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दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने से हड़कंप मच गया।
इमारत के मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका सामने आई।
हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।
दमकल, पुलिस और रेस्क्यू टीमें मलबे में दबे लोगों को तलाशती रहीं।
इस हादसे में छात्रों के फंसे होने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी।
मलबे के नीचे कई घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने की आशंका जताई गई।हादसे के बाद इमारत की हालत और निर्माण कार्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।अब सबसे बड़ा सवाल है कि इस हादसे में कितने लोगों की जान गई और कितने सुरक्षित निकाले गए?देखिए सत्य निकेतन हादसे की पूरी कहानी, रेस्क्यू ऑपरेशन और अब तक के बड़े अपडेट्स।

A major building collapse in Delhi’s Satya Niketan area has triggered panic.Several people were feared trapped beneath the massive debris following the collapse.Rescue teams immediately rushed to the spot to search for survivors.Firefighters, police personnel and disaster-response teams were involved in the operation.Reports of students potentially being trapped under the debris raised serious concern.Rescue workers continued their efforts to locate people believed to be stuck for hours.Questions are also being raised about the building’s structural condition and ongoing construction work.The biggest question remains how many people lost their lives and how many were rescued safely.Watch the full report for the latest updates, rescue operation and details of the Satya Niketan building collapse.

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~HT.410~PR.512~ED.108~GR.538~VG.HM~

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00:08दर्शकों इस वक्त हम मौझूद हैं सत्य निकेतन की उसी बिल्डिंग के अंदर जिसके मल्बे में अभी भी कई सारी
00:15मासूम जिंदगियां फशी हुई हैं
00:17जी हाँ दर्शकों ये वही सत्य निकेतन है जो साउथ कैमपस डेली उनिवेसिटी के बिल्कुल पास है
00:24और यहाँ पर सबसे पहले मैं आपको दिखाना चाहूँगा कि ये जो बिल्डिंग है जो गिरी है इसके साथ में
00:30जो बिल्डिंग हमें नजर आ रही है वो कितनी पुरानी है
00:34यहाँ पर पुलिस, प्रशासन, महनत के साथ लोगों को निकालने की पूरी क्रोशिश कर रही है लेकिन ये महनत आज
00:41नहीं करनी थी
00:42ये महनत करनी थी जब ये दिख रहा था कि इतनी पुरानी बिल्डिंगें है जब डी यू के इलेक्शन की
00:49सब बात करते हैं एबी वी पी एनस यू आई की सब बात करते हैं डेली उनिवेस्टी के चात्रों की
00:55लोग बात करते हैं तब ये किसी को नहीं दिखता कि दिल्ली उ
01:11सूम जिन्दगियां शात्र हैं स्टूडेंट्स है जो यहां पढ़ने आये थे और यहां पर सत्य निकेतन के अंदर इतनी पुरानी
01:20बिल्डिंग्स है इसकी जिम्मेदारी आखिर प्रशासन कब लेगा आज काम हो रहा है आज जब नौबत आई है तो इंडी
01:27आरेफ के जवान
01:28पुलिस के हमारे सारे कर्मी सब मेहनत कर रहे हैं लेकिन ये मेहनत ये आज नहीं करनी थी ये तब
01:34करनी थी जब दिख रहा था क्या जब भी डियू एलेक्शन्स के लिए वोट मांगने यहीं तो आते है तब
01:40दिखने ही रही थी इन घरों की हालत इन पीजीज की हालत की बच
01:55सामने आ सकती है अभी भी नहीं पता कितने लोग अंदर है जो प्राथ्मिक जाज ती उससे
02:01पता चला था कि करीब 50 के करीब लोग इसी बिल्डिंग में थे जब यह बिल्डिंग
02:06ढै गई अब तक कुछ लोगों को निकाला भी गया है बचाया भी गया है लेकिन अभी
02:11जो हम अपने सामने दिर्श देख रहे हैं, ये डराने वाले हैं, NDRF हैं, Ambulences हैं, JCB की मशीने हैं,
02:18लेकिन यहाँ पर अभी भी खौफ का मॉल है, अब प्रशाशन से डिल्ली उनिवेस्टी के चात्र जवाब चाहते हैं, जैन
02:27जी अब जवाब चाहता है कि भाईया ना हमारी
02:31एजूकेशन सिस्टम को आप ठीक कर पाए, तरहां बड़ा प्रदरशन हुआ, वहाँ नहीं जाएंगे, लेकिन जहाँ चात्रों के असली हालात
02:38हैं, डेली उनिवेस्टी हमारे देश की वान अफ दो मोस्ट एस्टीम्ड उनिवेस्टी, वहाँ के चात्र कहां रहते हैं, य
03:00इस मलबे के नीचे चली जाती है, दर्शकों जैसा आप देख सकते हैं कि एक बहुत ही खुश खबरी सामने
03:05आ रही है, एक इनसान को अभी अभी निकाला गया है, और जिन्दा हालत में अभी वो हैं, खुशी की
03:12बात ये हैं, कि अभी तक सासे चल रही हैं, जैसा कि आपने �
03:16दर्शकों साफ तौर पे अभी बिल्कुल आपके सामने हमने दिखाया कि कैसे एक जान को बचा लिया गया है, यहाँ
03:24पर देखने वाली बात ये थी दर्शकों की सागने डी यू के अध्यक्ष वो लेके आए खुद उनके साथ थे,
03:32आपने दर्शकों ध्यान से देखा होग
03:45लेकिन दर्शकों सालाम है इंडिया रिफ को और कैसे एक और जान को बचा लिया गया है, लेकिन अभी भी
03:52फिंगर्स क्रोस्ट हैं, हालात बहुत गंबीर थे, इस्ट्रेचर पे उन्हें लाया गया, लेकिन अभी ये देखना बहुत ही जादा महत्वपून
04:00हो जाएगा, कि
04:02वो सासे कितनी देर और चलती हैं दर्शकों, और कितने लोग ऐसे और यहां फशे हो सकते हैं, कितने चात्रे
04:09ऐसे फशे हो सकते हैं, जो इसी प्रकार के मलबे से दरस्त हैं, इसके अंदर दबे हुए हैं, और दर्शकों,
04:17यहां सबसे एहम बात यहां कि रापिड तरीके से �
04:22जा रहा है रापिड तरीके से एक के बाद एक लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है एम्बुलेंसिस को रेडी
04:28रखा गया है लेकिन अभी भी महौल बहुत ही खराब है डर का महौल है अंदर ना जाने कितने लोग
04:36और हो सकते हैं
04:56जाने जाने खराब हो दिनका चोरी आएँ
05:05कि अपल दॉल के अजसे हैं
05:14कि अज़िके गर मारे लॉडने मा देश्च कि अए ख़खने कि
05:24महिंग से धिर्भा नहिसे नंटी सम्मेळ कि सब्सक्ति fluff
05:27कि अजयर क्जोंसे हैं
05:27कि अज़िक系 गर गणिर encontrar लॉज जायर कुझ
05:40कर दो कि मैं भी थोड़ी दिर पहले ही जाने वाली थी लेकिन मुझे लगा थोड़ी दिर क्या कुछ काम
05:51था मुझे क्या संडे तो सारे लोग लेट उटते हैं तो अभी मैंने जब जाके देखा तब लगा कि यह
05:56तो विल्डिंग गर गई
06:01कितने बच्चे फज़ी हो सकते हैं कि सारे डियू के हैं तो फिर बच्चे कालिज के ही होंगे सारे बाहर
06:08की बच्चे हैं यहाँ का लोकल तो नहीं होगा
06:10यह पहले से कम जोड थी आप नोगों ने या से गुजरते हों कि देखा होगा या आनद ऐसी खड़ा
06:15देखा देखा दिए इसामने तो तीन से चार ले गए है मेरे सामने जी उसके बस यह मुझे आइडिया निये
06:22कुछ लोग कह रहे कि हो गई है कुछ कह रहे कि नहीं हुई है
06:30अब देखो आप खुद आइडिया लगा से बूकम तो आया नहीं है वागी कोई जीज होई नहीं है तो आप
06:36तो यह देख सकते हो किया है और हमें देखने भी तो नहीं दे रहे भगार यह आपको जानकारी विल
06:41रहे कितने बच्चे क्यूंकि पचास बच्चे कह रहे हैं कि
06:43हाँ ऐसी मुझे भी देखने को मिला है क्योंकि आज संडे का भी दीन है तो सारी तो हॉलिडे मनाएं
06:47या बारिश का भी टाइम है तो रुकिंगे नहीं है आइडिया तो नहीं है बट हाँ तीन चार पाच्छे रूम
06:52तो होते हैं और फ्लोर पे भूब आई है एक बिल्डिं
07:10थे और इस फ्लोर में आइगेस कम से कम 6-7 रूम थे यानि कम से कम 30 रूम होंगे
07:17तो बच्चे 50 पचास से जादा ही बच्चे होंगे जहां तक मुझे पते सारे बच्चे नहीं दब है बट ऑल्मुस्ट
07:26वहां पे 30-35 बच्चे थे और उसका तो मुझे भी आइडिया नहीं क
07:41बहुत मलवा है और अब्लेंस बहुत लेट आई है बहुत लेट यह डेड़ बजे से पहले हुआ एंब्लेंस अब प्रॉक्स
07:4845 मिनिट के बाद आई है सब यहां कॉल करकर करके पारेशान थे कोई कॉल पिक अप नहीं कर रहा
07:53था अब्लेंस के लिए ना पुलेस आई थी ना
07:56अब्लेंस आई थी यह सब आधे घंटे के बाद आए और तब तक सा पच्चे दबे वे थो आपर
08:33अब्लेंस आप अटे का बाद एंट का प्रॉक्चे बाद एंटाए में रग्लेंस अब्लेंस अब्लेंस अफ छॉक्ति एंपट्ब्लेंस नाप्स।
08:56झाल

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