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  • 19 minutes ago
देश में UPI लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट को लेकर जोरदार सियासत शुरू हो गई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. सोशल मीडिया पर UPI ट्रांजैक्शन का गणित समझाते हुए राहुल ने दावा किया कि ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि भले ही ऐसे ट्रांजैक्शन सिर्फ 5% हों, लेकिन कुल वैल्यू का 65% हिस्सा यही है, जिसका सीधा बोझ घूम-फिरकर आम ग्राहक की जेब पर ही पड़ेगा.राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर यह भी गंभीर आरोप लगाया कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियों के दबाव में आकर सरकार ने भारत की 'जीरो-एमडीआर' नीति से समझौता कर लिया है और उनके सामने पूरी तरह सरेंडर कर दिया है.

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00:03देश में UPI के जरीए होने वाले डिजिटल लेन देन पर मर्चन डिसकाउंट रेट को लेकर अबजोरदार सियासत शुरू हो
00:11गई है।
00:30के मर्चन यूपियाई लेन देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन इंफ्रस्ट्रक्चर की संख्या भले ही सिर्फ 5%
00:37हो लेकिन UPI के कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का करीब 65% इन ही में है।
01:00के सामने सरिंडर करने का आरोप लगाया। उन्होंने साब किया कि अमेरिकी पेमिंट कंपनिया लंबे समय से भारत की 0
01:07MDR नीती का कड़ा विरोध करती आ रही थी।
01:10अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए नीती बदलने का रास्ता खोल दिया है।
01:17भारत सरकार ने भुक्तान और निप्तान प्रणाली अधीनियम 2007 की धारा 10A के तहत UPI भुक्तान को लेकर एक नया
01:25नोटिफिकेशन जारी किया है।
01:27जिसके मुताबिक 2000 रुपे से जादा के मर्चन ट्रांजेक्शन पर आगे चल कर शुल्क लगाया जा सकता है।
01:32ये चार्ज कितना होगा और किन कारोबारियों पर लागू होगा ये अभी तै नहीं है।
01:37हाला कि 2000 से कम के लेन देन पर किसी तरह की फीस अब नहीं देनी होगी।
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