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  • 7 weeks ago
ओडिशा के बालासोर जिले के भोगराई ब्लॉक के रंकोथा बड़ापही इलाके में मंगलवार को कम से कम पांच ओरंगुटान को बचाया गया. इन जानवरों को उदयपुर फॉरेस्ट डिवीजन के तहत बचाया गया है. इन सभी ओरंगुटान को अभी क्वारंटाइन किया गया है. बता दें, ये ओरंगुटान इंडोनेशिया और मलेशिया में पाए जाते हैं. पांचों ऑरंगुटान की नंदनकानन में खास देखभाल और निगरानी शुरू हो गई है. शुरुआती हेल्थ चेकअप के बाद अब सभी की हालत स्थिर है. सुरक्षा और सेहत की वजह से उन्हें करीब एक महीने तक खास निगरानी में रखा जाएगा. 5 ऑरंगुटान की देखभाल के लिए 3 शिफ्ट में एक डॉक्टर और केयरटेकर तैनात किए जाएंगे. रात में भी एक स्पेशल डॉक्टर मौजूद रहेगा. यह स्पेशल टीम सिर्फ ऑरंगुटान की देखभाल करेगी और उन्हें दूसरे जानवरों के साथ घुलने-मिलने नहीं दिया जाएगा.

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Transcript
00:03ुडिशा के बालासोर में भुगराई ब्लोक के उदैपुरा फॉरस्ट डिविजन से पाँच बेबी उरंगुटैंस को बचाया गया है
00:11इनमें तीन नर और दो मादा उरंगुटैंस है जिनकी उम्र एक साल से दो साल के बीच है
00:16यह भारत में नहीं पाये जाते इंडोनेशिया और मलीशिया में मिलते हैं
00:21इनको यहां तस्करी कर लाये जाने की आशंका है जिसकी जांच S.T.F. कर रही है
00:25प्रारंभिक जांच में ये माना जा रहा है कि इनहें तस्कर बोर्नियों इंडोनेशिया से यहां लाए है
00:31आशंका है कि पकड़े जाने के डर से तसकरों ने इने जंगल में छोड़ दिया
00:35एक औरंगोटैन की अंतराश्ट्रिय बाजार में कीमत खरीब 25 लाख रुपए तक हो सकती है
00:41इन उरंगोटैन्स को भुवनेश्वर के नंदन कानंजू में खास देखभाल में रखा गया है
00:46शुरुवाती हल्थ चकप के बाद सभी की हालत स्थिर है
00:49सुरक्षा और सिहत की वजह से उन्हें करीब एक महीने तक खास निगरानी में रखा जाएगा
00:54इनकी देखभाल के लिए तीन शिफ्ट में एक डॉक्टर और किया टेकर तैनाद किये गए है
00:59रात में भी एक स्पेशल डॉक्टर मौजूद रहेगा
01:24इनकी निगरानी के लिए मैसूर चड़या घर से एक विशेश टीन भुवनेश्वर पहुंची है
01:28जो इनके खाने पीने और इनके रहने के वातावरण पर नजर रखेगी
01:32नंदन का नंजू में 2019 से पहले एक उरैंगोटैन था
01:36कुछ कर्मचारियों को उरैंगोटैन की देखभाल का अनुभव है

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