00:00लंडन में इस वाक्त एक बड़ा पॉलिटिकल बवाल शुरू हो चुका है।
00:03मुद्धा ये है कि RSS के सरसंचालक मोहन भागवत का लंडन दौरा होने वाला है
00:10और उसको लेकर वहां की पॉलिटिक्स में आग लग गई है।
00:14आज हम इस वीडियो में बात करेंगे कि आखिर इस दौरे पर इतना हंगामा क्यों हो रहा है।
00:19क्यों UK वाले नहीं चाह रहे कि मोहन भागवत उनके यहां है।
00:25UK के civil society groups और politicians क्यों आमने सामने आ गए हैं।
00:30और इस पूरे विवाद की असली जड़ क्या है आखिर लंडन मेर और RSS का मुद्दा क्या है।
00:37चुरुवात करते हैं लंडन से जहां एक political storm खड़ा हो गया है।
00:41UK के 20 अलाग अलग civil society organizations ने लंडन के मेर साधिक खान को एक खुला खत लिखा है।
00:49इनका साफ खैना है कि मेर खान को RSS केस प्रोग्राम से बिलकुल दूर रहना चाहिए।
00:56इतना ही नहीं इन ग्रुप्स ने Greater London Authority से ये भी मांग की है कि RSS केस प्रोग्राम के
01:02लिए किसी भी तरह का public venue या space provide ना किया जाए।
01:08यानि London के अंदर UK के अंदर RSS का प्रोग्राम ना होने दिया जाए।
01:43इसके बाद UK foreign office और security पर सवाल क्यों उठ रही है।
01:48ये विवाद सिर्फ London तक सीमित नहीं है बलकि इसकी आच UK foreign office तक पहुँच चुकी है।
01:54The Independent की report के मताबित opposition करने वाले groups ने foreign office से भी इस बारे में बात की
02:01है।
02:01उनका कहना है कि ये दोरा ब्रिटेन में मौझूद RSS allies के जरीए एक public outreach campaign का हिस्सा है।
02:09इन groups की चिंता सिरफ एक event को लेकर नहीं है।
02:13उनका मानना है कि भागवत के आने से ब्रिटेन के अंदर मौझूद डायस्पोरा के बीच दूरियां और बढ़ सकती है।
02:20और hate speech को बढ़ावा मिल सकता है।
02:22ऐसा उनका दावा है, ऐसा उनका कहना है।
02:24उन्होंने Metropolitan Police से भी security measures और preparation की पूरी detail मागी है।
02:30क्योंकि उन्हें डर है कि इससे vulnerable communities के बीच एक डर और intimidation का महौल ना बन जाए।
02:39अब भाईया, इसके बाद global outreach तो होना ही था।
02:42भागवत का ये London दौरा कोई अकेले में होने वाला event नहीं है, बलकि ये एक बड़े global campaign का
02:48हिस्सा है।
02:49RSS के 100 साल पूरे होने पर मोहन भागवत पिछले दिनों US और Canada के दौरे पर भी गए थे।
02:55लेकिन जहां जहां वो गए वहां opposition उनके पीछे-पीछे आता रहा।
02:59पिछले हफते New York में जो universal 1NS celebrations हुई थी, वहां भी कई Hindu organizations और local groups ने
03:07इसका जोरदार विरोध किया था।
03:09वहीं same controversy अब Britain में भी दोहराई जा रही है जहां civil society groups political leaders पर दबाव बना
03:16रहे हैं कि वो इस event से दूर रहें।
03:19अब भाईया Jeremy Corbyn का हमला है और उन्होंने opposition में सबसे बड़ा नाम होने के बाद आखिर क्या कहा।
03:26वो हैं Britain के former labor leader Jeremy Corbyn, Corbyn जो अब एक MP हैं उन्होंने खुल कर इस दौरे
03:33की आलोचना की हैं।
03:34उनका कहना है कि Britain को ऐसे व्यक्ती को होस्त नहीं करना चाहिए जो एक hate group को lead कर
03:40रहा है।
03:40यानि उन्होंने सीधे तोर पे RSS को hate group बता दिया और जिसका इतिहास far right violence और extremism से
03:48जुड़ा हो उन्होंने ऐसे शब्दों का इस्तमाल किया।
03:51कॉर्डियन का आरोप है कि RSS ने religious freedom को दबाने और minorities पर attacks को बढ़ावा देने में एक
03:57भूमे का निभाई है।
03:58ये ब्रिटेन में इस दोरे के खिलाफ सबसे तीखी और अकरामक आवाजों में से एक है जिसने इस पूरे मामले
04:05को हम सब के सामने लाकर रख दिया है।
04:08अब भाईया इसके अलावा बॉब ब्लाकमन है उन्होंने support किया है।
04:12सिक्के का दूसरा पहलू भी है जहाँ एक तरफ अलोचिना हो रही है वहीं दूसरी तरफ conservative MP बॉब ब्लाकमन
04:18ने मोहन भागवत के इस दोरे का खुल कर समर्थन किया है।
04:22Social Media Platform expert एक पोस्ट में बॉब ब्लाकमन ने लिखा है कि वो भागवत के विचारों और उनके भविश्य
04:29के विजन को सुनने के लिए बेहत उचसुक और खुश है।
05:21पूरा अधिकार होना चाहिए।
05:22और दूसरी तरफ डामोक्रेटिक राइच और फ्री स्पीच का आर्ग्योमेंट भी तो सामने आ रहा है।
05:28अब भाईया आखिरकार ये दौरा ब्रिटेन में एक नया पॉलिटिकल फ्लैश पॉइंट तो बन चुका है।
05:34यूएस के अंदर न्यूयोक के अंदर ममदानी और मोहन भागवत के बीच क्या हुआ।
05:39फिर अब 20 सिविल सुसाइटी ग्रुप्स ने यूके में खुल कर मोर्चा निकाल दिया है।
05:43जेरेमी कॉर्बिन जैसे बड़े नेता ने इसे हेड क्रुप बता कर विरोत किया है और बॉब ब्लाक्मिन जैसे MPs ने
05:49इसका समर्थन किया है।
05:51एक तरफ RSS के supporters हैं जो इसे एक बड़ा Hindu nationalist social movement मानते हैं और दूसरी तरफ critics
05:57हैं जो इसे minorities के खिलाफ एक अकरामक और authoritarian विचारधारा मानते हैं।
06:03अब सब की निगाहें इस बात पर हैं कि जब मोहन भागवत ब्रिटेन पहुँचेंगे तो वहां की police administration और
06:09local government इस situation को कैसे handle करती हैं।
06:12इस पूरे मामले पर आपको क्या लगता है? क्या इसे events को foreign countries में political विरोत के चलते रोग
06:19देना चाहिए? या freedom of speech के तहत होने देना चाहिए? जो भी आपकी राये हैं हमें comment section में
06:25ज़रूर बताईएगा। अब देख रहे हैं One India, मैं हूँ अकर्ष कौशेक।
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