00:00Subscribe and subscribe to bell icon.
00:08December 2019, China's country has been in Wuhan in the country.
00:14The virus has been in the country.
00:16The virus has been in the country.
00:20The virus has been in the country.
00:25The virus has been in the country.
00:29pandemic
00:30is
00:30a
00:31a
00:32a
00:32a
00:32a
00:34a
00:45a
00:46a
00:46a
00:46a
00:57a
00:57a
00:57की कमी के कारण अपनी जान गवावेट है
01:02नीती निर्माता और मीडिया
01:03करोना वाइरिस के प्रभावों
01:05और निवारे कुपायों के बारे में
01:07बड़े पैमाने पर बात कर रहे है
01:09लेकिन कोई भी इस बारे में बात नहीं कर रहा है
01:12कि इनसान लगबग
01:13पिछली एक शतापती से
01:15कई नए वाइरिस से क्यों प्रभावित हो रहा है
01:19ऐसे कई शोध हैं जो इस निशकर्ष पर आए हैं
01:22कि परियावरण के नुकसान के कारण
01:25ऐसे वाइरिस के प्रसार होए है
01:27लेकिन ये शोध हमसे छपाए गए है
01:30आईए समझने की कोशिश करते हैं
01:33कि महामारी और परियावरण के नुकसान के बीच क्या संबंध है
01:39पिछले सौ वर्षों में महामारियों की संख्या में बड़ोत्री हुई है
01:431918 में आए स्पैनिश फ्लू ने
01:46दुनिया की लगबग एक तिहाई अबादी को संक्रमित कर दिया था
01:491957 में हमने एशिन फ्लू देखा
01:52जिसने लाखों लोगों की चान ले ली
01:541968 में उबरा हॉंग कॉंग फ्लू
01:56और 1977 में रूसी फ्लू का भी
01:59दुनिया भर में विनाशकारी प्रभाव पड़ा
02:011981 में आई HIV AIDS महामारी
02:04आज भी लाखों लोगों को प्रभावित करती है
02:06फिर लगा था
02:08हमने 1994 में ब्यूबॉनिक प्लेग
02:112003 में सार्स
02:122009 में स्वाइन फ्लू
02:142012 में मेर्स
02:162014 में एबोला
02:182015 में जीका वाइरस
02:19और दिसमबर 2019 में
02:22COVID-19 के बढ़ते मामलों को देखा
02:24जो जल्द ही दुनिया भर में फैल गए
02:26लेकिन ऐसा क्या कारण हो सकता है
02:29जिससे जानवरों के वाइरस
02:31इतनी तेजी से मनुश्यों में पाई जाने लगे
02:34कुछ वैग्यानकों का मानना है
02:36कि बढ़ते मानव वन्यजीव संगहर्ष
02:39मानव को वाइरस के संपर्क में ला रहा है
02:44लंबे समय से वैग्यानिक
02:46मनुश्यों में जोनाटिक रोग
02:48या पशुओं से पहलने वाले रोगों की वज़ा जानने की कोशिश कर रहे है
02:52What can we do with the Zoonotic Virus?
02:57In the past, humans have seen every single person in every single person.
03:04But in this case, we have seen a lot of negative effects.
03:10The first year of 1.05% is the same as the 1.5% of the population.
03:23World Bank के अनुसार 1990 और 2016 के बीच दुनिया ने 13,00,000 वर्ग किलोमीटर जंगल खो दिया है
03:31जो पूरे दक्षन अफरीका से भी बड़ा छेत्र है
03:34पिछले 50 वर्षों में एमजोन के जंगलों का लगभग 17 प्रतीशत नश्ट हो जुका है
03:42भारत में ही पिछले 30 वर्षों से खनन, रक्षा और जल्विद्युत परियोजनाओं के लिए 14,000 वर्ग किलोमीटर वन शेत्र
03:51के इस्तमाल की मनजोरी दी गई है
03:55जंगलों में वाइरस की एक पूरी श्रिंखला है जिसके बारे में ना तो इनसानों को जानकारी है और ना ही
04:01इनसान इनके कभी संपर्क में आए है
04:05इस तताकतित विकास और वन शेत्र के अतिक्रमन के कारण
04:09हम नए वाइरिस के संपर्क में आ रहे हैं
04:12लेगिन इनसान के शरीर इन वाइरिस से लड़ने की छमता नहीं रखते हैं
04:172020 में प्रकाशित IPBES रिपोर्ट के अनुसर
04:20जानवरों और जलिय पक्षियों में 17 लाख तक अन देखे वाइरिस हैं
04:25जो वाइरल बिमारियों के प्रकोप का कारण बनने की छमता रखते हैं
04:29जंगलों को अंदा दुन्द काट कर इनसान ऐसे कई वाइरिस के संपर्क में आ रहे हैं
04:37कई शोदों के अनुसर गीले बाजारों में जंगली जानवरों की पिकरी
04:41और बुश मीट का सेवत संभावेत तरीकों में से एक है
04:46जिसके माध्यम से जुओनाटिक वाइरिस मनुश्यों में फैलते हैं
04:50चीन में पारंपरिक चीनी चिकित्सा के उप्योग के लिए पैंगोलिन और गेंडो के शिकार किया जाता है
04:57अवैज शिकार के खिलाफ सक्त कानूनों के बावजूद इन जानवरों की काला बजारी हो रही है
05:05सार्स और मेर्स जैसे रोग एक प्रकार के करूना वाइरिस के कारण होते हैं
05:10जो की जंगली जानवर जैसे चमगादर से मनुश्य में आते हैं
05:15पश्चिम अफ्रीका में एबोला का प्रकोप और दक्षिन भारत में नीपा वाइरिस का प्रकोप भी चमगादडों के कारण हुआ
05:22इसी तरह चिंपैंजी जैसे जानवरों के माध्यम से मनुष्य HIV से संक्रमित होए
05:27एवियन इंफ्लुएंजा जलिय पक्षियों या पानी में पाए जाने वाले पक्षियों में मौझूद वाइरिस के कारण होता है
05:34जो पोल्ट्री जानवर को संक्रमित करते हैं और फिर मनुष्यों में फैल जाते हैं
05:39स्वाइन फ्लु का वाइरिस भी सुवरों में जंगली पक्षियों के माध्यम से आया
05:442020 की IPBES रिपोर्ट में बताया गया है कि महमारी से बचाफ की तयारी हमें पहले से ही करनी होगी
05:51शेहरी परस्तिती में बदलाव, कनेक्टिविटी नेटवर्क में वृद्धी और गेर जिम्मेदार वनों की कटाई ने मानव वन्य जीव संगहर्श को
05:59और अधिक बढ़ा दिया है
06:01और इसलिए अकसर महमारी आती है
06:05जब भी लोग वन्य जीवो के समरित आवासों में जाते हैं
06:08तो जोनारिक वाइरिस के ऐसे भैलने की संभावना अधिक होती है
06:12लेकिन अनुसंधान की इस महत्वपून पंक्ती को सरकारों, पुंजी पतियों और मीडिया ने पूरी तरह से नजर अन्दास कर दिया
06:21है
06:21इस तताकतित विकास के मौडल के तहट बड़े-बड़े पुंजी पतियों को फाइदा होता है और ये सच आम जनता
06:28से छिपाया जाता है
06:29हाली में हमारे देश की मुख्य धारा की मीडिया ने हमारा ध्यान धार्मिक और राजनेतिक प्रचार पर केंद्रत कर दिया
06:36है
06:36मीडिया तताकतित विकास पर सवाल नहीं उठाता है पुंजी पति इस चुप्पी का फाइदा उठाते हैं और उनके उद्यम फलते
06:44फूलते हैं
06:46भारत के GDP का केवल 0.7 प्रतीशत अनुसंधान और विकास के लिए इस्तमाल होता है जो अन्य देशियों की
06:54तुलना में बहुत ही कम है
06:57इसमें से एक बड़ा हिस्सा DRDO और अंतरिक्ष अनुसंधान में और बाकी निजी छेतर के लिए खर्च किया जाता है
07:03अगर सरकार और पुझी पति इस तथाकथ विकास के बहाने अपनी पुरानी नीतियों और प्रताओं को जारी रखते हैं
07:11तो वो अन्ततह पूरी मानफ़ता को खत्रे में डाल रहे हैं
07:15हमें विकास की अपनी परिभाशा बदलनी होगी
07:18और उन तरीकों को तलाश करना होगा जिसके माध्यम से इने टिकाउ बनाया जा सके और भविश्य की महमारियों को
07:26टाल सके
Comments