00:00प्रदान मंतरी मोदी इस वक्क किर्गिस्तान के दौरे पर हैं यहां वो S.C.O. समिट में हिस्सा लेंगे इस
00:05बीच उनकी मुलाकात इरान के राष्टपती से भी हुई है
00:09बता दे कि इरान अमेरिका का जब युद शुरू हुआ उसके बाद प्रदान मंतरी मोदी की इरानी राष्ट्रा अध्यक्त से
00:15ये पहली मुलाकात हुई है
00:17इस मुलाकात में क्या बात हुई हुगी युद पर चर्चा हुई हुगी नेकर भी कैं चर्चा हुई होगी इस पर
00:24यहाज़ हम बात करेंगे
00:25अब हैं आपको क्या लगता है संभाविद बातचीत क्या हुई हुगी
00:29दिखें कई सारे मुद्दों पे यहाँ पर बाचीत हुई होगी लेकिन सबसे important बात जो इंडिया के नजरिये से देख
00:36सकते है वो हॉर्मूज से अपनी जो ships है और ships से आने वाले natural gas, petroleum products इनकी जो
00:43बाता आता है उसको बहुत जादा तरीके से जो एक obstacles face करने पड़ रहे थे उसक
00:59में PM Modi ने एक visit की थी उसके बाद उनकी घर और बाहर दोनों तरफ बहुत बड़ी आलोचनाय भी
01:05हुई थी तो उस वजह से इरान और इंडिया के बीच में कई न कई कुछ फासला आया है क्या
01:10इस तरीकी के जो बाते हो रही थी उसको कम करने के लिए उन चीजों को tackle करने के �
01:16यह बातचीत और उस बातचीत का देखिए बाद में अच्छा प्रचार प्रसार भी किया जाएगा क्योंकि आपको पता होगा कि
01:22जून का महीना था इतिंग कि जून के महीने में इरानियन जो प्रेजिडेंट है तो उन्होंने एक तरीके से इरानियन
01:30टॉप लीडर्शिप �
01:31इरानियन फॉरिण मिनिस्टर ने देरे-देरे करकर इंडिया के साथ कनवर्सेशन्स बिल्ड किये इस तरीके से बिल्ड किये कि यह
01:38जो प्रेजिक्षा ने उन्होंने कॉल किया था प्रियम मुदी को उन्होंने ब्रीफ किया था कि किस तरीके से जो अमेरिका
01:44के साथ युद
01:57प्रेड में आ रही है कि आज सुबह ही बहुत दिनों बाद अमेरिकन बेसिस को फिर एक बार टारगेट किया
02:02गया है जो जो अमेरिकन इंपोर्टन बेस है जहाँ पर लगबर चार्ट से पाच हजार युएस सैनिक मौजूद होते है
02:10वहाँ पर इरान ने मिसाइले डागी लेक
02:26इसी वजह से वह पहला एक्शन लिया गया तो एक तरीके से एक तरफ इंडियन प्राइम मिनिस्टर इरान के जो
02:33सबसे इंपोर्टन एक तरीके से लीडर है उनसे मिल रहे है दिखे मोचतवा कही पर नहीं है सीन में तो
02:38उनके बाद जो इलेक्टेड जो लीडर है वोई पर �
02:42चाहिए है तो उनको मिलना और एक तरीके से इंडिया डिप्लोमसी को पुश करना चाहता है इंडिया अमेरिका और इरान
02:49के बीच में जो डायलॉग है उस डायलॉग को और बहतर तरीके से अगर मेडियेट करने की कही उमीद हो
02:54तो वो भी करना चाहेगा लेकिन वही बात है
02:56कि इरान ने already पाकिस्तान, कतार, ओमान इन तीन कंट्रीज को as a mediator चुन लिया है
03:03और वही लोग US और इरान के बीच में की mediation का काम कर रहे है
03:07इंडिया अपने एक तरीके से जो बाते होंगी
03:10सीफेरर्स की जुदान जाके चुकी है
03:1216 भारतियों ने अपनी जान गवाई है इस पूरे युद के दोरान
03:16और उसमें से 10 तो शिप्स पर काम करने वाले लोग थे
03:19तो वो सबसे बड़ा एक point of concern इंडियन डिप्लोमेटिक पूरी जो यूनिट है
03:24उसके तरफ से हो सकता है और कई सारे प्रजेक्ट से
03:26चबाहार पोर्ट सभी को देखिए वेल लोन है इस वज़े से
03:29चबाहार पोर्ट में जब से war start हुआ है युएस ने
03:32sanctions बड़ा दिया है अभी पिछले दो हफते में इरान ने
03:36economic day करके sanctions युएस ने इरान की उपर लगाया है
03:41उसके तहट इरान के साथ business करना बहुत ज़्यादा
03:45मुश्किल हो चुका है इरान जो इंडिया की oil import में
03:48एक महतवपुन भूमी का निभार आता directly इंडिरेटली भी वो
03:52सारी चीज़े कही न कही अब near zero की तरफ आ चुकी है
03:55ये इंडिया के लिए challenging times है
03:58और उस backdrop पर इरान के इतने बड़े leader के साथ meeting
04:02ये भारत अपने खुद के जो hit है उनको साधना चाहेगा
04:07इस पूरी war के बीच में ना भारत पड़ा है इसे पहले
04:10ना वो पड़ना चाहेगा उसने कोई भी strong stance नहीं लिया
04:14वो बस अपने जो hit है अपने देश और अपने लोगों के hit
04:18उसको underline करना चाहेगा
04:19बिल्कुल अब है जैसे कि आज बता रहे थे आपके आज का दिन कितना महतपूर है
04:24महतपूर इस बात के लिए भी है कि तुर्किय के राजधाने इस्तांबूल में
04:27जो Islamic NATO कहा जा रहा है मक्का एग्रिमेंट के तीनों देश उनके रक्षामंतियों की बैठक भी हो रही है
04:34पाकिस्तान साओधी रेविया और तुर्किय उस लिहाद से भी इसे एहम मनाय सकता है
04:39मध्यपूर यानि हमारा पश्ची मेशिया वहाँ पर अब इरानी वाले युद के बाद सितियां बदल रही है
04:45नए दोस्त बनाये जा रहे हैं पुरानी दोस्तियां तूट रही है या कहले कि पुराना जो भरोसा था उसमें भी
04:52कमी आ रही है
04:52अमेरिका भी नहीं जगा तलासेगा भारत भी नहीं जगा तलास रहा है इस नजरिये से आप कैसे देख रहे है
04:57देखें मध्यपूरो में जो भारत का पिछले 10 या 15 सालों से जो भी डिप्लोमेटिक स्टांस रहा है तो काफी
05:05सिंपल है
05:06भारत एकनोमिकली हर एक उस प्लेयर के पास जाना चाहा रहा है जो उसको कुछ दे सकता है और भारत
05:12भी उसके साथ कुछ ट्रेड कर सकता है
05:14लेकिन जो इंडिया पाकिस्तान वार हुआ या फिर एक जो कॉन्फिलिक्ट हुआ उस कॉन्फिलिक्ट के बाद तर्की की जो भूमिका
05:22थी वो बहुत इंटरस्टिंग हो जाती है जैसे जो इसलामिक नेटो की बात हो रही है हाला कि वो टर्म
05:28कम्पलीटली सूटेबल नहीं है
05:30लेकिन सिंप्लिफिकेशन के लिए हम और आप हम सभी लोग उसे यूज़ कर रहे हैं तो वो पूरी इसलामिक नेटो
05:36की जो सो कॉल एक पूरी देशों की जो संख्या दिख रही हम है उसमें सबसे बड़े प्रॉब्लमेटिक दो हमारे
05:43सबसे बड़े एक तरिके से एनिमी कं
06:07लेकिन अच्छा जमता है बहुत अच्छी उनकी एक तरीके से परसनल केमिस्ट्री भी हमें देखाई देती है और इंडिया के
06:16साथ खास करकर खाड़ी देशों का पहले से जो पूरा एक नजरिया है वो बहुत बैतर है
06:21UAE, साओधी या फिर बाकी सारे कतार हो गया ओमान हो गया इनका इंडिया के साथ इतना अच्छा अनाता है
06:28कि उनको हर एक कंट्री के अल्मोस्ट जो हाईस सिविलिन अवार्ड से वो मोदी जी ने कलेक्ट किया है
06:33लेकिन इरान युद्ध के बाद क्या बदला है सबसे पहले हमें यह समझना होगा बदली यह चीज है कि इससे
06:39पहले
06:40US forces, US basis को वहाँ पर मद्यपूरू में एक security guarantee की तरग देखा जाता था
06:46कि अगर इरान ने हम पर हमला किया या फिर इसराइल ने हम पर हमला किया तो US basis जो
06:52जॉर्डन में है
06:52जो कुवेट में है जो भारेन में है जो UAE में है इन सब को देखा जाता था कि ठीक
06:58है
07:00जो हमारे पास है और जो guarantee देगी कि हम पर हमला मतलब US के basis पर भी हमला और
07:06US हमारी रक्षा करेगा
07:08लेकिन इरान ने ये दिखा दिया कि अगर आपकी बाजों में दम हो आपके पास एक advanced weaponry हो और
07:14आपके पास लड़ने के अगर इच्छा हो
07:16तो कोई भी well fortified या फिर पूरा कितना भी किला बांद लीजे उसमें सेंध बिलकुल लगाई जा सकती है
07:22और इसी वजह से देखे इससे पहले Islamic NATO वगरे की कोई कलपना नहीं करता था
07:27क्योंकि इसका सबसे बड़ा जो खतरा है वो इस्राइल को भी महसूस होता है
07:31क्योंकि इसराइल Islamic extremism को बहुत जादा oppose करने वाली एक ऐसी country है
07:38जिसने खुद को अपने बलबूते भर भी वहाँ पर establish किया
07:42खुद की security हो लेकिन उसके पीछे America एक individual उनका backer है जो भी directly भी है
07:47तो एक तरीके से Islamic NATO भारत अब उसको किस तरीके से देखता है
07:51क्योंकि सबसे interesting बात ये भी है कि Islamic NATO इसलामिक हम कहतो रहे लेकिन Saudi इवन टर्की योई और
08:01जो बाकी के जो मुख्य
08:03US aligned Muslim देश है उनको इरान अपना दुश्मन बहुत बड़ा लगता है
08:08तो अब आज जब Modi इरान के position से मिल रहा है तो उस वक्त एक तरीके से शायद उस
08:14पे भी बात हो सकती है
08:15अगर दोनों main leaders में ना हुई तो भी उनके साथ जो diplomatic उनका जो पूरा एक तरीके से team
08:22है उनमें ये बात बिलकुल हो सकती है
08:24क्योंकि इरान की जो foreign minister है रागाची वो बहुत interesting person है
08:28हमने देखा कि किस तरीके से इरान अमेरिका के खिलाव जाकर भी इसराइल के खिलाव जाकर भी international isolation नहीं
08:38face कर रहा
08:39internationally खुद का PR और propaganda जो भी आपको कहना है वो इरान का strong रहा
08:44उस तरीके से मुझे लगता है भारत को भी सीखने वाली चीज़ है
08:47क्योंकि पाकिसान के साथ जो war होई थी हमारी उसमें हमने एक चीज़ देखी
08:51कि Indian propaganda और Indian PR on international stage बहुत मार खा रही थी और पाकिसान की काफी better थी
08:58तो इस वजह से इरान has managed to do that
09:01बट Islamic NATO शायद आपको लग रहा होगा क्योंकि हमारी भारत की कई audience से उनको लगता होगा कि इरान
09:07एक Islamic country है तो Islamic NATO का part वो हो सकती है लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है
09:12क्योंकि actually Saudi के MBS को इरान से सबसे बड़ी दिक्कत है क्योंकि इरान के जो Shia regime है वो
09:21Saudi के MBS को बोलते हैं उनके crown prince को बोला जाता था कि he is not Islamic enough
09:26मतलब वो इसलाम को dilute करना चाते है इसलाम की जो पूरी शिक्षा जो इरान मानता है उससे वो हट
09:32कर सौधी को modernize करना चाहरे है तो एक तरीके से ये भी बात है कि इरान एंडिया के पास
09:38common ground हो सकता है कि ठीक है एक दो नए चीज़े अब अलग से आ रही है एक कि
09:43अमेरिका का
09:44इंडिया के related tariff pressure, economic pressure उसके वज़े से एक resentment इंडिया और अमेरिका के बीच में हो सकती
09:50है लेकिन इंडिया कभी भी अमेरिका खिलाब हमें नहीं दिख रहा बिलकुल stance लेते हैं लेकिन on the other hand
09:55Islamic NATO एक ऐसी जैसे जिसमें इंडिया के दुश्मन है इरान की भी दुश्मन है लेकि
10:12क्योंकि देखिए सौधी के ऊपर इतने हमले होए पाकिस्तान के सैनिक वहापर नहीं गए पाकिस्तान में कलको अगर इंडिया नहीं
10:18समझे कि कुछ श्राइक कर दी सौधी के सैनिक वहापर नहीं आएंगे क्योंकि ये directly invitation होगा एक बड़े युद
10:26के लिए तो ये कितना भी
10:28देखिए नेटो का article 5 इससे पहले बहुत कम बार trigger हुआ है उसमें से एक कब हुआ जब एक
10:34weak opponent था अफगानिस्तान में तालिबान तो strong opponent के खिलाफ ये कितने भी नेटो या फिर कितने dummy नेटो
10:42बने उनका execution सबसे बड़ी दिक्कत वाली बात होती है
10:45बिल्कुल और सौधी एरब और भारत की आर्थिक साशेदारी बहुत मजबूत है और तुर्किये भले drone से और भी तमाम
10:53सहायता दे दे पाकिस्तान को लेकिन सौधी एरबिया नहीं आएगा सिधे तोर पर भारत के खिलाफ और हम देख भी
10:58चुके हैं होतीयों से जब सौधी
11:00की जंग होती है यमन में तो पाकिस्तान भी नहीं आता तो इसमें भी बहुत अंतरद्वन्द हैं कि यह जो
11:05इसलामिक नेटो है कथित तौर पर यह क्या सचमें जो लिखा जा रहा है पन्नों पर वो सचमें सामने निकल
11:11कर आयेगा भी नहीं और जैसा कि अभे ने बताया कि �
11:15यह भी हो सकता है कि संदेश देने की कोशिश होए उसके लिए ही संगठन मनाया गया हो और वैसे
11:19भी दुनिया में बहुत कुछ बदल रहा है और अमेरिका के खिलाफ़ तमाम जो संगठन बन रहे हैं यह कहा
11:25जाता है आटी अमेरिका हैं वो भी काफी विस्तार में जा रहे ह
11:28जैसे हम Bricks को देख रहे है उसका आकार बढ़ रहा है अमेरिका इसे खत्रा भी मानता है
11:32तो देखते हैं मोदी जी और इरानी राश्टपती की मुलाकात में क्या निकलता है
11:38आधिकारिकतोर पर क्या सामने आता है और इसका अशर क्या होता है
11:41फिलाल भारप के लिए इरान भी जरूरी है और इरान जिससे जंग लड़ रहा है अमेरिका और इजराइल वो भी
11:47जरूरी है
11:48यानि संतुलन साध कर ही चलना होगा जिस पर हम लगाता सतर सालों से चलते भी आ रहे हैं