00:00जिस अरुनाचल प्रदेश पर चाइना अपना दावा करता रहा है उसी अरुनाचल को लेकर चाइनीज मीडिया की एक रिपोर्ट ने
00:07बड़ा स्ट्राटेजिक सवाल खड़ा कर दिया है
00:10सवाल ये है कि अगर चाइना रोनाचल प्रदेश में कोई बड़ा मिलिटरी ओप्रेशन करता है
00:15तो क्या पी एले सिरफ पहाडों तक पहुच पाएगी
00:19या फिर वहां लंबे वक्त तक अपनी सप्लाई और मिलिटरी प्रिजेंस मेंटेन कर पाएगी
00:24इंडिया और चाइना के बीच एले सी पर अब भी बॉर्डर डिस्प्यूट बना हुआ है
00:30जिहां 2020 के गलवान क्लैश के बाद इस्टन लदाक में लंबे वक्त तक मिलिटरी स्टैंड ओफ रहा
00:36इसके बाद कई राउंज की मिलिटरी और डिप्लोमाटिक टॉक्स भी हुई
00:40अक्टूबर 2014 में कजान में पीम नरेंद्र मोदी और चाइनीज प्रेसिडेंट जी जिंग पिंग की मीटिंग के बाद
00:47देपसांग और देमचोक में पेट्रोलिंग अरेंजमेंट्स को लेकर भी प्रोग्रेस हुई है
00:51लेकिन अरुनाचल प्रदेश अब भी बेहत सेंसिटिव सेक्टर है
00:56चाइना पूरे अरुनाचल प्रदेश पर क्लेम करता है और इसको साउथ तिबित कहता है
01:01जबकि इंडिया इसे अपना अभिन हिस्सा मानता है
01:05इसी बीच साथ सिप्टेंबर की रिपोर्ट के मताबिक
01:08चाइनीज प्लैटफॉर्म सोहू पर पब्लिश्ट एक अनलेसेज में कहा गया
01:12कि फिलाल अरुनाचल में किसी बड़े मिलिटरी उपरेशन के सामने
01:16पी एले को कई सीरिस चालेंजिस का सामना करना पड़ेगा
01:20अनलेसेज में चार बड़ी वज़ा बताई गई है जानते हैं क्या
01:24इंडिया मिलिटरी की प्रपेर्डनेस
01:26बेहद मुश्किल पहाडी टेरेन और वेदर
01:29इंडिया का स्ट्रेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर और पोटेंशल डिप्लोमाटिक प्रेशर
01:34लेकिन सबसे एहम मुद्ध है लोजिस्टिक्स का
01:37चाइनीज आनलेसिस के मुताबिक पहाडों तक ट्रूप्स को पहुचाना एक चालेंज है
01:42लेकिन उसके बाद फूड, फ्यूल और अम्यूनिशन की सप्लाई को लगातार मेंटेन करना और भी मुश्किल हो सकता है
01:50खासकर सर्दियों में जब डिफिकल्ट वेदर सप्लाई लाइन्स को अफेक्ट कर सकती है
01:55चाइना ने तिबित में इंफ्रास्ट्रक्टर को जरू स्ट्रेंथन किया है
01:59लहासान नैंग्ची रेलवे और पाइमेदोग रोड जैसे प्रोजेक्ट्स ने कनेक्टिविटी इंप्रूफ की है
02:05पाइमेदोग रूट की डिस्टिंस करीब 360 किलो मीटर से घटकर 175 किलो मीटर हुई है
02:12लेकिन सोहू अनलेसिस के मुताबक फ्रंट लाइन तक लास्ट माइल सप्लाई अभी भी एक मेजर चैलेंज है
02:19इंडिया भी अरुनाचल में बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर पर मिलिचरी प्रिपेर्नेस को स्ट्रेंथन कर रहा है
02:24इसी बीच 6 सेप्टेंबर को इंडिया और चाइना के कॉर्ब्स कमांडर लेवल ओफिसर की अरुनाचल प्रोदेश में पहली मीटिंग हुई
02:32वाचा देमाई बॉर्डर परसनल मीटिंग पॉइंट पर हुई है और इस मीटिंग में इंडियन साइड का लीडर्शिप लेस्टन एंड जोर्नल
02:39गिरीश कालिया ने किया है
02:41इसी कुछ दिन पहले 25 अगस्त को NSA अजीद दोबाल और चाइनीज फॉरन मिनिस्टर वैंगी की भी बीजिंग में एक
02:51बाउंडरी टॉक हुई थी
02:52एक तरफ बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर और मिलिटरी प्रिपेर्डनेस जारी है वही दूसरी तरफ डारेक्ट मिलिटरी डायलोग के भी चैनल्स अक्टिव है
03:00हाला कि सोहु का अनलेसिस चाइना की ओफिशन मिलिटरी पॉलिसी नहीं है
03:05इसलिए इसे बीजिंग की स्ट्राटेजी में कनफर्म्ड चेंज माना जिल्दबाजी होगी
03:11लेकिन अरुनार्चल में स्ट्राटेजी कॉंपेटिशन सरफ सोल्जर्स और वेबिन्स कर नहीं
03:15पलकी रोद्स, तनल्स, लोजिस्टिक्स, मिलिटरी प्रेडनेस और डिप्लोमसी हर फ्रंट पर डेवलप्मेंट से इपॉर्टन है
03:23इंडिया-चाइना बॉर्डर से हर जुडी बड़ी अपडेट के लिए देखते रहिए OneIndia Hindi