सवाईमाधोपुर. नगर परिषद सवाई माधोपुर के चुनाव परिणामों ने कई प्रत्याशियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जिन उम्मीदवारों को जीत की दौड़ में मजबूत माना जा रहा था, उन्हें मतदाताओं ने तीसरे पायदान पर पहुंचा दिया। खास बात यह रही कि तीसरे स्थान पर रहने वालों में निर्दलीयों के साथ कांग्रेस और भाजपा जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशी भी शामिल हैं। यानी जिन बड़ी पार्टियों के प्रत्याशियों के जीतने की उम्मीद लगाई जा रही थी, वे कई वार्डों में मुकाबले में पिछड़कर तीसरे स्थान तक सिमट गए।
परिणामों ने यह भी साफ कर दिया कि इस बार मतदाताओं ने पार्टी के बजाय स्थानीय प्रत्याशी और अपनी पसंद को तरजीह दी। कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को पीछे छोड़ दिया। वहीं कुछ वार्डों में कांग्रेस या भाजपा के प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रह गए और निर्दलीय प्रत्याशियों ने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया।
बड़े दलों को भी लगा झटका
तीसरे स्थान पर रहने वालों की सूची पर नजर डालें तो भाजपा और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशी बड़ी संख्या में शामिल हैं। वार्ड 4 में कांग्रेस के भीमराज मीना को 148, वार्ड 7 में उषा को 273, वार्ड 11 में निर्मला को 284, वार्ड 19 में कमलेश को 274, वार्ड 24 में अरसलन को 352, वार्ड 31 में नंदकिशोर सिंघल को 74, वार्ड 33 में सत्यवीरसिंह को 162, वार्ड 36 में निर्मल को 93, वार्ड 43 में तेजमल को 42, वार्ड 44 में विद्या को 653, वार्ड 54 में हरिप्रसाद योगी को 150 और वार्ड 60 में ज्योति कंवर को 384 मत मिले और ये तीसरे स्थान पर रहे। इसी तरह भाजपा के भी कई प्रत्याशी मुकाबले में पिछड़ गए। वार्ड 10 में मंजू को महज 13 मत मिले। वार्ड 22 में विकास को 141, वार्ड 32 में ओमप्रकाश को 178, वार्ड 39 में मोहम्मद शाकिर को 322, वार्ड 52 में सोनी को 143, वार्ड 58 में प्रवीण कुमार माहेश्वरी को 166 और वार्ड 59 में पदम को 62 मत मिले। ये सभी प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे।
निर्दलीयों ने भी दिखाई दमदारी
तीसरे स्थान पर रहने वाले प्रत्याशियों में निर्दलीयों की संख्या भी काफी रही। वार्ड 2 में दीपक कुमार महावर को 57, वार्ड 3 में मुस्तकीम खान को 106, वार्ड 5 में मनोज जांगिड़ को 118, वार्ड 6 में मानसिंह को 357, वार्ड 8 में कुंती को 201, वार्ड 9 में कमलेश को 361, वार्ड 12 में मीनाक्षी हरिजन को 61, वार्ड 13 में मोनू सेन को 101, वार्ड 17 में राज बाबरी को 289, वार्ड 18 में गोविंद को 190 और वार्ड 20 में रितेश जैन को 195 मत मिले। इसके अलावा वार्ड 21 में शालिनी चौधरी को 184, वार्ड 37 में मोहम्मद अकरण को 117, वार्ड 38 में जहीन फातमा को 221, वार्ड 40 में केशंती को 261, वार्ड 42 में कैकेयी को 196, वार्ड 45 में राजेश कुमार सैनी को 506, वार्ड 49 में इस्लाम को 31, वार्ड 51 में जयप्रकाश महावर को 43, वार्ड 53 में जयंत को 79 और वार्ड 57 में गणेश नायक को 73 मत मिले। ये सभी तीसरे स्थान पर रहे।
सबसे ज्यादा मत फिर भी जीत से दूर
तीसरे स्थान पर रहने वालों में कुछ प्रत्याशियों को काफी संख्या में मत मिले, लेकिन जीत के लिए जरूरी बढ़त नहीं बना सके। वार्ड 44 में कांग्रेस की विद्या को 353 मत, वार्ड 45 में निर्दलीय राजेश कुमार सैनी को 506 मत, वार्ड 60 में कांग्रेस की ज्योति कंवर को 384 मत, वार्ड 39 में भाजपा के मोहम्मद शाकिर को 322 मत, वार्ड 6 में निर्दलीय मानसिंह को 357 मत, वार्ड 9 में निर्दलीय कमलेश को 361 मत और वार्ड 34 में आप की नफीसा को 361 मत मिले। इतने मत हासिल करने के बावजूद जीत की दौड़ से बाहर होकर तीसरे पायदान पर रहना इन प्रत्याशियों के लिए बड़ा झटका रहा।
परिणामों ने दिया सियासी संदेश
नगर परिषद के चुनाव परिणामों में तीसरे स्थान पर रहने वाले प्रत्याशियों की तस्वीर ने स्थानीय राजनीति का एक अलग रंग सामने रखा है। मतदाताओं ने कई वार्डों में पार्टी के नाम और चुनावी समीकरणों से इतर अपना फैसला सुनाया। यही वजह रही कि कहीं निर्दलीय प्रत्याशी ने बड़े दलों के उम्मीदवार को पछाड़ दिया तो कहीं भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी जीत की उम्मीद लगाए बैठे रहे, लेकिन परिणाम आने पर तीसरे पायदान पर खड़े नजर आए। चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया कि नगर परिषद के वार्डों में पार्टी का टिकट जीत की गारंटी नहीं बन सका।
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