00:0323 के दिभी को बहुला चतूर्थी कहा जाता है इससे बहुला
00:07चौत यह संकस्ट है चतूर्थी भी कहते हैं इस दिन विश्वेश रोप से बहुला
00:12गाए और भगवान श्री गनेश की पूजा की जाती है लेकिन इस वृत्र का
00:17पूनेफल तभी प्राप्त होता है जब आप रात्री में चंद्रदेव का पूजन कर उन्हें नियम पूर्वक अर्ग अर्पित करती है
00:24ऐसे में चलिए आपको पताते हैं इसे वीडियो में कि बहुला चतूर्दी के दिव चंद्रमा को अर्ग कैसे दे और
00:31क्या है चंद्रमा �
00:33करने का सही समय दरसल चंद्रमा को अर्ग देने से संथान की दिर्गाय। परिवारिक संभर्धी और सभी कस्टों से मुक्ति
00:41मिलती है वहीं चंद्रमा को अर्ग देने के लिए चंद्रोध्यू से पहले एक साफ लोटा चांदी
00:47पीदल या तांबेका इसमें शुद्ध जल भरे और थोड़ा सा कच्चा दूद रोली या लाल चंदल अच्छत दुर्वा और सफेत
00:56फूल मिलाएं
00:56चंद्रवा निकनने के बाद चंद्रवा की और मोह करके खड़े हो और मन ही मन भगवान श्री गर्मेश और चंद्रदेव
01:04का ध्यान करें
01:05दोनों हाथों से पात्र को उठा कर चंद्रवा को जल की धारा अरपित करें
01:09जल अर्पित करते समय ध्यान रखी कि जल के छीटे आपके पैरों पर ना पड़े इसके लिए आप नीचे एक
01:17गमला या फिर खाली बर्दन लगा सकते हैं
01:20वहीं अर्पित करने के बाद अपने ही स्थान पर तीन बार घूम कर परिक्रमा करें
01:26चंदरदेव को प्रणाम करें और पूजा में हुई किसी भी गलती के लिए शमय आशना करें
01:31मैं बात करें चंदरोदे के समय के तो पंचां के अनुसार बहुला चत्तूर्थी की शाम को
01:36चंदरोदे के समय रात 8 बेच कर 28 मिनट पर होगा जिसमें ब्रती, चंदरदर्शन और अर्ग देकर ब्रत को पूरा
01:43करेंगे
01:44उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
01:46फिलाल हमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शूरेंड चैनल को सबस्क्राइब करना ना भूले