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BRICS समिट के बाद क्या बदलेंगे भारत-चीन रिश्तों के समीकरण? देखें हल्ला बोल
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00:27झाल झाल
00:49वर्ल्ड ओर्डर का ओर्डर बदलने की कूटनीती और सामोहिक निर्णय की शक्त
00:54यही संदेश है इन तस्वीरों का
01:02इस तरह ब्रिक्स का अठारहवार शिखर सम्मेलन बना कूटनीती का ब्रिज
01:06जहां दुनिया में सभी के लिए रिप्रेजेंटेशन समस्याओं के सामोहिक समाधान के लिए
01:12रिस्पॉंसिवनेस और वैश्विक नियमों को तै करने में ग्लोबल साउथ की भागिदारी का महा मंत्र प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की
01:19ओर से आया
01:19हमें ग्लोबल साउथ को रूल टेकर से रूल शेपर बनाने के लिए प्रयास करने होंगे
01:28ब्रिस्क के माध्यम से हम ग्लोबल साउथ के देशों के ग्यूवाड डिप्लोमेट्स और पॉलिसी मेकर्स को
01:38नेगोशेशन स्कील्स, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और लीगल एक्सपर्टीज प्रधान कर सकते हैं
01:49ब्रिक्स सम्मिट के अपने ओपनिंग स्टेट्मेंट में प्रधान मंत्री मोदी ने कुछ बड़ी बातें कहीं
02:06प्रधान मंत्री मोदी ने नाविकों के लिए इमर्जेंसी सपोर्ट सिस्टम बनाने की बात की
02:10इसके साथ प्रिक्स परिशद में सुधार को अब और टाला नहीं जा सकता
02:17इसी तरह विट्टियस अंस्थानों के भीतर मतदान शक्ती नेत्रित्व और नीतिगत प्राथमिक्ताएं
02:24आज की आर्थिक वास्त्विक्ताओं के मुताबिक होने की वकालत प्रधान मंत्री ने की
02:28प्रधान मंत्री मोदी ने मौजूदा ग्लोबल गवर्नेंस की तुलना उस पिरामिट से की जिसमें शक्ती शिखर पर केंद्रित है
02:37ग्लोबल साउथ आज वैस्विक संकतों की फ्रंट रों में हैं लेकिन डिसिजन बेकिंग की बैक रों में है हमें इस
02:50पिरामिड अब प्रिविलेज को प्लेट्फॉर्म अब पार्टनर्शिप में बदलना है
02:58जहां हर देश की आवाज हो हर सदस्य का स्टेक हो हर प्रयास के केंद्र में मानवता का विकास हो
03:13साफ है कि इस ब्रिक्स सम्मेलन से सकारात्म कूर्जा के साथ एक इंक्लूसिव वर्ड बनाने की पहल भारत की और
03:19से हुई है
03:20भारत की यही वो कूटनीतिक ताकत है जिसकी वजह से ब्रिक्स में भारत, चीन, रूस के अलावा इरान, UAE और
03:28साओधी अरब जैसे देशों की मौजूदगी के बावजूद संयुक्त बयान जारी करने पर सहमती बन सकी
03:34हमारे समक्ष ब्रिक्स न्यू देली डेकलेरेशन 2026 का ड्राप प्रस्थूत है
03:46इसमें हमारी चर्चाओं का सार प्रमुक वैश्विक और ख्षेत्री विश्यों पर हमारी दर्शकौन सामील है
03:56साथ ही ब्रिक्स कोपरेशन को और सुद्रूट करने की प्रात्मिक्ता इस समाहीत है
04:08निगोशेटर्स को कई विवादित मुद्दों पर असहमतियों का सामना करना पड़ा
04:12लेकिन भारत की वजह से विवादों को परे रखकर सारे देश एक साजा बयान पर राजी हो सके
04:20आज एडप किया गया न्यू देली डेक्लेरेशन हमारे साजा संकल्प को स्पस्ट दिशा देता है
04:30अब हमारी जिम्मेदारी है कि इन संकल्पों को ठोस परणामों में बढ़ले
04:39ब्रिक्स चेर के रुप में आपके बहुमल्य योगदान, कंस्ट्रक्टिव स्पिरीच और आपकी प्रतिवध्यता के लिए
04:50मैं आप सभी का रजय से आभार व्यक्ता करता हूँ
04:58ब्रिक्स समिट में नेताओं के स्वागत में पीएम मोदी ने भारत की सांस्कृतिक विरासत की जलक दिखलाई
05:03पीएम मोदी ने नेताओं का स्वागत जिस मंडप में किया, वो रामेश्वरम के रामनात स्वामी मंदिर की तरह तैयार किया
05:10गया था
05:10एक और ब्रिक्स समिट से भारत की ग्लोबल लीडर्शिप फिर सामने आई है
05:15तो दूसरी और ये मौका भारत के द्विपक्षिय संबंधों के मद्दे नजर बेहद अहम साबित हो रहा है
05:22शुकरवार को पुतिन और पेजेश्कियन के साथ द्विपक्षिय बातचीत के बाद आज चीन के राष्ट्रपती शी जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री
05:29मोदी की द्विपक्षिय बातचीत हो रही है
05:32प्रधानमंत्री मोदी ने आज UAE, मलेशिया, वियतनाम और इथियोपिया के नेताओं के साथ भी द्विपक्षिये बातचीत की है
05:39इन मुलाकातों में खुद विश्व नेताओं ने माना है कि आज प्रधानमंत्री मोदी की लोगप्रियता पूरी दुनिया में है
06:09प्रधानमंत्री मोदी और शी जिन पिंग के बीच बालाट्री की शिरुवात हो चुकी है
06:14द्विपक्षे वारता जो आज भारत मंदपम में हो रही है इससे पहले व्लादमिर कूच्छी के साथ भी जो द्विपक्षे वारता
06:21हुई वो भारत मंदपम में ही हुई
06:23खाला कि आज जो अन्य बाई लाक्स में इस वक्त शुरू हो चुकी है तो एक बहुत ही सफल प्रिक्स
06:36आयोजने से कह सकते हैं एक जॉइन स्टेट्मेंट पहले ही दिन आ जाता है जॉइन स्टेट्मेंट में आतंकवाद के खिलाफ
06:42भारत के नजरीय से देखिए तो खुल कर �
06:44उसमें बात की जाती है पहलगाओं के हमले की निंदा होती है जो द्विपक्षे वारता होनी है चाइना के साथ
06:51उसकी शिरुवात अब हो चुकी है बहुत उतार चड़ाओ इस रिष्टे में रहे हैं एक्सेंसी भारत की ब्रिक्स अधिश्ता के
07:02दोरान चीन से मिले समर्थन
07:06और सहीयोग के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं अब हमें वीपक्षिय सहीयोग पर चर्चा करने का अउसर मिल
07:19रहा है एक बार फीद भारत में आपका हार दित स्वागत है
08:04करेक्षियोग
08:34।
08:36लड़ बओने ङुचने बड़ कि अज़ जड़ लग निएट थिशख्योंत रिव कि की फिवचर इंदे लुचों क्टी लुचा निव्चा दोग
08:51बन को ज़ ज़ क्टैं के ज़द बन को ज़ख मुटर्वता बन को बन बने कुछ कि लखकार बन को
09:02बने को भीन थां को बनला ब
09:06दोन के शियुक्तू दोन करेंड चांगा पींदं इशुन ये मुणा, वह कि वाउन्स तेम करेंड़ान बुश्च्च्च कहश्च्च्ब काुधार विद्ध मुणा,
09:21वाउरम नुक्तूर व्हार विक्वु जो, दोन बटूरान।
09:33कि बाइलाटरल के पहले दोनों का जो संबोधन था एक दूसरे की तरफ जो वर्म ग्रीटिंग्स शेर की जाती है
09:46दोनों की बाइलाटरल की शुरुवात हो गई है दोनों तरफ से बड़ी टीम्स इस वक्त मौझूद है अगर आप भारत
09:54और चीन के बीच का व्यापार देख ले साल दूजार पच्चिस चब्बिस में 112.1616 अरब डॉलर का ये व्यापार
10:02रहा है तो जो इसका सेंस अफ प्रो
10:09ये हमेशा रही है इसी के साथ-साथ जो चिंता का सबब हमेशा बनते हैं क्योंकि पाकिस्तान का जो हतियार
10:15का खेप है उसका सबसे बड़ा हिस्सा चीन से ही आताहिए', लग बग असी फीजदी हतियार चाना से पाकिस्तान को
10:22मिलता है तो ये तमाम ऐसे मुद्दे हैं जो भ
10:39हम ही चले जा सकते हैं, चाहे बॉर्डर डिस्प्यूट को लेकर है, चाहे व्यापार को लेकर है, चाहे निवेश को
10:45लेकर है, इनी सबी मुद्दों पर हम बाचीत करेंगे, अजय आलोक हमारे साथ प्रवक्ता बीजेपी के जुर गए है, सहेद
10:50जमीर अबबास जाफरी, प्र
11:07तो रही इंडिया आती है, भारत और रूस के रिष्टों पर आपको क्या लगता है, पुटिन और भारत का एक
11:13गहरा रिष्टा है, आप उसको कैसे बोलेंगे, बारत में हभी मुसम अच्छा है, सब लोग के लिए, सब देश के
11:23लिए, बिलकुल, सब के लिए अच्छा है, �
11:25लेकिन इसी बीच नजर आज भारत और शी जिन पिंग के बीच इस बालाटरल मीटिंग पर है, जिस पर हम
11:31बाचीत करेंगे, मेंच जनरल विशंबर दयाल भी हमारे साथ जुड़े हुए है, विभूती जाज जी भी भारती अमेरिकिये अक्टिविस्स न्यू
11:38यॉक से हमार
11:54फरोसे की कमी को स्विकारना है, लेकिन फिर भी इस सब होते हुए हम क्या आगे ले जा सकते हैं,
11:59इस पर नजर रहेगी, आप इसको कैसे बताएंगे, इस बाइलाटरल से हम क्या, देश क्या उमीद रखें?
12:08लेकिसे बाइलाटोल नहीं है जनगी, जब ब्रिक्स हो रहा है तो मल्ती लाटरल है और बाइलाटरल मीटिंग उसके साथ नहीं
12:14हो रही है, इसलिए इंपर्टेंज और हो जाता है, और वैसे भी समूद्र मंथन जब होता है, तो जहर भी
12:22निकलता है, लेकिन अंततरव अमृ
12:39और आपसी मदूर संभंध और स्थिरता दोनों देश के लिए दोनों देश के नागरिकों के लिए जरूरी है
12:45गलवान में जो हुआ ना वो चाइना चाहता है ना भारत चाहता है और वैसी कोई चीज ना हो एक
12:50शांती प्रिये बॉर्डर रहे और व्यपार बढ़े
12:52और अभी आपने पते बातीत में मेंशन भी किया था कि वैपार घाटा बढ़ रहा है वैपार घाटा घाटाने के
12:58दो ही तरीका हो सकता है चाहिना की मांकेट हमारे लिए और खुले और हम अपनी आत्मिर भरता और बढ़ाए
13:04इन समाम पहलूँ पर हमारे प्रधान मंत्री जी क
13:07विजिन बहुत क्लियर है बहुत क्लारिटी के साथ है कि हमें कैसे कैसे आगे बढ़ना है और निश्वित तोर पे
13:13आज की वैश्विक परिस्थी को देखते हुए आज जो इस ब्रिक समेलन में 49% पॉपलेशन और 42% GDP
13:20की बात हुई तो निश्वित तोर पे पूरे विश्वक
13:36कांसिल के 27 सदस्ता का समर्थन कर दिया पहली बार चीन की मौझूद्गी में आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम
13:43हमले की निंदा की गई
13:45जिसमें परोग शुरूख से पाकिस्तान शामिल था तो यह सब तमाम डेवलप्मेंट हैं जिसको पॉजिटिव डेवलप्मेंट के हिसाब समय देखना
13:51चाहिए अगर वेश्विक तोर पे रणितिक तोर से देखें वेपारिक तोर पे बिल्कुल सहमती बन चुकी है कि सारे
13:57एक दूसरे के लिए मारकेट खोलें इस्थानिय मुद्रा में लोगों ने वेपार करने की बात की AI के छेट में
14:04गवनेंस के छेट में अग्रिकल्चर के छेट में वो तमाम पहलू जो मानफ्ता को कहीं न कहीं से चूते हैं
14:10उसी की बात की गई कोई स्ट्राटिक अलाइंस न
14:28अनिल पार्डे ची चुकि आप बीजिंग से हमारे साथ जोड़ रहे हैं तो आज सुभई हम लोग चैनल पर बाचीत
14:34कर रहे थे कि भारत और चाइना का एक रिष्टा ऐसा है जो बहुत आक्सिडेंट प्रोन रिष्टा है एक ऐसा
14:41रिष्टा है जिसमें विश्वास की कमी दो
14:55काटनर बनेंगे या फिर ट्रेड डेफिसित घटेगा या फिर कुछ कदम उठाए जाएंगे से पहले भी वांगी और दोवाल साब
15:02की बात ही हुई तीविदेश मंत्री चाइना के और एनिसिया जीर डोवाल की आप किस तरह से देख रहे हैं
15:07ये रिष्टा क्या अमेरिका क
15:09के यूनिलाटरल डिसेशन्स के साइड एफेक्ट में बहतर हो सकता है।
15:39और दोनों देशों के संब्दों में बहतर हमको नतीजा देखने के मिला है।
15:42और जहां तक आपने बात कही है कि मुझे लगता है कि ये बहुत ही महतपूर दौरा चीन के राश्ट्रकति
15:48के लिए भी है क्योंकि ब्रिक्स में हिस्टा लेने के लिए गए हैं।
15:52भारत के साथ पक्षिय रिष्टों को लेकर ब्यापार को लेकर और जैसे कि हमने देखना है कि हाल के समाई
15:59में सिवा मुझता में भी हमें प्रगती हासिल हुई है।
16:02और अगर हमारा सीवा मुझता जैसे कि आपने बताया कि इसको लेकर प्रगती हासिल हो रही है। यहापार तो हमारा
16:07155 billion dollar पे ज्यादा पहुंच चुका है।
16:10तो ऐसे में मुझे लगता है कि यह सकारत्मत दौरा है, एक positive message देने की कोशिश है।
16:15और यहाँ पर मैं बीजिंग में हूँ अभी और चीन की राजधानी में जो मीडिया का माहौल है, सोशल मीडिया
16:20है। उसको बहुत positive narrative यहाँ पर पेश किया गया है।
16:23चीनी राश्टपती भारत गये हैं, उनकी मुलाकात उहाँ पर प्रधानगती से होनी है।
16:28और SEO शिगर सम्मेलन में हिस्ता ले रहे हैं, तो ब्रिक सम्मेलन में हिस्ता ले रहे हैं।
16:32यहाँ पर चीन की होड़ से मैंने देखा कि पुछ समय से बहुत ही सकारात्मक और एक positive माहौल है
16:37भारत के प्रती और यह एक अच्छा संकेत है जो एशिया की दो पड़ोसी ताकते हैं।
16:42अगर वे साथ में आती हैं और जैसा कि हम जानते हैं कि विश्व की दो सबसे बड़ी तागत आबादी
16:48वने देश हैं।
16:49अर्ठ व्यवस्था के मामले में भी वे बहुत दम रखते हैं। ऐसे में जो multilaterism की बात हो रही है।
17:24अगले साल चीन ब्रिक्स की मिजबानी करने वाला है। ऐसे में उमीद है कि मुझे लखता है कि सही दिशा
17:34में जा रहे हैं। तो एक बहुत बड़ा मौका है।
17:47अब धन्यवाद आपका इस बीच जो अन्य मेहमान हैं उनका भी रुक करते हैं।
17:53पर काफी उमीदे जगाई हैं। तो वो भी जब ग्लोबल टाइम्स तो खर वहाँ पे उससे आप समझ सकते हैं
17:59कि वहाँ की सरकार क्या सोच रही है।
18:29पॉजिटिव तरीके से इसको पूरा लिया गया है।
18:31जान भी है, मसूद पिजशकेयान है। इसी में UAE की तरफ से क्राउन प्रिंस भी आए है। और विदेश मंत्री
18:38साओधी के है।
18:39क्या आप मानते हैं कि इस यूद पर, मतलब ऐसा भी नहीं होना चाहिए निकि ब्रिक्स कायोजन हो रहा है
18:58और एक यूद पर उस पर पट्टी बान ली जाए।
19:09सबको अपनी सारे एक देश को अपनी अपनी जिम्मेवारी को मानना पड़ेगा। क्योंकि जो कहते हैं नहीं कि ताली एक
19:16हाथ से नहीं बजती है।
19:17उसी हिसाब से भी हुआ है कि सबका अपना अपना उसमें योगदान रहा है।
19:23सबने अपनी अपनी गलती की है उसमें तो उसके बाद एक बार जब अगर वो फुल जड़ी या पठाका अगर
19:31एक बार अपनी निकल जाता है तो फिर रोकना मुश्किल हो जाता है वो जीनी इन दे बॉटल वाली जो
19:36बात होती है और इस बात से हमें मानना पड़ेगा कि दे�
19:52पांच मेंबर्स जो हैं Security Council के जिसमें चाइना और रशा भी है उनके कारण वो सब पांचों देश जो
19:59है अगर वो अपना
20:00Military, Military items बेचना बंद कर दें तो बहुत सारे लड़ने को वालों के पास अस्तर सेस्तर नहीं रहेंगे तो
20:08तरी तरी तरी तरी तरी तरी तरी तरी तरी तरी तरी तरी तरी नीड फोर कामनालिटी और पर्पस
20:10और confluence of interest अधिना जी यह भी पात बहुत जरूरी है कि जहां तक कहा गया कि जो जो
20:18टॉपिक है थीम जो है इस इस ब्रिक्स का वो है
20:21resilience, innovation, sustainability and transformation यह तभी होंगे जब आप जो है एक-एक मुद्ध को लेकर कि एक हर
20:31आदमी अपनी जिम्मेवारी लेगा क्योंकि सब के पास वही शक्ति नहीं होती जो उसके पास होती है तो मैं एक
20:37बात आपको कहूं कि करीबर 5-6 साल पहले मैंने एक TV बारता पर एक चर्चा की थ
20:42कि और उसमें मैंने कहा भी था गुसे में अंग्रेजी में कहा था कि Mr. Zee, President Zee has even
20:51a peanut-sized brain, he will realize that cooperation with India is the only way to forward because India के
21:00पास territorial gains की कोई अभिलाशा नहीं है चाइना के प्रती चाइना ही territorial gain करना चाहता है
21:08तो चाइना का responsibility है कि अगर आपने territorial gain की बात बंद कर दी तो बहुत सारी बातों पे
21:14commonality of purpose और commonality confluence of interest होता है
21:20BRICS के मामले में निश्चित कर सकता हूँ आपको यह बात करना चाहते हूँ कि यहाँ पे भारत और BRICS
21:27का एक बड़ा commonality of purpose और confluence of interest है
21:31क्या rest of the world, global south, Asia, क्या western swift, western dollar और western institutional framework के अंदर दबा
21:42रहेगा
21:43या इनको अपना उपना है
21:45और वो उट भी रहे बूती जी क्योंकि बताया ये रश्या ने भी बताया उनका 90 फीजदी व्यापार BRICS के
21:51देशों के साथ
21:52national currency में हो रहा है
21:53मतलब सीधा जो रूबल, रूपया में वो 96 फीजदी व्यापार कर रहे है भारत के साथ
21:59वो चाइना के साथ योआन, रूबल में 99 फीजदी कारोबार कर रहे है
22:03पेमेंट सिस्टम जो है ना वो डॉलर के, मतलब अगेंस नहीं है
22:08लेकिन डॉकर डॉलर, मतलब नॉन डॉलर, जिसको आप कह सकते है
22:11national currency में, उसकी तरफ मजबूती से बढ़ने की है
22:14जनरल डाल, मैं आपसे अब एक कमेंट चाती है, उसके बाद मैं रोवन के पास चलूँगी
22:17कि जो highlights, जो pointers इसमें रही है, जिसमें West Asia का भी जिकर आया है
22:23इसे के साथ आतंखवाद पर भी बात कही गई है
22:27और चाइना के साथ ये bilateral, कितना, मतलब, आम लोगों के मन में ही सवाल आता है
22:33कि हमने गलवान भी देखा है, हमको भरोसा कितना करना है, बताओ, कोई तो बताओ
22:37बिल्कुल, अंजना, देखिए, पहली बात तो ये है कि पूरा का पूरा जो declaration है न
22:43वो एक बहुत अच्छी शुरुआत है, मैं समझता हूँ, गुद पेज जो हमने कल भी बात की थी
22:47और अब इस पे हमें कुछ कदम उठाने पड़ेंगे सारे नेशन्स को, फिर ये actual में
22:51transform हो जाएगा, दूसरी बात है कि जो declaration आया, उसमें एक चीज़ पस्ट है
22:56कि कही ना कहीं चाइना भी अपने relations इंडिया के साथ
23:00reset करना चाता है, वो कुछ improvement चाता है, वो अपनी image सुधारना चाता है
23:04अंदुस्तान और अपने relations के बीट बेख़ए, नहीं नहीं लोगा, मैं आ रहा हूँ, मैं आ रहा हूँ
23:09जिस मुद्धे पर मैं आ रहा हूँ, वो यह है, भारत और चाइना के बीच में 1993 से 2012 तक
23:16देशों के बीच में कोई दिक्कत नहीं थी
23:19दिक्कत है सिर्फ change of art of master, the president of China, Mr. Xi Jinping
23:252012 में आप general security बने थे, 2013 में आप वहां के president बने, 2013 से 4-5 ऐसे incident
23:34हुए आपके दोरान
23:35जो की बिलकुल पूरी की पूरी stability, जो पूरी की पूरी tranquility थी, 1993 treaty का जो base था, कि
23:43हम अथ्यार नहीं लेंगे, हम ammunition नहीं लेंगे, वो पूरा spoil कर दिया, environment को spoil करने में आपका हाथ
23:49है, जब इनका change of heart होगा, अगर ये change of heart होगा, या ये change होगे, तो मैं समझता
23:55हूँ, जो people to people है
23:56Chinese people, क्योंकि इतना trade कर चुके हैं, यहां वो taste कर चुके हैं, हमारे साथ Chinese जो companies हैं,
24:03उनको आनद आ चुके है, साथ, यहां पर आराम से चीजे बिकरी हैं, उनकी हमारा जो deficient है, वो तो
24:08आप देखी रहे, hundred billion dollar plus trade deficit है, तो वो चीज जो है, वो सिर्फ प्रेजिड शी जी
24:14इंग प
24:26हैं, वो आप production manufacturing जब उनकी start करेंगे, कोई भी चीज जो आप manufacture करेंगे, जो चाइना से आप
24:33उसका, अगर आप चाइना से उसका raw material ले रहे हैं, जब उसको लगेगा आप manufacture करेंगे, और उसको नहीं
24:39रोकेगा, तब पता लगेगा, वक्त बताएगा.
24:42अब मैं आपके पास आना चाहती हूँ, पहले तो आप बताएएगे कि आप क्या business करते हैं, रोमन, और अगर
24:50एक businessman के तौर पर मैं आपसे पूछू, क्या बदलाव आप चाहते हैं ताकि ease of business हो, ताकि Russians
24:56के लिए यहाँ पर और Indians के लिए Russia में, बेहतर.
25:01ज़रूर, मेसेच ताहू कि business growth के लिए हमारा देश free trade agreement चाहिए, call के लिए, oil के लिए,
25:13लेकिन ये bilateral चाहिए.
25:19मतलब भारत से राशा तक जरूर चाहिए, बहुत ज्यादा नयाद चाहिए, export चाहिए, क्योंकि अभी बहुत deficit है, currency के
25:40लिए, INR ज्यादा बहुत राबल है.
25:49इसलिए मैं सचता हूँ, BRICS अच्छा initiative है, अच्छा community है, इसको मजबूत करना चाहिए.
26:05मैं business काम करता हूँ, भारत में commodity trading है.
26:12commodity trading है, मैं एक सवाल आपसे पूछू, अगर किसी इंदियन को, जो वारी business community देख रही होगी, रश्या
26:20में जाके कोई business करना है, तो सबसे पहले उनकी नजर किधर जानी चाहिए, किसका सबसे बड़ा बाजार है इस
26:26वक्त रश्या में?
26:26medicine, hospitals, बहुत इंदियन कर रहे हैं, लेकिन कौन से वो चीज है, जिसका सबसे बड़ा बाजार है रश्या में?
26:36Indian going to Russia and investing there in a business, what is the business they should, क्या business करना चाहिए
26:43रश्या में?
26:48लेकिन जेसे की इस तील सेक्टर के ले बहुत को माइन चाहिए, मतलब भारत में बहुत को माइन चाहिए, लेकिन
27:01रश्या में ज्याद को माइन है
27:05इंदुस्तानी उज्यामी, इंदुस्तानी बिजनस, क्या बात है?
27:14Siberia में जाता है, coal mining exploration के लिए, अच्छा बिजनस है, अच्छा बिजनस है, कोल माइन्स का वहाँ है,
27:23जरूर
27:24तो कई सारे हमारे बिजनस करने वाले जो सोच रहोंगे, क्योंकि भारत में कई लोग हैं जो बिजनस को लेकर
27:30काफी interested रहते हैं और दिमाग लगाते हैं कि क्या करना है
27:33और इंडिन सहर जगा करते हैं, एक बार जरा चलते हैं क्योंकि हम पहले भी उनके पास गए थी लेकिन
27:38बात नहीं हो पाई थी, हमाई साथ बड़े दिनों बाद सेयद, जमीर अबास, जाफरी जो रहे है, जाफरी साब बतलब
27:44ये अपने आप में एक बहुत बड़ा achievement है, ए
28:01और कैसे जो पहल की गई सभी ब्रिक्स देशों की तरफ से उसकी भी सराना करनी होगी, सैयम बरतने पर
28:07जोर है, ऐसे कदम न उठे जिससे हालात और बिगड़े, सप्लाई चेन पर असर ना पड़े, तो इन शब्दों का
28:12शामिल करना अपने आप में दिखाता है कि एक पॉ�
28:31कि हम लोग सब के लिए एक successful summit इसको कहा जा सकता है, कई बहुत important चीज़े इसके अंदर
28:38हुई है, पहला तो ये कि इस summit के अंदर कहा जाया है, declaration में के unilateral aggression को condemn
28:45किया गया है, clear America और इसराइल का जो attack है, उसको condemn किया गया है, recently दो week के
28:52अंदर ये second time है, जहाँ पर इंडिया ने openly America �
28:56और इसराइल के aggression को इरान से इसको condemn किया है, जो STO के अंदर इंडिया सिगनेटरी था, वहाँ पर
29:03भी इंडिया ने clearly condemn किया है, तो ये clear एक shift है, जो इंडिया का positive shift है, और
29:10एक मार्कमा गांदी और गौतम बुता वाले देश से ये expect किया जाता है, कि कोई भी country unilaterally अगर
29:16हमला
29:17करती है, तो इसे condemn करना चाहिए, दूसरी चीज मैं कहना चाहिए, कि इसमें जो नरेंदर मोधी जी ने एक
29:23बहुत important बात की है, वो pyramid structure of power की बात की है, कि कुछ देश दुनिया में हैं,
29:29जो decide करते हैं, दुनिया में क्या होगा, पंदरा UNST में voting होती है, पंदरा लोगों में से 14
29:35वोट करते हैं अगेंस एक कंट्री वीटो कर देती है, तो क्या ये जस्तिस है, और युनाइटेड डेशन में वोटिंग
29:41होती है, 104 कंट्री कहती है, घाजा को सपोर्ट करती है, कि वहाँ जैसाइड हो रहा है, इसराहिल के खिलाफ
29:46वोट करती है, दो कंट्री आके एक कंट्
30:02ले करते हैं, और इसके अंदर वर्ल्ड की जो पॉपिलेशन है, उसका इंवॉल्मेंट नहीं होता, इंडिया के पास अगर वेटो
30:09होना चाहिए, तो इंडिया के पास वेटो क्यों नहीं है, ये सवाल है, और अगर अगर देशों के पास वेटो
30:17क्यों नहीं है, ये भी एक स
30:32नजर से देख रही है जहां पर एक ऐसी organization बनेगी जो people's
30:37representative होगी और जहां पर लोगों की नुवाइंदगी होगी पूरी
30:41दुनिया की 49% population इसको ब्रिक्स में शामिल है 40% economy पूरी
30:47दुनिया के इसके शामिल है तो जो इसको सिखसर कहते है वो पूटन साब
30:56ने मारा क्योंकि जब हम लोगों ने interview में उनसे पूछा था कि आप क्या चाहते हैं
31:03मतलब G7 में अगर आपको वापर शामिल करके उसको G8 कर दिया जाए तो आप जाना चाहेंगे उन्हों
31:09से कहा नहीं जाना है मुझे और जो जी सेवन के खिलाफ लगातार वो बोलते रहें कल तो उन्होंने सबसे
31:15बड़ा सिक्सर मारा और बोला कि जो जीडीपी है ब्रिक्स देशों का वो काफी आगे निकल गया है जी से
31:21और यह मुझे लगता है कि विबूती जाजी
31:25हमारी पॉपुली से कशलो एरना जो जुख कर चाहरें जो इस वत बंद सम्रीज है जो इस वत्त मिडिली से
31:43हो रहा है parentheses
32:06तो अपुर्मोज से एक ड्रामा जो कर रहा इसको बंद कर दीजह
32:12फिर देखते हैं Avenue अमरिका कैसे ब्लॉक करेगा आपको
32:14हम भाइशकार करेंगे सब
32:16आप पहले पहल कीजिए ना
32:18और देखे थोड़े दिन की बात है
32:21बिलकुल irrelevant हो जाएगा
32:23किसी को आप से तेलने चाहिए
32:24किसी को इराग से नी चाहिए
32:25और अगर आप वो आपने वो भी बंद कर दिया
32:29अपना रेज सी भी
32:31तो ये आप करिये ना
32:33ये इरान का इनिशेटिव है
32:35इरान को भी कुछ सिक्षा लेनी चाहिए इससे
32:37हम सारे अमेरिका के खिलाफ है
32:39इसराइल के खिलाफ है
32:40लेकिन आपको भी कुछ पहल करनी चाहिए
32:43बिकाज ये साउथ को तंग कर रहा
32:45इंडिया को तंग कर रहा हमारी साउथ के लिए कुछ तो चैरिटी कीजी है थोड़ी बहुत बाबल मंदेप पर जो
32:53आप पत्रा मंदा रहा है वो हुती की वज़े से और यह से वो बड़ा ही बिल्कुल बिल्कुल यह सौ
32:59डॉलर के ऊपर करेंगी बैरल स्टॉक मार्केट फिर
33:01रहते हैं और उसमें फिर अनाउस करके ट्रम्प ऐसे कमा लेंगे वहाँ पर और हम लोग देखते रह जाएंगे इससे
33:08यॉर्प नहीं इफेक्टिड है इससे वो नहीं अमेरिका नहीं इफेक्टिड हमारा जो रश्या से टेल आ रहा था वो भी
33:13एफेक्ट होएगा भाई ब
33:16चैनल यहीं नहीं तो पॉइंट है, पहले जो यहां की तरफ से होर्मुग उपन है। इरान ने होर्मुग क्लोजा नहीं
33:21किया था भ्लॉक उन लोगों ने लगाया था फिर एरान की तरफ से क्लोज जए इरान अभी बही बहाँ है।
33:26एरान की शर्पो में से नेवल कॉॉके�
33:29तो इरान की तरफ से घुर्मुट कुल जाएगा यह इरान ने का है पाबल मंदब का जो है इस इस
33:38आपस का मामला है लेकिन अपस का मामला है उनका मामला है लेकिन
33:53इसकेलेशन होता है जब भूती इस तरह से साओधी पर करता है तो फिर इसकेलेशन होता है और इसमें जो
33:59लाइन मैं बता रही थी से लिए जोर देकर सैयम बरतने पर जोर ऐसे कदम ना उठे जिससे हालात और
34:05बिगड़े सप्लाई चेन पर असर ना पड़े यह सब को प्रभा
34:21है अलग-अलग देशों में रहते हैं आप तो बहुत करीब से फॉलो भी करते हैं और जहां पर ट्रॉम
34:26की पॉलिसी को क्रिटिसाइज करना होता है आप करते भी हैं लेकिन यह सच है टारिफ हो अन्य फैसले हों
34:33एक तरफा फैसले वह ऐसा लगता है कि वह जिसे सिंग निका
34:49कर बताई उसका मकसद तो सी रहा थाना किसको सुनाए जा रहा था सबको समझा रहा था जांजी बिलकुस नहीं
34:56कहला आपने यहीं जिएैं यहीं चीज यह मैंने पहले प는 चिर्चा की थी आपसे और लियंग यह रहा दो जिसकी
35:15बहसे उता हो तो ऑ
35:19चाहता है लेकिन उसके कारण बहुत लोगों को कश्ट होने लगा है अब जाजी वो गहरे कि जिसकी लाटी उसकी
35:27भैस नहीं होगी हमारे हाथ में लाटी होगी सब अपनी अपनी बहस हाकेगे
35:32है अमेरिका भी इस बात को मानता है कि अब जो है वो पुरानी विवस्था नहीं चलेगी इसके कारण जो
35:39है ट्रेड और पेमेंट सेटलमेंट के लिए जो उपाय हुआ है यूपी आई के थू और सारे देशों का अपने
35:45अपना करंसी का वैलिएशन हो जो मैंने अपने इंडि
36:02दूसरी बात यह भी है कि जैसे प्रफेसर साफ से मैं पूछूंगा वो इरान की हमेशा तरफदारी करते हैं करना
36:09भी चाहिए अब उनका देश है मैं उसे सिर्फ यह बात पूछूंगा इस पब्लिक प्लैटफॉर्म पे कहां तक वो इरान
36:15की अपनी अपने गिरेबान में �
36:17जाक के यह कहें कि उनके देश ने क्या-क्या का हर्कती है जिसके कारण दूसरे लोग परिशान हो रहे
36:22हैं इस बात की जाजी आप प्रोफेसर साब से आजाद है हमारे मेहमान है मुझे लगता है कि वो कभी
36:29भी किसी सवाल से शाय आफ नहीं करते हैं कटिन से कटिन सवाल हम �
36:33लोग उनको ग्रिल करते हैं और वो हमेशा जवाब देते हैं लेकिन विभूति जाजी अगर पलट कर मैं आपसे सिर्फ
36:39एक सवाल पूछो कि आज तक इरान की न्यूक्लियर केपिलिटी और इन्रिच्मेंट प्रोसेस पर क्या प्रूफ है अमेरिका के पास
36:47क्या आप मुझे
37:01सारी फाइंडिंग्स थी वो सारे के सारे न्यूक्लियर उनके पास है या नहों लेकिन प्लुटोनियम पर अटका हुआ है मामला
37:08कहा तक कि प्लुटोनियम की सफाई कितनी होगी जिससे आप अन्विक अस्रसर बना सकते हैं बस वही तो मुदा है
37:16और तो यह तो कोई नहीं कह
37:30है कि वो अपना न्यूक्लियर केपबिलिटी कर रहे हैं इसी जॉइन स्टेट्मेंट में सिविल न्यूक्लियर ढाचों पर हमलों पर चिंता
37:37जाहिर की गई है न्यूक्लियर सेवगाद सुरक्षा से समझोता ना हो अब आप देखिये ना कि यह जो परिस्तिती बन
37:44रही है अ
37:58हारत के पास भी नूक्लियर वेपन हैं पाकिस्तान के पास भी है इसराइल के पास भी है कोई भी
38:03नहीं कहाता है इडा इंढीक्ट को मारो डेख को नाश करो तो एप्अ काउंटर है और वही अमेरिका कोAC के
38:19खिलाफ एसी बाते करता है जो यहां पर आतंकी
38:23हमले करता है वहाँ पर ट्रम्प साहब कोजी आप करते हैं वहाँ मुनीर को वो लंच कराते हैं तो अगर
38:29पाकिस्तान के हाथ में न्यूक्लियर केपबिलिटी उनको खतरनाक नहीं दिखती है तो मुझे नहीं पता कहां दिखेगी लादेन भी आबिटाबाद
38:35में ही पकड़ा �
38:36गया था पाकिस्तान के सारे आतंख्यों का डेरा पाकिस्तान में रहता है और वहां पर उनको को उसीनेस दिख रहा
38:42है।
38:43कि छॉम्प और यूेस गजबंट की पाकिस्तान पॉलीसी के मैं बिल्कुल विरूद हूँ और मैंने की पाट को कह भी
38:50है कि यह सक्वाइब करागा
39:06जवाब में क्या बोले ये न बताई है जाजी जवाब हर बात का आप तो जानती है राजनीती वालों को
39:13जनलिस्त हैं आप भी जानती है हर बात को जवाब नहीं देता है एकदम सही का आपने के जवाब अगर
39:21मिल जाए तो बहुत बड़ी बात है एक बाद फिर से बीचिंग �
39:23लिए चलते हैं उसके बाद आप लोगों के पास आएंगे अज आलोग जी आज आप सुनिये थोड़ा आप लोग नेता
39:28लोग हर दिन बोलते हैं आज थोड़ा डिप्लोमाट्स जर्नलिस्स हर जगह से जुड़े हैं तो आज सुनिये मैं आपसे कमेंट
39:32लोगी अनिल जी ले
39:54देखिए अंजना जी ये एक बहुत बड़ी जरूरत है जिस तरह से हमने वेस्ट एशिया में जो क्राइसिस देखा है
39:59इरान में जो पूरा होर्मुज संकट पैदा हुआ पेट्रो डॉलर जो अमेरिका ने शुरू किया था उसके खिलाफ बहुत सारे
40:05देशों में अंदर मन
40:06से ऐसा है कि कोई करंसी होनी चाहिए जिस पर वे अपना व्यापार कर सके आपने रूबल की बात की
40:11है वहाँ चाइनीज जो करंसी है युवान को आगे बढ़ाने की बात है ऐसे में अगर ब्रिक्स एक बड़ा फोरूम
40:17है जिसमें ग्याना देश शामिल है और हम जान रहे है
40:20कि उसमें भारत चीन और रुशा तीन इतनी बड़ी एकॉनमीज हैं इतनी बड़ी पावर्स हैं अगर ये मिलकर अपनी करंसी
40:27का जिसको एक ब्रिक्स के जरिया आगे बढ़ा सकते हैं या बढ़ाने की कोशिश होती है तो जाहिर सी बात
40:33है इसी को लेकर अमेरिका नहीं चाह
40:49बार आता है तो अमेरिका की और से एक ने कोशिश हो जाती है कहीं ने भारत को ऐसा दर्शाने
40:55की कि छीन आपके खिलाफ हो गया है चीन ने बहुत कुछ खराब कर दिया है तो अचानक से फिर
40:59चीन की और से भी स्टेटमेंट आता है तो जैसे ही हमारे दिश्टे दो कदम आ�
41:04पिछे आ जाते हैं तो बार बार हमने पिछले सालों में यहीं देखा आला की गल्वान की इससे पहले जो
41:09जो जो जो जो जॉइंट स्टेटमेंट में सीधा सीधा लखा गया है कि वी एक्स्प्रेस सीरिस कंसर्न ओवर डेलिबरेट अटाक्स
41:18ओं सिविलियन इंफर स्रुक्�
41:31पर हुए अटाक्स के कॉंटेक्स्ट में यह है या फिर देखना गलत होगा यहीं तो इस पूरे यह काफी दिन
41:45से रश्या इस चीज़ पर एंफिसाइज कर रहा था और चाइना सपोर्ट में और जब इंडिया सपोर्ट मोथता है और
41:52इंडिया का इसके लिए राजी होना सा
42:01से जरूरी इंडिया था इसमें और रश्या का खुद बार बार करना कि रश्या यॉक्रेन में जपरेज ये बोट केरेंगे
42:25को गाड करता है ताकि इस पे अटेक ना हो क्योंकि उसके
42:29different implications है जो शायद America नहीं समझ रहा था
42:32because human implications लिए बहुत कुछ इसमें कहा गया है
42:35मुझे लगता है कि directly एक तरह से जो अमेरिकन
42:38अटाक हुआ है देखे दो तीन चीज़ डिरेक्ट नहीं कही है
42:57झाली जैसा नरेंद्र मुझे जी ने बुला
43:03एक पुराना दोस्त दो नाया दस्ते जीदा बहुत है ज्यादा अच्छा है
43:12क्या बात है उसी के साथ आजाएंन करते है इस बुलेटन का बहुत अच्छे आज श्रोता बनने के लिए अजाएं
43:19लोग जी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और तमाम जो मेहवाल हमारे साथ जुड़े हुए थे
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