00:00नवरात्री की तारीखों पर कन्फ्यूजन
00:03महाश्टमी और महानव्मी कब?
00:06कब करें कन्या पूजन?
00:08और किस दिन मनाया जाएगा दशेरा?
00:11शारदिय नवरात्री का पावन परवचल लहा है
00:14घरों से लेकर मंदिरों तक मादुरुगा की पूजा अर्चना की जा रही है
00:19भक्त वरत रख रहे हैं और देवी के नौ सुरूपों की आरादना में जुटे हैं
00:24लेकिन इस बार महाश्टमी और महानव्मी की तारीख को लेकर लोगों के मन में सवाल है
00:29कोई 18 अक्टूबर को अश्टमी मनाने की तयारी कर रहा है
00:33तो कोई 19 अक्टूबर को अश्टमी और नव्मी दोनों की पूजा करने की बात कह रहा है
00:38ऐसे में सवाल है कि आखिर वरत, कन्या पूजन और दशेहरा किस दिन मनाया जाएगा
00:44उपलब्ध पंचांग और विशेशग्यों की जानकारी के मताबिक इन तारीखों को समझना जरूरी है
00:50सबसे पहले बात महाश्टमी की
00:52कब है महाश्टमी
00:53अश्टमी तिथी 18 अक्टूबर सुभे 8 बचकर 27 मिनट बजे से शुरू होगी
00:58अश्टमी तिथी 19 अक्टूबर सुभे 10 बचकर 51 मिनट बजे तक रहेगी
01:04विशेशग्य के अनुसार अश्टमी का वरत 18 अक्टूबर को रखना उत्तम रहेगा
01:08इस दिन मादुर्गा के आठमे स्वरूप मा महागौरी की पूजा होगी
01:13अश्टमी पर कई परिवारों में कन्या पूजन और भोजन कराने की परंपरा है
01:17तो हमें उम्मीद है कि इस जानकारी के बाद आपकी महाश्टमी की तारीख को लेकर जो कन्फ्यूजन थी
01:22वो काफी हद तक दूर हो गई होगी
01:24लेकिन ये कन्फ्यूजन सिर्फ अश्टमी तक ही सीमित नहीं था
01:27बलकि महाश्टमी को लेकर भी लोगों काफी परिशान है
01:30तो अब हम आपको बताते हैं कि इस बार आप महाश्टमी कब मना सकते हैं
01:35कब है महाश्टमी
01:36नवमी तिथी उन्नी सक्तूबर सुबह 10 बचकर 51 मिनट बजे से शुरू होकर
01:42बी सक्तूबर दोपहर 12 बचकर 50 मिनट बजे तक रहेगी
01:46जानकारों के अनुसार नवमी का वरत उन्नी सक्तूबर को मानने रहेगा
01:50कुछ पंचांगों में अश्टमी और नवमी दोनों 19 सक्तूबर को मनाने की परंपरा है
01:55संधिकाल में पूजा का समय 19 सक्तूबर सुबह 10 बचकर 27 मिनट से 11 बचकर 15 मिनट बजे तक बताया
02:02गया है
02:03कन्या पूजन, हवन और वरत पारण के लिए स्थानिय पंचांग से पुष्टी करें
02:08अब सबसे एहम सवाल दशहरा कब है?
02:11इस साल दशहरा यानि विजया दश्मी मंगलवार 20 सक्तूब मनाया जाएगा
02:15इस दिन रामर दहन का उत्सव भी मनाया जाता है
02:17विजया दश्मी के बारे में खास बाते हैं
02:20दरिक पंचांग के मुताबिक दश्मी तिथी 20 सक्तूबर दोपहर 12 बचकर 50 मिनट बजे शुरू होगी
02:26दश्मी तिथी 21 सक्तूबर दोपहर 2 बचकर 11 मिनट बजे तक रहेगी
02:31दशहरे पर भगवान राम की रामर पर विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया जाता है
02:37देश के कई हिस्सों में रामर दहन के आयोजन होंगे
02:40बंगाल में विजया दश्मी सजुड़े आयोजन 21 सक्तूबर को भी हो सकते हैं
02:45पूजा और आयोजन का समय स्थानिय परंपराओं के अनुसार अलग हो सकता है
02:49कुल मिलाकर अश्टमी के लिए 18 अक्टूबर, नौमी के लिए 19 अक्तूबर और दशहरे के लिए 20 अक्तूबर की तारीख
02:57ध्यान में रखें
02:58पूजा की अंतिम तैयारी स्थानिय पंचांग से मिलाकर करें
03:02फिलाल के लिए इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रहिए One India हिंदी के साथ