मदद की भीक मांग रहा
00:28है
00:28क्या यही है दुनिया के नए वोल्ड ओर्डर की शुरुवात और आखिर वो कौन सी मजबूरी थी जिसने साउधी अरेबिया
00:35को ये कदम उठाने पर मजबूर किया
00:38और परदे के पीछे चाइना और इरान के बीच क्या हाई स्टेक्स खेल चल रहा है
00:43दर्शकों एक बार फिर स्वागत है आपका वान इंडिया में आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसी जियो
00:48पॉलिटिकल हलचल की जिसने पूरे ग्लोबल इनरजी मार्केट्स और वेस्ट एशिया के पावर कॉरिडोस में भूचा ला दिया है
00:55दोस्तों जब घूती रिबेल्ज ने रेट सी कोस्ट और बाबल मांडेप स्टेट के अलाकों में अपना मिलिटरी ब्लिट्स तेज किया
01:03था और साओधी ओयल एक्सपोर्च का सीधे तोर पर खत्रे में डाल दिया था तो रेध ने एक बहुत बड़ा
01:09डिपलोमाटिक दाव
01:10चला था राउटर्स की एक बेहत खूफिया और चौकादेने वाली रिपोर्ट के मुताबित साओधी अरेबिया ने अपने ओयल शिप्मेंस और
01:18स्ट्राटेजिक एनरजी रूट्स को बचाने के लिए अब सीधे चाइना से मदद मांग ली है जी जिन पिंक से मदद
01:25मांगी
01:26है यहाँ पर ये समझना बेहर ज़रूरी है कि आकर ये सब शुरू कहां से हुआ पिछले कुछ दिनों में
01:32हूती फोर्सिस की तरफ से जो लगातार अटाक्स देखे गए हैं उन्होंने ना सिरफ साओधी अरेबिया की डुमेस्टिक सिक्योरिटी पर
01:38सवाल खड़े किये हैं
01:40बलकि ग्लोबल ओयल सप्लाई चेंज को भी खत्रे में डाल दिया है साओधी अरेबिया जो कि दुनिया का सबसे बड़
01:45ओयल एक्स्पोर्टर है जब अपने एकॉनमिक कॉरिडोस पर ऐसी आच आने देता है तो उसके स्ट्राटेजिक ऑप्शन्स बदल जाते हैं
01:53भाईया स
01:54साओधी अरेबिया का साथ कोई नहीं दे रहा वरसो पुराना अमरीका हतियार दे के चला गया था बदले में पैसे
02:00ले गया था लेकिन अब भी कुछ हो नहीं रहा है मदद नहीं मिल रही है और इस पार रियद
02:06ने ट्रडिशन से हटकर बीजिंग का रुख किया है क्योंकि �
02:10चाइना जो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एकोनिमी है अपनी एनरजी जरूरतों के लिए मिल इस्ट के उयल पर सबसे
02:17जादा निर्भर है यानि दर्शको अब इस पूरे चाप्टर में से योरप का और जो वेस्ट है यूएस है उसका
02:26किसा ही खतम होने जा रहा है मिल �
02:28पेलिष्ट अपना तेल चाइना रशिया इंडिया को बेच देगा और अपनी एकोनिमी चला लेगा और वहीं उसको बदले में रक्षा
02:36अब अमरीका नहीं चाइना देगा आप समझी इसके पीछे कितना बड़ा खेल है जब भूती अडवांसेज ने चाइना के भी
02:44एकोनि
02:44इंडिया को हिट करना शुरू किया तो बीजिंग खामोश नहीं बैट सका इस पूरे मामले का सबसे दिल्चस पहलू यही
02:51है कि चाइना ने इस पर क्या किया पबलिक में चाइना हमेशा पीस डायलोग और रीजनल रिस्ट्रेंड की बात करता
02:57है उनकी फॉरण मिनिस्ट्री
02:59का यह official stand रहा है कि regional instability किसी के hit में नहीं है और critical infrastructure को target
03:06नहीं किया जाना चाहिए लेकिन परदे के पीछे यानि private discussions में बीजिंग ने इसे कहीं आगे बढ़कर कदम उठाए
03:14हैं
03:14तीन अरारियन sources के मुताबिच चाइना से सीडे तोर पर तहरान से contact किया है और उनका यह कहना है
03:20कि वो हूती rebels पर अपना influence का इस्तमाल करें ताकि conflict वाले zone में परिशानी ना हो भाया आप
03:29चाइना के tankers को मत मारो अमरीका के tankers के साथ जो करना है करो
03:33अब सवाल यह उखता है कि तहरान का इस पर क्या reaction था जब चाइना ने एरान पर यह pressure
03:39डालने की कोशिश की तो एरानियन साइड यह साफ कह चुकी है कि रीजन में stability और पीस तब तक
03:45नहीं आ सकती जब तक US और इस्रेल का वो conflict नहीं रुपता जो एरान के खिलाफ चल रहा है
03:51यानि तहरान ने इस पूरे local हुटी इशू को एक बड़ा regional और global confrontation के साथ जोड दिया है
03:59शेट ओफ होर्मूस के धक्के से दुनिया गुजरी भी नहीं थी दुनिया उसे भुला भी नहीं पाई थी कि इतने
04:04बाबल mandate पे भी यह खतरा शुरू हो गया है
04:07इरानी foreign minister Abbas Arachi की visits और discussions के दौरान ये साफ हो गया है कि इरान इस वक्त
04:14इस crisis को एक leverage के रूप में इस्तमाल कर रहा है इरान चाहता है कि अपना तब तबाओ और
04:20मजबूत कर ले
04:21Chinese officials ने हाला कि अब तक कोई खुली economic threat या pressure tactics रान पर नहीं अगई है लेकिन
04:27उनका ये private approach बताता है कि बीजिंग अब Middle East की diplomacy में कितने गुसे से और कितना active
04:34role play कर रहा है
04:36जो सबसे बड़े धक्के की बात किस के लिए है अमेरिका के लिए अगर चाइना हर उस जंग में आता
04:41रहा जहां US involved है तो US का दब दबाओ खतम हो जाएगा
04:45पहले जहाएं से मामलों के लिए लोग अमेरिका की तरफ देखते थे वहीं अब साओधी अरेबिया का चाइना के पास
04:51जाना ये दिखाता है कि West Asia का नया power broker कौन है
04:55ये पूरी घटना सिरफ एक military clash या एक regional dispute नहीं है ये इस बात का प्रतीक है कि
05:01कैसे global superpowers की economy, energy security और local conflicts आपस में जुड़ चुके हैं
05:07एक तरफ हूती rebels का ये अकरमक रुख है, दूसरी तरफ साओधी अरेबिया की economic vulnerability और तीसरी तरफ चाइना
05:13की diplomatic balancing art ये सब मिलकर आने वाले समय में दुनिया की राजनीती को एक बिलकुल नई दिशा देने
05:20वाले हैं
05:21अब क्या चाइना का ये private pressure इरान और हूतीस को रोख पाएगा, क्या Saudi oil exports आगे पूरी तरह
05:27सुरक्षित रहे पाएंगी, इन्ही सवालों के गिर्द घूम रहा है आज का सबसे बड़ा geopolitical drama, आज की यही कहानी
05:35सबसे बड़ी है दर्शकों कि अगर Middle East में अब चाइना की involvement हो ज
05:41जाएगी, तो इसका मतलब साफ है कि दुनिया में जो तक्त है बाक्षाहत का वो बदल रहा है, ऐसे में
05:48जो भी आपकी राए हो हमें comment section में जरूर बताइएगा, अब देख रहे हैं One India, मैं हूँ अकुर्श
05:53कोशेक
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