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आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में 46 वर्षीय व्यक्ति की COVID-19 संक्रमण के बाद मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने संपर्क में आए लोगों की पहचान और निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल नई COVID लहर या महामारी जैसी स्थिति के कोई संकेत नहीं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस अभी भी मौजूद है और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए जोखिम बना रह सकता है।

A 46-year-old man in Kadapa, Andhra Pradesh, has died after testing positive for COVID-19, prompting health authorities to intensify surveillance and contact tracing. Officials have clarified that there is no indication of a new COVID wave or a return to pandemic conditions. The case serves as a reminder that the virus continues to circulate and remains a risk, especially for vulnerable individuals.

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Transcript
00:04एक ऐसी खबर जिसने एक बार फिर 2020 की यादे ताजा कर दी है
00:09क्या कोवेड वापस आ गया है?
00:11क्या करोना वाइरिस ने फिर से अपना खतरनाक रूप दिखाना शुरू कर दिया है?
00:15क्या हमें फिर से वही मास्क, वही डर और वही लोगडाउन वाले दिन देखने पड़ेंगे?
00:21और सबसे बड़ा सवाल क्या ये सिरफ एक अलग घटना है या किसी नए खतरे की शुरूआत?
00:27आंदरप्रदेश से एक ऐसी ख़बर सामनी आई है जिसने हेल्थ अथॉरिटी इसको अलर्ट मोड पर ला दिया है
00:33कडपा में एक 46 साल के व्यक्ति की COVID-19 इंफेक्शन के बाद मौत हो गई है
00:39जी हाँ COVID की वज़े से मौत लेकिन इस ख़बर को समझना बहुत जरूरी है
00:45सबसे पहले एक बात बिलकुल साफ कर देते हैं
00:48इस वक्त किसी भी हेल्थ अथॉरिटी ने ये कहीं नहीं कहा है कि कोई नई COVID वेव आ चुकी है
00:54या देश में फिर से पैंडेमिक शुरू हो गया है
00:57लेकिन एक मौत ने जरूर हेल्थ सिस्टम को सतर्क कर दिया है
01:02और इसलिए आज हम आपको बताएंगे इस पूरी कहानी की हर परत
01:06कैसे एक आम निमोनिया समझा गया केस आखिर COVID निकला
01:10और कैसे डॉक्टर्स को इसका पता चला
01:12ये पूरी घटना अंदरब्रदेश के कडपा डिस्टिक्ट की है
01:16हेल्थ ओफिशल्स के मताबिक
01:1740 साल का एक व्यक्ती तेज, खासी और सास लेने बहुत ज्यादा तकलीफ के बाद
01:22हॉस्पिटल पहुचता है
01:24उसकी कंडिशन काफी सीरियस थी
01:26डॉक्टर्स तुरंत उसका ट्रीट्मेंट शुरू करते हैं
01:29डिस्टिक्ट मेडिकल और हेल्थ ओफिसर के मताबिक
01:32पेशन्ट को अलकॉल एडिक्शन की हिस्ट्री भी थी
01:35यानि उसकी ओवरल हेल्थ पहले से ही कमजोर मानी जा रही थी
01:39हॉस्पिटल में डॉक्टर्स ने सबसे पहले उसका चेस्ट एकसरे किया
01:43एकसरे देखते ही डॉक्टर्स को पता चला कि लंग्स में सिवियर इंफेक्शन है
01:48निमोनिया बहुत ज़्यादय बढ़ चुका था
01:50मेडिकल टीम ने इसे बैक्टीरियल निमोनिया मान कर ट्रीट्मेंट शुरू किया
01:55हाइडोस अंटिबाइटिक्स दिये गए एक दिन, दो दिन, तीन दिन
01:59और चार दिन तक लगता ट्रीट्मेंट चलता रहा
02:02लेकिन जो डॉक्टर्स एक्सपेक्ट कर रहे थे वैसा कुछ भी नहीं हुआ
02:06पेशिंट की तब्यत सुधरने की बजाए और खराब होती गई
02:10डॉक्टर्स के लिए ये सबसे बड़ी पहली बन गई
02:14आखिर अंटिबाइटिक्स काम क्यों नहीं कर रहे थे
02:16इसी सवाल ने डॉक्टर्स को एक दूसरी डिरेक्शन में सोचने पर मजबूर कर दिया
02:21और यहीं से शुरू हुआ इस कहानी का सबसे इंपॉर्टन मोड
02:24डॉक्टर्स को शक हुआ कहीं एक कोविड इंफेक्शन तो नहीं
02:28इसके बाद पेशन की डिटेल्ड मेडिकल इंवेस्टिकेशन की गई
02:32सीटी स्कान और दूसरे टेस्ट किये गई
02:34इंवेस्टिकेशन के बाद कोविड इंफेक्शन की पुष्टी हुई
02:38लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी
02:40पेशन को बचाया नहीं जा सका और उसकी मौत हो गई
02:44जैसे ही कोविड इंफेक्शन कंफर्म हुआ
02:46हेल्थ डिपार्टमेंट तुरंथ आक्शन मोड में आ गया
02:49एरिया को सैनिटाइज किया गया
02:51कॉन्टाक्ट ट्रेसिंग शुरू की गई
02:53पेशन की प्राइमरी कॉन्टाक्ट्स और सेकेंडरी कॉन्ट्रैक्ट की
02:57पहचान की जा रही है जो लोग उनके संपर्क में आये थे
03:01उन सब की मौनिटेरिंग की जा रही है
03:03ये एक स्टैंडर्ड पब्लिक हेल्थ प्रोटोकॉल है
03:06ताकि ये इंफेक्शन अगर कहीं और पहुचा हो
03:08तो उसे तुरंत रोका जा सके
03:10अब सबसे बड़ा सवाल क्या हमें घबराना चाहिए
03:14जवाब है नहीं
03:15लेकिन सतर्क रहना ज़रूरी है
03:17इस एक केस को लेकर अभी तक किसी आथारिटी ने ये नहीं कहा है
03:22कि देश में कोविट की नई वेव आ गई है
03:24या फिर लॉकडाउन जैसी सिच्वेशन बनने वाली है
03:27एक्सपर्स का कहना है कोविट वाइरिस कभी पूरी तरह खतम हुआ ही नहीं था
03:32ये वाइरिस आज भी दुनिया भर में मौझूद है
03:35बस इसका इंपक्ट पहले के मुकाबले काफी कम हो चुका है
03:38इसी को एंडेमिक फेस कहा जाता है
03:41यानि वाइरिस सुसाइटी में मौझूद रहता है
03:45लेकिन कंट्रोल्ड लेवल पर
03:46आईए थोड़ा पीछे चलते हैं
03:49डिसेंबर 2019 में चाइना के वुहान सिटी से एक अजीब रेस्पिरेटरी इलनिस की रिपोर्ट सामने आनी शुरू ही
03:56कुछी हफतों में ये इंफेक्शन दूसरे देशों तक पहुँच गया
03:59जैनवरी 2020 में World Health Organization यानी WHO ने इसे Public Health Emergency of International Concern डिकलेर किया
04:09और फिर 11 मार्च 2020 वो दिन जब WHO ने Officially COVID-19 को Global Pandemic डिकलेर कर दिया
04:18उसके बाद जो हुआ वो दुन्या कभी नहीं भूल सकती
04:20लॉक्डाउन, बंद एरपोर्ट, बंद स्कूल, बंद आफिसेज, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, क्वारेंटाइन, हॉस्पिटलों के बाहर लंबी लाइने, ऑक्सिजन की कमी और
04:31करोरों लोग इस वाइरिस से इंफेक्टेड हुए
04:33लाखों लोग ने अपनी जान गवा दी, यह सिर्व एक हेल्थ क्राइसिस नहीं था, यह एकनॉमिक क्राइसिस भी था, सोशल
04:41क्राइसिस भी था और एमोशनल क्राइसिस भी, लेकिन साइणस ने हार नहीं मानी, वैक्सीन्स आई, ट्रीट्मेंट इंप्रूव हुआ, टेस्
05:02खतम हो गया सिर्व इतना था कि दुन्या उस इमर्जनसी फेस से बहार आ चुकी थी
05:06दोजार पचीस तक एक्सपर्स का मानना था कि कोवेड एंडेमिक स्टेज में एंटर कर चुका है
05:12यानि ये वाइरिस सीजनल इंफेक्शन की तरह कभी कभी केसिस दे सकता है
05:17इसलिए कडपा की ये घटना हमें एक बात जरूर याद दिलाती है
05:22वाइरिस अभी भी मौजूद है और खास कर उन लोगों के लिए जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है
05:28या जिन्हें पहले से कोई सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम है
05:30कोविड अभी भी डेंजरिस साबित हो सकता है
05:33हेल्थ एक्सपर्ट्स लगातार ये सला देते हैं
05:36कि अगर किसी व्यक्ति को कई दिन तक तेज बुखार, लगातार खासी, सास लेने में दिक्कत या सेवियर रेस्पिरेटरी सिम्टम्स
05:43हो
05:44तो डॉक्टर की सला जरूर लेनी चाहिए
05:46खुद से दवा लेना या सिम्टम्स को एग्नोर करना कभी-कभी खरतरनाक साबित हो सकता है
05:51फिलहाल अंदर प्रदेश में हेल्थ अथॉरिटी सिचुएशन पर नजर बनाये हुए है
05:56कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग चल रही है
05:57मॉनिटरिंग की जा रही है
05:59और अब तक किसी बड़े आउटब्रेक की अधिकारिक कुष्टी नहीं हुई है
06:03लेकिन ये खबर एक वर्निंग जरूर है
06:06वर्निंग पैनिक की नहीं
06:08वर्निंग अवेर्निस की
06:09कॉरोना को भूल जाना और कॉरोना की खतम हो जाने में बहुत बड़ा फर्क है
06:14वाइरिस शायद हेडलाइन से गायब हो गया हो
06:17लेकिन वाइरिस दुन्या से गायब नहीं हुआ है
06:20अब देखना होगा क्या कड़पा का ये केस सिरफ एक आइसुलेटेड इंसिडेंट है
06:24या हेल्थ अथॉरिटीज को आने वाले दिनों में और भी केसिस मिलते हैं
06:28क्या ये सिरफ एक अनफॉर्चनेट मेडिकल केस है
06:31या किसी बड़े पैटन का हिस्सा
06:33इन सब सवालों का जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा
06:36अपनी राए कॉमेंट सेक्शन में ज़रूर बताइए
06:38मैं हूर इताना मित्तल और आप देख रहे हैं One India Hindi
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