00:00बिहार में पढ़ाई की राह में जान का जोखिम, जुगाड की नाव से खुद ही नदी पार कर रहे बच्चे।
00:04बिहार के पटना जिले के अंतरगत आने वाले बाड अनुमंडल के टाल इलाके से हैरान और विचलित करने वाली तस्वीर
00:09सामने आई है। आजाद नगर गांव
00:11के मासूम बच्चे रोजाना स्कूल पहुँचने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। मोहाने नदी पर न
00:15तो कोई पुल है और नहीं कोई नाविक। ऐसे में ग्रामीनों ने नदी में पड़े एक लोहे के कैपसूल को
00:20जुगाड की नाव बना दिया ह
00:21करीब 10 बच्चे रोज इस कैपसूल में बैठते हैं और खुद ही रसी खीच कर उफनती नदी को पार करते
00:25हैं। ये बच्चे मोगल चक गाव के प्राथमिक विद्याले में पढ़ते हैं। सबसे डरावनी बात ये है कि इस जोखिम
00:30भरे सफर में बच्चों के साथ कोई ब�
00:35बड़ा हाथसा हो सकता है। स्कूल के प्रभारी शिक्षक का कहना है कि उन्होंने अभिभावकों को साथ आने की सलाह
00:39दी है। लेकिन मजदूरी पर जाने की वजह से वे बच्चों को अकेले भेजते हैं। वहीं ब्लॉक शिक्षा पदाधिकारी का
00:44दावा है कि 2 किलो मीटर
00:45लंबा सुरक्षित सडक मार्ग भी मौजूद है। लेकिन दूरी कम करने के चक्कर में बच्चे ये खतरनाक शॉटकट अपना रहे
00:50हैं। सवाल ये है कि मासूमों की सुरक्षा की सुध कौन लेगा।
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