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Bahula Chauth Chandrodaya Ka Samay 2026: भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को बहुला चतुर्थी कहा जाता है। इसे बहुला चौथ या संकष्टी चतुर्थी भी कहते हैं। इस दिन विशेष रूप से बहुला गाय और भगवान श्री गणेश जी की पूजा की जाती है। लेकिन इस व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है, जब आप रात्रि में चंद्र देव का पूजन कर उन्हें नियमपूर्वक अर्घ्य अर्पित करते हैं। ऐसे में चलिए बताते हैं बहुला चतुर्थी के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने की सही और पौराणिक विधि क्या है। और चंद्रोदय का समय क्या है,

Bahula Chauth Moonrise Time 2026: The fourth day (Chaturthi Tithi) of the dark fortnight in the month of Bhadrapada is known as Bahula Chaturthi. It is also referred to as Bahula Chauth or Sankashti Chaturthi. On this day, the Bahula cow and Lord Shri Ganesh are worshipped with special reverence. However, the full benefits of this fast are attained only when one worships the Moon God at night and offers *Arghya* to him according to the prescribed rules. Let us, therefore, explain the correct and traditional method of offering *Arghya* to the moon on Bahula Chaturthi, as well as the time of moonrise.


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00:0323 के दिभी को बहुला चतूर्थी कहा जाता है इससे बहुला
00:07चौत यह संकस्ट है चतूर्थी भी कहते हैं इस दिन विश्वेश रोप से बहुला
00:12गाए और भगवान श्री गनेश की पूजा की जाती है लेकिन इस वृत्र का
00:17पूनेफल तभी प्राप्त होता है जब आप रात्री में चंद्रदेव का पूजन कर उन्हें नियम पूर्वक अर्ग अर्पित करती है
00:24ऐसे में चलिए आपको पताते हैं इसे वीडियो में कि बहुला चतूर्दी के दिव चंद्रमा को अर्ग कैसे दे और
00:31क्या है चंद्रमा �
00:33करने का सही समय दरसल चंद्रमा को अर्ग देने से संथान की दिर्गाय। परिवारिक संभर्धी और सभी कस्टों से मुक्ति
00:41मिलती है वहीं चंद्रमा को अर्ग देने के लिए चंद्रोध्यू से पहले एक साफ लोटा चांदी
00:47पीदल या तांबेका इसमें शुद्ध जल भरे और थोड़ा सा कच्चा दूद रोली या लाल चंदल अच्छत दुर्वा और सफेत
00:56फूल मिलाएं
00:56चंद्रवा निकनने के बाद चंद्रवा की और मोह करके खड़े हो और मन ही मन भगवान श्री गर्मेश और चंद्रदेव
01:04का ध्यान करें
01:05दोनों हाथों से पात्र को उठा कर चंद्रवा को जल की धारा अरपित करें
01:09जल अर्पित करते समय ध्यान रखी कि जल के छीटे आपके पैरों पर ना पड़े इसके लिए आप नीचे एक
01:17गमला या फिर खाली बर्दन लगा सकते हैं
01:20वहीं अर्पित करने के बाद अपने ही स्थान पर तीन बार घूम कर परिक्रमा करें
01:26चंदरदेव को प्रणाम करें और पूजा में हुई किसी भी गलती के लिए शमय आशना करें
01:31मैं बात करें चंदरोदे के समय के तो पंचां के अनुसार बहुला चत्तूर्थी की शाम को
01:36चंदरोदे के समय रात 8 बेच कर 28 मिनट पर होगा जिसमें ब्रती, चंदरदर्शन और अर्ग देकर ब्रत को पूरा
01:43करेंगे
01:44उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
01:46फिलाल हमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शूरेंड चैनल को सबस्क्राइब करना ना भूले

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