00:0015 अक्टूबर से UPI का नया नियम
00:052000 रुपे से उपर मर्चंट पेमिंट पर 0.4% MDR
00:11लेकिन लोगों ने खोज लिया फ्री वाला तरीका
00:15UPI से पेमिंट करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है
00:1815 अक्टूबर से मर्चंट पेमिंट के नये चार्ज का फ्रेमवर्क लागू होने वाला है
00:23लेकिन इसी के बीच एक सवाल तेजी से उठ रहा है
00:26अगर बड़ी रकम को छोटे-छोटे UPI पेमिंट में बाट दिया जाए
00:30तो क्या चार्ज से बचा जा सकता है?
00:32मसलन अगर किसी दुकानदार को 6000 रुपे का पेमिंट करना है
00:36तो एक बार में 6000 रुपे भेजने पर नये फ्रेमवर्क के तहट 0.4 फीसिदी MDR लागू होगा
00:43यानि 6000 रुपे पर करीब 24 रुपे का चार्ज बनता है
00:47लेकिन यही 6000 रुपे 2000-2000 के तीन अलग-अलग पेमिंट में भेजे जाएं
00:52तो हर पेमिंट 2000 रुपे की सीमा के भीतर रहेगा
00:56यही वज़ा है कि अब बिल को छोटे-छोटे हिस्सों में बाट कर पेमिंट करने की चर्चा शुरू हुई है
01:01लेकिन इस मामले में फिलहाल NPCI की तरफ से कोई खास डीली लिमिट लगाने की ततकाल योजना नहीं है
01:08यानि एक ही मर्चंट को बार-बार किये जाने वाले UPI पेमिंट के लिए अभी कोई अलग दैनिक सीमा तै
01:14नहीं की जा रही
01:15रिपोर्ट के मुताबिक NPCI के मौजूदा फ्रेमवर्क और FAQ में ये भी जरूरी नहीं किया गया है कि एक ही
01:22बिल से जुड़े अलग-अलग पेमिंट को अपने आप जोड़ कर देखा जाए
01:25अलगी बैंक और पेमिंट प्रोवाइडर अपनी मौजूदा सुरक्षा और रिस्क मैनेजमेंट लिमिट अलग से लागू कर सकते हैं
01:32अब सवाल है कि इस विवस्था का सबसे जादा असर कहां पड़ सकता है
01:36रिपोर्ट के मुताबिक 2000 रुपे से जादा के ट्रांजाक्शन मर्चंट पेमिंट की कुल वैल्यू का बड़ा हिस्सा है
01:42वही 95% से जादा मर्चंट UPI पेमिंट 2000 रुपे से कम के हैं
01:48यानि बड़ी संख्या में छोटे पेमिंट फिलहाल फ्री दायरे में रहेंगे
01:51चोटे दुकानदारों के लिए भी एक खास विवस्था है
01:54जो चोटे व्यापारी UPI के जरिए महिने में एक लाख रुपे तक कलेक्शन करते हैं
01:59उन्हें 0MDR P2M कैटिग्री में छूट मिलती है
02:02अगर लगातार तीन महिनों तक कलेक्शन एक लाख रुपे से उपर चला जाता है
02:07तो उन्हें regular merchant कैटिग्री में डाला जा सकता है
02:10लेकिन नियमों से बचने के लिए commercial payment को जान बूच कर
02:13personal UPI transfer दिखाना या गलत merchant code का इस्तिमाल करना अलग मामला है
02:19रिपोर्ट में इसे गलत classification बताया गया है
02:22railway, telecom, insurance, fuel और utility service जैसी कुछ category के लिए
02:27अलग flat 5 रुपे चार्ज का भी प्रावधान बताया गया है
02:31तो फिलहाल तस्वीर साफ है
02:3215 October से merchant UPI payment पर नया MDR framework लागू होगा
02:37लेकिन एक ही दुकानदार को बार-बार छोटे payment करने पर
02:41NPCI ने अभी कोई खास daily cap लगाने का फैसला नहीं किया है
02:45आगे अगर bill splitting जादा बढ़ती है
02:47तो नियमों में बदलाव पर विचार किया जा सकता है
02:50फिलहाल के लिए बस इतना ही
02:52बाकी अपडेट के लिए बने रहिए One India Hindi के साथ
02:55बाकी अपडेट के साथ
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