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Exclusive: पीएम मोदी से लेकर US-ईरान जंग-होर्मुज तनाव तक, मसूद पेजेश्कियान ने खुलकर की बात, देखें इंटरव्यू

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00:22भारत ऐसे समय में ब्रिक्स देशों की मेजबानी कर रहा है जब पूरे दुन्या में संकट का महौल है
00:29चाहे वार्स हो, सैंक्शन्स हो या फिर एकनामिक स्ट्रेस और ऐसे में हमारे साथ ऐसे शक्स जुर रहे हैं जो
00:36हमें बताएंगे ब्रिक्स की एहमियत ग्लोबल साउस के लिए क्या है और क्या ब्रिक्स एक मल्टी पोलो वर्ल्ड खड़ा कर
00:43सकता है या नहीं
00:44इरान के राश्टपती डॉक्टर मसूद पसेश क्यान हमारे साथ जुर रहे हैं आज तक के साथ जुरने के लिए बहुत
00:51बहुत शुक्रिया नमस्ते
00:56नमस्कार हम भारत के प्यारे लोगों सभी दर्शकों और सुनने वालों के बीच आकर बेहत खुश है
01:07प्रेजिडंट सर कल हमने देखा प्रधार मंत्री मरेंडर मोदी आपका हाथ पकरके आपको गैलरी के त्रू लेके जा रहे थे
01:14और करीब 45 मिनित तक आप दोनों की पीच बात चीत हुई तो फोकस क्या रहा इस मीटिंग में और
01:22फोकल पॉइंट क्या था
01:25प्यादार सकुनाम के अर्थबात मा बा नुखस वाजीर मुहतरा में हिंदुस्तान
01:30मैं यह कहना चाहता हूं कि जब से मैंने पद संभाला है भारत के माननी परधान मंत्री के साथ हमारे
01:36संबंध हर दिन बہتर होते जा रहे हैं
01:38असल में इरान और भारत के बीच गहरे संसकृतिक संबंध रहे हैं दोनों देशों का इतिहास हजारों साल पुराना है
01:55ये ऐसी चीज नहीं है जो समय के साथ बदल जाएगी
01:59हम स्वाभाविक रूप से इन संबंधों को हर दिन बहतर बनाने
02:03और उन्हें अपनी गहरी संस्कृती पर आधारित करने की कोशिश कर रहे हैं
02:12हम इसके आधार पर एक नया धाचा बना सकेंगे
02:16और दुनिया में बढ़ रही ताना शाही का मुकाबला करने में एक दूसरे की मदद कर सकेंगे
02:28बहरत की इन्टरस्ट की अगर बात करें तो एरान में भारत की स्ट्रटीजिक इन्टरस्ट है
02:32और उनमें से चाभार पॉर्ट सबसे जह जहाधा ऐहम है
02:35भारत के जो इन्वेस्टर्स हैं वो चाबाहर पॉर्ट में क्यों इन्वेस्ट करना चाहिए जब की वार का माहौल है चाबाहर
02:44पॉर्ट पे अटाइक हो चुके है तो ऐसे में आप भारत के इन्वेस्टर्स को क्या कहेंगे
02:54युद्ध हमने शुरू नहीं किया युद्ध दर असल उन्होंने शुरू किया
02:58और अगर आप इस मुद्ध को किसी अंतर राश्ट्रिय सिध्धान्त या मानवी आधार पर देखें
03:04तो उन्होंने बिना किसी तय धांचे के हमारे देश पर हमला किया
03:12उन्होंने हमारे नेता को शहीद किया
03:15उन्होंने हमारे सैन्य कमांडरों को शहीद किया
03:18उन्होंने स्कूल में मासूम छात्रों को शहीद किया
03:21एक ही दिन में उन्होंने उन सभी को शहीद कर दिया
03:24उन्होंने हमारे वेग्यानिकों को शहीद किया
03:26और हमारे बुनियादी धांचे पर बंबारी की
03:32दुर्भाग्य से उन्होंने जो किया
03:34उसे किसी भी अंतराश्ट्री अस्तर पर माने गए सिध्धान्तों के तहत
03:38सही नहीं माना जा सकता
03:40इसलिए वो जिस तरह का रवईया अपना रहे हैं
03:43असल में हमने अपना बचाव किया
03:49चाबहार और भारत के साथ हमारे संबंधों के बारे में
03:53मैं ये कहना चाहूंगा
03:54कि एरान एक अहम भूराजनीतिक जगह पर मौजूद है
03:59सारवजनिक परिवहन और क्षेत्रिय कनेक्टिविटी के मामले में
04:03यह एक चौराहे की तरह है
04:05यह दक्षन को उत्तर से, पश्चिम को पूर्व से
04:08और हर देश को एक दूसरे से जोड सकता है
04:11और यह क्षेत्रिय देशों के लिए
04:13आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, वेग्यानिक और सामाजिक संबंध
04:18बनाने का सबसे आसान और किफायती रास्ता है
04:21और ऐसा पहले भी होता रहा है
04:23और इजाद इर्टबातात अक्तिसादी, फरहंगी, सियासी, इल्मी
04:28एरान सिल्क रूट का एक अहम हिस्सा था
04:30और इन ही रास्तों से सब्धताओं के बीच संपर्क विकसित हुआ था
04:34अब हम इसे फिर से शुरू कर सकते हैं
04:37हम इस रास्ते को फिर से चालू करने के लिए तयार हैं
04:45असल में हमें इस मामले में एक दूसरे की मदद करनी चाहिए
04:49और स्वाभाविक रूप से इस से हमें अनुभव और सांस्कृतिक आदान प्रदान में मदद मिलेगी
05:03आपने BRICS Business Forum में भी शिर्कत की तो वहाँ पर आपने काफी सारे मुद्दे रखें लेकिन भारत के जो
05:10इन्वेस्टर्स हैं जो बिजनसमेन हैं उनको आप कैसे वो कॉन्फिर्डन्स दे सकते हैं कि वो इरान में इन्वेस्ट करें या
05:17फिर इरान इन्वेस्ट करना चाहते हैं
05:26हमारी बातчीत के दौरान हमने कई तरह के तरीकों और नजरियों पर चर्चा की भारत वहाँ निवेश कर सकता है
05:33अभी कुछ निवेश चल भी रए हैं
05:41भारत वहां आकर पार्टनर्शिप कर सकता है
05:44या शायद व्यापार के मामले में हम एक दूसरे के साथ पार्टनर्शिप या सहयोग कर सकते हैं
05:50ताकि हम, मेरा मतलब है कि अलग-अलग मुद्दों पर हम बातचीत का एक नेटवर्क बना सके
05:55तो हम तयार हैं और उन सभी विकल्पों में हम सहयोग करने के लिए तयार हैं
06:08मौजूदा हालात में निवेशक इरान को किस नजर से देखें
06:11क्योंकि अब भी जो प्रतिबंद हैं वो अंतर राष्ट्रिय नहीं
06:15बलकि अमेरिका के लगाए हुए हैं जिन्हें मानने के लिए किसी देश को बाध्य नहीं किया जा सकता
06:21पर इन प्रतिबंदों के रहते हुए भारतिये कमपनियां इरान के साथ कैसे काम कर सकती हैं
06:29देखिए ब्रिक्स का मकसद और हमारे यहां आने का कारण उस ट्रेंड को बदलना है जिसे अमेरिका ने शुरू किया
06:38है
06:39असल में वह अपनी मर्जी से किसी भी देश पर प्रतिबंद लगा देता है
06:50दूसरी तरफ ब्रिक्स का इरादा इस तरह की ताना शाही को खत्म करना है
06:54इसलिए ब्रिक्स बनाया गया था और हमें आपसी बातचीत व्यापार और सहयोग के तरीके को बदलना है
07:05भले ही कोई देश अपनी मर्जी से दूसरे देशों पर प्रतिबंद लगा दे
07:09हम यहां एक दूसरे की मदद और समर्थन करने के लिए हैं
07:13ताकि इस एक तरफा रवये का मकाबला किया जा सके
07:17और चीन, भारत और रूस जैसे दुनिया के बड़े देशों के साथ इस सम्मिट का यही मकसद है
07:30हम इसी लिए यहां हैं और हम अमेरिका को इस एक तरफा रवये से हटाने की कोशिश करेंगे
07:37यही इस सम्मिट का मिशन और जिम्मेदारी है जिसे हमें पूरा करना है
07:48आपको आपको आपरेशन की बात करते हैं आगे बढ़ने की बात करते हैं
07:52लेकिन अगर आप ब्रिक्स में ही देख लें एरान और यूएए की वजह से
07:56फॉर्ण मिनिस्टर्स की मीटिंग में जाइन कम्यूनिके नहीं हो पाया
07:59क्या इस वक्त ब्रिक्स लीडिशिप समित में जाइन कम्यूनिके एक आउटकम डॉक्यमेंट हो पायेगा या नहीं
08:13देखिए हमें संयुक्त अरब अमीराद से कोई दिक्कत नहीं है
08:17हमें इलाके के किसी भी देश से कोई दिक्कत नहीं है
08:21हमें दिक्कT उन अमेरिकी बेस से है जो इन देशों में बने हैं और जिन से वो हम पर हमला
08:27कर रहे हैं
08:31इरान, संयुक्त अरब, अमेरात और अलाके के दूसरे देश हムारे भाई हैं
08:36हम लंबे समय से साथ रह रहे हैं और हमारे बीच वियापार होता रहा है
08:41हमने हर समय एक दूसरे का साथ दिया है
08:44समस्या की जड़ तो अमेरिका है जो यहां आया और अपने बेस बनाए
08:48और उन बेसों से वो हमारे बच्चों को मारता है
08:51हमारे इंफरास्ट्रक्चर पर हमला करता है
08:54और हमारे नेताउं, कमांडरों और आम लोगों को बमों से निशाना बनाता है
09:02असल में दिख्कत ये है कि हमारे दोस्त और पड़ोसी देशों को
09:06दुश्मनों को अपनी जमीन के इस्ते माल की अजाज़त दे कर
09:09हमारे देश पर हमला नहीं करने देना चाहिए
09:12अभी संयुक्त अरब अमीरात के साथ हमारे अच्छे रिष्टे हैं और हम उन्हें आगे और बढ़ा सकते हैं
09:19दूसरे देशों के साथ हमारे संबंधों को लेकर भी यही स्थिती है
09:23इसलिए हम उन सभी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते हैं
09:30लेकिन अमेरिका नहीं चाहता कि ऐसा हो क्योंकि वो इस इस इलाके के हमारे पेट्रोलियम भंडार का इस्तेमाल करना चाहता
09:38है
09:38इसके बदले वो इस क्षेतर के देशों को हत्यार और मिसाइलें बेच रहा है ताकि हमारे बीच डर और अविश्वास
09:46पैदा हो
09:47हम एक दूसरे से डरें और आपस में लड़ते रहें
09:52असल में अमेरिका इस इलाके के संसाधनों का फाइदा उठा रहा है
09:57साथ ही शानती और स्थिर्ता को भी खत्म कर रहा है
10:01हम पडोसी देश और इलाके के दूसरे देशों के साथ मिलकर अपनी ताकत साज़ा कर सकते हैं
10:11मैं अब UAE, सौधी अरब और अरब दुनिया के दूसरे देशों के बारे में बात करूँगी
10:18लेकिन उससे पहले क्या हम उमीद कर सकते हैं कि इस बार की बैठक में कोई संयुक्त बयान जारी होगा
10:29क्या आपका मतलब ब्रिक्स से है
10:31ब्रिक्स के मामले में हम कोशिश कर रहे हैं कि हम मिलकर एक साज़ा बयान जारी करें
10:37और आपसी सहियोग का ये ट्रेंड हर गुजरते दिन के साथ बहतर हो रहा है
10:44हम बहुत सारे मुद्दों पर एक दूसरे का सहियोग कर सकते हैं
10:48मिसाल के तौर पर ब्रिक्स का जो नया डेवलप्मेंट बैंक बनाया गया है
10:52उसका मकसद भी यही है कि सदस्य देश मिलकर निवेश करें
10:56और एक दूसरे का साथ दें और अपने अपने देशों में विकास को बढ़ावा दें
11:01हलांकि जाहिर है कि यह अमेरिका को लेकर इन सभी देशों के साज़ा रुक पर निर्भर करता है
11:10मौझूदा समय में देखें तो अमेरिका ने सभी देशों को खुद पर निर्भर बना लिया है
11:15लगातार कोशिशें हो रही हैं ताकि अमेरिकी अर्थ व्यवस्था या अमेरिकी डॉलर पर इस निर्भरता को कम किया जाए
11:22और धीरे धीरे खत्म किया जा सके
11:28पर जैसा की आप जानते हैं किसी भी आदर्श स्थिती तक पहुँचने में समय लगता है
11:34हाला की फिलहाल इन देशों की सारी कोशिशें इस बात पर केंदरित हैं
11:39कि हम एक तरफा फैसले लेने की प्रवर्टी को खत्म कर सकें
11:43और दुनिया सिर्फ यूनिपोलर यानी एक देश के दबदबे वाली न रहे
11:47बलकि ऐसी हो जहां हम सब एक दूसरे के साथ बात चीत कर सकें
11:52और आगे बढ़ने के लिए आजाद हों
11:56इस युद को छे महीने हो चुके हैं
11:58आप एक आउनिस्ट असेस्मेंट दीजे प्रेजिडंट सर कि क्या आज एरान मजबूत खड़ा है
12:05या फिर वीक हो चुका है चाहे वो सैन्य हो आर्थिक हो या रन्मी तिक
12:18आप जानते हैं कि ये बात सभी देशों पर लागू होती है
12:22खासकर विकास शील देशों पर उनकी अपनी समस्याएं हैं और हमारी भी कुछ समस्याएं थी
12:28वे समस्याएं अभी भी हैं लेकिन अमेरिका ने जो किया उससे हम और एक जुट हो गए
12:35यहां तक कि इस इस इलाके के लोग भी
12:42अब वो अमेरिका से और ज्यादा नफरत करते हैं
12:45क्योंकि हम पर जल्म हुआ था
12:47उन्होंने बिना किसी उकसावे के हमारे देश पर हमला किया
12:51सिर्फ इसलिए क्योंकि उनके पास ताकत है
12:54उन्हें लगा कि वेनेज्वेला की तरह ही
12:56वो 24 गंटे के अंदर इरान पर कब्जा कर लेंगे
13:00और यहां अपनी कटपुतली सरकार बना लेंगे
13:09उन्हें लगा कि ये उसी तरह होगा जैसा उन्होंने सीरिया में किया था
13:14उन्हें लगा कि हमारे नेता और मिलिटरी कमांडरों
13:18मैनेजरों डायरेक्टरों और मंत्रियों को शहीद करने के बाद समाज शान्त हो जाएगा
13:24और वो अपने मकसद पूरे कर पाएंगे
13:27पर ऐसा नहीं हुआ बलकि लोग पूरी ताकत के साथ सड़कों पर उतर आए
13:38कई महीनों से लोग सड़कों पर हैं
13:40और हमारी सेना दुश्मन का हर तरह की टेकनोलोजी से मकाबला करते हुए अपनी जान की बादी लगा रही है
13:47उन्हों ने दुश्मन का डट कर सामना किया है
13:49सरकार को गिराने की दुश्मनों की तमाम कोशिशों के बावजूद
13:54सरकार लोगों की मदद और सशस्तर बलों के सहयोग से सभी चुनाटियों का मुकाबला करने में काम्याब रही है
14:05ऐसी उम्मीद दुश्मनों को नहीं थी
14:07मगर उनकी हरकतों ने हर गुजरते दिन के साथ हमें और एक जुट किया है
14:12यहां तक की हमारे देश में जो लोग किसी ना किसी वजह से नाराज थे
14:16हां हमारे कुछ अपसी मतभेद जरूर थे
14:19वो भी हमारे देश की क्षेत्री अखंडता के पक्ष में खड़े रहे
14:23मेरा मतलब है की दुश्मनों के हमले और आकरामकटा ने
14:27देश में हमारे विरोधियों को भी एक जुट कर दिया
14:30यहां तक की विदेशों में रहने वाले एराणी भी हमारे देश वापस आ गए
14:34अग्ता तेदेश ज्यादी ज्यादी अज आज़ एक खारज बूदन पर गश्तने बेदाखिल एराण
14:41एराण की इंटरनल सिचुएशन की अगर बात करें सर तो एराण की जो जनता है
14:46आपने उनके बारे में बात की तो वो कैसे इस पुरे क्राइसिस से जूझ रहे हैं
14:52क्या आज वो ज्यादा स्ट्राउम करे हैं या फिर एकोनामिक सिचुएशन की वज़े से ज्यादा स्ट्रेस महसूस कर रहे हैं।
15:05हाँ यह सच है हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं उनके बावजूद हम पहले से कहीं ज्यादा एक
15:11जुट हैं।
15:12आप जानते हैं कि अमेरिका ने क्या किया उसने असल में मिलीटरी की ताकत के जरीए हमारी सरकार को गिराने
15:18की कोशिश की वह नाकाम रहा।
15:20फिर उसने इंफरास्ट्रक्चर पर हमला किया, वो उसमें भी नाकाम रहा, अब वो जरूरी सामान, यहां तक की खाने पीने
15:27की चीजों और दवाईयों के इंपोर्ट के रास्ते भी रोक रहा है, अमेरिका ने समुद्री रास्ते बंद कर दिये हैं,
15:36और अब वो जमीनी रास्
15:48कैसा बरताव कर रहा है, वो हमारे लोगों को भूका मार कर उनकी जान लेना चाहता है, और उनके लिए
15:57दोसरी बड़ी मुश्किलें खडी करना चाहता है, अमेरिका चाहता है कि हम हार मान लें और सरेंडर कर दें, यह
16:04किसी भी तरह मानविय 모두 अहीं कहा जा सकता, यह उनकी औ
16:08किया जा सकने वाला सबसे बर-बर काम है लेकिन इसके पीक्षे किया सोच हो सकती है एक तर tavs
16:16तो
16:16वह खुद युद्ध में शामिल हैं और दूसरी तरफ वह मानवाधिकारों की रक्षा करने का दावा करते हैं अमेरिका किस
16:23तरह के
16:23मानवाधिकारों की बात कर रहा है
16:27वो उन लोगों पर हमला कर रहा है
16:29जिनका युद्ध से कोई लेना देना नहीं है
16:32और इसके बाद वो उन्हीं लोगों पर प्रतिबंध भी लगा रहा है
16:36क्या ऐसा करने वाला इनसान भी कहलाने लायक है
16:39मैं पूछना चाहता हूँ
16:41वो हमारे खिलाफ क्यों लड़ रहे हैं
16:43हमने किया क्या है
16:44ये एक बेहद दुर्भाग पूर्ण स्थिती है
16:47सच तो ये है कि वो खुद लिबनान और गाजा जैसे इलाकों में
16:51रोजाना लोगों को मार रहे हैं
16:53लेकिन अफसोस की बात ये है कि दुनिया उनके बहकावे में आ जाती है
16:57और उनके आरोपों को सही मान लेती है
17:20आप जानते हैं कि अमेरिका प्रोपेगेंडा फैला रहा है
17:24यह सिर्फ प्रोपेगेंडा है
17:25हम N.P.T. के सदस्य हैं और इसके नियम साफ हैं
17:29वो एरान में परमाणू गतिविधियों पर रोजाना कड़ी नज़र रखते हैं
17:33उन्होंने आकर निगरानी की
17:35लेकिन हमने सब कुछ अंतरराश्ट्रिय सिद्धान्तों के दाएरे में रहकर किया
17:40अगर हम परमाणू हतियार बनाना चाहते तो हम N.P.T. के सदस्य नहीं बनते
17:46अब वो हमारी जमीन पर हमला करने के लिए बहाने और वजहें ढून रहे हैं
17:55हमारे शहीद नेता जिनका नेत रित्व और रुटबा बहुत उंचा है
18:00और हमारी धार्मिक मानेताओं में भी जिनकी बात को अंतिम माना जाता है
18:06उन्होंने कई बार कहा है कि हम परमाणू हतियार नहीं बनाना चाहते
18:10फिर भी यह आरोप क्यों लगाया जा रहा है कि हम परमाणू हतियार बनाना चाहते हैं
18:17उनके पास ऐसे कौन से पक्के दस्तावेज हैं या उन्हें क्या मिला है जिसके आधार पर उन्होंने हम पर हमला
18:24करना शुरू कर दिया
18:25यह सब जूट है यह ऐसे जूट हैं जिनका वो प्रचार कर रहे हैं
18:32तो फिर इसका मकसद क्या है क्या मकसद इसराइल का साथ देना है
18:36यह क्यों कहा जा रहा है कि एरान के पास परमाणू हतियार है या वो परमाणू हतियार बनाने की राह
18:43पर है
18:47क्या आपको लगता है कि इसराइल परमानु हत्यार नहीं रखना चाहता
18:51इसराइल N.P.T. का सदसे भी नहीं है
18:54और बड़ी संख्या में परमानु हत्यार भी रखता है
18:56पर क्या आपने किसी अंतर राश्ट्री संस्था को इस बात का विरोध करते
19:01या फिर सवाल उठाते देखा कि उनके पास ऐसे परमानु हत्यार क्यों है
19:09आप जानते हैं कि वो गाजा और लेबनान में क्या कर रहे हैं
19:13उन्होंने सत्तर हजार से ज़्यादा बेगुनाह लोगों को मार डाला है
19:17और वो रोजाना इन इलाकों पर बंबारी कर रहे हैं
19:31की चीज़ों और हर जरूरी सामान के रास्ते बंद कर दिये हैं
19:35पूरी दुनिया यह देख रही है और समझ भी रही है
19:38लेकिन इसराइल से कोई कुछ नहीं कहता
19:40जरा सोचिए कि यह किस तरह की बरबर दुनिया है
19:43जहां कुछ देशों को आम लोगों बच्चों और औरतों को मारने
19:48और अस्पतालों और स्कूलों पर बंबारी करने की छूट है
19:52फिर भी उनका बचाव किया जाता है
19:57असराइल और अमेरिका के जल्म ने बहुत तबाही मचाई है
20:00यह एक बड़ी मसीबत है
20:02हम उनका विरोध करते हैं
20:04और खुल कर कहते हैं
20:05कि उन्हें मासूमों पर जल्म करने का कोई हक नहीं है
20:08उन्हें बेगुनाहों को नहीं मारना चाहिए
20:10पर क्योंकि हम उनका विरोध करते हैं
20:13इसलिए हमें निशाना बनाया जाता है
20:15यह बड़ी नाइनसाफी है
20:17और पूरी दुनिया यह सब देख रही है
20:19हाला कि कभी-कभी हमसे हमदर्दी भी जताई जाती है
20:26प्रेजिडन सर, हम जो स्ट्रोटीजिक पॉलिसी और स्ट्रोटीजिक अफैर्स को बहुत क्लोसली फॉलो करते है
20:32हमारे बड़ा कन्फीजिंग हो गया है
20:34आप हमें बताएं साफ दोर पे की युद की क्या स्टिती है
20:38क्या युद अभी चल रहा है, क्या युद रुख क्या है
20:42और ये जो सीस फार जो निगोशेशन से सर ये क्यों फेर होते जा रहे है
20:51हाँ हमने बातचीत की थी, हमने कई दोर की बातचीत की
20:54जब उन्होंने युद्ध की शुरुात की तब भी हम बातचीट की मेज पर थे
20:58उसके बाद भी हम बातचीट की मेज पर आए
21:01हम एक फाइनल समझवते तक पहुंचने ही वाले थे
21:04कि उन्होंने फिर से हम पर हमला कर दिया
21:10इन सब ही बर-बर हमलों के बावजूद हमने फिर बैठक की और एक तरह की सहमती पर पहुँचे
21:16हमने एक M.O.U. पर हस्ताक्षर किये लेकिन उन्होंने उसे बहुत आसानी से फाड़ दिया
21:22हम फिर से बातचीत कैसे शुरू कर सकते हैं और यह कैसे पका कर सकते हैं कि वो अपने वादों
21:27का पालन करेंगे
21:32वो कोई मसादा बनाते हैं लेकिन फिर उसे फाड़ देते हैं
21:36तो यह किस तरह की बातचीत है जिसमें हम चर्चा तो करते हैं पर उस दोरान की अपने वादों पर
21:42कायम नहीं रहते तो अभी युद्ध खत्म करने को लेकर बड़ी अर्चन यही है।
22:06इरान में यह किशवारी हामले क्या रहते हैं एक और मुद्ध जिस पर हम बड़े कन्फ्यूज रहते हैं क्योंकि युद्ध
22:13रुका है या नहीं वो एक मुद्ध हैं।
22:36बात करना चाहते हैं दूसरे दिन वो कहते हैं कि हम इरान के दोस्त हैं तो हम नहीं कह सकते
22:41कि उनके किस बयान को हम गंभीरता से लें और उसी के हिसाब से काम करें।
22:48सर्फ पाकिस्तान जो कॉन्वर्सेशन ब्रोकर कर रहा था उसमें एक M.O.E.U. निकला जिसका डेडलाइन आउगस्ट सेवन्टीन था
22:55और वो M.O.E.U. का डेडलाइन खत्म हो चुका है।
22:59तो अब आप हमें बताएए क्या पाकिस्तान इस पूरे निगोशेशन में नाकाम हुआ और क्या उमान एक बहतर निगोशेटर हो
23:07सकता था।
23:09पाकिस्तान एक मित्र पडोसी देश है और इस मामले में उसने शान्ती और स्थिर्टा लाने के लिए बहुत कोशिशें की
23:16हैं।
23:17साथ ही कतर भी इसलामाबाद में उस समझोते को लेकर मदद कर रहा था।
23:21मुझे नहीं पता कि इसलामाबाद में हमने जो लिखा था उसमें क्या दिक्कत थी जिसकी वज़ह से वो चाहते थे
23:27कि हम दोबारा बात चीत करें।
23:32क्या हमने कोई बेतु की शर्त रखी थी। हमने ऐसा क्या कहा था जो अंतर राष्ट्री इस तर पर माने
23:38गए सिद्धान्तों के खिलाफ था जिसके चलते अब हमें बैठ कर नए सिरे से बात करने के लिए कहा जा
23:44रहा है।
23:46मुख्य मुद्दा जिसे हमने उठाया था वो यह था कि अमेरिका को अपने सभी प्रतिबंध खत्म कर देने चाहिए और
23:54उसे हम से धौंस जमाने वाले अंदाज में बात नहीं करनी चाहिए।
23:58उसे वो सभी समुद्री रास्ते और आवाजाही मार्ग खोल देने चाहिए ताकि हम भी दुनिया के बाकी लोगों की तरह
24:06खुद को आजाद महसूस करें।
24:09हम दूसरों के साथ बात चीत करने के लिए अंतर राश्ट्री इस्तर पर माने गए सिध्धानतों के दाएरे में काम
24:17करने को तैयार हैं।
24:18लेकिन उन्हें यह मनजूर नहीं हैं।
24:21वो चाहते हैं कि हम इन बुनियादी मुद्धों को बदल दें और सिर्फ अन मुद्धों पर बात करें जो उन्हें
24:27ठीक लगते हैं।
24:28लेकिन हम पहले ही बता चुके हैं कि हम क्या चाहते हैं।
24:31उन्हें सभी प्रतिबंद हटाने होंगे।
24:35हमने यह युद्ध शुरू नहीं किया था इसलिए उन्हें यह आक्रामक्ता रोकनी चाहिए।
24:41अगर वो हम पर हमला नहीं करते हैं तो हम भी उन पर जवाबी हमला नहीं करेंगे।
24:46उन्होंने जब जब हम पर हमला किया है हमने बस अपना बचाव किया है।
24:51हम आखिर और किस बारे में बात चीत करें। हम चाहते हैं कि परमाणू मुद्दे पर होने वाली कोई भी
24:56बात चीत, N.P.T. और स्थापित अंतर राश्ट्रिय असिद्धान्तों के दाइरे में ही आगे बढ़े। हमारी और से हम
25:03इसके लिए तयार हैं।
25:08अगर राश्ट्रपती ट्रम्प बिना किसी शर्ट इरान के साथ सीधी बात चीत करना चाहें, क्या आप तयार होंगे।
25:17फिलहाल हम कोई फैसला नहीं ले सकते, आप खुद इस बारे में सोचिए, उन्होंने किस आधार पर हमारे नेता को
25:24शहीद किया, जिन लोगोंने हमारे नेता को शहीद किया, वो हमसे सीधे बात करना चाहते हैं, हमारे समाज के लिए
25:30यह बहुत मुश्किल है।
25:34ऐसे समाज के बारे में सोचिए, जिसके सर्वोच्च नेता की हत्या कर दी गई हो, उन्हें शहीद कर दिया गया
25:41हो, और फिर आप अम्मीद करें, कि उसी समाज के दूसरे सदस्य उन से सीधे बात करें।
25:46इसलिए हमारे लोग बहुत चिंतित हैं, उन्होंने हमारे साथ जो अन्याए किया है, वह लोगों की यादों से कभी नहीं
25:53मिटेगा, यह बहुत मुश्किल है.
26:00हमारे नेता सिर्फ एक नेता नहीं थे
26:02वो लोगों के दिलों में बसे हुए थे
26:04इसलिए हमारे लोगों के लिए
26:06उनके साथ किये गए जल्म को भूल जाना बहुत मुश्किल है
26:10ये कभी आसान नहीं होगा
26:17भीते दिनों हमने समझगता किया है
26:20और उस पर दस्तखत किये हैं
26:22मगर भरोसे का माहौल फिर से बनाना होगा
26:25हमें यह पक्का करना होगा
26:27कि वो सच बोल रहे हैं
26:28और वो उसी फ्रेमवर्क के तहट काम करेंगे
26:31जिसकी शुरुआत उस दिन से मानी जाएगी
26:33जब उन्होंने हमारी सरकार गिराने की कोशिश की थी
26:39एरान का मक्का पैक्ट को लेकर क्या पूजिशन है
26:42क्या स्टैंडिंग है
26:44क्योंकि अगर साओधी अरेबिया पाकस्तान तुर्किये साथ खड़े हैं
26:47और ये युद चलता रहा
26:49क्या पाकस्तान एरान के खड़ा हो जाएगा
26:56साओधी अरब के साथ हमारी कोई लड़ाई नहीं है
26:59और हूथी लोगों की अपनी समस्याएं है
27:01मैंने पहले भी कई बार कहा है
27:03कि इस इलाके के सभी देशों को
27:05एक साथ बैठकर शांती और सुरक्षा कायम करनी चाहिए
27:13इस इलाके में टकराव की कोई वजह नहीं है
27:16यूरोप के देश सेकड़ों साल पहले हुई लड़ाईयों के बावजूद
27:20एक साथ बैठकर बात करते हैं
27:22उन्होंने अपने आपसी व्यवार के लिए कानून बनाए हैं
27:26और एक दूसरे के लिए रास्ते खोले हैं
27:33वो एक दूसरे के साथ व्यापार करते हैं
27:36और एक दूसरे का समर्थन करते हैं
27:38तो क्या वजह है कि हम अपने इलाके में ऐसा नहीं कर सकते
27:42हर किशवरी बा सलाईग खुदश बा अंदीशहाई खुदश
27:46हर देश अपने हितों विचारों और सोच के साथ रह सकता है
27:50सुरक्षा के माहौल में हम एक दूसरे से बात चीत कर सकते हैं
27:54युद्ध और तकराव सही रास्ता नहीं है
27:59एक इनसान को दूसरे इनसान की जान नहीं लेनी चाहिए
28:03असल में हर इनसान को जीने का हक है
28:07सौदी अरब, तुरकी, पाकिस्तान और क्शेत्र के सभी देश अपनी पहचान बनाए रख सकते हैं
28:13और साथ ही हम एक गतिशील अर्थ व्यवस्था बना सकते हैं
28:17इस अर्थ व्यवस्था में रहने वाले सभी लोगों का जीवन बहतर हो सकता है
28:25इनसान को इनसान से लड़ने की कोई वज़े नहीं है
28:28यही हमारा मानना है और इसलिए हम मध्ध पूर्व में मानवी एकता के रास्ते पर चलना चाहते हैं
28:35इन बावर व एतिगाद मास व बे दुनबाल इनीम के ये वहतत व इनसजाम इनसानी दर मनतग़े इज़ाद कोनी
28:43हाल फिलहाल में हमने करी सारे अर्थ अर्थ देखे सर जो हूतीज ने साओदी अरेबिया की अगेंस कारी की है
28:49रिटालियेट्री अटैक्स जो इरान के हो रहे हैं गल्व स्टेट्स पर ऐसे में हम डिवाइड बढ़ता देख रहे हैं इरान
28:57और अरव वर्ल्ड के बीच में
28:59क्या यही कुछ देश नहीं चाहते हैं कि आप बटे रहें कि आप डिवाइड रहें
29:07क्या आपको इस बारे में कोई शक है असल में वो बांटो और राज करो की नीती अपनाना चाहते हैं
29:19जन्वरी में हमारे देश में हुई घटनाओं के बाद उसी अमेरिकी सरकार ने कहा था
29:24कि प्रदर्शन कारी हमारी सरकार को गिराना चाहते थे
29:31अभी एरान में कई अलग अलग जाती समूह है
29:35वो सरकार को गिराने के लिए उन्हें एक दूसरे के खिलाफ खड़ा करना चाहते हैं
29:39उनमें फूट डालना चाहते हैं पड़ोसी देशों में भी ऐसा ही होता रहा है
29:48अगर आप उनके लेखों को देखें और वो उन्हें प्रकाशित भी कर चुके हैं
29:52तो आप पाएंगे कि उनका मकसद अरब देशों को इरान के खड़ा करना है
29:57ताकि हम आपस में लड़ते जगड़ते रहें और वो हमारे तेल का फाइदा उठा सकें
30:09बाद में वो अरब देशों को हत्यार बेचेंगे ताकि हम लड़ते रहें
30:13तो इसके पीछे क्या तर्क है? क्या एक देश को दूसरे देश से डरना चाहिए?
30:18क्या इनसानों को एक दूसरे से डरना चाहिए?
30:37अमेरीकी यही कर रहे हैं वो फूट के बीज बो रहे हैं
30:41और जिस दिन से मैंने पद संभाला है
30:43मेरी पूरी कोशश देश के अंदर एकता और एक जुटा बनाए रखने की रही है
30:48हम इनसानियत और दया का हाथ बढ़ा रहे हैं
30:53लेकिन वो नहीं चाहते कि हम आगे बढ़ें
31:08तो फिर एरान अरब देशों से संपर क्यों नहीं करता?
31:14शिया मुस्लिम और सुन्नियों के बीच की खाई को खत्म क्यों नहीं करते?
31:25अरण क्षेतर के मुस्लिम देशों में एक जुटा कायम रखने की कोशिश करता आया है
31:31चाहे वो रमजान का पवित्र महीना हो या फिर ऐसे ही दूसरे मौके
31:36मुस्लिम देशों के नेताओं से हमारी फोन पर बातचीत होती रही है
31:40लेकिन समस्या यह है कि अमेरिका ने इन पडोसी देशों की जमीन पर मिलिटरी बेस बनाए है
31:46और वो इन ही बेसों से हमला कर रहा है
31:49और यह हमला उन्होंने हम पर बिना किसी वजह के किया
31:56सच तो यह है कि हमने उन पर कभी हमला नहीं किया
32:00हमने हमेशा अपना बचाव किया है
32:03तो अगर हम अपना बचाव करना चाहते हैं
32:05तो हमें किसे निशाना बनाना चाहिए
32:07जवाब है उसी जगह को जहां से उनके जहाज हमारे खिलाफ उडान भरते थे
32:14तो जाहिर है इस से आसपास के देशों के साथ कुछ समस्याएं पैदा हुई हैं
32:19क्योंकि उन्होंने दुश्मन को अपनी जमीन पर बेस बनाने और वहां से हम पर हमले की अजाज़त दी
32:25तो ऐसे में क्या आप उम्मीद करते हैं कि हम कुछ न करें
32:29अगर हम अब बनी मीच करें न कौनी
32:33तो स्ट्रीट ऑफ हॉर्मूस का स्टेटिस क्या है
32:36उस पर नियंत्रन किसका है क्योंकि प्रेज़डं ट्रॉम्ब तो कहते हैं कि
32:40वो अब स्ट्रीट ऑफ ट्रम्ब बन चुका है और कंट्रॉल उनका है
32:44तो आप हमें बताईए कंट्रोल किसका है और क्या ये वार एक्सपैंड हो रहा है बाबल मंदब में हम देख
32:51रहे हैं हूतीस कंट्रोल कर रहे हैं हिजबुल्ला, हमास इन सबका अगर हम रोल देखें तो अभी स्टेटिस क्या है
32:59और स्ट्रेट अफ हॉर्मूस किसके नियंतरन
33:07मुझे नहीं लगता कि हमने इसकी शुरुआत की हिजबुल्ला हो या फिर कोई और ये सभी संगठन अपना बचाव कर
33:16रहे हैं क्या इन में से किसी ने पहले हमला किया दुश्मन हमला कर रहा है और वो अपना बचाव
33:22कर रहे हैं
33:28अमेरिकी हमारे अलाके पर किस वजह से हमला कर रहे हैं और वो हमारा रास्ता क्यों रोक रहे हैं तो
33:35क्या ऐसे में हमें कुछ नहीं करना चाहिए वो उसी रास्ते से हत्यार ला रहे हैं और साजशें रच रहे
33:41हैं साथ ही वो इलाके में शान्ती और सुकून कायम नहीं होने �
33:49तो आपको क्या लगता है? हमें क्या करना चाहिए था? जाहिर है यह उनके हमलों के जवाब में हमारी प्रतिक्रिया
33:57है. अगर हम जिन्दा हैं तो हमें जवाब देना होगा. जाहिर है मरने के बाद तो हम जवाब नहीं दे
34:04पाएंगे. इसलिए हम जिन्दा हैं और हम जवाब �
34:11अगर अमेरिका यहनाके बंदी और प्रतिबंध बंद कर दे ताकि मरीजों की मौत पर लगाम लगे
34:17लोगों का बेरोजगार होना जिस से गरीबी असंतोश और हजारों तरह की परेशानियां पैदा होती हैं
34:23यह सब खत्म हो जाएंगे
34:29अगर वो युद्ध करना चाहते हैं तो उन्हें सेना के जवानों के साथ लड़ना चाहिए
34:34वो आम नागरिकों को क्यों निशाना बना रहे हैं और अब वो ऐसा दिखा रहे हैं जैसे यह इरान कर
34:40रहा है
34:41नहीं यह हम नहीं कर रहे हैं
34:43हम पर प्रतिबंध लगे हुए हैं और वो हमारे खिलाफ सबसे बुरे काम कर रहे हैं
34:48ताकि हमारे लोगों के लिए गरीबी बीमारियां और परेशानियां पैदा हों और अंदरूनी हालात और खराब हो जाएं
34:59अब जब वो युद्ध के जरिये अपने मकसद पूरे नहीं कर पाए
35:03तो वो आर्थिक गतिविधियों के जरिये ऐसा कर रहे हैं
35:07वो एक बार फिर नाकाम होंगे
35:09ब्रिक्स उन जगहों और मंचों में से एक है जो इस बंद रास्ते को खोल सकता है
35:14और हमारे पडोसियों और दूसरे देशों के साथ हमारे जो रिश्टे हैं
35:18वो निश्चित रूप से बेहतर व्यापार और बातचीत का एक जरिया हो सकते हैं
35:24समुद्री रास्ते आसान हैं लेकिन ये मुख्य रास्ता नहीं है
35:28अगर वो इन्हें रोक भी दें तो भी हम हार नहीं मानेंगे
35:31वो लंबे समय से ये सोच रहे हैं कि अगर वो हम पर प्रतिबंध लगा देंगे
35:36या नाके बंदी कर देंगे तो वो हमें घुटने टेकने पर मजबूर कर सकते हैं
35:41पर मैं आपको बता दूँ कि वो इसमें हर बार नाकाम रहेंगे।
35:46क्या आपने पी-एम मोदी को हॉर्मूज में मौजूद भारतिय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा को लेकर कोई भरोसा दिलाया
35:53है।
35:59इस सलसले में हम ओमान के साथ एक खास समुद्री धांचे को लेकर बात चीत कर रहे हैं।
36:04सोमवार को अरब देशों के विदेश मंतरी ओमान के साथ बैठक करेंगे।
36:09मकसद हॉर्मूज स्ट्रेट को लेकर किसी तरह का समझाता करना है।
36:13और फिर शायद इंटरनेशनल मेरी टाइम और्गनाईजेशन इसकी अंतिम स्थिती की घोशना करेगा।
36:26इस तरह अंतर राष्ट्री स्टर पर तए सिध्धानतों के तहत यह जल मार्ग इस शर्ट पर खोला जाएगा कि अमेरिका
36:35अपनी नाके बंदी और अपनी कायरता पूर्ण गतिविधियां बंद कर दे।
36:46एक और आरोब जो अमेरिका लगाता आ रहा है आप पर वो यह है कि आपको लगाता रूस और चीन
36:52से मदद मिलती है चाहे वो इंटेलिजिन्स हो वेपन्स हो स्ट्रोटीजिक हो क्या यह सच है और कहा तक यह
37:00सच है
37:04रूस और चीन इरान के दोस्त हैं वो हमारे पड़ोसी हैं और हमारे उन से संबंद हैं हम भारत के
37:10साथ भी अपने संबंद और मजबूत कर रहे हैं
37:20हजारों साल से हमारे ऐसे संबंद रहे हैं तो क्या आप अमीद करते हैं कि हमारे ऐसे संबंद नहों और
37:26फिर अगर हमारे संबंद होते हैं तो वो हम पर खुफिया जानकारी देने का का आरोप लगाते हैं
37:34अमेरिका इसराइल और यूरोप के देशों के पास अपनी तकनीक है। उनके पास अपने सैटलाइट और जासूस हैं और वो
37:40जो चाहें कर सकते हैं। तो वो विशलेशन क्यों नहीं करते। ऐसा कैसे हुआ कि एरान के लोग इतनी बड़ी
37:46ताकत के खिलाफ खड़े हो गए।
38:02असल में उन्होंने जहां चाहा वहां बंबारी की और तबाही मचाई। लेकिन हमारे लोग दुश्मन के खिलाफ डटे रहे और
38:10अब हम इससे निकलने का रास्ता अपने आप ही ढून रहे हैं। अब चूंकि वो हमें हरा नहीं सकते इसलिए
38:17उन्हें लगता है कि हमें बाहर
38:18से मदद मिल रही है। वो जानते हैं कि हमारे पास कैसी टेकनालोजी है लेकिन हमारी मजबूती और मुश्किलों का
38:25सामना करने की क्षमता के पीछे कोई टेकनालोजी नहीं बलकि एरानी लोगों की एकता और एक जुटता है।
38:48के नए सुप्रीम लीडर मुश्किलों के बारे में आप हमें बताईए कि वो कहां हैं और कैसे हैं।
39:01आप जानते हैं कि तकनीक का इस्तेमाल करके उन्होंने हमारे ज्यादातर नेताओं कमांडरों और वैग्यानिकों को निशाना बनाया है।
39:10यहां तक कि उनके घरों में उनके परिवार वालों को भी नहीं बख्षा गया।
39:15दुनिया का कोई भी कानून उन्हें ऐसा करने की अजाज़त नहीं देगा।
39:19इसलिए वो इस तरह की अटकलों को और बढ़ा रहे हैं।
39:26खैर शुक्र है कि हमारे सर्वोच चनेता जिन्दा हैं और हम पर उनका साया बना हुआ है।
39:32वो बिलकुल पहले की तरह उसी व्यवस्था के तहत अपना काम कर रहे हैं।
39:36और चूंकि दुश्मन उनकी सही जगह का पता नहीं लगा पा रहे हैं।
39:39इसलिए वो हमारे सर्वोच चनेता के बारे में ऐसी अटकलें पहला रहे हैं।
39:44ताकि उनके साथ भी वैसा ही किया जा सके जो हमारे पिछले सुप्रीम लीडर के साथ हुआ।
39:53लेकिन कड़वा सच यह है कि अपनी टेकनालोजी के साथ असल में वो खुद दुनिया के असली और सबसे बड़े
39:59आतंकवादी हैं।
40:03आप इसराईल और अमेरिका को देखें कोई फर्क नहीं है।
40:06वो सीरिया, लेबनान, गाजा, इराक, कतर और इरान में जो कर रहे हैं वो जिसे चाहें मार देते हैं।
40:13इसमें कोई शक नहीं कि वो खुद ही हत्या करते हैं।
40:16और फिर दावा करते हैं कि ये लोग आतंकवादी हैं।
40:22तो ये एक अजीब और गरीब दुनिया है, वो बहुत आसानी से लोगों को खत्म कर देते हैं।
40:28एक व्यक्ति के लिए वे पूरे परिवार को मार देते हैं और पूरी इमारत को तबाह कर देते हैं।
40:33इसके बाद वो कहते हैं कि उन्होंने एक आतंकवादी को मार दिया
40:36तो मुझे लगता है कि जिस दुनिया में हम रहते हैं
40:39उसमें अपराद करने का।
40:41ये एक �नया तरीका है, ये एक तबाही है
40:47दरअसल वो अस्ली आतंकवादी हैं
40:49वो स्टेट टिररिस्ट हैं
40:50वो बस टारगेट की एक लिस्ट बनाते हैं
40:53और अपना प्रोपेगेंडा शुरू कर देते हैं
40:55और फिर कहते हैं कि उनके निशाने पर आतंकवादी हैं
41:00उनका शिकार बने लोगों में समाज के नेता, वेग्यानिक और छात्र शामिल हैं
41:05वो पुलों और कारखानों को भी निशाना बना रहे हैं
41:07क्या वो भी आतंकवादी हैं और जब वो ऐसा करते हैं
41:10तो वो दावा करते हैं कि वो आतंकवादीों के खिलाफ लड़ रहे हैं
41:14तो मुझे लगता है कि ये बस उनके लिए एक नया तर्क भर है
41:20आयतुल्ला मुच्टबा खमनाय के आने के बाद काफी कुछ बदल रहा है एरान में
41:25ट्रांजिशन फेज में हैं
41:26ऐसे में जो निगोशेशन हो रहे हैं अमेरिका के साथ
41:29उस पे फाइनल से किसका है
41:30आयतुल्ला का आयर जी सी का या फिर आपका
41:36हमारे देश में जाहिर है कि सुप्रीम लीडर की ही बात आखिरी मानी जाती है
41:41पहले दिन से ही ऐसा होता आया है
41:43हमारी पूरी व्यवस्था में वही व्यक्ति हैं जिनका फैसला आखिरी होता है
41:47इसी के साथ प्रेसिडेंट सर हमारे साथ जुडने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद
41:54मुझे उमीद है कि सभी सुनने और देखने वाले यह समझेंगे
41:59कि एरान का मुकाबला एक ऐसे समूह से है जो ताना शाही में यकीन रखता है
42:04और नहीं चाहता कि दूसरे देशों के बीच अच्छे और मजबूत रिश्टे हों
42:11जो कोई भी उनके सामने जुकने से इंकार करता है उसे वो खत्म करने की धंकी देते हैं
42:17लेकिन हम यहाँ डटे हुए हैं और हम ऐसा नहीं होने देंगे
42:23तो ये थे एरान के राष्टपती डॉक्टर मसूर पज़श्कियान आज तक एसाद एक बेबाग और खास बाचीत में
42:31जाते जाते एक पारसी कहावत कहना चाहूंगी
42:33ता नफस हस्त अमीद हस्त यानी जब तक सास है तब तक अमीद है
42:40और ऐसा लगता है कि एरान हार मानने वालों में से नगी है
42:44डॉक्टर पज़श्कियान आज तक के एसाद जुरने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया
42:49खेले बामनूना बहुत बहुत धन्यवाद
43:10झाल
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