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क्या World Map में भारत पहले से छोटा दिखाई देने लगा है?
दरअसल, पृथ्वी गोल है लेकिन World Map को हमें एक सपाट सतह पर देखना पड़ता है।इसी वजह से अलग-अलग Map Projections देशों के आकार और दूरी को अलग तरह से दिखाती हैं।Mercator Projection में भूमध्य रेखा से दूर मौजूद क्षेत्र वास्तविक आकार से बड़े दिखाई दे सकते हैं।इसी कारण Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपने असली आकार से कहीं बड़े नजर आते हैं।भारत का वास्तविक क्षेत्रफल बिल्कुल नहीं बदला है, लेकिन अलग Projection में उसका visual size अलग दिख सकता है।कुछ नए Maps में देशों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के करीब दिखाने की कोशिश की जाती है।तो आखिर भारत का असली आकार कितना है और World Map हमें कितना भ्रमित करता है?इस वीडियो में समझिए Map Projection का पूरा खेल और भारत के आकार की असली कहानी।

Has India started looking smaller on the World Map?
The reality is that Earth is spherical, while most world maps represent it on a flat surface.This creates distortions depending on the type of map projection being used.The Mercator Projection, for example, can make regions far from the Equator appear much larger.
This is why places such as Greenland can look dramatically bigger than their actual land area.
India’s real geographical area has not changed, but its visual appearance can vary between map projections.
Newer map designs attempt to represent countries’ relative areas more accurately.So how big is India really, and why can different maps create such different impressions?Watch the full video to understand the science behind map projections and India’s true geographical size.

#WorldMap #IndiaMap #MapProjection #MercatorProjection #India #Geography #WorldGeography #MapFacts #GeographyFacts

~HT.410~PR.512~ED.110~GR.506~VG.HM~

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Transcript
00:00दोस्तों बच्पन से स्कूल की किताबों में या ओफिस के दिवारों पे हमने जो दुनिया का नक्षा यानि वर्ल्ड माप
00:06देखा है क्या वो सच में वैसा ही है जैसा असलियत में हमारी प्रिथूई है
00:11क्या आपको पता है कि जिस माप को देखकर आप बड़े हुए हैं वही माप आपके दिमाग में देश-दुनिया
00:18के साइस को लेकर एक बड़ा जूट या डिस्टॉशन क्रियेट करता है
00:22हमारे देश को भी दुनिया के सामने छोटा दिखाता है और अब क्यों युनाइटेड नेशन्स यानी युएन ने पुराने और
00:32प्रचलित मेकटर माप को बदल कर एक नए इक्वल ओर्थ प्रोजेक्शन माप को अपनाने का बड़ा फैसला लिया है
00:42जी हाँ दर्चकों इतने सालों से जो हमें परोसा गया वो शायद वेस्ट का जूट था अपने आपको हमसे बड़ा
00:49दिखाने का और बाकी सेकिंड वोर्ल नेशन्स को छोटा दिखाने का
00:54आज की इस वीडियो में हम जानेंगे कि कैसे पिछले 400 सालों से दुनिया को एक गलत साइज में दिखाया
01:01जाता रहा और इस नए बदलाव के बाद हमारा भारत आफरिका और बाकी देश असलियत में कैसे नजर आने वाले
01:09हैं आई आपको वो भी दिखाते हैं
01:11वर्ल्ड माप का सबसे बड़ा जूट ये है कि मॉर्केटर प्रोजेक्शन सही नहीं है अब लेकिन सवाल उठता है न
01:19कि ये मॉर्केटर प्रोजेक्शन क्या है दर्शकों ये लोग सोचते हैं कि ये नक्षा गलत कैसे हो सकता है लेकिन
01:25असल में हमारी पृत्वी गोल है या
01:40याड़स मरकाक्टर ने एक नक्षा बनाया था जिसे मरकाक्टर प्रोजेक्शन कहा जाता है इस नक्षे को खास तोर पर समुंदरी
01:48नाविकों यानी सेलर्स के लिए डिजाइन किया गया था ताकि वे असानी से स्ट्रेट लाइन्स खीच कर नाविगेशन कर सके
01:55लेकिन इस प
02:10सबसे शांदार उधारण यह है कि ग्रीनलेंड और आफरिका का अगर आप साइस देखें मेकटर मैप पे ग्रीनलेंड और आफरिका
02:19लगभग एक ही साइस के दिखते हैं लेकिन असलियत ही है कि आफरिका ग्रीनलेंड से लगभग 14 गुना बड़ा है
02:26यानी आप देखो क्यो
02:40इनलेंड बारत से भी बड़ा है लेकिन हकीकती नहीं यह डिस्टॉशन रशिया क्यानडा यॉरोप और नॉर्थ अमेरिका के साथ भी
02:47होता है जबकि एक्वेटर के पास वाले देशों का साइज छोटा दिखने लगता है यून और आफरिकान यूनियन का बड़ा
02:55कदम हु�
02:55और इसलिए यह बदलाव देखने को मिला इकवल अर्थ प्रोजेक्शन अब युनाइटेड नेशन्स ने इस पुराने और भ्रामती फैलाने वाले
03:04मैप को अलविदा कहने का मन बना लिया है इकवल अर्थ प्रोजेक्शन को सपोर्ट किया है इतना ही नहीं पिछले
03:11साल फे
03:25सही अनुपात यानि प्रोपोर्शन में दिखाता है जब आप इस नए मैप को देखेंगे तो नौर्थ अमेरिका और यॉरप अपने
03:32अकार में थोड़े छोटे दिखेंगे क्योंकि मोक्याटम मैप पर उन्हें अननेसेसरीली बड़ा दिखाया जाता है वहीं साउथ अमेर
03:52से हमारा देश भारत इस पर क्या असर पड़ेगा बहुत से लोगों के मन में यह सवाल आता है कि
03:57क्या भारत पहले से छोटा दिखेगा लेकिन सच इसके बिलकुल उल्टा है
04:02इक्वल उर्थ प्रोजेक्शन के आने के बाद भारत अब अपने असली और थोड़े बहतर स्थिती में नजर आता है
04:09मर्कैटर मैप पर हाई लाटिट्यूज वाले देशों के मुकाबले एक्विटेरियल रीजिन्स के देशों का साइज दब जाता था
04:17लेकिन इक्वल उर्थ प्रोजेक्शन पर जब दुनिया को दिखाया जाएगा तो भारत का अकार पहले से और बहतर और थोड़ा
04:25बड़ा यानी अपने रियल जियो पॉलिटिकल स्केल के करीब दिखेगा
04:29जिससे ये साफ होता है कि हमारा देश ग्लोबल लैंड मास में कितना महत्वपून स्थान रखता है
04:36ये नया मैप सिरफ एक कागजी बदलाव नहीं है बलकि दुनिया को देखने के हमारे नजरिये को ये सुधार देता
04:44है
04:44ये बताता है कि जियोग्राफी में हर देश की असली जगा और साइज क्या है बिना किसी वेस्टन या नदन
04:51बायस के
04:52निश्करशे निकलता है दर्शकों कि अब दुनिया बदलेगी
04:55एक नक्षा सिरफ रास्ता दिखाने का जरिया नहीं होता बलकि ये हमारे सोच को भी प्रभावित करता है
05:01जब तक हम मेरकाटर माप देखते रहे तब तक हमें लगता रहा कि नौर्थ के देश दुनिया के सबसे बड़े
05:07और मुख्य देश है
05:08बहिया मैप पे देखो बड़ा बड़ा अमरीका दिखेगा बड़ा बड़ा ग्रीन लेंड दिखेगा योरप के देश बड़े दिखेंगे
05:38सटीक क proposals में देख सेकेगी और जो भाम हमें इतने सालों से दिखाया गया हमारे
05:44एजुकेशन में में जो फैलाया गया वो खतम हो बापको क्या लगता है कि इतने सालों पुराने मैप को बदलना
05:51या ए फैसला सही था जो भी आपकी राए हो ہं
05:54में कॉमेंन सेक्शन में जरूर बताइएगा अब देख रहे हैं One India, मैं हूँ आपको उर्षकाश है

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