00:01कितने लोग सिगरेट के आदी रहे हैं किसी न किसी समय पर
00:06और कितनों ने उसको ट्यागने की कोशिश करी है
00:11कैसा होता है वो अंतराल जब आप कोशिश कर रहे होते हैं ट्यागने की
00:16और कितनों के साथ यह हुआ है कि जीवन से कुछ ऐसे छूटा
00:23जैसे पेड़ से पत्ता छूट जाए पीला
00:27किसी को नहीं पता चला
00:28पेड़ को भी नहीं पता चला
00:29पत्ते को भी नहीं पता चला
00:30देखने वाले को भी नहीं पता चला
00:32ये वैरार के है
00:35बातारी इसे हो चला
Comments