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Upload date: 05/06/21

Disclaimer: This documentary was supported by a grant from the Thakur Family Foundation. Thakur Family Foundation has not exercised any editorial control over the contents of this reportage.

उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अच्छी सुविधा ना होने के कारण से आम आदमी और मज़दूर वर्ग झोलाछाप डॉक्टर के पास जाने को मज़बूर हैं। नेशनल हेल्थ प्रोफाइल के अनुसार, भारत में हर दस हज़ार लोगों के लिए सिर्फ एक एलोपैथिक डॉक्टर है।
चलचित्र अभियान की रिपोर्ट।

टीम- शाक़ीब यामीन रंगरेज़, वसीम, सुंदुस इद्रीसी

In UP, due to lack of good healthcare services in the government hospitals, the common man and workers are turning to quack doctors. According to the National Health Profile, every 10,000 people in India have only one allopathic doctor.
A Chalchitra Abhiyaan report.

Crew- Shakib Yameen Rangrezz, Waseem, Sundus Idreesi

#healthcare #up

Visit our Website: www.chalchitraabhiyaan.com

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News
Transcript
00:00चल चत्रभ्यान की और वीडियोज देखने के लिए सब्सक्राइब करें और बेल आइकॉन को दबाएं
00:17सरकारी अस्पताले में आप क्यों नहीं जाए पाई?
00:20सरकारी अस्पताले में इसलिए नहीं जाए पाया एक तो जी कुरोना की चांच
00:23उसमें तीन चार दिन नग जाते हैं और एक काफी भीड रहती है दवाई सेनी देते हैं
00:30किस डॉक्तर को दिखाया था?
00:32डॉक्तर अब बासे को दिखाया था तो क्या क्लोनी के तो क्या उनके पास कोई डीगरी है क्या क्लोनी से
00:39है हो?
00:39नहीं जी डिगरी तो वैसे ही है फर्जी दाफ्तर जी
00:44तो आप जो नीजी डॉक्तर होता है जैसे अंडिबियस है उनके पास क्यों नहीं जा पाए
00:49पैसा नहीं ठार जी पैसे जी जैसा नहीं जाया
01:16मेरा नाम हाकम है जी रिक्सा चलाता हूं परिवार में दो बच्चे है मेरे पास और कोई है नहीं
01:28जैसे अभी लोगडाउन लगा है तो आप कैसे मैनेज कर पारे उस चीज को खाने का पीने का बच्चों के
01:35साथ
01:35बच्चों का हिसाब हैंजी सुबहे इसाम को जाता हूं खाना ली आता हूं मैं धरों मैं
01:41जारों में जा कह देता हूं एस-एस दो बच्चे मेरे साथ में मुझा खाना चली भूद कि बच्चyeongों
02:03रखी आप यह बताई है आपको यह जो बीमारी बता रहे हैं क्या बीमारी थी आपको पहले दर्द बना जड़
02:14बना पीडू में पीडू में दर्द बनने के बाद
02:17आज नीचे की बोली होती है, वर्द बच्चेगी, वो एक बोली मोटी होगी, ग्राइबेट कुछ दांक्तरों से इनसे दबाई ली,
02:24पर उन दबाईयों ने दड़ तो बतम कर दिया, लेकिन सूजन और गांठ बराबर बनने है, बिगर लंगोट बांदे रहा
02:33नहीं जाता, क�
02:49कितने दिन तक आपने उसरे इलाज कराया, ये कराया, जी मैने 17-18 इन इलाज कर दाए, जब ये दड़
02:56तो बन दोगा, बीमारी एक नहीं बराबर है, चलने में दुक्का कराया, जो आप जो नीजी डोक्टर होता है, जैसे
03:04अम्डिबेस हैं, उनके पास क्यों नहीं जा पा�
03:15कुले, बास करी।
03:21तो। सरकारी हाच प्वेटल है इदर, तो आप उधर नहीं गये है।
03:27जी मल्दो जी का साम करता है,
03:30मार रहे हैं आप इस लिए में तड़के तर्की विजेशन भी तो आपको क्या हुआ था अभी अब इस अब्यात
03:50खराब हो गए थी क्या-क्या बिमारी थी आपको मेरे प्लेट कि गए भी और टाइफएड बुपार हो गए था
03:56कितने दिन पहले हुआ था आप कोई यह कम सखम एक मेने पहले हुआ है अब जैसे आप यहां पे
04:18अपने घर पे थे तो आपने किस दोक्टर को दिखाया था डाक्टर अब बाशी को दिखा दाजिए
04:25तो क्या क्लोनी के तो क्या उनके पास कोई डिगरी है क्या क्लोनी से हो नहीं जी डिगरी तो वसी
04:31ही है फर जी डाक्टर तो आप फिर इनके पास क्यों गए हैं जी इनके पास क्यों गए थे इनके
04:37पास क्यों गए थे इतने पैसे नहीं थी जी अगर अगर अंभी वेस के पा
05:21अपने इतने दिन तक दवाई खाई है और रिकोटे कराई
05:25तो लगभाग आफका उसमें कितना खर्चा हो गया होगा तो सरकारी अस्पताल में आप यह नहीं जा पाई किया लेकि
05:53प्रिकोरोना की जाँच प्रस्टार्च डार।
05:55इसमें तीन-चार दिन लग जाते हैं, और एक काफी भीड़े रहती है, दवाई सेमी देते हैं, एक तरीके से
06:04आपका सरकारी अस्पदार में से ब्रोसा ही उठा हुआ है, आज ही ब्रोसा नहीं हुआ है,
06:31इसन में से खस्याथ क्राणि ओान झाल देते हैं अन्याशर से हैं, एक रस्पठर से इसे ब्रोसा काफी से ब्रॉट
06:37अर्षर्ण से उते हैं, और एक बिवगा है .
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