00:16बस्तर में नकसलवाद का अंत भले ही हो गया हो लेकिन प्राकृतिक चुनोतिया अब भी बाकी है
00:23सिक्षक दिवस के मौके पर बस्तर में ऐसी तस्वीर देखने को मिली जो हर किसी को हैरान करती है
00:31बास्तानार विकास खंड के लाला गुडा क्षेत्र का सरकारी स्कूल जिला मुख्याले से 50 किलोमिटर दूर है
00:38लेकिन इस स्कूल तक पहुँचने का रास्ता पिछले साल आए बाड में बह गया
00:43तब से लेकर अब तक इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे और सिक्षक रास्ते में पढ़ने वाली नदी को पैदल
00:50पार करते हैं
00:52बच्चों की पढ़ाई प्रभावित ना हो इसके लिए सिक्षक हर दिन अपने वाहनों से नदी के किनारे पहुचते हैं
00:59इसके बाद नदी में उतर कर एक दूसरे के सहारे नदी पार करते हैं
01:05गनिमत ये है कि अब तक इनके साथ कोई हाथसा नहीं हुआ है
01:10एक तरब बस्तर में लगातार हो रही बारिश से नदी नाले उफान पर हैं
01:14दूसरी तरब बाड के कहर से सडक और पूल तूट चुके हैं
01:18रास्ता बंध है लेकिन बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए
01:22इसी जज़वे के साथ सिक्षक अपनी जान जोखिम में डाल कर हर दिन नदी को पार करते हैं
01:29और बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल तक पहुँचते हैं
01:32ये तस्वीर देखिए ये किसी फिल्म की तस्वीर नहीं है बलकि बस्तर की हकीकत है
01:38सिक्षक अपनी जान जोखिम में डाल कर बच्चों का भविश्य गणने के लिए स्कूल तब पहुँच रहे हैं
01:43सीधे सिक्षकों से बात करते हैं
01:45कितने तीनों से आई है परिशानी आपकी जीवन में
01:47लगभग एक साल हो गया
01:49कितने तकलीफ होती है थोड़ा बता दिए एक्स्प्लेंग तुजी है
01:52बहुत ज़्यादा तकलीफ तो होती है क्योंकि पिछले एक साल से इसी प्रकार से चल रहा है
01:57गाउवालों ने वेकलपी विवस्ता की थी लेकिन पिछले बार के बाड़ में फिर से यह सब ढ़ा गया
02:02और हम ऐसी पैदल जाते हैं और यहां से पार करने के बाद लगभग तीन किलुमेटर हमको और पैदल चलना
02:10पड़ा तीन किलुमेटर पैदल भी जाएंगे
02:15पहले गाड़ी से मोटर साइकल से जाया करते हैं यह पूल था पूरा यहां से लेके वहां तक का तो
02:21हम दो चले जाते थे लेकिन बाड़ की वजह से अब यह परसानी होना होता है देखिए एक साल से
02:27यह जो आप देख रहे हैं मुस्किले यह इनकी रोजमर्रा की जिंदगी
02:32की हकीकत बन चुकी है रोज इस तरह जद्दो जहत का सामना करते हुए सिख्षक आगे जाते हैं बच्चों की
02:40पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए इसी जजबेक साथ जाने हैं आप लो जी जी हमारे करते भी है कि हमारे करण
02:45किसी का नुकसान नहों बच्चे फ्यूचर होते ह
02:48है और यह गांव में अच्छा गांव है बच्चे लोग भी पढ़ने में रूची लेते हैं और पुलिया तूटने के
02:54करण बहुत सारी परिस्थानी होती है आने जाने में बच्चों को फिकुछ यहां के बड़े बच्चे हैं बाजुवाले गाव में
02:59जाते हैं हाईर सेकिं
03:14foreign
03:28foreign
03:29It is very important to study.
03:32There is a lot of teaching.
03:34Children learn everything with teaching.
03:36When teaching is used,
03:38they also learn to change and change.
03:41Without teaching,
03:42there is a lot of teaching.
03:45The students have to say that they are used to use.
03:47So, teaching is to change,
03:50to change and to change.
03:52And the life of living is also changed.
03:54You are living in one year,
03:56in August, there was a year of a year.
03:57It was that year of a year?
03:58foreign
04:33foreign
04:33foreign
04:34foreign
04:34foreign
04:34the
04:34in the eyes
04:35of their eyes
04:36and they will not
04:41do these problems.
04:45Is it possible to
04:46do this with you?
04:47No,
04:48it's not happening
04:51because of the
04:52There are issues
04:57because you have to reach
05:00We also have to return to school, and live online work.
05:05We have to go here until we come.
05:09We have to go to bike and scooters.
05:10Then we have to go out to a half-kilometer,
05:13then we have to go out to three-kilometer.
05:16August 2025, the river was flooded with all things.
05:20The river, the land, the ground, the water was all in the water.
05:25बाड का पानी उत्रा तो उम्मीद जगी कि फिर से तिनकों को जोड कर व्यवस्था सुधार दी जाएगी
05:32लेकिन एक साल बाद भी हालात वही है
05:34बच्चों की उम्मीद और भरोसे को ये सिक्षक आज भी कायम रखे हुए है
05:39क्योंकि सिक्षकों का मानना है कि सिक्षा बदलाव लाती है
05:44लेकिन इस बदलाव को लाने की जिम्मेदारी जिन सिक्षकों की सिरपर है
05:49वो किन हालातों में अपनी सेवाय दे रहे हैं ये सरकार को जरूर सोचना होगा
06:22this is a picture of a
06:24we are going to be here so that we are going to be here so that we are going to
06:29be here
06:30and that we are going to be here and that we are going to be here.
06:36I am here from ETV Bharat, Turangur.
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