00:02ॡ बैंक FD में पैसा लगाने वाले जादातर लोगों की पहली प्रात्मिकता होती है पैसा सुरक्षित रहे और उसपर एक
00:09टैब्याज मिलता रहे लेकिन अब सवाल यह है कि अगर कोई निवीशक शेहर वाचार के उतार जढ़ाव से दूर रहना
00:15चाहता है लेकिन बैंक FD के
00:41।
00:58mutual fund की एक बड़ी category है debt mutual fund जिसमें पैसा मुख्य
01:02रुप से bonds, government securities, certificate of deposit और दूसरे फिक्त income
01:07instrument में लगाया जाता है SBI mutual fund के मुताविक debt fund को
01:12अलग-अलग investment horizon और risk profile के हिसाब से चुना जा सकता है
01:16यही वज़ा है कि जो निवेशा के equity mutual fund का जोखीम नहीं लेना
01:20चाते लेकिन अपने पैसे को सिर्फ saving account या FD में भी नहीं रखना
01:24चाते वे debt fund यानि की कर्ज वाले fund को समझ सकते हैं SBI mutual fund की
01:29scheme में low duration और banking and PSU जैसे option भी सामिल है अब जानते हैं
01:35ऐसी तीन categories के बारे में जिनहें कम जोखीम बाले निवेश के
01:38नजरिये से समझा जा सकता है पहला विकल्प है SBI saving fund
01:42SBI saving fund एक debt oriented option है इसका मकसद equity market में निवेश करके
01:48तेज capital growth हासिल करना नहीं बलकि debt और money market
01:52instrument के जरिये relatively stable return देने की कोशिश करना है ऐसे
01:57fund उन निवेश को के लिए ज़्यादा relevant हो सकते हैं जिनका
02:00investment horizon बहुत लंबा नहीं है और जो share वजार की
02:03volatility से बचना चाहते हैं यहां FD से सबसे बड़ा फर्क
02:07समझना जरूरी है FD में bank पहले से interest rate तै करता है
02:11और तै शर्तों के मताविक maturity पर रकम मिलती है
02:15debt mutual fund में return market linked होता है यानि यहां return की guarantee नहीं
02:19होती SBI mutual fund खुद भी बताता है कि mutual funds में negative return की
02:24संभाव नहीं हो सकती है इसलिए सिर्फ यह देहकर कि fund में equity नहीं
02:28है इससे FD जैसा guarantee investment समझना सही नहीं होगा अब आते हैं
02:33दूसरे विकल्प पे दूसरा विकल्प है SBI low duration fund low duration
02:37fund जैसा की नाम सही समझाता है कि ऐसे fund जो बाकी के मुकाबले short duration
02:42debt instrument पर focus करते हैं इनका उदेश ऐसे निवेशकों को option देना है
02:47जिनका investment horizon छोटा या मध्यम हो और जो interest rate risk को लंबे समय तक नहीं
02:53लेना जाते SBI mutual fund की educational material के मुताबिक short duration और low duration
02:59debt fund को relatively कम interest rate sensitivity वाले दूसरे बिकल्पों के तौर पर देखा जा सकता है
03:05हाला कि risk पूरी तरह खत्म यहां भी नहीं होता सिधी भाशा में कहें तो अगर किसी व्यक्ति को लगता
03:11है
03:11कि उससे अगले कुछ समय के लिए अपने पैसों की जरूरत पर सकती है और वह पूरा पैसा
03:16equity market में नहीं लगाना चाहता तो low duration category उसके लिए समझने लाइक option हो सकती है
03:22लेकिन निवेश चे पहले scheme की current portfolio quality duration, expense ratio और risk level जरूर देखना चाहिए
03:29तीसरा विकल्फ है SBI banking and PSU debt fund
03:32इस category में आम तोर पर banks, public sector, undertakings और government-backed entities से जुड़े high quality debt instrument
03:40में निवेश करता है
03:41SBI के नियमों के अनुसार banking and PSU debt fund को अपने asset का कम से कम 80% banking
03:47और PSU debt instruments जैसी securities में लगाना होता है
03:51यानि यहां भी equity share में सीधा निवेश नहीं होता
03:54इस बज़ा से यह category उन investors को आकरसित कर सकती है जो equity market से दूरी रखते हुए
04:00relatively high credit quality debt instrument में exposure चाहते हैं
04:05लेकिन यहां भी एक बड़ा risk नजराता है
04:07banking और PSU securities होने का मतलब या नहीं कि investment में कोई risk ही नहीं होती
04:12interest rates में बदला होने पर debt securities की की कीमत प्रभावित हो सकती है
04:17SBI mutual fund भी banking and PSU debt fund के बारे में interest rate sensitivity को एक महतपूर्ण risk बताता
04:24है
04:24तो क्या FD छोड़कर इन funds में पैसा लगाना चाहिए
04:27इसका सीधा जबाब है हर बेक्ती के लिए नहीं
04:29अगर आपकी पहली priority capital safety और guarantee return है
04:33तो bank FD की तूलना किसी mutual fund से सिर्फ return देखकर नहीं करनी चाहिए
04:37FD और debt mutual fund दोनों की structure और risk अलग होती है
04:41अब अगर आप थोड़ा अगर market में risk ले सकते हैं
04:44और investment horizon के हिसाब से debt category चुनना चाहते हैं
04:47तो saving fund, low duration fund या banking and PSU debt fund चैसी categories को समझा जा सकता है
04:53सबसे जरूरी बात या है कि 0% equity risk को 0% risk ना समझे
04:58equity exposure नहीं होने के बावजूर debt fund में interest rate risk, credit risk, liquidity risk और दूसरे risk भी
05:05हो सकते हैं
05:05इसलिए निवेश से पहले scheme का fact sheet portfolio और risk meter देखना जरूरी है
05:11SBI mutual fund अपनी website पर scheme के latest fact sheet, NAV और portfolio related information उपलगत कराता है
05:18आखिर में अगर आपका लक्ष सिर्फ जादा return कमाना नहीं बलकि अपने पैसे को सही जगा और सही समय के
05:24लिए रखना है
05:25तो investment चुनने से पहले तीन चीजों को जरूर देखे
05:28आपको पैसे की जरूरत कप पड़ेगी, आप कितना risk ले सकते हैं और return की कितनी उम्मीद है
05:33हाला कि इस पूरे मामले पर आपका क्या कहना है, आपको कौन सा mutual fund बहतर लगता है
05:37अपनी राय कमेंट सेक्षन में जरूर बताएं
05:39और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और share market से जूरी तमाम चानकारी के लिए आप बने रहें good returns दिश्टल
05:45के साथ