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  • 18 minutes ago
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक के बाद एक बड़े सियासी उलटफेर देखने को मिल रहे हैं. चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं. मूल सिंबल छिनने के बाद अब ममता बनर्जी के गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' का चुनाव चिह्न मिला है, जबकि बागी गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' और 'लिफाफा' सिंबल दिया गया है.दूसरी ओर, नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है. ममता बनर्जी द्वारा समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुलिस ने एक पुराने कथित हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया है. कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है.

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Transcript
00:03पश्यमंगाल के नंदी ग्राम उपचुनाओ से पहले बड़ा सियासी घटना करम सामने आया है।
00:32पुलिस सूतरों के मताबिक मामला पुराने हत्या केस से जुड़ा है और उनके खिलाफ पहले से वारेंट जारी था।
00:39गिरफतारी की टाइमिंग को लेकर कॉंग्रिस ने सवाल उठाये हैं और इसे राजनितिक कारवाई बताया है।
00:46वहीं इस मामले में गिरफतारी को लेकर पुलिस की कानूनी कारवाई और वारेंट से जुड़ी जानकारी सामने आई है।
00:53शनिवार को नामंकन ताखिल करने की आखरी तारीक है।
00:56बंगाल में दो विधान सभा सीटों पर उपचुनाव से 18 दिन पहले चुनाव आयोग ने टीमसी के दो गुटों के
01:03अलाग अलाग नाम और चुनाव चिन आवंटित कर दिये हैं।
01:06ममता बेनरजी के गुट को ममता ओल इंडिया त्रणमूल कॉंग्रेस और फुटबॉल खिलाडी का चिन्ध मिला है जबकि दूसरे गुट
01:14को डेमोकरिटिक त्रणमूल कॉंग्रेस और लिफाफा दिया गया है।
01:18इससे एक दिन पहले आयोग ने दोनों गुटो को ओल इंडिया त्रणमूल कॉंग्रेस नाम और फूल घास वाला मूल चुनाव
01:25चिन्ध इस्तमाल करने से रोक दिया था।
01:28टीमसी के पास कुल 28 लोग सभा सांसत थे, जिन मेंसे 20 अलग हो गया है।
01:33अब लोग सभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसत बजे हैं।
01:37राजसभा की बात करें तो 13 मेंसे 2 सांसत स्थीफा दे चुके हैं।
01:41ब्योरो रिपोर्ट, ETV भारत
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