00:00कुछ अर्सा पहले सेहुन शरीफ जाने का इत्फाक हुआ था.
00:04वहां की फजा, गलियां, बाजार और लोगों की अपनी एक अलग ही कैफियत महसूस हुई.
00:10मैंने इस सफर के दौरान अपने मोबाइल से कुछ छोटे छोटे क्लिक्स रिकॉर्ड कर लिये थे.
00:17इस वक्त तो बस याद के तौर पर बना लिये थे.
00:20लेकिन आज दुबारा ये विडियोज देखें, तो सोचा कि क्यों न आप लोगों के साथ भी शेयर की जाएं.
00:26ये कोई प्रोफेशनल शूट नहीं, ना ही किसी कैमरा टीम ने इसे रिकॉर्ड किया है.
00:32ये बस मेरी अपनी बनाई हुई विडियो है.
00:34मेरे सफर की एक छोटी सी याद.
00:37कराची से बाहर के ये मनाजर भी कभी कभी दिल को बहुत अच्छे लगते हैं.
00:42तो सोचा, आज अपने कराची वाले अकाउंट पर सेहन शरीफ की ये खुबसूरत याद आप सब के साथ शेयर कर
00:50दो.