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क्या मोदी-जिनपिंग की महामुलाकात से दोनों देशों के बीच विवादों पर बात बनेगी? साहिल के साथ देखें दंगल

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00:05दिल्ली में सजा ब्रिक्स का मन्ज
00:14सबसे बड़े मन्ज पर महा मुलाकात
00:21जब मिलेंगे मोदी और चिन पिंग
00:30साथ साल बाद भारत में चीन के राष्ट्रपती
00:35क्या सुलझेगा भारत चीन बॉर्डर विवाद
00:41सबसे बड़ी मुलाकात क्या बनेगी बाद
01:02नमस्कार दंगल में आपका स्वागत है
01:03आपके साथ मैं हूँ साहिल जोशी
01:05बारत मंडपम में ब्रिक्स सम्मेलन की अवचारिक शुरुवात भी हो चुकी है
01:09और आज के सत्र का समापन भी हो चुका है
01:12साजा गोशना पत्र भी जारी हो चुका है
01:14Brix Amazglare के पहले दिन जिस तस्वीर का बे सबरी से इन्तजार था वो था चीन के राश्टरपती शी जिनपंग
01:21का फ्रदान मंतरी मोदीस के साथ मिलना
01:24जी हाँ वो लमा भी आया जब पिये मोदी ने बेहत गर्ग जोशी के साथ प्रिक्स के मंच पर शी
01:30जिन पिंग का स्वागत भी किया
01:32और शाम पौने छे बजे दुनिया के इन दो दिगज और शक्तिशाली निताओं की महा मुलाकात भी होने वाली है
01:38लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल भी यही है कि क्या इस पहम मुलाकात में दोनों देशों के बीच विवादों की
01:45जो लंबी फैरिस्ट है उन पर भी क्या बात बनेगी क्या ये रिष्टों में जमा बर्फ पिघल पाएगा
01:52बारत और चीन के बीच जो सबसे बड़ा विवाद है वो सीमा का विवाद है
01:58लेकिन इस बीच एक बड़ी खबर ब्रिक्स साजा गोशना पत्र में पहल गाम हमले की नींदा की गई है
02:04ब्रिक्स का साजा गोशना पत्र जो जारी किया गया उसमें कहा गया है कि हर तरह के आतंकवाद की हम
02:10कड़ी निंदा करते हैं
02:12और उसके साथ साथ आतंकियों की फंडिंग पर भी सक्त कारवाई की मांग की गई है
02:19पहलगाम के आतंकवादी हमले के बाद ब्रिक्स का ये पहला साजा गोशना पत्र जारी किया गया है
02:24और उसमें पहलगाम हमले के निंदा और साथ साथ आतंकियों के सुरक्षिक ठेकानों पर कारवाई की अपील भी की गई
02:31है
02:31याने एक तरीके से आतंकी गतिविद्यों पर ब्रिक्स के सभी राश्ट्र समूह एक तरीके से आमादा है कि ये आतंकवाद
02:40खतम होना चाहिए
02:41गोश्टा पत्र में हर तरह के आतंकवाद की भी कड़ी निंदा की गई है
02:48आतंक को राश्ट्रिता से जोडने को भी के बारे में भी कहा गया है प्रणे उपादिया इस वक्त हमारे साथ
02:53जोड़ रहे हैं कितनी बड़ी बात है
02:55funding को लेकर का गया है जो आतंकी ठिकाने है उस बात का भी जिक्र उसमें किया गया है कि
03:00उसे खतम कर देना चाहिए
03:02और उसके साथ-साथ पहल गाम हम लोग की निंदा जो आतंकी घटना है पहल गाम के भीतर हुई
03:10लेकरां नातंकी ठाधा अज d Brown कि बाहत घराल है और आठी के उसे लीए करता है
03:20क्यूँकि कि किसी भी योजना की कामयाभी इस भात पर निरपर करती है कि वो कितने
03:24कई सुरक्शत वाटारन के अंदर कितने सुरक्शत माहोल के अंदर आगे बढ़ सकती है
03:27चाहे आप connectivity की बात करें, चाहे आप व्यापार की बात करें, आर्थिक साजेदारी की बात करते हैं, ये सारी
03:32योजनाएं कागज के उपर बन सकती हैं, लेकिन जब जमीन पर उतरती हैं, तो उनको एक सुरक्षित माहौल चाहिए, और
03:37आतंकवाद ना केवल सुरक्षा के लिए
03:39बहुत बड़ी चुनाथी है, बलकि युमानिटी के अगेंस्ट क्राइम है, क्योंकि वो युमानिटी के पोटेंशल को रियलाइज नहीं होने देता,
03:44और यही वज़ा है कि भारत ने हमेशा हर मंच के उपर आतंकवाद के नकेवल सुरक्षा को उठाया है, बलकि
03:492016 की गोव
04:05पत्र जिसे डिली डिक्लिरेशन कहा जा रहा है, उसका पॉइंट टंबर 37 साफ तौर पर इस बात का उलेक करता
04:10है, कि आतंकवाद चाहे जिस स्वरूप में हो, जाहे जिस स्वरूप में हो, उसके खलाब एक सुर के अंदर कारवाई
04:15होनी चाहिए, उस पर किसी तरीके का दो
04:17हराव नहीं होना चाहिए, या दो स्वरूप नहीं उसके होने चाहिए, उसके उपर किसी तरीके का डिस्क्रिमिनेशन नहीं होना चाहिए,
04:22और आतंक की पनाहगा से लेकर आतंक की फंडिंग पर सختी से कारवाई और नकैल कसनी की जरूरत है, प्रड़ा
04:29एक और बात, इस प�
04:44भूमिका को लेकर भारत को थोड़ा संदे भी था, पाकिस्तान को क्या चीन मदद कर रहा है, इस बात को
04:50लेकर भी कहीं न कहीं विवाद पैदा हो सकता था, लेकिन उसके बावजूद पैलगाम हमलों का जिक्र करना, ऑपरेशन सिंदूर
04:56में जिस तरीके से आतंक की हमलों प
04:58पर आतंक की ठिकान उपर हमले किएगे, किसी ना किसी तरीके से उसका भी जिक्र है, कि आतंक की ठिकाने
05:04तैस होने चाहिए, ये बात भी काफी जरूरी है और एहम है, इस बात को कैसे देखा जाए?
05:11बिलकुल बहुत महत्पुड़ बिंदू है ये, और इन फाक्ट ऑपरेशन सिदूर के बाद, उस पूरे घटना करम के बाद, चीन
05:17के राक्षपती पहली बार भारत की जमीन पर हैं, इन फाक्ट जो रक्षा मंतराले की ब्रीफिंग्स थी उसमें तो साफ
05:22तोर पर इस चीज
05:26आदिकारियों के बायान भी थे कि हमारे पास इस बात के संकेद भी हैं, सबूत भी हैं, चीन की तरफ
05:30से मदद की गई, और इन फाक्ट हक्ट 9A, HQ16 ये तारे वो एर डिफेंस सिस्टम से, जो की चीनी
05:37एर डिफेंस सिस्टम हैं, जिनका इस्तमाल किया गया था, इस पूरे �
05:41मैं थोड़ा सा आपको रुखना जाऊँगा, ये ग्रुप फोटोग्राफ की तस्वीर इस वक्त हम यहां पर दिखा रहा है, ग्रुप
05:47फोटोग्राफ लिया जा रहा है, जो ब्रिक्स के 11 देश इस समिट में उपस्तित है, उन सभी के राश्टर प्रमुख
05:55या जो उनके प
06:11कि यहां पर तीन राश्टर रशिया, चाइना और भारत के प्रमुख एक साथ एक मंच पर दिखाई दे रहे हैं,
06:20लेकिन उसके साथ साथ साथ सौधी अरेबिया और एरान के प्रमुख भी या यूएई के प्रमुख भी इस समिट में
06:28शामिट में शामिल हुए हैं, तो ये �
06:30बहुत बड़ी बात है, प्रने जरा इसके बारे में बताईएगा कि ये क्या माईने रखता है, ग्यारा राश्टर प्रमुख एक
06:35साथ यहां पर दिखाई दे रहे हैं, ये सीधे तोर पर बताता है कि किस तरीके से आर्थिक सहयोग को
06:42लेकर हर कोई साथ आना चाहता है, और �
06:45ये देखे, ये ब्रक्षा रोपण की जो तस्वीरें आप स्क्रीन पर दिखा रहे हैं, इसके भी अपने एक अलग माईने
06:50हैं, क्योंकि वो हम जो बातें इस गोश्ना पत्र के अंदर, चाहे वो पर्यावरण की चिंताएं हैं, उनको लेकर की
06:55गई हो, चाहे प्रगती की चि
07:01शायद हमेशा याद रखा जाएगा कि 2026 के अंदर जो शेकर बैठा होई थी, उसमें संकल्प क्या जताए गए थे,
07:06वो कादज में हैं, लेकिन ये पेड की तरहा ही सहयोग बढ़ता रहे, उसकी शाखाएं बढ़ती रहें, और उसमें नए
07:12पत्ते जो हैं, वो पलवित होते
07:15रहें, उसमें अच्छे फल आएं, जिनका लाब दूसरे ले सकें, यही संकल्पोता है किसी भी समू का, और यहां पर
07:20ये नेता प्रतिकात्मत तोर पर वही करते हुए नजर आ रहे हैं, यह गुरुप शारोपन का कारेक्रम हैं, जो प्रणाय
07:25जिसका जिक्र यहां पर कर रह
07:44अभी अहमत वहाँ पर है, प्रधान मंतरी मोदी भी आप देख सकते हैं, इंडोनेशिया से सुभियान तो, जो प्रेसिडेंट हैं
07:51इंडोनेशिया के, इरान के मसूद पेजिशकियान, रशिया से व्लादिबिर पुतिन, साओधी अरिपया के किंग सल्मान बिन अब्दुल
07:58अल-सौद, जो क्राउन प्रिंस हैं, मुहमत बिन सल्मान, वो यहाँ पर जो डेलिगेशन हैं, उसको लीड कर रहे हैं,
08:06दक्षिन आफरीका के राश्टरपती सेदिल रामा फोसा, और यूएई के शेक मुहमत बिन जायद अल-नहयान, वो भी इस यहाँ
08:15पर आप देख सकते ह
08:16कारेकरम यहाँ पर किया गया है, एक और बड़ी बात जाने से पहले, क्योंकि इन तस्वीरों के बाद, पाच बच
08:22के पैतालीस मिनिट पर, प्रधान मंतरी मोदी और शी जिन पिंग की विपक्षिय वारता होगी, पहली बाइलेटरल भारत की जमीन
08:30पर, शी जिन पिंग सा�
08:42में दिखाई देते हैं, प्रधान मंतरी बीच में एक तरफ व्लादिमिर पुतिन और शी जिन पिंग, दूसरी तरफ, प्रणय, जी,
08:57सवाहिल अपना सवाल दो रहाएगा, कनेक्टिविटी की थोड़ी सी यहाँ पर जामेर्स के कारण दिक्कत है, जी, प्रणय, सवाल यह
09:04
09:04कि इस कारेकरम के बाद में, यह ग्रूप फोटो और जो रिक्षार ओपन यहाँ पर हो रहा है, उसके बाद
09:09बड़ा कारेकरम यह होने वाला है कि प्रधान मंतरी बोदी और शी जिन पिंग की वीपक्षिय वारता होगी, बाइलैटरल होगा,
09:16और साथ-साथ के बाद शी जिन
09:34जिन पिंग की वारता है, जिसके बारे में कहा जाता है, यह बड़ी डिफिकल्ट सिचुवेशनशिप है दोनों देशों के रिष्टों
09:43की और साथ ही रिष्टा एक ऐसा है, जिसका हादसों का अपना एतिहास रहा है, उन्यस सो बासट से लेकर
09:48अगर आप अभी तक देखें
09:49तो इस रिष्टे के अंदर बहुत सारे सवाल रहे हैं, कितना दोस्ती करें, कितना साथ जिबा सकते हैं और कितनी
09:55बार तकरास से हैं, इसकी आशनक परकरार है, लेकिन फिर दोनों नेताओं के बीच जो पिछ्ट मुलाकात महाबली पुरम में
10:01अक्टूबर 2019 में हुई थी, �
10:03उसमें एक बड़ी रोचक बाची, प्रधान मेंतरी मोधी और राश्पती शी के बीच में हुई थी, जिसमें दोनों ने इस
10:07बात को लेकर चर्चा की थी, कि जो सीमा विवाद है, वो आपको भी विरासत में मिला है, मुझे भी
10:12विरासत में मिला है, लेकिन हमारी कोशिश य
10:32मिला में गलवान के हादसे के बाद, या जब गलवान में जो हुआ, भारत और चीन के बीच में जो
10:38विवाद पैदा हुआ, उसके बाद बहुत सारी घटनाए हो चुके, और आज की स्थिती में, जिस तरीके से आज ब्रिक्स
10:44में पहला जो समिट हुआ है, उसमें जो सेशन ह
10:48हुआ है, उसमें भी ये कहा गया है कि मल्टी लेटरलिजम और इंक्लूजिव ग्लोबल गवर्ननस कहीं न कहीं टैरिफ का
10:53भी जिक्र किया गया है साजा गोशना पत्र में, कि जिस तरीके से टैरिफ लगाए जाते हैं, तो चिंता अब
10:58कुछ और होती जा रही है, विश्व क
11:00चिंता एक तरीके से अलग तरीके से भी देखी जा रही है, प्रने, बहुत-बहुत शुक्री आप हमारे साथ जुड़ेते
11:04हैं इसके लिए, चर्चा शुरू करेंगे, क्योंकि एक बहुत एहम बात है कि आज की स्तिती में, जिसका मैंने जिक्र
11:10किया कि साथ साल बाद शी ज
11:23चिंता पाल्टी के प्रवक्ता जुड़ रहे हैं, सुशांत सरीन, सीनियर फेलो है, ORF के स्ट्रेजिक अफ़ेर्स एक्सपर्ट है, वो भी
11:29इस चर्चा में शामिल हो रहे हैं, अशुक संचनहार, पूरव डिप्लोमाट, प्रसून शर्मा, डिरेक्टर है, इंडिया ग्लो�
11:48करना चाहूंगा, क्योंकि इस कारेक्रम की शुरुआ, दरसल 5.45 को जो मीटिंग होने वाली है, उस बात को लेकर
11:53हमें बातचीत करनी है, लेकिन पहल गाम का जिक्र, उसके साथ साथ जो यूनिलैटरल टारिफ्स लगाए गया है, उसका भी
12:00जिक्र, यानि प्रायरिटीज कही
12:18बदल ही रही है, दुनिया भर के समीकरन बदल रहे हैं, दुनिया में ऐसा उधल पुतल है कि अब आप
12:24एक एक नया तरह का समन्वए बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वो तो मेरे ख्याल हमारे सामने है, दूसरी
12:32चीज यह कि आतंकबात के उपर जो पार्ट आया है इस स्टेट
12:39स्टेटमेंट में, वो ठीक है स्वागत करना जाए है, लेकिन साहिल अरिटिमेटली प्रॉब्लम यह होती है कि डेकलरेशन में तो
12:47सब कुछ आ जाता है, लेकिन जब आतंकी घटना होती है, कितने लोग आपके साथ खड़े होते हैं, या कितने
12:55लोग उसके उपर एक्ट करत
13:08हैं, लेकिन जो आतंकी देश होते हैं पाकिस्तान जैसे, उनके खिलाफ जो बाकी देश होते हैं, बेशक उन्होंने हस्ताक्षर कर
13:17दी हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई आक्शन तो लेते नहीं है, तो ठीक है, उसको एक संधर में अगर आपने
13:25तो उसका स्वागत करना चाहि
13:36हमारे लोग ही उसके खिलाफ लड़ेंगे उसके खिलाफ जो भी कदम उठाने हमी को उठाने पड़ेंगे दुनिया ठीक है लफजी
13:43बाते कर देगी लेकिन उसके जादा कुछ होगा नहीं जो दूसरा आपका सवाल था यूनिलाटरल टैरिफ्स वाला वो मेरे ख्याल
13:51वो तो �
13:51विश्व अर्थवेवस्था के अंदर जो एक तरीके की डिस्रप्ट या जिस तरीके का काम शुरू किया है अमरीका ने और
13:59वो सिरफ ब्रिक्स देशों को नहीं एफेक्ट करता है वो तो यॉर्प को भी एफेक्ट करता है वो तमाम दुनिया
14:05को एफेक्ट कर रहा है और सार
14:20पर भी जो भी फोरम्स होते हैं उसमें इस की चीज की बात होती है कि भई आप इस तरीके
14:25से सैंक्शन्स ए यूनिलैटरल टैरिफ्स या जो डब्लू टीओ वाला जो एक सिस्टम बनाया गया था जिसके तहट दुनिया भर
14:34का जो विश्वक का जो व्यपार था संचालित होता �
14:37उसको तो आपने तहस नहस कर दिया है तो तो बिलकुल इनफेक्टिव हो गया है अब लास्ट हमने कफ बात
14:43सुनी है डबलू टीओ की जिसके तहट जिसने कानून मनाये थे और सारे के सारे जो पैरामीटर्स थे उनके हिसाब
14:50से सारी विश्वकी अर्थवश्वश्था चलत
15:07कही न कहीं बात इस बात की हो रही है कि इंक्लूजिव ग्लोबल गवर्ननस की बात करने की कोशिश हो
15:12रही है अमेरिका जो एक तरीके से पूरी दुनिया को चलाने का ठेका लेने की बात कर रहे हैं उस
15:18बात को लेकर यह बहुत दिल्चस बात होगी लेकिन बड़ी दिल्चस
15:22बहुत ज़ादा उसाहित नहीं पहल काम के जिकर को लेकर आप
15:38पहले देखा हुए ना कितनी वारी सोlet की चीजों भी त Celtic गतना होती हैं जब पहल
15:48आपका पुल्वामा हुआ था उस समय भी तो बहुत सारे इस तरीके के स्टेटमेंट्स थी ना जो आतंकवाद की भचना
15:57करती थी या आतंकवाद के खिलाफ एक अजम बुलंद करती थी लेकिन जब आतंकी घटना होती है और आप उसके
16:05खिलाफ दुनिया से बात करते हैं कि भ
16:18लें तो इसका स्वागत करना चाहिए लेकिन यह नहीं समझना चाहिए कि भाई इससे कोई बहुत फरक पड़ेगा आतंकियों की
16:27फंडिंग पर सक्त कारवाई की बाद भी इस साजा गोशना पत्र में की गई है प्रदी भंडारी दूसरी एक एहम
16:33बात इसमें की गई है कि आ
16:48होगा तब भारत को अपने अकेले तरीके से ही उसको जूजना है और उससे लड़ना है
16:56दीगे साहिल जी सबसे पहले तो मैं कहना चाहता हूं कि आज विश्व में इस थापित हो गया है कि
17:01भारत एक ग्लोबल कंसेंस बिल्डर है
17:03जी ट्वेंटी में भी 2023 के अंदर वरिंग फ्रैक्शन थे और एक फ्रैक्चरड वर्ल्ड था जिसमें सबको साथ में आने
17:10का काम भारत ने किया था
17:11और आज ब्रिक्स पे भी जो डेली डेक्लरेशन पास हुआ है जिसके अंदर इरान हो गया, साउदी अरेबिया हो गया
17:17या मान लीजे यूवे ही हो गया
17:18इन सबको साथ में लाना और एक डेली डेक्लरेशन पास करना है इस पश्च करता है कि इंडिया इस ऑन
17:23दे साइट पीस और जब वर्ल्ड एक फ्रैक्चरड है इंडिया ही एक ग्लोबल कंसेंस बिल्ड कर सकता है
17:28जो मुख्य बात यहां पर जो पहलगा मातंकवादी हमला है इसमें जो डेक्लरेशन की मैं वर्डिंग्स पढ़ना चाहूंगा
17:34विच इस पॉइंट नमबर फटी ऑन पेज नमबर त्वेल जो यह कहता है कि
17:46इसके साथ में कोई रिलिजिन नैशनलिटी उसको बैक नहीं कर सकती
17:50तो राइट तो डिफेंड तो हिंदुस्तान का ही होगा
17:52परंतु यह उपरेशन सिंदूर में जो भारत ने काकिस्तान के अंदर घर के घुसके मारा
17:57जिसमें 190 में से सिर्फ तीन कंट्रीज ने पाकिस्तान को उपनली बैक किया था
18:01यह सपश्ट करता है कि इंडिया के राइट तो सेल्ट डिफेंड को
18:04ब्रिक्स ने अज़ने अज़ने अज़ने अज़ने अज़ने बाडी स्वीका रहा है
18:22साहिल जी जो मल्टिलैटरलिजम की बात है भारत यह सपश्ट कर रहा है कि आज भारत
18:26भले वो कौड हो गया भले वो ब्रिक्स हो गया भले वो जी ट्वेंटी हो गया
18:30भारत हर डिप्लोमाटिक टेबल पे बैटेगा और किसी के ना दबाव या प्रभाव में आएगा
18:35और अपने नाशनल इंटरेस्ट को आगे ले जाने के लिए वो किसी भी मल्टिलैटरल फोरम के साथ में जुड़ सकता
18:40है
18:40इसलिए UNSC के अंदर रीफॉर्म की बात जो है भारत जो कर रहा है वो महत्वपूर है
18:45एक छोटी सी बात और अपनी कहूंगा अपनी बात करने के पहले यह तस्वीर देखिए यह बहुत ही डिफाइनिंग तस्वीर
18:50है
18:50भारत में ग्लोबल कंसेंसस भी हो सकता है और ग्लोबल जो है मीडियेशन भी हो सकता है
18:56क्योंकि इरान और यूए ही दोनों वेरिंग फैक्शन से स्टेट अफ़र्मूस पे और दोनों के डेलिगेशन ब्रिक्स के साइड लाइन
19:03पे बात कर रहे है
19:06इंडिया इस अलसो दा संगम वेर पीपल आ ट्राइंग तो फाइंड सलूशन
19:09तो मेरे हिसाब से ये 50% of GDP, 50% of population, 30% of GDP के साथ में
19:16आना
19:16न्यू डेली डेक्लरेशन पे इंडिया as a global leading power को सपष्ट करता है
19:21Right to self-defense तो हमारे ही रहेगा से इसे सुशानते का है और हमें उमीद भी किसी से नहीं
19:25करनी चाहिए
19:27प्रदी भंडारी ने एक बड़ी दिल्चस बात यहां पर रखी है
19:30Quad को लेकर और यहीं पर दरसल मुझे प्रसून शर्मा को लेकर आना है
19:34क्योंकि जब Quad की बात होती है तो चाइना के खिलाफ कोई platform तयार हो रहा है
19:39उसकी बात की जाती है global platform की जिस पे चार देश दिखाई देते हैं
19:42और Quad का इस्तमाल तब होता है जब खास करके भारत और चीन के रिष्टे खराब होते हैं
19:47और चीन के रिष्टों पर सवाल कड़े होते हैं अमेरिका और चीन के बीच में कोई जगड़ा होता है
19:51लेकिन ब्रिक्स की बात जब हो रही है तब चीन और रशिया इसे एक तरीके से अमेरिका के खिलाफ कोई
19:58एक साज़ा platform की तरह देखा जा रहा है
20:01लेकिन भारत Quad का भी हिस्सा है ब्रिक्स का भी हिस्सा है
20:04तो आज की स्थिती में प्रायरिटी किस तरीके से देखी जाए और खास करके तब जिसका मैं जिक्र हमेशा से
20:09कर रहा हूँ
20:10कि जब शी जिन पिंग और प्रधान मंतरी मोदी अब थोड़ी दर में bilateral मुलाकात करने वाले या बातचीत होगी
20:16उनके साथ
20:21भारत की उपस्तिती की वज़े से ही और इस कारण वर्ष वेस्टन वर्ल्ड भी अशोर है कि यह एंटी वेस्ट
20:26अलाइनमेंट की तरफ नहीं जाएगा
20:28तो भारत की धरती से और भारत के प्लैटफॉर्म से किसी एंटी एजेंडा को प्रोचसान बिल्कुल नहीं मिलेगा
20:35भारत ग्रोथ और पॉजिटेव और पीस के एजेंडे पर काम कर रहा है
20:39keeping अपनी priorities on top especially जो bilateral issues हैं चाइना के साथ
20:45बॉर्डर और terrorism सबसे पहला है तो भारत नहीं यह क्लियर कर दिया है और कोई भी
20:51negative aspect भारत कभी भी यहां से अलाव नहीं करेगा चार्टर अलड़ी साइन हो गया है उसमें
20:57क्लियरली भारत ने ट्रांस्परेंटली जो मुद्दे उठाने थे वह उठा दिया है
21:01multilateral forum, reform related क्योंकि आने वाले समय में UN की General Assembly है और कुछ UN के important sessions
21:10भी है
21:11including AI और global governance पर तो भारत के प्रदानमत्री ने वो सारे जो मैठपून आने वाले जो
21:18meetings है उसके लिए भी clear संदेश दे दिया है ना सिरफ भारत की तरफ से पूरे global south की
21:24तरफ से और भारत की यह बहुत
21:27अबड़ी जीत है कि यह declaration में भी यह सारे points आए हैं तो यह पूरे multilateral
21:34forums को एक clear message दिया गया है पूरे global south की तरफ से जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है
21:40कि अब
21:41reform की जरूत है अब एक या दो लोग पूरे world का order decide नहीं कर सकते और सिरफ यही
21:49forum नहीं है भारत ने अपने action से भी अपने जो स्थिती उसको मजबूत किया है जब हमें तेल की
21:57जरूत पड़ी है अपने 140
21:58करोड बारतियों के लिए तो हमने रशिया से सयोग किया जब हमें अपने farmers की डबल करनी है तो हमने
22:0440 FTS
22:05भी किये जब हमें अपने टूरिस्ट के पैसे बचाने तो हमने UPI से एफिल टावर के टिकेट्स भी दिलवाई और
22:11इसको और श्रेंथन किया भारतिये प्रदान
22:14संतरी ने जब BRICS Innovation Fund और BRICS Startup Incubator Network के बारे में बोला गया
22:21Including Finance तो मुझे लगता है कि चीन और भारत में Innovation Finance पे कुछ साज़दारी होगी क्योंकि BRICS Bank
22:31के दूरू
22:31Already 42 Billion Finance हो चुका है developmental projects में ground realities में यह बात सही है कि व्यापार और
22:40निवेश को
22:40लेकर भारत के तरफ से भी कुछ कदम उठाना शुरू हो चुका है जैसे मन्जूरियां fast track मिल सके जो
22:46निवेश के नियम है वो थोड़े से
22:47सरल करने के आसान बनाने की कोशिश चल रही है थोड़े से उसमें भी रियायत देने की कोशिश भारत के
22:52तरफ से चल रही है
22:53लेकिन जिसे कहते है न बोन अफ कंटेंशन सबसे बड़ा बोन अफ कंटेंशन अभी भी डोकलाम LSE है वहाँ पर
22:59अभी भी बड़े संख्या में सेना की तैनाती है
23:01तो क्या जब तक वो आसान नहीं होता तब तक इस रास्ते पर आगे बढ़ना मुश्किल होगा क्या प्रसून जी
23:08क्योंकि समवाद आप बढ़ा लेंगे कूट नितिक बाचीत आपकी शुरू हो जाएगी एक अपचारिक बाचीत एक तरीके से शुरू हो
23:16जाएगी
23:27तो जब तक सीमा पर सेना खड़ी है बड़ी संख्या में तब तक व्यापार की आसा नहीं हो पाएगी क्या
23:34चीन और भारत के बीच में या अब उसका पूरा कॉंटेक्स बदल गया और उसके बाद अशुक जी के पाद
23:39चले हैं इसी सवाल को लेकर यह बिलकुल नहीं हो पा
23:57हैं वो अपने सी सी पी के बहुत महत्पून पॉलिटिकल लीडर्शिप को भी लाएं चाई शी को जो की सी
24:03सी पी के चीफ ऑफ स्टाफ माने जाते हैं तो यह चीन को पूरी तरह से भारत ने ग्राउंड पे
24:10अक्शन पे और वर्ट से बता दिया गया कि भारत की प्राइटी �
24:14पे पीस होना जरूरी है उसके बाद ही कोई बात बिजनस या टेक्नोलिजी के रिलेटेट बात हो पाएगी
24:24लेकिन अशोक सर्जनजार जी इसका मैंने जिक्र किया कि क्योंकि पिछले कुछ दिनों से हम देख रहे हैं कि आर्थिक
24:29और व्यापार के लिए भारत में चीन का निवेश बढ़े इसके लिए कोशिश शुरू हो चुकी एक तरीके से
24:36तो जो सीमा पर हो रहा है वो होता रहेगा क्योंकि सीमा का जो विवद है वो तो ब्रेटिशों के
24:41वज़े से हो रहा है चीन और भारत के बीच में वो तो बारत और चीन ने तो एक-दूसरे
24:45के साथ पैदा किया हुआ थो विवाद है नहीं
24:48तो आज की सिटी में जब दुनिया आगे बढ़ रही है ऐसे में चीन और भारत को कम से कम
24:53व्यापारी रिष्टे सुधार ने चाहिए उसके तहद भी काम होगा क्या
24:56या जिस तरीके से प्रसुन जी कह रहे हैं कि कैलिबरेटेड मूव है जादा आगे बढ़ेंगे ऐसा लगता नहीं है
25:02यानि बर्फ पूरी तरीके से नहीं पिगलेगा जमा रहेगा थोड़ा बहुत रिष्टों में
25:07जी नहीं देखे बर्फ तो जमा है और जमा रहेगा और देखे मुझे लगता है जो ये चीन का जो
25:14नेरेटिव है जो ये तो हमारा लेगिसी है हिस्टारिकल लेगिसी है ब्रिटिश का दिया हुआ है हम तो कुछ नहीं
25:21कर सकते हैं आप भी कुछ नहीं कर सकते हैं मेरे ख्या
25:37चेंच करें मैपस से बात कर देने के लिए राजी ही नहीं है। तो इसा तो यह अई होता
25:45है जो कभी आप ने जो मैकमाहन लाइन को है क् स्केत्र में आपने उसको
25:49अग्री कर लिया है," दूसरे शेयर में आप हमारे साथ अग्री
26:04नहीं सकता है और फिर क्योंकि ब्रिटिशन ने किया हुआ है तो हम तो ये समझते हैं ये हमारी
26:09territory है हम तो इसके अंदर जाएंगे incursion करेंगे तो आप देखे कितने
26:13पिछले सालों में हुआ है दो हजार तेरा में जब उनके प्रधानमंत्री आए तब
26:18वो हुआ दो हजार 14 में जब शीजिन पिंगा है तब इनकर्शन हुआ 2017 में
26:23क्या हुआ हुआ 2030 में क्या हुआ तो ये सब मेरे ख्याब से narrative
26:28बनाने की बात है उसमें नहीं होना चाहिए हमने तो जब यह अब 8
26:47भज़ेद नहीं हैं वहां पर हम यह मैपस एक्सचेंज करें वहां पर इसको हम लाइन ओफ अशवल कंट्रोल नहीं इसको
26:58इंटरनेशनल बौडर बनाएं
26:59line of control بنائیں
27:01कुछ बनाए
27:02जिससे की इसमें ज्यादा certainty हो
27:04ज्यादा predictability हो
27:06यह नहीं हो जो वो कभी भी आकर
27:08कहीं भी आकर वो करें
27:09जो साब हमारा तो understanding यह है
27:11जो यह हमारा territory है
27:12जैसे line of actual control का तो
27:15यही मतलब है actual control में वो उसमें है
27:17वो कभी भी उसमें आजाते हैं
27:20तो मैं समझता हूँ जो ये शब्दों से खेल का है उनका और हमको जहासे में नहीं आना चाहिए हमको
27:27इसी क्यूपर
27:29ने लेकि नशुक जी, दूसरी तरफ हम देख रहे हैं कि भारत इस तरफ देख रहा है यान braid अजने
27:33भारत लूगिंग इस्ट देख रहा है
27:35एक तरीके से पूरवकी तरफ देख रहा है कि भारत में निवेश करने के लिए चीनी कमपनियां भारत में निवेश
27:40करें इसके लिए लोकलाम के बाद हमने देखा कि भारत का रुख पूरा पूरी तरीके से बदल गया था चीनी
27:46निवेश को लेकर लेकर लेकिन आज की स्थित
28:04रसला होगा कि चीन पर कितना भरोसा करना है चीन के साथ कितनी बाचीट करनी है लेकिन पहले आशुक जी
28:09आप जवाब देजे उसके बाद प्रदीप के पास चलेंगे देखे भरोसा मेरे विचार से बहुत ही बड़ा शब्द है ट्रस्ट
28:17ट्रस्ट तो बिल्कुल नहीं है ट्
28:31अगर रिकॉर्ड उठाकर देखेंगे पिछले सालों में आपके भारत से पिचासी प्रतिश्ट जो बिजनिसमेन वहां जाना चाहते हैं उनके वीजा
28:39ठुकरा दिये गए हैं उनके वीजा रिजेट कर दिये गए है जब वांगी यहां पर आय थे पिछली बारी इसार
28:45की मी�
28:47के लिए तब यह निर्णे हुआ था जो साब वो हमको टनल बोरिंग मशीन चाहिए हमको फर्टलाइजर चाहिए हमको यूरिया
28:55चाहिए जो कि पहले आता था चीन से आता था फिर रोक दिया गया था और हमको यह कृटिकल रेर
29:02अर्थ मिनरल्स चाहिए अपने लिए वो भी �
29:05आते थे तो उन्होंने का था मैं वापस जाकर इसको देखूंगा इसके बारे में मैं देखूंगा इसके बारे में मैं
29:12काम करूंगा अभी तक जीरो परसेंट जीरो टन आया है यूरिया अभी तक टनल बोरिंग मशीन के ओपर कुछ प्रोग्रेस
29:20नहीं है तो देखिए जो �
29:21आप कहते हैं न भरोसा करना चाहिए तो भरोसा तो बिल्कुल भी नहीं हो सकता है और इसलिए हमको ये
29:28बंडरी
29:31करिब करिब यही बात विपक्ष आप पर सवाल उठा सकता है और इसलिए चीन के साथ जब भी आप बील
29:37कर रहे हैं तब ये पॉलिटिकल रिस्क भी हो जाता है कई बार हमारे दोनों पडोसियों के साथ में खास
29:43करके चीन के साथ में ये पॉलिटिकल गैंबल भी हो सकता है �
29:46तरीके से क्या उसकी तैयारी है सरकार की और उसके बाद मुझे दरसल अधनान रिजवी जी के पास भी जाना
29:53है क्योंकि बड़ी बात इस पूरे ब्रिक्स समिट के बीच में ये भी रही है जिसका जिकर प्रदीब बंडारी कर
29:58रहे थे कि इरान के राश्टरपती और उसके सा�
30:16जाजा घुष्टा पत्र में इरान युद को लेकर जो कहा गया उससे उस पर उनसे बादशीत करेंगे लेकिन पहले प्रदीब
30:25बड़्डारी जो मैंने सवाल पूछा
30:26उसी स्रैटेडिजिक औरनोमी के साथ में वो अर्श्या के साथ में ढ़्राटियम के साथ में बीए करता है और ऽैसरे
30:32नाशनल इंट्रेस अगर उसको किसी भी कंट्री बले चाइन हो गया उसके साथ
30:57को फरक दे सकता है इसका यह मतलब नहीं है कि जो लॉंस्टेंडिंग इशूज उस पे भारत का रूख अलग
31:02हो गया है उसको आमको मिक्स नहीं करके देखना है पर हां हमेशा हर चीज का एक लैडर के अंदर
31:09ट्रेड ओफ रहता है हम अपने नैशनल सेक्यूरिटी से कभी ट्र
31:16सब्सक्राइब कर देखेंगे चाइना के साथ में अपने राश्ट्री को आगे रखने के लिए किसी भी हद तक भारत गया
31:20है और उसमें उसमें कोई इफ और बट की पॉलसी नहीं रखी एंबीविलेंट नहीं रहा है भारत बिदिधाइसिव बट साथ
31:28में यह भी एक्स्प
31:40पर देखेंगे चाइना के साथ में किन शेत्रों के अंदर साथ में आ सकते हैं जिससे हमारी इंडस्ट्री को फैदा
31:46हो इसका यह मतलम नहीं कि बॉर्डर पे जो हमारे जो जवान पर बारत बानाम चीनी पूर्जों की मजबूरी यह
31:56एक लड़ाई अभी भारत के भीतर चल �
32:13साहिल जी साहिल जी हम किसी के साथ कोई भी रिष्टे रखे हम अपनी आत्म निर्धरता को कॉम्प्रोमाईज नहीं करेंगे
32:21मतलब कि माल लीजागा मेरी एक डिपेंडेंसी इंपोर्ट पे किसी एक कंट्री पर आज 10 परसंटेज है मैं उसको 5
32:28परसंटेज कम करूंगा और �
32:29जो मैं equationship, relationship establish करूंगा उस deficit को कम करने के प्रती करूंगा मैं किसी भी country के साथ
32:35अगर रिष्टा establish करूंगा मैं उसमें अपने भारत का फायदा देखूंगा और भारत का जो फायदा होगा उसको मैं आगे
32:40लोके जाओंगा बहले वो चाइना हो गया, अमरीका हो गया, रश्य
33:11कोई भी country हो गई
33:13भारत की जमीन पर डुकलाम के में जो भारत और चीन के बीच पे जो संगर्श हुआ, उसके बाद विपक्षिय
33:19चर्चा इससे पहले भी एक बार दोनों की मुलाकात हो चुकी है, लेकिन भारत की जमीन पर शी जिन पिंग
33:26पहली बार आ रहे है, साथ साल के बार, और इसलिए
33:43पीच पे सबसे बड़ा विवाद, खास करके सीमा का विवाद है, और इसके अलावा राजनितिक सववाद है, व्यापार, निवेश, व्यापारिक
33:49घाटा, सभी चीजों को लेकर बाचीत होगी, लेकिन एक बड़ी बात, अधनांद रिजवी भी हमारे साथ पे जुड़े ह
33:54है, इरान को लेकर बात हो रही थी, ब्रिक्स समिट में सबसे ज़्यादा जो आउटकम माना जा रहा था वो
34:00इरान युद को लेकर ब्रिक्स की भूमी का क्या रहेगी, इस बात को लेकर भी बाचीत हो रही थी, क्या
34:04आप संतुष्ट है, जो साजा गोशना पत्र बनाय गया �
34:09जसमें एरान के युद का दिकर जिस तरीके से किया है
34:13ट्रीजिए बहुत शुक्रिया साहल जी आपका आगे ताजा बयान जो
34:19बिरिक्स में है तब से पहले तो ये हम जान लें
34:22बिरिक्स जो है एक ऐसा प्लेटप्पॉर्म इस वक्त हमारे पास है
34:26और सामने आया है कि जो मल्टी प्लोलर दुनिया की शुरुवास हम को दिख रही है कि हम शुरुवास कर
34:31रहे हैं
34:31कि जहां पर हम वेस्टरन सामराजवाद के खिलाफ पर किसी ताकत उबहरे जहां पर एक हुकुमत एक ताकत नहीं होगी
34:38और ये बयान जो आज साजा आया है जिसकी शुरुवास मोडी जी ने यूँ कहा जाए कि एस्टियो की सम्मिट
34:43जो बिच केक में हुई थी वहाँ पर कर दी थी
34:46कि वहाँ पर जो साजा बयान दिया गया तो बाकादा आकर एरान पर होने वाले हमले की मजब्मत होती है
34:51और इसी के साथ साथ आकर कॉर्णोर्स पेश के आता है तो वो उसी के साथ में है कि जिस
34:55तरह से हमारा हिंदुस्तान आतंक के खिलाफ खड़ा है चाहे वो पाकिस्तान में आतंक क्यो ना हो या इरान में
35:02आतंक हमले क्यो ना हो हमारा हिंदुस्तान ये बताना चाहरा है कि इस
35:21जब भी किसी दूसरे पर आतंकी हमला हो, हम उसके लिए बोलें और आज हम बोल रहे हैं
35:25इसलिए मेरा ये मानना है कि जो आज की जिंपिंग वगरा ये जो मुलकाते हो रही है
35:29मुम्किन है कि कल को जो है ये चाइना जाने के बाद फिर से पाकिस्तान को फंडिंग शुरू कर दें
35:34लेकिन अगर हम अपना स्टेंड के लियर रखेंगे और ताकत ख़ड़े रहेंगे
35:38तो ये गलोबल साउस में हिंदुस्तान एक ऐसी ताकत बनके उभरेगा
35:42कि जहां पर हम गलोबल साउस के हीरो भी रहेंगे और चाइना को मजबूर करेंगे
35:47कि वो पाकिस्तान की मदद के बजाए वो हमारे साथ कंदे से कंदा मिलाकर बराविद चले
35:51ना कि वो हमको जोका के चले वो हमें धोका न दे अगर धोका देगा
35:55तो फिर हम जो है इसके खिलाब भी कारवाई करने की हम्मत और ताकत रखते हैं
36:02स्मूद फ्लो आफ गलोबल ट्रेड की भी बात इस साजा गोश्टा पत्र में की गई
36:06और जो सबसे बड़ा असर चोक पॉइंट्स के वज़े से सेट आफ हमूस के वज़े से
36:10पूरे दुनिया को जेलना पड़ रहा है उसका भी जिकर कहीं ना कहीं किया गया
36:13और उसी लिए ये बड़ी बात होगी कि अगर इस बुद्धे को लेकर बातचीत होगी
36:17रात को आठ बजे आज तक पर इरान के राश्टरपती पेज़िश कियान का वर्ल्ड एक्स्क्लूजिव बातचीत उनके साथ होगी
36:26हमारी ग्रूप एडिटर ग्लोबल अफैर्स गीता मोहन के साथ जो बातचीत हुई है वो भी हम रात को आठ बजे
36:31दिखाएंगे
36:31लेकिन अब ग्यारा साड़े ग्यारा मिनिट के बाद प्रधान मंतरी मोदी और शी जिन पिंग की बातचीत होने वाली है
36:37बाइलाटरल बातचीत होगी
37:01है वो सिर्फ एक अपचारिकता के तहद नहीं होती आप ये तो बोल सकते हैं कि जो राश्रपती मुर्मू और
37:09जो इरानी राश्रपती थे वो एक अपचारिक तरीके की मीटिंग थी लेकिन जब एक हैड आफ गवर्मेंट मोदी जी जी
37:18जी जी जिजिंग बिंग जैसे आप
37:30नैशनल रिलेशन में कोई भरोसा नहीं होता कोई देश किसी दूसरे देश के ओपर भरोसा करके नहीं चलता में बताएं
37:36ना अभी तक हम क्या अमरीका के ओपर भरोसा करते हैं क्या अब कौन से देश के ओपर टोटली भरोसा
37:52कर सकते हैं रही जिस दिन उसकी जो उसके जो सम
37:59हैं वो बदल गए तो वो भरोसा तो धरा का धरा रह जाएगा ना तीसरी
38:05चीज यह कि अभी आपने एक सवाल उढ़ा है था कि चीन का और पाकिस्तान के
38:10जो रिष्टे हैं वो वापस आपको मूड़के बोल सकते हैं आपने भी तो
38:14सवाल तो पाकिस्तान के साथ हमारे विवाद हैं अमरीका हो गया बाकी
38:18देश हो गए और हम सिर्फ चीन को उस खड़ घर कुछ खड़ा करने हैं फिर साओधी
38:23अरेविया और इरान और बाकी देशों के भी पाकिस्तान के रास रिष्टे हैं रूस के
38:29भी हैं तो मिरकर हमको इस से थोड़ा सा आगे निकल करके देखना चाहिए हमको ये देखना चाहिए कि हमारा
38:34हिद कहां पर सर्व हो रहा है वहां पर मैं प्रदीब भंडारी की बात से बिल्कुल सहमत हूँ हमको अपना
38:39हिद देखना है ये तो जरूर इसना कुछ दूसरे दे�
38:46आडिजय के टानवी बनाते हैं कि जैसे हम बोल रहे थे कि हम इसराइल के साथ भी हमारे रक्षा सौधय
38:53होते हैं और एरान के साथ भी हमारा एक सामरे करिष्टा है तो वही चीज़ दूसरे देशों के ओपर भी
39:00लागव होती है ये तो नहीं कह सकते है ये हमारे ओपर लाग
39:15हो मुझे लगता है कि कुछ पेशरफ की है चंद हफतों में चंद महीनों में उसी चीज को आगे ले
39:24करके बढ़ा जाएगा कुछ छोड़े चोड़े कदम उठाए जाएंगे ताकि रिष्टों में बहतरी की तरफ हम आगे बढ़ें लेकिन कोई
39:32बहुत बड़ी अनॉंस्में�
39:45मल्टिलाइटरल समिट्स के साइडलाइन पे कुछ नहीं होता है कोई बहुत बड़ा धमाका के इस अनॉंस्मेंट जैनरल होता नहीं है
39:57हमारे साथ एक बहुत डिस्टिंगविश डिप्लोमेंट बैठे हुए है वो शायद सहमत होंगे मेरी बात से तो मेरे क्याल कुछ
40:04ची�
40:14के बात कर सकता है अपने हित में तो ये कैसे कोई
40:17expect कर सकता है कि भारतनी चीन के साथ बात करेंगा तो
40:21ये तो हिमाकत हो वहगा है तो नहीं आपकी बात
40:23बिल्कुल सही है bilateral जब सिर्फ दोनों देशों के
40:27बीच में हो रहा है तभी उससे हम कोई बड़ी बात
40:29expect कर सकते हैं इसमें तो कोई दोरा है नहीं लेकिन एक सवाल मुझे आप सभी से
40:34पूछना है और सुशंत मैं आप से शुरू करना चाहूंगा इस बास देको लेकर
40:37BRICS का पूरा जो फिलाल जो समिट हो रहा है या BRICS में जो बाचीत हो रही है
40:42वो खास करके उस background में हो रही है जब अमेरिका के तरफ से
40:47unilateral tariffs लगाना शुरू हो गया था और सभी लोग इससे बात से
40:50दुकी थे कि कब उठकर क्या होगा economic stability को लेकर सबके
40:54मन में चिंता थी कई दिनों से इस बारे में बाचीत चल रही है
40:57कि हम national currency में अगर trade कर सके एक दूसरे के साथ में
41:00तो एक बहुत बड़ा chunk हमारा होगा जो अमेरिका के सामने
41:04खड़ा हो पाएगा economic दुरुष्टी से अगर देखा जाए तो
41:06तो आज की स्थिती में क्या हम ये मान कर चले कि ये सभी देश
41:10हम खुद के देश की याने खुद की economic stability के आधार पर
41:15रिष्टों पर फैसले करें करेंगे और उसी पर आगे बढ़ेंगे क्योंकि
41:19मामला बदला हुआ है context बदला हुआ है स्थिती बदली हुई है
41:23एक एक करके सुशान जी पहले आप प्रसुन शर्मा और उसके बार अशोग जी साहिल जो आब बात कर रहे
41:29है न वो थियरी में तो बहुत अच्छी बात लगती है और उससे कोई भी
41:33असहमत नहीं हो सकता लेकिन उसकी जो practical difficulties हैं वो बहुत जाए देगे एक तो हमने
41:39government कर दिया कि एक bricks currency बनेगी एक नई reserve currency बनेगी वो किसकी बार भी वो हमारे हित
41:46में है क्या एक ऐसी currency जिसके ओपर
41:49चीन एक लिहाद से dominant power होगी मुझे तो नहीं लगता कि वो हमारे हित में होगी लेकिन और अमरिका
41:56को भी वो रास नहीं आएगी
41:57अगर अमरिका को यार अमरिका जाए भाड में उससे हमारे को कुछ लेना देना नहीं लेकिन क्या हमारे के लिए
42:04रास में आएगी वो बात कि एक ऐसी currency जो चीन
42:07dominate करता हो अभी तो अमरिकी डॉलर से हम निजात नहीं पापा चाहिए और फिर आप जाप बोलते हो कि
42:13हम योवान पे चले जाए तो वो नहीं बात लेकिन क्या नैशनल करनसी वाली जो बात है उसमें भी देखिए
42:20अगर बहुत जादा आपका trade deficits बहुत बड़े बड़े हो ज
42:35बनेगी अगर उस पर बातचीत आगे आप शुरू कर देते हैं उस पर काम आगे शुरू कर देते हैं तो
42:41मेरे खाल वो अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्दी होगी लेकिन ये मान लेना कि एक theoretical level पर एक
42:48अपचारिक तोर पर आप सहमती तो इस पर बना सकते हैं लेकिन
42:52उसका जो implementation वाला जो पार्ट है वो पेचीदा है और उसमें समय लगेगा वो मुश्किल होगा
43:02सबसे मुश्किल बात तो वही होगी तरसुन चर्वाइब
43:05जी मुझे यह लगता है कि इस bilateral से confidence building का framework त्यार होगा पर एक positive aspect multilateral
43:14forum पर होगा है खास करके
43:15ब्रिक्स का intra trade पे भारत और चीन फोकस करेंगे उससे क्योंकि 2030 तक इंट्रा ब्रिक्स ट्रेड तक्रीमा टू ट्रिलियन
43:25हो सकता उससे भारत को यह फायदा होगा
43:45economy सो रुपे की एक सो सताइस रुपे का कर्ज है और अगले साल शीजिंग पिंग का दो जर सताइस
43:53में official term खता होने वाला है वो रिन्यू होगा वो एक अलिक बात है पर शीजिंग को economic
43:58effect sheet अपने internal stakeholders के पास लेके जानी है इसलिए उन पर भी जो economic strength है
44:07strength या stability है वो उनके national stability से connected है यह शीजिंग पिंग जानते हैं तो मुझे यह उम्मीद
44:15है कि इंट्रा
44:17related expansion में भारत और चीन साथ में काम करेंगे और innovation startup financing यह एक बहुत
44:24बड़ा माध्यम रहेगा और भारत के प्रदान मंदिरी ने शाव तरवों पर एक milestone और numbers दिये हैं कि 100
44:31startups BRICS नेशों में आपस में काम करें हजार MSME partnerships explore करें आपस में काम करने के लिए तो
44:40मुझे लगता है इन
44:42bilateral meeting से यह BRICS forum को में expansion खासकर economic expansion दोनों देश करेंगे
44:52अशोग जी देखो साहिल बात इसी है जो जब bilateral relations होते हैं अच्छे किनी भी देशों के बीच में
45:01तो उसका impact जरूर जो भी आपका
45:192024 में तो वाली on the side lines of a brick summit थी वाली परंतु वो शुरुआत की थी और
45:27वो major एक कहा जाए achievement था उससे पहले बातचीत हो गई थी चाहे विदेश मंतियों की या फिर national
45:36security advisors की बातचीत हो गई थी सभी कुछ इसके बारे में निड़ने ले गिया था परंतु
45:41announcement उनी के द्वारा किया गया जब कजान में मुलाकात हुई तो वो बहुत महत्पूर मुलाकात थी जिससे की एक
45:48road map सा मिल गया परंतु अभी जो है इसका मैं कहुंगा consolidation of normalization of relation मैं कोई major
45:57announcements बिलकुल नहीं expect कर रहा हूँ और जो कुछ थोड़ा बहुत किया गया है जो उसको फि
46:11और जहां तक यानि जो बर्फ जमी है आप expect कर रहे हैं कि थोड़ा पिघलना शुरू हो जाएगा लेकिन
46:19रिष्टे में बहाव आएगा इसकी उमीद फिलहाल आपको अभी भी कम है कुल मिला जी जी जी मुझे तो उमीद
46:26बिलकुल भी नहीं है कम की नहीं काली stability रहे देखि
46:41मंतरी आए फिर वहाँ पर हमला हो गया 14 में शीजिन पाइंगा फिर वहाँ पर हमला हो गया तो इसी
46:47लिए वहाँ पर एक स्थर्ता बनी रहे ये हम चाहते हैं और जो बातचीच है border को resolve करने के
46:53लिए वह बातचीच चलती रहे और फिर जो और चीज़ें वहो हम देख सकते है
46:58देखिए investment होता है technology आती है परंतु हमारे sensitive areas में नहीं आनी चाहिए उसके लिए हमको ध्यान रखना
47:05पड़ेगा चाहे वो टेलिकॉम हो या
47:09सबसे बड़ी बात आज की स्थिति में यही होगी लेकिन जिसका जिक्र यहां पर सभी experts भी करने की कोशिश
47:15कर रहे हैं कि कही ना कही बाचीत तो शुरू होगी उससे कितनी उमीद हैं यह फिलाल कहना तो मुश्किल
47:20है लेकिन अभी कुछी देर में प्रधान मंतरी मोदी और श
47:35अम्निया
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