00:00युधिश्टिर ने द्रौपदी को दाउं पर लगा दिया आज जेल चले जाएंगे संस्कृत कोई बड़ी बात नहीं होती है बलकि
00:07अगर कड़ा करके कहा जाए तो धर्म का अर्थ ही है संस्कृत इसे मुक्ती
00:17गरंथ चिला चिला के कह रहे हैं कि संस्कार ही बंधन है तुम्हारे संस्कृतियां आती जाती रहती हैं बदलती रहती
00:28हैं आज जिस चीज को आप कल्चर बोलते हो 50 साल पहले भी वो चीज कल्चर नहीं थी
00:33आप हे माचल में हो अप यहां सब पुरुष लोग बैठे हैं वो ट्राउजर्स पहन कर बैठे हैं यह पैंट्स
00:38यहां पर ही 50 साल पहले यह नहीं पहना जाता रहा होगा जादातर पुरुष कुछ और पहनते होंगे तब वो
00:43संस्कृति थी
00:44लाएं बैठी हैं वो कप्ड़े साधरन पहन कर बैठी हैं 500 साल पहले कुछ और पहन ती यह तब संस्कृति
00:51का क्या है भाई
00:52संस्कृति को कैसे तुमने इतना सरपे चड़ा लिया
00:54संस्कृति तो आदमी के हाथ का खिलोना आए
00:57ऐसे आती है ऐसे बदल जाती है
00:59कुछ होता है यह होता है वो होता है
01:02संस्कृति को धर्मत बना लेना
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