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Iran US War Update: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन की अहम मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। SCO Summit के दौरान हुई इस बैठक को भारत-ईरान संबंधों और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस वीडियो में जानिए मोदी और पेज़ेश्कियन की मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत का रुख क्या है और इस बैठक का ट्रंप की रणनीति पर क्या असर पड़ सकता है। साथ ही SCO Summit से जुड़े बड़े फैसलों और Iran-US War के ताजा घटनाक्रम को भी समझिए।

Iran US War Update: Prime Minister Narendra Modi’s meeting with Iranian President Masoud Pezeshkian at the SCO Summit has drawn major attention amid rising tensions in the Middle East. The meeting comes at a crucial time as Iran and the United States remain locked in a serious geopolitical confrontation. In this video, we discuss the key issues surrounding the Modi-Pezeshkian meeting, India’s position on the Iran-US tensions, and the possible message behind the diplomatic engagement. We also examine the wider significance of the SCO Summit and what this meeting could mean for regional geopolitics, Trump’s strategy and India-Iran relations. Watch the full video for the latest updates.

#IranUSWar #PMModi #Pezeshkian #Trump #Iran #SCOsummit #IndiaIran #ModiPezeshkian #MiddleEast #BreakingNews

~HT.410~PR.540~ED.110~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00प्रदान मंतरी मोदी इस वक्क किर्गिस्तान के दौरे पर हैं यहां वो S.C.O. समिट में हिस्सा लेंगे इस
00:05बीच उनकी मुलाकात इरान के राष्टपती से भी हुई है
00:09बता दे कि इरान अमेरिका का जब युद शुरू हुआ उसके बाद प्रदान मंतरी मोदी की इरानी राष्ट्रा अध्यक्त से
00:15ये पहली मुलाकात हुई है
00:17इस मुलाकात में क्या बात हुई हुगी युद पर चर्चा हुई हुगी नेकर भी कैं चर्चा हुई होगी इस पर
00:24यहाज़ हम बात करेंगे
00:25अब हैं आपको क्या लगता है संभाविद बातचीत क्या हुई हुगी
00:29दिखें कई सारे मुद्दों पे यहाँ पर बाचीत हुई होगी लेकिन सबसे important बात जो इंडिया के नजरिये से देख
00:36सकते है वो हॉर्मूज से अपनी जो ships है और ships से आने वाले natural gas, petroleum products इनकी जो
00:43बाता आता है उसको बहुत जादा तरीके से जो एक obstacles face करने पड़ रहे थे उसक
00:59में PM Modi ने एक visit की थी उसके बाद उनकी घर और बाहर दोनों तरफ बहुत बड़ी आलोचनाय भी
01:05हुई थी तो उस वजह से इरान और इंडिया के बीच में कई न कई कुछ फासला आया है क्या
01:10इस तरीकी के जो बाते हो रही थी उसको कम करने के लिए उन चीजों को tackle करने के �
01:16यह बातचीत और उस बातचीत का देखिए बाद में अच्छा प्रचार प्रसार भी किया जाएगा क्योंकि आपको पता होगा कि
01:22जून का महीना था इतिंग कि जून के महीने में इरानियन जो प्रेजिडेंट है तो उन्होंने एक तरीके से इरानियन
01:30टॉप लीडर्शिप �
01:31इरानियन फॉरिण मिनिस्टर ने देरे-देरे करकर इंडिया के साथ कनवर्सेशन्स बिल्ड किये इस तरीके से बिल्ड किये कि यह
01:38जो प्रेजिक्षा ने उन्होंने कॉल किया था प्रियम मुदी को उन्होंने ब्रीफ किया था कि किस तरीके से जो अमेरिका
01:44के साथ युद
01:57प्रेड में आ रही है कि आज सुबह ही बहुत दिनों बाद अमेरिकन बेसिस को फिर एक बार टारगेट किया
02:02गया है जो जो अमेरिकन इंपोर्टन बेस है जहाँ पर लगबर चार्ट से पाच हजार युएस सैनिक मौजूद होते है
02:10वहाँ पर इरान ने मिसाइले डागी लेक
02:26इसी वजह से वह पहला एक्शन लिया गया तो एक तरीके से एक तरफ इंडियन प्राइम मिनिस्टर इरान के जो
02:33सबसे इंपोर्टन एक तरीके से लीडर है उनसे मिल रहे है दिखे मोचतवा कही पर नहीं है सीन में तो
02:38उनके बाद जो इलेक्टेड जो लीडर है वोई पर �
02:42चाहिए है तो उनको मिलना और एक तरीके से इंडिया डिप्लोमसी को पुश करना चाहता है इंडिया अमेरिका और इरान
02:49के बीच में जो डायलॉग है उस डायलॉग को और बहतर तरीके से अगर मेडियेट करने की कही उमीद हो
02:54तो वो भी करना चाहेगा लेकिन वही बात है
02:56कि इरान ने already पाकिस्तान, कतार, ओमान इन तीन कंट्रीज को as a mediator चुन लिया है
03:03और वही लोग US और इरान के बीच में की mediation का काम कर रहे है
03:07इंडिया अपने एक तरीके से जो बाते होंगी
03:10सीफेरर्स की जुदान जाके चुकी है
03:1216 भारतियों ने अपनी जान गवाई है इस पूरे युद के दोरान
03:16और उसमें से 10 तो शिप्स पर काम करने वाले लोग थे
03:19तो वो सबसे बड़ा एक point of concern इंडियन डिप्लोमेटिक पूरी जो यूनिट है
03:24उसके तरफ से हो सकता है और कई सारे प्रजेक्ट से
03:26चबाहार पोर्ट सभी को देखिए वेल लोन है इस वज़े से
03:29चबाहार पोर्ट में जब से war start हुआ है युएस ने
03:32sanctions बड़ा दिया है अभी पिछले दो हफते में इरान ने
03:36economic day करके sanctions युएस ने इरान की उपर लगाया है
03:41उसके तहट इरान के साथ business करना बहुत ज़्यादा
03:45मुश्किल हो चुका है इरान जो इंडिया की oil import में
03:48एक महतवपुन भूमी का निभार आता directly इंडिरेटली भी वो
03:52सारी चीज़े कही न कही अब near zero की तरफ आ चुकी है
03:55ये इंडिया के लिए challenging times है
03:58और उस backdrop पर इरान के इतने बड़े leader के साथ meeting
04:02ये भारत अपने खुद के जो hit है उनको साधना चाहेगा
04:07इस पूरी war के बीच में ना भारत पड़ा है इसे पहले
04:10ना वो पड़ना चाहेगा उसने कोई भी strong stance नहीं लिया
04:14वो बस अपने जो hit है अपने देश और अपने लोगों के hit
04:18उसको underline करना चाहेगा
04:19बिल्कुल अब है जैसे कि आज बता रहे थे आपके आज का दिन कितना महतपूर है
04:24महतपूर इस बात के लिए भी है कि तुर्किय के राजधाने इस्तांबूल में
04:27जो Islamic NATO कहा जा रहा है मक्का एग्रिमेंट के तीनों देश उनके रक्षामंतियों की बैठक भी हो रही है
04:34पाकिस्तान साओधी रेविया और तुर्किय उस लिहाद से भी इसे एहम मनाय सकता है
04:39मध्यपूर यानि हमारा पश्ची मेशिया वहाँ पर अब इरानी वाले युद के बाद सितियां बदल रही है
04:45नए दोस्त बनाये जा रहे हैं पुरानी दोस्तियां तूट रही है या कहले कि पुराना जो भरोसा था उसमें भी
04:52कमी आ रही है
04:52अमेरिका भी नहीं जगा तलासेगा भारत भी नहीं जगा तलास रहा है इस नजरिये से आप कैसे देख रहे है
04:57देखें मध्यपूरो में जो भारत का पिछले 10 या 15 सालों से जो भी डिप्लोमेटिक स्टांस रहा है तो काफी
05:05सिंपल है
05:06भारत एकनोमिकली हर एक उस प्लेयर के पास जाना चाहा रहा है जो उसको कुछ दे सकता है और भारत
05:12भी उसके साथ कुछ ट्रेड कर सकता है
05:14लेकिन जो इंडिया पाकिस्तान वार हुआ या फिर एक जो कॉन्फिलिक्ट हुआ उस कॉन्फिलिक्ट के बाद तर्की की जो भूमिका
05:22थी वो बहुत इंटरस्टिंग हो जाती है जैसे जो इसलामिक नेटो की बात हो रही है हाला कि वो टर्म
05:28कम्पलीटली सूटेबल नहीं है
05:30लेकिन सिंप्लिफिकेशन के लिए हम और आप हम सभी लोग उसे यूज़ कर रहे हैं तो वो पूरी इसलामिक नेटो
05:36की जो सो कॉल एक पूरी देशों की जो संख्या दिख रही हम है उसमें सबसे बड़े प्रॉब्लमेटिक दो हमारे
05:43सबसे बड़े एक तरिके से एनिमी कं
06:07लेकिन अच्छा जमता है बहुत अच्छी उनकी एक तरीके से परसनल केमिस्ट्री भी हमें देखाई देती है और इंडिया के
06:16साथ खास करकर खाड़ी देशों का पहले से जो पूरा एक नजरिया है वो बहुत बैतर है
06:21UAE, साओधी या फिर बाकी सारे कतार हो गया ओमान हो गया इनका इंडिया के साथ इतना अच्छा अनाता है
06:28कि उनको हर एक कंट्री के अल्मोस्ट जो हाईस सिविलिन अवार्ड से वो मोदी जी ने कलेक्ट किया है
06:33लेकिन इरान युद्ध के बाद क्या बदला है सबसे पहले हमें यह समझना होगा बदली यह चीज है कि इससे
06:39पहले
06:40US forces, US basis को वहाँ पर मद्यपूरू में एक security guarantee की तरग देखा जाता था
06:46कि अगर इरान ने हम पर हमला किया या फिर इसराइल ने हम पर हमला किया तो US basis जो
06:52जॉर्डन में है
06:52जो कुवेट में है जो भारेन में है जो UAE में है इन सब को देखा जाता था कि ठीक
06:58है
07:00जो हमारे पास है और जो guarantee देगी कि हम पर हमला मतलब US के basis पर भी हमला और
07:06US हमारी रक्षा करेगा
07:08लेकिन इरान ने ये दिखा दिया कि अगर आपकी बाजों में दम हो आपके पास एक advanced weaponry हो और
07:14आपके पास लड़ने के अगर इच्छा हो
07:16तो कोई भी well fortified या फिर पूरा कितना भी किला बांद लीजे उसमें सेंध बिलकुल लगाई जा सकती है
07:22और इसी वजह से देखे इससे पहले Islamic NATO वगरे की कोई कलपना नहीं करता था
07:27क्योंकि इसका सबसे बड़ा जो खतरा है वो इस्राइल को भी महसूस होता है
07:31क्योंकि इसराइल Islamic extremism को बहुत जादा oppose करने वाली एक ऐसी country है
07:38जिसने खुद को अपने बलबूते भर भी वहाँ पर establish किया
07:42खुद की security हो लेकिन उसके पीछे America एक individual उनका backer है जो भी directly भी है
07:47तो एक तरीके से Islamic NATO भारत अब उसको किस तरीके से देखता है
07:51क्योंकि सबसे interesting बात ये भी है कि Islamic NATO इसलामिक हम कहतो रहे लेकिन Saudi इवन टर्की योई और
08:01जो बाकी के जो मुख्य
08:03US aligned Muslim देश है उनको इरान अपना दुश्मन बहुत बड़ा लगता है
08:08तो अब आज जब Modi इरान के position से मिल रहा है तो उस वक्त एक तरीके से शायद उस
08:14पे भी बात हो सकती है
08:15अगर दोनों main leaders में ना हुई तो भी उनके साथ जो diplomatic उनका जो पूरा एक तरीके से team
08:22है उनमें ये बात बिलकुल हो सकती है
08:24क्योंकि इरान की जो foreign minister है रागाची वो बहुत interesting person है
08:28हमने देखा कि किस तरीके से इरान अमेरिका के खिलाव जाकर भी इसराइल के खिलाव जाकर भी international isolation नहीं
08:38face कर रहा
08:39internationally खुद का PR और propaganda जो भी आपको कहना है वो इरान का strong रहा
08:44उस तरीके से मुझे लगता है भारत को भी सीखने वाली चीज़ है
08:47क्योंकि पाकिसान के साथ जो war होई थी हमारी उसमें हमने एक चीज़ देखी
08:51कि Indian propaganda और Indian PR on international stage बहुत मार खा रही थी और पाकिसान की काफी better थी
08:58तो इस वजह से इरान has managed to do that
09:01बट Islamic NATO शायद आपको लग रहा होगा क्योंकि हमारी भारत की कई audience से उनको लगता होगा कि इरान
09:07एक Islamic country है तो Islamic NATO का part वो हो सकती है लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है
09:12क्योंकि actually Saudi के MBS को इरान से सबसे बड़ी दिक्कत है क्योंकि इरान के जो Shia regime है वो
09:21Saudi के MBS को बोलते हैं उनके crown prince को बोला जाता था कि he is not Islamic enough
09:26मतलब वो इसलाम को dilute करना चाते है इसलाम की जो पूरी शिक्षा जो इरान मानता है उससे वो हट
09:32कर सौधी को modernize करना चाहरे है तो एक तरीके से ये भी बात है कि इरान एंडिया के पास
09:38common ground हो सकता है कि ठीक है एक दो नए चीज़े अब अलग से आ रही है एक कि
09:43अमेरिका का
09:44इंडिया के related tariff pressure, economic pressure उसके वज़े से एक resentment इंडिया और अमेरिका के बीच में हो सकती
09:50है लेकिन इंडिया कभी भी अमेरिका खिलाब हमें नहीं दिख रहा बिलकुल stance लेते हैं लेकिन on the other hand
09:55Islamic NATO एक ऐसी जैसे जिसमें इंडिया के दुश्मन है इरान की भी दुश्मन है लेकि
10:12क्योंकि देखिए सौधी के ऊपर इतने हमले होए पाकिस्तान के सैनिक वहापर नहीं गए पाकिस्तान में कलको अगर इंडिया नहीं
10:18समझे कि कुछ श्राइक कर दी सौधी के सैनिक वहापर नहीं आएंगे क्योंकि ये directly invitation होगा एक बड़े युद
10:26के लिए तो ये कितना भी
10:28देखिए नेटो का article 5 इससे पहले बहुत कम बार trigger हुआ है उसमें से एक कब हुआ जब एक
10:34weak opponent था अफगानिस्तान में तालिबान तो strong opponent के खिलाफ ये कितने भी नेटो या फिर कितने dummy नेटो
10:42बने उनका execution सबसे बड़ी दिक्कत वाली बात होती है
10:45बिल्कुल और सौधी एरब और भारत की आर्थिक साशेदारी बहुत मजबूत है और तुर्किये भले drone से और भी तमाम
10:53सहायता दे दे पाकिस्तान को लेकिन सौधी एरबिया नहीं आएगा सिधे तोर पर भारत के खिलाफ और हम देख भी
10:58चुके हैं होतीयों से जब सौधी
11:00की जंग होती है यमन में तो पाकिस्तान भी नहीं आता तो इसमें भी बहुत अंतरद्वन्द हैं कि यह जो
11:05इसलामिक नेटो है कथित तौर पर यह क्या सचमें जो लिखा जा रहा है पन्नों पर वो सचमें सामने निकल
11:11कर आयेगा भी नहीं और जैसा कि अभे ने बताया कि �
11:15यह भी हो सकता है कि संदेश देने की कोशिश होए उसके लिए ही संगठन मनाया गया हो और वैसे
11:19भी दुनिया में बहुत कुछ बदल रहा है और अमेरिका के खिलाफ़ तमाम जो संगठन बन रहे हैं यह कहा
11:25जाता है आटी अमेरिका हैं वो भी काफी विस्तार में जा रहे ह
11:28जैसे हम Bricks को देख रहे है उसका आकार बढ़ रहा है अमेरिका इसे खत्रा भी मानता है
11:32तो देखते हैं मोदी जी और इरानी राश्टपती की मुलाकात में क्या निकलता है
11:38आधिकारिकतोर पर क्या सामने आता है और इसका अशर क्या होता है
11:41फिलाल भारप के लिए इरान भी जरूरी है और इरान जिससे जंग लड़ रहा है अमेरिका और इजराइल वो भी
11:47जरूरी है
11:48यानि संतुलन साध कर ही चलना होगा जिस पर हम लगाता सतर सालों से चलते भी आ रहे हैं

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