ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा भीषण युद्ध अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है. मिडिल ईस्ट में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हमलों से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के इन पलटवारों ने व्हाइट हाउस और पेंटागन की नींद उड़ा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप को इस संघर्ष में कड़ी रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ईरान में नए नेतृत्व और सैन्य कमांड के आने के बाद से संघर्ष और अधिक आक्रामक हो गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के सैन्य अड्डों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं. इस जंग के मानवीय और आर्थिक परिणामों ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है. क्या अमेरिका इस युद्ध में अपने कदम पीछे खींचेगा या स्थिति और अधिक भयानक होगी?
1 The military confrontation between the United States and Iran has escalated into a severe regional crisis.Devastating retaliatory strikes by the IRGC have targeted key military positions and commercial shipping routesPresident Donald Trump faces intense pressure as the human and material cost of the conflict mounts.The empowerment of hard-line leadership in Tehran has transformed the dynamics of this high-stakes war.Continuous drone and missile exchanges across the Middle East have threatened global oil supplies and security.Washington’s strategy of maximum pressure is being severely tested by Tehran's unyielding military response.International markets and diplomatic channels are scrambling to prevent a total industrial and economic catastrophe.The world watches closely as the fragile balance of power in the Persian Gulf hangs by a thread.
#IranWar #DonaldTrump #IRGC #USMilitary #MiddleEastCrisis #WorldNews #Geopolitics #StraitOfHormuz
~PR.512~HT.408~ED.108~GR.508~VG.HM~
1 The military confrontation between the United States and Iran has escalated into a severe regional crisis.Devastating retaliatory strikes by the IRGC have targeted key military positions and commercial shipping routesPresident Donald Trump faces intense pressure as the human and material cost of the conflict mounts.The empowerment of hard-line leadership in Tehran has transformed the dynamics of this high-stakes war.Continuous drone and missile exchanges across the Middle East have threatened global oil supplies and security.Washington’s strategy of maximum pressure is being severely tested by Tehran's unyielding military response.International markets and diplomatic channels are scrambling to prevent a total industrial and economic catastrophe.The world watches closely as the fragile balance of power in the Persian Gulf hangs by a thread.
#IranWar #DonaldTrump #IRGC #USMilitary #MiddleEastCrisis #WorldNews #Geopolitics #StraitOfHormuz
~PR.512~HT.408~ED.108~GR.508~VG.HM~
Category
🗞
NewsTranscript
00:00अमेरिका ने ये सोचा था कि अगर इरान के टांकर्स को वो तबाह कर देगा तो इनकी हिम्मत दब जाएगी
00:06लेकिन 6 महीने बाद भी इस जंग के अंदर ये अमेरिका को समझ नहीं आया कि इरान और IRGC जुकने
00:13वालों में से नहीं है
00:14इरान ने फिर ऐसा पलटवार किया है कि अब यूएस की एर फोर्स पर भी सवाल है
00:20पाँच से छे फाइटर जेट्स पर डारेक्ट हमला करने का दावा कर चुकी है IRGC
00:27शेट ओफ होर्मूस के अंदर अब यूएस के शिप्स को भी सीधा निशाना बनाने जा रहे हैं मुझताबा खामीनी
00:34और दर्शको इस जंग में अब इरान बढ़ चड़ के बोल रहा है
00:39इसी जंग को आगे समझने के लिए और भैतरीन तरीके से जानने के लिए कि कैसे इस एसिमेट्रिक वारफेर का
00:47यूज़ करके
00:48इरान यूएस को दबा रहा है हमारे साथ ग्रूप कैप्टरन यूके देवनात साब मौझूद है
00:55सर बहुत-बहुत स्वागत है आपका बहुत-बहुत शुक्री अपना समय हमें देने के लिए
01:01साथ ही हमारे साथ मलिका पांडे जी भी है फॉरन एक्सपर्ट हैं ये जानती है कि क्या चल रहा है
01:07इरान में
01:08और अब मैं सबसे पहला सवाल लेकिन ग्रूप कैप्टरन देवनात साब से पूछना चाऊंगा और उनसे अनुमत उनसको कहूंगा प्लीज
01:15सर शायद आप म्यूट हैं तो अपने आपको अन्म्यूट भी कर लीजिएगा
01:18पर सवाल यह है सर कि ये जो इरान ने एक बार फिर से भारी पलट वार किया है क्या
01:24इसके बारे में यूएस को नहीं पता था और सबसे पहला सवाल ही यही है जो एफ-30, एफ-15,
01:31एफ-35 पर हमला हुआ है क्या इसकी इसका जो असर है वो अब अमेरिका को दबा देगा
01:40हाँ देखो आकर्श यह पहले से ही मालूम था कि अगर अमेरिका इरानियन ओयल टेंकर्स पर हमला करेगा तो जवाबी
01:50कारवाई इरान रॉकेट्स और मिसाइल दाग कर देगा
01:54सस्पेंस तरफ इतना ही होता है कि वो रॉकेट और मिसाइल के टागेट पे क्या होगा
01:59क्या UAE क्या कोई जैसा अब ही हम देख रहे हैं जॉडन जॉडन में अमरिका ने अपने जो F-15,
02:09F-16, F-35 विमारों को रखा हुआ है
02:11और साथ में जो उनके electronic warfare aircraft हैं और air to air refuelers हैं उनको भी जॉडन में रखा
02:19हुआ है
02:19अब एक standard करवाई जो अमरिका करता है कि जब भी उनके जॉडन के या साओधी की air bases पे
02:29कोई हमला होता है
02:30और अमरिका को लगता है कि यह हमले repeat होते हैं हो सकते हैं तो वो अपने जो air to
02:37air refuelers हैं या electronic warfare aircraft हैं उनको इस्राइल में जाकर उतार देते हैं
02:45इस्राइली air force के दो-तीन air force के base हैं बेंगोल में से एक हैं
02:51तो अभी फिलहाल अमरिका ने अपने जो बड़े-बड़े जहाज हैं air to air refuelers को electronic warfare को इसराइल
03:00में पना दी हुई है
03:03इसका क्या अंज्याम होगा देखो आकर शिंग यह समझना पड़ेगा कि इससे इरान को मालूम है कि वो युद्ध में
03:13जीत तो नहीं जाएगा
03:14लेकिन एक diplomatic message लेकि किसी भी weapon को fire करने का उद्धिश्य ना weapon को fire करना उद्धिश्य होता
03:23है
03:23नहीं जमीनी target को नुकसान पहुचाना उद्धिश्य होता है
03:27उद्धिश्य होता है कि उसके साथ जो political और diplomatic message है वो आपके intended audience को जाना चाहिए
03:35तो यह ऐसा करके इरान दुनिया को दिखा रहा है अमरीका को और Donald Trump को दिखा रहा है
03:41निद्रियाओं को भी समझा रहा है कि इरान डर नहीं रहा और जुकने के लिए तैयार नहीं है
03:49मालेका जी अब आपसे मैं यह समझना चाहूँगा कि बहुत अच्छे तरीके शुरों ने समझा और एक खुलासा भी है
03:54कि ऐसे
03:55इसरेल के अंदर पना दी जा रही है हतियारों को बड़ यहां मैं यह भी समझना चाहूँगा दर्शक यह भी
04:01समझना चाहेंगे
04:02कि asymmetric warfare strategy का इस्तमाल करके इरान ने जो जॉर्डन पर प्रेशर बनाया हुआ है
04:10अब जॉर्डन जैसे देश हमने यह भी सुना था कि अब जॉर्डन के अंदर जो Palestinian origin के लोग हैं
04:17जो जॉर्डन के अपने लोग हैं वो अब अपनी safety चाहते हैं
04:21तो वो चाहते हैं कि अपने हाँ से अमेरिका को खाड़ फैके
04:24तो आम जो खाड़ी के देश है जॉर्डन, UAE, कुवेट इनकी जो जनता हैं वो कैसे देख रही है इस
04:31जंग को
04:34बिल्कुल नमस्कार आकर शे देखें
04:36अब ये अमेरिका और इरान के बीच में केवल एक tit for tat वाला एक war नहीं है कही न
04:43कहीं हम देख रहे हैं कि कही न कहीं जहां अमेरिका इरान की military को target कर रहा है उसको
04:51remove करना चाहता है
04:52और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी उसके target करने लग जैसे हमने देखा कि कहां जो और टांकर है जहां स्टेट ऑफ़र्मूस
05:00से बहुर से पहरी हम देखते थे एक सो पच्छिस शिप्स टांजिट करती थी
05:09जो बीस से पच्छिस पसेंट का पूरा एनरजी टेट ऑफ़र्मूस टांसिट करता था वह कितना गिर गया है नीची आज
05:17के टाइम ले
05:19एक नर्फ सेंटर हुआ करता था एनरजी लाइफलाइन हुआ करता था वह कैसे रिडियूज हो गया है तो कहीं न
05:26कहीं कि
05:27कुस् ellos कि अमेरिका तो ईान की व्याइन की लीन को उटाना चाहरा है बट इरान के पास
05:33सुझक्य आरिका के पास है बट उसके पास जॉट्री खिकर्श कैना है ख़ो मार经 चांव whilst ala
05:55जा सकता है कि नदन जो येमिन है उसमें होतीज है और सदन येमिन में जो गवर्मेंट है वो साओधी
06:01अरेविया बैग कर रही है तो वहां पर एक सिबिल वार कहीं जो प्रूस हो गया था आज से दो
06:06तीन साल पहले वो हट चुका है होतीज कहीना कहीं येमिन में भी अटाक कर �
06:11विलोल के येमिन में भी आप से शेम बृड़ कि और वी जो बृटल अगया ठीच दो हैरा थे रौन
06:25बðूल गहा थेजिश तकर पर उटेंट हिए ऐरां जो
06:34आम जो नो हो गही है, जो एनरजी क्राइसिस के बीच में आज के टाइम में पस चुके हैं, जो
06:39आम जंता का किचन और वालेट है, वो सबसे जादा अफेक्ट हो रहा है, दिखे, सौ से उपर डॉलर आज
06:46के टाइम में प्रती बैरल चला गया है, तो कहीं न कहीं पूरा विश्
07:03गोबिल एकोनमिक क्राइसिस की कगार पर खड़ा है अकाजी, और आम जो जंता है, वो नहीं चाती कि अनदर एक
07:11विश्वेयुद तीन शुरुआत हो जाए उसकी, जी, खत्रा बना हुआ है, बट यहीं सर, एक सवाल में और पूछूँँगा, और
07:30यह तोड़ा टेक्निकल �
07:32मिसाइल उसे इंटरसेप्ट करती है, तो जो इसकी एकोनमिक्स है, उसके बीच का अगर गाप आप हमारी ओर्डियूंस को समझा
07:39सकें, कि 1 is 200 का रेशियो है, उसके बारे में सर, देवनाथ सर अगर आप थोड़ी रोशनी डाल सकें,
07:45कि यह जो पेट्रियोट दाग दाग के �
07:48अब परिशान हो चुका है यूएस, इसका कितना बोच पड़ रहा है उन पर, देखो आकश, पेट्रियोट मिसाइल्स या थार्ड
07:56के जो इंटरसेप्टर मिसाइल्स हैं, डेफिनेटली उनकी कीमत मिलियन्स अफ डॉलर्स में है, 10 मिलियन, 5 मिलियन डॉलर्स, जबकि एरान
08:07ड्रोन जो अपने ड्रोन लॉंच कर रहा है, एक ड्रोन की कीमत, 5,000 से 10,000 डॉलर्स, इरान जो
08:14इसकी कीमत कीमत, समझिये,
08:21डॉलर्स में अगर देखा जाए तो महज पॉइंट फाइव मिलियन डॉलर तो हो क्या रहा है कि इरान जब भी
08:33लॉंच करता है अपने ड्रोन्स, स्वार्म ड्रोन्स अटैक करता है, मास अटैक करता है, एक साथ ड्रोन, पचास ड्रोन दाग
08:41देता है,
08:42मिसाइले जब दाग दाग दाग देता है, और वहां से एर डिफेंक सिस्टम्स को हैं, उनको जब अपनी पेट्रियोट मिसाइल
08:53या थाट के इंटरसेप्टर मिसाइल दाग नहीं परती है, तो उनकी कीमत पड़ रही है, पांच मिलियन, दस मिलियन, एक
08:59मिसाइल, आकश एक औ
09:12स्पीड से आ रही है, और ज्यादा रेंज पर जा रही है, उसका मतलब है वार हेड भी बड़ा होगा,
09:18और उसका मतलब है कि टार्गेट भी उतना ज्यादा मेहत्वकून, तो ऐसी हालत में अगश एक नहीं, किल प्रॉबबिलिटी को
09:28बढ़ाने के लिए कई बार दो, और क�
09:34के पास मिसाइलों की शौटेज हो रही है, इस यूद के शुरुआती दौर में आकलन ये था कि अमेरिकन फोर्स
09:41के पास पूरी दुनिया में करीबन दो हजार तीन सो पेट्रियोट मिसाइल है, आज की तारिक में वो कम होते
09:49होते आकलन ये है कि महज आट सो बचे ही, जब य
10:04ने सो थीस बचे हैं। ये सार आप वेस्ट एशिया की बता रहे हैं या पूरी दुनिया की बता रहे
10:08हैं।
10:34यूरोप में उन्होंने इपनी वार की रिक्वार्मेंट प्री पोजिशन की हुई है कि अगर कभी रूस के शिलाफ लड़ना पड़े
10:41लेकिन अब उन मिसाइलों को यूएस एरफोस की जो स्ट्राटेजिक एरलिफ्ट कमांड है उनके पास बड़े-बड़े जहाज हैं
10:53अब लेटेस्ट के खबरें यारी की पैसिफिक कमांड प्रशान महासागर में जो उन्होंने अपने शस्त्रों का अस्त्रों का जो भंडारन
11:01था जैसे गौवाम में मिंटेन किया हुआ है
11:05जपन के ओकिनावा में तक्षिन कोरिया के बुसान में चार-चार एयर पेसेद और आर्मी बैस और नेवल बैस फिलिपिन्स
11:13में
11:13वहां से भी हत्यारों को ट्रांसपर किया जा रहा है पश्चिमेशिया में
11:17जबकि Pacific Command ने इन सब हत्यारों को रखा हुआ था चीन के खिलाफ अगर चीन कोई मिस एडविंचर करता
11:26है ताइवान के खिलाफ तो उसको कंटेन करने के लिए
11:29तो उनको भी अब एरलिफ्ट करके भीजा जा रहा है पश्चिमी एशिया में तो एक बहुत बड़ा डैनमिक्स चेंज हो
11:40रहा है जब यह यह शुरू हो आता तो उस वक्त अमरीका की जो कंपनियां है वो वेपन मैनेफेक्चरिंग कंपनियां
11:47लॉकिट का ही नाम ले लेता ह�
11:49वो एक शिफ्ट में काम कर रहे थे मार्च के महीन में वो दो शिफ्ट में चले गए अप्रिल मही
11:55आते हैं वो तीन शिफ्ट में काम करने लगे क्योंकि मिसाइलों की कम ही हो रही थे और अभी पिछले
12:01एक महीने से यह सारी कंपनियां मिसाइल बनाने वाली अमरीका में चार
12:20तो चार घंटे की शिफ्ट में काम कर रहे हैं, अमरीका की सरकार आप उनपर दवाद आ रही कि एडिशनल
12:26प्रोडॉक्शन लाइन खोलो, इतना ज़्यादा विगन आ रहा है, जी,
12:36जी मलिका जी अब आप देखे समझे कैसे देवनाथ सर ने समझाया कि कितनी किलट में है अब मिसाइल्स की
12:44अमेरिका उनको बरानी पड़ रही है थाड हो चाहे पेट्रियोट मिसाइल्स हो अब इसमें मिट टर्म इलेक्शन और सर पर
12:51है तो अगर आप हमें थोड़ा बतौर फ
13:06बातों को वजन नहीं दे रहे हैं तो ऐसे में क्या सरकार बलट सकती है बिल्कुल लाकरश्री अगर हम देखें
13:16तो डॉनल्ड टरम का जो पहला टर्म था दो अजार अटारा में मुझे अच्छे से याद है जब प्रेजिदेंट उबामा
13:23थे उससे पहले उन्होंने एक जे�
13:34इवल 3-6 प्रतिशर nuclear enrichment करेंगे बात खतम हो गई थी बढ़िया वो joint impact था काफी checkings भी
13:43थी उसमें और suddenly हम देखते हैं जैसे ही डॉनल्ड टरम का पहला टरम शुरू होता है वो सबसे पहले
13:49इस डील को over करते है तो डॉनल्ड टरम का यह जो obsession है इरान के साथ मुझे अभी भी
13:55�
13:56उसकी इंटर्व्यूर थी 1980 में जब यह सब हो रहा था जब साओधी जब हम एराग को अमेरिका बैक कर
14:04रहा था और कहीं न कहीं रिपोर्टर ने पुछा था अगर आप होते तो आप क्या करते होस्टिज जब लिये
14:10गए थे अमेरिका के अमेरिकन सिटिजन को जब इरान में
14:13होस्टिज भी लिया था तो ट्रम ने साफ साफ बोला था मैं इरान पर अटाइक कर देता मैं वीक नहीं
14:19बनता तो इरान को ऑप्सेशन डॉनल ट्रम को बहुत लंबे समय से 1980 से है यह हर कोई चानता है
14:24ताजे उसके बाद जैसे ही वह उन्होंने फास्वावड तो 2018 जब वो �
14:30उसके बाद उन्होंने सबसे तहले जो जो जॉइन अग्रीमेंट उबामा के ताइम में हुआ था यह खत्म कर दिया उसका
14:37रिजल्ट क्या हुआ फिर हम फास्वावड आए उसका रिजल्ट क्या हुआ कि आज के टाइम में इरान का जो न्यूवियर
14:44इंश्मेंट है वह 60% से
14:58तो बिल्कुल उन्हों जो गोया था वही खा रहे हैं, आपको बोल रहे हैं कि नहीं है, नहीं है नहीं
15:05करना चाहिए था, तो आपने वही क्रीमेंट साइन हो तक वह क्यों अटाया, दूसरी बात जो अमेरिका की जनता है
15:11अकाजी वह आज की टाइमे परिशान हो चुक्त है, ड
15:27बोस्त बुलाते हैं, वहाँ का एर बेस हैं, दुनिया बढ़ की मिलिटरी बेस हैं, और वही इपर वो डिजिटल स्टाइक
15:32करने की बात कर देते हूं, अमानपत, तो यह सब जो सोशल मीडिया कॉंटेंट क्रिएशन ट्रम का बन गया है,
15:38तो वह एक हेड़ व स्टेट कंप,
15:57को चुनेंगे, तो कहीं न गई, वो लोग आपको वर्स में ले जाएंगे, आपके बच्चों को वर्स में ले जाएंगे,
16:04और आज के टाइम में ट्रम ने कितने मोर्चे कोल दी हैं, अमेरिक को लैनिंजुला में देखिए, आप ग्रीन नेटों
16:10से देखिए, डेन्मार्ट स
16:25सुप्रीम पोर्ट में, जब उन्होंने टारिफ पोर्ट की और जो प्राइवेट कमपनीज हैं, वो सुप्रीम पोर्ट गए, तो उनी के
16:32अपॉंटे जजजेज ने उनी के जो रूल बनायते, टारिज दे रूल आउट कर दिया, उनी के जो रिपबलिक्तिंस हैं, अब
16:40उनक
16:41कि नीजियों को मानते ही नहीं है, कितने आर्मी में कमांड़ाज हैं, जिन्होंने रिजाइन कर दिया है, डॉनल टरंप की
16:47बात मानने से इनकार कर दे तो दिखे ये जो एक कही ना कही हम देख रहे हैं, डॉनल टरंप
16:52का शुरुआत में जो एक ऐक तंसेंस था, अबको कही �
16:55कहीं गटते जा रहा है जो इंडियन अमेरिकन से मेरे काफी सारे गोस्त हैं जो डॉनल्ड ट्रॉम्प को बड़ा इंडियन
17:02अमेरिकन जो सिटिजन्स हैं वहाँ पर कहीं ना कहीं हम वो सब नाराज हो चुके हैं
17:09इंडिया पर अटाइक कर रहें तो ये मिंटनम इलेक्शन से डिसाइडिंग फैक्टर होने वाला है आकाश जी और कहीं ना
17:16कहीं हम देख रहे हैं कि बहुत मुश्किल होने वाली है डॉनल्ड ट्रॉम्प के लिए इससे बाहर निकलना इरान तो
17:21उनके लिए ऐसी गले के अट्
17:35वो यूएस इरान के टैंकर्स पर हमला करता है चार-पांच टैंकर तबाह कर देता है बदले में इरान टैंकर
17:42भी गिराता है जंग भी छेड़ता है शेट ओफ ओर मूस को फिर से रोग देता है ओमान के साथ
17:47कहता है कि नए रिश्रिक्टेड एलियास बनाएंगे यहां से ग
18:04ब्लॉकेड नहीं काम आई वह और खिची चली जा रही है स्टेट ओफ ओर मूस से अब हमारे तक तेल
18:11और गैस कैसे आएगा
18:14अकश स्टेट ओफ ओर मूस से तेल और गैस हमारे पास आने के लिए दो कंडिशन फुल्फिल करनी पड़ेगी एक
18:21तो है कि फिलहाल हम हमारे किसी टैंकर को मैं भारतिय रेइस्टर्ड या भारत स्वारा हायर्ड टैंकर की बात कर
18:31रहा हम अगर कोई टैंकर हम भेजना चाहत
18:34हैं कि भारत के लिए एक अच्छा तेल लाए तो वो अमरीका पूरा जोर लगाता है कि हमारा जो कोई
18:44टैंकर है इरान के किसी बंदरगाह में ना जाए यह एक जरूरी कंडिशन है अमरीका की अगर जैसे ही कोई
18:51टैंकर आता है उत्री अरब सागर में समझे भारतिय टैंकर �
18:54ही और अमरीका की नेवी ओमान की खाड़ी में उसको पूछती है कहां जा रहे हो अगर भारतिय टैंकर का
19:01कैप्टन बोलता है कि वो इरान के बंदरगा जा रहा है तो फिर हुकम आता है अमरीका की नेवी से
19:06की वापस लॉट चलो ऐसा उन्होंने करीबन 94 टैंकर के साथ किया
19:11है उसके बाद भी अगर कोई टैंकर का कैप्टन मानता नहीं है तो वो उसके और युट चैंकर के रेडर
19:20पर कर दें
19:21यूएस नेवी एक केस में तो उन्होंने अपने मिरीन कमंडो को इतार दिया टैंकर के कैप्टन को बादे करने के
19:28लिए वापस जाओ क्योंकि तुम इरान जा रहे हो दूसरा भारत के लिए अगर हम हमारा एक टैंकर दूसरे देशों
19:36में बेज़े तो यूएस नेवी नहीं र
19:50अब भारत सरकार लगातार इरान की सरकार के संपर्क में है और एक वाया मीडिया बन रहा है जिसमें अगर
19:58हमारा टैंकर है भारत का जंडा लगा है या किसी दूसरे देश का टैंकर है लेकिन भारत ने हायर किया
20:03है और समझिए वो कोईट से या बहरीन से लोट रहा है तो फ
20:30तो अभी जैसे भारत के मनोनीत अबसेडर आज ही जाकर इरान के विदेश मंतरी आराग जी से मिले हैं
20:37तो यह जो सिस्टम स्ट्रीम लाइन हो जाएगा तो इरान ने कहा है
20:41कि अगर कोई टेंकर भारत की तरफ आ रहा है कच्छा ते लेकर
20:45तो आयार्जीसी उनको इंटरसेप्ट नहीं करेगी लेकिन हमें 48 घंटे पहले डिटेल्स देनी पड़ेंगी
20:50तो इस तरह का एक ताना बाना बुनने की कोशिश की जा रही है
20:55इसके अलावा आल्टरनेट तो हमने अभी हम 31 से ज्यादा दूसरे देशों के साथ संपर्क में हैं कच्छा तेल
21:02वेनेजुवलन की तेल आना शुरू हो गया है रश्या भी बोल रहा है कि हमें तेल की संपर्वाई जारी रखेंगा
21:11आर्क्टिक में नए तेल के कुएं मिल रहे हैं तो बहुत जल्दी ही आप देखेंगे कि आर्क्टिक का कच्छा तेल
21:16भी भारत पहुंचना शुरू हो जाएगा
21:19थोड़ी सी तिक्कते हैं लेकिन उनको आस्तियासे सॉल्व किये जाएंगे
21:24सबसे बड़ी बात है कि अमेरिका की नेवी और इरान की नेवी के बीच में भारत के ओयल कंपनीज को
21:32समझ जैसे एडवांस में बनाना पड़ेगा
21:35यह तो सर अच्छी बात है अच्छा डिप्लोमाटिक एफॉर्ट है कि दोनों तरफ हमारे रिष्टे हैं इसलिए हमारा तेल आ
21:42जाता है
21:42पर यहां मैं अब यह समझना चाहूँगा कि स्ट्रेट ओफ होर्मूस पहले जैसी स्थिती में आखिर कब आने वाला है
21:50कितना और समय लगेगा
21:52क्योंकि इस वार का अंत होता हुआ तो हमें नजर नहीं आ रहा है
21:57अब अंतना सही कोई ट्रूस हो कोई कोई पाक साइन करें कि होर्मूस खोल दिया जाए
22:06ऐसा कुछ होता हुआ नजर आ रहा है ऐसी कुछ बात्चीत है मालिका जी
22:12अकर जी देखें टेब्रिरी से कि वार कंटिनियूस सी हमें लग रहा था
22:1660 days का जो MOU था लीन पीरियर था कहीना कहीं तब हमें लगा कि ठीक है सब
22:22pointers agreement हो गए है काफी लोग इसमें बीच में भी आया है पाकिस्तान आया
22:26UAE आया बातचीत हुई डायलोग और डिप्लोमसी की तरफ चीज़े जा रही थी बट उसके बात हम
22:32देखते हैं कि एक explosive escalation कहीना कहीं होते में नजर आ रहा है प्रॉक्सी का इसमें बहुत
22:40जादा involvement है कहीना कहीं हम देख रहे हैं कि इरान को बैक दोर से news ख़बर आ रही है
22:46कि चीन और
22:47रश्या भी मदद कर रहे हैं तो देखे शहादत एक बहुत बड़ी चीज़ है आपर श्री आज के टाइम में
22:55इरान के लिए शहादत बहुत बड़ी चीज़ है इरान को पता है कि अगर वो
23:00बैक डाउwn करता है तो उसके लिए ये बहुत गहातक हो सकता है थाडी के देशों के
23:08सामां कहीं अिसको पता है कि जितनी लंड़ी ये वर खचेगी उतना ही पायदा इरान और को होगा जितना लंबा
23:16वो उसको
23:17survival की लड़ाई है आज के ताइम में एरान के लिए ये बार survival की लड़ाई है और
23:23बिल की लड़ाई है अमेरिका के लिए कुछ अब billions of dollars का खर्चा बढरते जा रहा है
23:29defense budget बढरते जा रहा है American जो tax players है उनके उपर pressure आता जा रहा है
23:34मिट्टाम इलेक्शन सर पर है तो जैसे मैंने अकर्जी बता है कि पहले भी कि ये इरान की जो वार
23:41है आज के टाइम में अमेरिका के लिए गले की हड़ी बन चुकी है कही ना कहीं
23:46अमेरिका को समझ में नहीं आ रहा है कि वो रैंप अप तो उसने कर दिया वट अब एग्जिट कहां
23:52से लेगा वो एग्जिट नहीं डूम पा रहा है कहीं ना कहीं अमेरिका तो यह जो है अकर्जी जहां तक
23:58स्टेट ओप पॉर्मूस की बात है देखिए पहले हमने देखा कि �
24:01पीट पीछे कहीं ना कहीं उमान और इरान की बात्ची चल रही थी बैकडोर में कि हम लोग साथ में
24:07कंट्रोल करेंगे स्टेट ओफॉर्मूस जाते समय इरान लेलेगा टैक्स आते समय उमान लेलेगा कहीं ना कहीं एक चार्ज लेंगे अमेरिका
24:16ने बोला कि नहीं ऐसा प�
24:24करेगा transit fees, ये state of Trump उगला देते हैं, उनके
24:29President Donald Trump, तो दिखें, ये बहुत confusion की स्किती है,
24:33बहुत ये असमंजस की स्किती और ये कब रुके का अकर्जे बहुत मुश्किल है ये कहना,
24:38क्योंकि जैसे हम देखते हैं कि कुछ न कुछ एक लिग टीरड आता है,
24:41जैसे MOU आया, तो सड्डनली दोनों कंट्री शुरू हो जाती है, और
24:45इरान के लिए फायर पावर उसके पास उतनी जादा नहीं है,
24:49बट स्टेट अफ़र्मोस इस दो अउनली वेपन तो इस उस उसे उसे उसे रहा है,
25:09जी, अगला सवाल मैं पूछने जा रहा हूँ सर,
25:12BRICS Summit को लेके, BRICS Summit की बात हो रही है,
25:15BRICS में एरान भी है, भारत भी है, चीन भी है, रशिया भी है,
25:20कुल मिलाके BRICS का जो पूरा मतलब ही वो है,
25:23कि जो Global South है, उनको empower करना है, उसी Global South में एरान भी आता है,
25:28तो देवनाचर मैं समझना चाहूँगा, कि ट्रम्प ने पिछली बार कहा था,
25:33कि BRICS is dead, अब इस बार वो फिर से मीडिया के साबने कुछ कुछ कह रहे हैं,
25:39लेकिन BRICS को नजर अंदास कर रहे हैं, BRICS से डर रहे हैं, BRICS से भाग रहे हैं,
25:45पर because Iran is involved in it, क्या वो कुछ अलग आक्शन ले सकते हैं,
25:51मुझे बहुत अच्छे से आदे, लास्ट टाइम उन्होंने टारिफ्स की धंकी दी थी,
25:55अब क्या कोई और धंकी आ सकती है जर?
25:58हाँ, आकश, BRICS is dead, ऐसा कहके वो BRICS की अवहेलना करने की कोशिश करते हैं,
26:06लेकिन देखो, जमीनी स्थर पर BRICS जो है एक reality है, अभी 11 मुल्क हैं, 10 मुल्क और
26:15observer status में हैं, आ रहे हैं, आस्ते आस्ते जॉइन करेंगे, तो जब जैसे जैसे ये एक trade body के
26:24हिसाब से ग्रो करेगा,
26:26उतना ही ज़्यादा powerful होगा, फिलाल trade, transfer of technology,
26:32कल्चरल आदान परदान, आतंकवादी गतिवीडियों के खिलाफ action, sharing of intelligence,
26:41सबसे बड़ी बात है, एक तरह का राजनितिक चिंतन, इन सब देशों के बीच में share किया जाएगा,
26:49और इरान war के perspective से समझना चाहूँगा, सर की इरान के साथ,
26:54इरान गुहार लगाएगा, रशिया चाहे ना इंडिया से,
26:57इरान के perspective से BRICS को अगर आप थोड़ा समझा पाए,
27:02आकरश देखो, BRICS ने हमेशा कोशिश की है,
27:06कि सिरफ common मुद्धों पर joint statement दिया जाए,
27:10यह एक बहुत डेलिकेट एरिया है, क्योंकि देखो दस या कहें तो 21 राश्टा धक्षा यहां पर होंगे,
27:18तो सबका एक अलग-अलग नजरिया होगा,
27:22तो BRICS में encourage यह किया जाता है कि जहां-जहां common shared understanding है,
27:28उस पर एक joint statement issue कर देंगे, जो देशों के अपने दीपक्षिये मुद्धे हैं,
27:35उनको भी discuss किया जाता है, लेकिन प्रिष्ट भूमी लिए,
27:39side lines पर, तो इरान जाहिर बात है,
27:43आशियर रिंग-पिंग से परजश्कियान मिलेंगे,
27:46कहेंगे कि हमें और क्या मदद दे सकते हैं,
27:54भारत भी ऐरान और भारत के बीच में जो दिवपक्षिये संबंद हैं,
27:58उनको और मजबूत कैसे बनाया जाएं,
28:00उसके बारे में बात्चित करेगा,
28:02अभी हमने इरान में नया एंबेसेडर भेजा है उसकी क्या भूमिका होगी हम चाहते हैं कि युद्ध अगर ठंडा पड़ता
28:10है इरान का तो हम वापस चाबाहर कोट में जाएं अमेरिका ने हमें दवाब में डालकर चाबाहर से आउट कर
28:17दिया चार-चार भारतिये कंपनी को
28:19हम चाहते हैं कि भविश्य में अगले 10 साल या 15 साल में जब एरान से सेंट्रल एशियन कंट्रीज तक
28:26नौर्ट साउथ इंटरनेशनल कोरिडोर बनेगा तो हम उसको भागिदार बने तो ये जो दिपक्षिये वारतालाग होते हैं खासोर से जो
28:39ऐसा है जो बात होती हैं अनक
28:49किया जाए जी बहुत अच्छे तरीके से समझाए सर आपने मलिका जी आपका इस पर क्या टेक है कि ब्रिक्स
28:57में इरान का क्या रोल रहने वाला है और आपने रश्य और चाइना की बात की थी तो वो भी
29:03एक तरफ से में सोच समझना चाहूंगा कि क्या रश्या चाइना और �
29:08इरान का इस जंग में समर्थन करने वाले हैं?
29:38अल्ड़ी वार में इंवाले है उक्रीन के साथ चाइना हमेशा एक आइसोलेटे एंटिटी की तरह रहता है तो डेफिनिटली बैक
29:45दोर करेंगे फ्रांट पर नहीं खेलेंगे दूसरी बात आते हैं दिखें ब्रिक्स में बड़ा इंट्रेस्टिंग होने वाला है कि कैसे
29:52ए
30:06अमेरिका जैसे आपने सर से भी पूचा था कि डॉनल्ड ट्रफ ने बोला ब्रिक्स डेड लेखें ब्रिक्स अब एक ऐसी
30:12चीज है अब वो केवल एक अक्रोनिम नी बनके रह गया है बीस साल पहले वो सिर्फ एक अक्रोनिम समझता
30:18था अमेरिका उसको बट आज के टाइम मे
30:20अमेरिका उसको इग्नॉर नहीं कर सकता अफोर्ड नहीं कर सकता कि वो ब्रिक्स जैसे एक स्टॉंग और हमने जी सेवन
30:28को भी मात दे दिया इन फैक्ट आज के टाइम में जो ब्रिक्स कंट्रीज है 40% GDP टोटल ग्लोब
30:35का ब्रिक्स कंट्रीज के पास है 50% टोटल पॉपिले
30:50देखते हैं कि हम इसको एंटी वेस्टन अलायंस नहीं बोलेंगे बट एक ऐसा प्लाट्फॉम पोलेंगे जहां डाइवर्सेटी है जहां जितनी
30:58भी इमर्जिंग एकॉनमीज है कईना के ग्लोबल साउथ की जो पॉलिटिकल आवाजे है सब आके आवाज रख सकते हैं तो
31:17�
31:17जो अगेन काफी मतलब कोई या कोई वी इंटनाशनल ओगनाईजेशन के पास जाते थे तो हमेशा एक वेस्ट के लिए
31:24सॉफ्ट पॉर्नर लगते थे एक हम देखते थे कि आए में कोई लोन देगा या वर्ल बैंक कोई लोन देगा
31:29तो डॉलर्स में देगा बट अभी जो �
31:32ब्रिक्स का जो नया बैंक है एंडी बी न्यू डेवलप्मेंट बैंक जो है 139 प्रोजेक्ट से उपर कर चुका है
31:38करन्सी में अपने उसमें करता है लोकल करन्सी में लोन देता है तो कहीं न कहीं एक पो जो वेस्ट
31:44का इंफ्लूएंस था पूरी दुनिया पर से जी कम करेगा अल्टरनेटिव प्लाटफॉर्म बनके ब्रिक्स आरहा है तो देखें अमेरिका उससे
31:53रैटल तो होगा बिल्क�
32:07कि इरान यूएस वार अब कहा जा रही है साथ महीने हो चुके हैं इरान जुकने का नाम नहीं ले
32:15रहा एसिमेट्रिक वारफेर कर रहा है मिसाइल ड्रोन्स धड़ा-धड़ बना रहा है धड़ा-धड़ छोड़ रहा है अब ये
32:22वार किधर जाके खतम होगी क्या रशिया य
32:25इनकी तरह तीन-चार साल खेलते रहेंगे या एक-दो महिने में आपको कुछ कॉंक्लूसिफ होता दिख रहा है आगर
32:33देखो तीन नवंबर को तो यह युद्ध ऐसा ही चलता रहेगा तीन नवंबर तक क्योंकि डोनाल्ड ट्रॉम्प चाहते हैं कि
32:43एक स्ट्रॉंग मैं इ
32:55वोटर्स के फाइनल डिसीजिजन के लिए अभी इंतजार कर रहे हैं यह वोटर्स जो है यह आक्टोबर के आकरी हफते
33:05में ही डिसाइड करेंगे कि स्ट्रॉंग वोट स्टेट्स जो हैं कि डेमोक्रेट्स की तरफ जाएं या रेपब्लिकन की तरफ जाएं
33:12तो टोनाल्ड �
33:25याद है ना हमारे जब हम लोग छोटे थे तो वेस्टन मॉवीज देखते थे वो कावबोई जो है ना वो
33:31फिस्टन लिकालके पहले गोली मारता था रेड इंडियन को सवाल बाद में करता था जी अब वैसा इमेज वो प्रोजेक्ट
33:37करने की कोशिश करेंगे कम से कम तीन न
33:42मॉवेंबर तो और भी हमले करते रहेंगे बिल्कुल बहुत अच्छी अनालेजी देखे आपने समझाया कि वो कावबोई की तरह पहले
33:48हमला करता रहेगा थोड़े बहुत टैंक को जुडाता रहेगा कभी यहां खरग आईलिंड पे दो-चार रॉकेट लॉंचर जुड़
34:09होगा कही ना कहीं जैसे देवनाथ सर्क ने में बोला डॉनल्ट ट्रम की एक इगो बैटल की लडाई हो चुकी
34:16है कहीं ना कहीं वो नहीं चाहते हैं युद्धरू कि क्योंकि इसका मतलब होगा कि जो अमेरिका ने अपनी इमेज
34:22प्रोजेक्ट की थी खाडी के देशों के सा
34:39अमेरिकन मिलिटरी विल टे कहरो कि तो कहीं ना कहीं यह एक देंट पर जाएगा खाडी के देशंगे जो अलड़ी
34:46नज़र आ रहा है हमें कि कैसे खाडी के देश अब दूसरे-दूसरे पाकिस्तान इंडिया इस सबके साथ हम देख
34:52रहे हैं यॉरोप के साथ कहीं डिफेंस
35:04तॉ उसके बाद और शहो जाएगा और जी अगर अमेरिका बाहर निकलने की कोशिए करता है तो डॉनलja
35:12प्रम्प इस युद्ध को जरूर खीचेंगे, अटलीस नेवेंबर तक खीचेंगे, और उसके बाद बोलेंगे, नहीं हम तो बहार निकल के
35:19आ गए और वो कुछ ए फैंसी सी, ग्लॉसी सी स्टोरी टैलिंग करके बहार निकल जाएंगे, जबकि असलियत में अमेरिका
35:26इस यु
35:41टो 1.37 मिलियन रियाल हो चुका है, तो कहीं न कहीं आकर जी, यह जो स्टेटिस्टिक्स हैं, वो कभी
35:48भी इरान के फेवर में नहीं रहे हैं, इरान को हम ऐसे सूपर पावर नहीं देश रहते हैं, तो अमेरिका
35:54के डेफिनिटली इमिज में डेंट पड़ेगा, और आगे फ्
36:10बूली, वैसे एरान को भी आने वाले समय में दुनिया कभी नहीं बूलेगी, पर इस बार ट्रम्प को जो यह
36:16चोट है, यह डॉलर्स के अमाउंट में कई ट्रिलियंज की होने वाली है, बहुत-बहुत धन्यवाद ग्रूप क्याप्टरिन यूके देवनाथ
36:24साहब, आपका
36:25हमारे साथ foreign expert मलेका पांडे जी भी जोड़ी उन्होंने भी अपने valuable opinions रखे, बहुत-बहुत धन्यवाद आपका, दर्शको
36:33आपको ऐसे ही One India के साथ बने रहना है, क्योंकि एरान-US की यह जंग अभी November तक आते
36:40आते और ज़्यादा दिल्चस्प होने वाली है
36:55झाल