00:04जन्माश्टमी की आधी राथ श्रीक्रिष्ण के जन्मका उच्व मनाने के बाद अगली दिन दही हांडी धूंधाम से मनाई जाती है।
00:30पर गुविंदा पतक कई मनजल उची मानव पिरामड बनाकर हांडी तक पहुँशते हैं।
01:00कारिक्रम करना चाहिए। वहीं दही हांडी में डालने के लिए दूद जिसमें ताजा दही, दूद मक्षन और घी, कटे हुए
01:07फल, सेब, केला अंगूर और अनार के दाने, सूखे मेवे, बादाम, काजू और किश्मिश, साथी तुलसी के पत्ते भी उसमें
01:14डाले जाते हैं�
01:15को बताते चलें कि दही हांडी की कहानी भगवान श्री कृष्ण के बच्पन से जुड़ी है। कृष्ण को माखन दही
01:21बहुत पसंद था और उनसे बचाने के लिए मटकी को उपर लटकाई जाती थी। इसी परंपरा को आज गोवंद पथक
01:28मानव पिरामिट बनाकर निभा
01:42फिलहालस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।