Skip to playerSkip to main content
  • 8 minutes ago
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहा सत्ता संघर्ष अब और तेज हो गया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को TMC के बागी गुट से जुड़े 10 विधायकों को कारण बताओ नोटिस भेजा है और उनसे एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है. यह नोटिस ममता बनर्जी गुट के वरिष्ठ विधायक शोभनदेब चट्टोपाध्याय की ओर से दायर अयोग्यता (दल-बदल विरोधी कानून) याचिका के आधार पर भेजा गया है.जिन विधायकों को नोटिस मिला है, उनमें विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी सहित अरूप रॉय, फिरहाद हकीम, अखरुज्जमान अंसारी जैसे 9 अन्य बड़े नाम शामिल हैं. बता दें कि बागी गुट का दावा है कि उन्हें पार्टी के 80 में से 65 विधायकों का समर्थन हासिल है.

Category

🗞
News
Transcript
00:02पशिमंगाल विधान सभा सचिवाले ने मंगलवार को त्रणमूल कॉंग्रेस के बागी गुट से जुड़े दस विधायकों को नोटिस भेजा।
00:30अन्य विधायकों को भेजे गए हैं इनमें अरूप रोय, फिरहाद हकीम, संदिपन साहा, अखरू जमान अनसारी, शियूली साहा, सबीना, यासमिन,
00:42विपलब मित्रा, जादेव खान और रतिन घोश शामिल है।
01:00ये घटना क्रम वरिष्ट TMC विधायक, शोभन देव चटोपाध्याई की सुप्रीम कोट में दायार याचिका के एक दिन बाद सामने
01:08आया।
01:09चटोपाध्याई ममता बेनर जी के नित्रत वाले गुट की ओर से विधान सभा में विपख्ष के नेता के पत परूमीद्वार
01:15है।
01:15उन्होंने रित प्रत बेनर जी और नौ अन्य विधायकों को दल बदल विरोधी कानून के तहत आयोग्य ठहराने की मांग
01:22की है।
01:23चटोपाध्याई ने 7 जुलाई को विधान सभा ध्यक्ष रतिन भोस पर पत्र लिखकर 10 विधायकों की आयोग्यता की मांग की
01:31थी।
01:32विपक्ष के नेता की नियुक्ती का मामला पहले से ही कलकता हाई कोट में लंबित है।
02:02चुना गया बागी गुट का दावा है कि उसे टीमसी के अस्सी में से 65 विधायकों का समर्थन हासिल है।
Comments

Recommended