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Nepal Flash Flood के बाद हिमालय में ग्लेशियर झीलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश में 669 ग्लेशियर झीलों में से 88 को संभावित GLOF खतरे वाली श्रेणी में रखा गया है। आखिर ग्लेशियल झील अचानक कैसे फटती है और कुछ ही मिनटों में इतना बड़ा सैलाब कैसे ला सकती है? इस वीडियो में नेपाल की हालिया बाढ़, हिमाचल की 88 खतरनाक झीलों, बढ़ते तापमान, ग्लेशियर पिघलने और GLOF के संभावित खतरे को आसान भाषा में समझेंगे। क्या भारत में भी नेपाल जैसी तबाही का खतरा है? जानिए पूरी कहानी और वैज्ञानिकों की चिंता।

Nepal Flash Flood has raised fresh concerns about the growing threat of Glacial Lake Outburst Floods, or GLOFs, across the Himalayan region. In Himachal Pradesh, the number of glacial lakes has increased sharply over the past decades, with 88 identified as posing potential GLOF risks. But how does a glacial lake suddenly burst, and how can millions of litres of water rush downhill within minutes? In this video, we explain the Nepal flood, India’s vulnerable glacial lakes, rising Himalayan temperatures, glacier melting and the potential impact of a major GLOF on downstream areas. Could India face a Nepal-like disaster? Watch the full report.

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~HT.410~PR.540~GR.508~ED.110~VG.HM~

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Transcript
00:22पहाडों में तबाही हमेशा शोर मचा कर नहीं आती, कई बार उपर बर्फ के बीच एक झील बनती है, पानी
00:28चुपचाप जमा होता रहता है
00:29और फिर एक दिन उसका बांध टूट जाता है, इसके बाद जो सैलाब नीचे उतरता है, उसे संभालने का मौका
00:35शायद ही किसी को मिलता है
00:36नेपाल में 26 अगस्त को भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ने, इसी खत्रे की तस्वीर सामने रग दी है
00:42अब सवाल है कि क्या हिमाले के भारतिय हिस्से में भी ऐसी तबाही का खत्रा बढ़ रहा है
00:4726 अगस्त की सुभह करीब 9 बजे, तिबबत से लगे नेपाल के रसुआ जिले में भोटे कोशी नदी अचानक उफान
00:53परागई
00:53कुछी मिनिटों में सडकें, इमार्तें और नदी किनारे के इलाके पानी और मलबे की चपेट में आ गए
00:58दिये गए आकड़ों के मुताबिक इस घटना में 160 लोगों की मौत की पुष्टी हुई है और 1000 से ज्यादा
01:04लोग ला पता है
01:04इनमें भारत, अमेरिका समेट कई देशों के नागरिक भी शामिल बताए जा रहे है
01:09शुरुवाती आकलन में इस तबाही की वज़े ग्लेशियर लेक आउट बर्स्ट फ्लड यानि जी लोएफ को माना जा रहा है
01:14आसान भाषा में समझे तो पहाडों पर जमा ग्लेशियर जब तेजी से पिखलते हैं तो उनका पानी किसी जगह पर
01:19जमा होकर बड़ी जील बना सकता है
01:21इस जील को अक्सर बर्फ, चटान या पहाड के मलबे से बना प्राकृतिक बांध रोग कर रखता है
01:26अगर ये बांध अचानक तूट जाए तो जील का जमा पानी तेज रफतार से नीचे की तरफ दोड़ पड़ता है
01:30इसी घटना को GLOF कहा जाता है
01:33नेपाल में ऐसा खत्रा नया नहीं है
01:35जुलाई 2025 में भी इसी इलाके में GLACIER जील तूटने से अचानक बाढ़ हाई थी
01:39जिसमें 9 लोगों की मौत हुई थी
01:41लगातार ऐसी घटना ये सवाल खड़ा करती हैं कि क्या हिमाले में GLACIER जीलों का खत्रा बढ़ रहा है
01:46इस सवाल का जवाब भारत के हिमाचल प्रदेश से जुड़ी एक नई स्टडी में भी मिलता है
01:50IIT रोपड और सिडनी की University of Technology की साजा रिसर्च के मुताबक
01:54हिमाचल प्रदेश में GLACIER जीलों की संख्या 1990 में 107 थी
01:582024 तक ये संख्या बढ़कर 679 हो गई
02:01यानी करीब 525 फीजदी की बढ़ोतरी
02:04इन 679 जीलों में से 88 को संभावित GLOF के लिहाज से
02:08खास खत्रेवाली जीलों के रूप में देखा गया है
02:10इन में 9 को बेहत ज्यादा खतरनाक, 18 को ज्यादा खतरनाक
02:13और 26 को मध्यम खत्रेवाली श्रेणी में रखा गया है
02:17रिसर्च में ब्यास बेसिंग की हिमसू जील
02:19और सतलुज बेसिंग की एक बेनाम जील की खास तोर पर मॉडलिंग की गई
02:22अनुमान के मुताबिक अगर ब्यास बेसिंग की जील का प्राकृतिक बांध तूटता है
02:25तो करीब 1385 क्यूबिक मीटर प्रती सेकंड पानी का बहाव आ सकता है
02:29यानि हर सेकंड करीब 14 लाक लीटर पानी
02:32सतलुज बेसिंग की जील के लिए ये अनुमान और बड़ा है
02:35यहां करीब 3,507 क्यूबिक मीटर प्रती सेकंड पानी के बहाव की आशंखा जताई गई है
02:39ऐसे सहलाब से बांध, बिजली परियोजनाओं और सैक्रों इमारतों को खत्रा हो सकता है
02:43इस खत्रे के पीछे जलवायों परिवर्तन भी एक एहम कारण है
02:47जुलाई 2026 में सामने आई IIT खड़कपुर की एक स्टडी के मुताबिक
02:50उचाई वाले हिमालेई इलाकों का तापमान पिछले दो दशकों में करीब एक डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है
02:56तापमान बढ़ने का मतलब है कि गलेशियरों के पिघलने की रफतार और जीलों में जमापानी की मातरा बदल सकती है
03:01हालाकि हर गलेशियर जील का मतलब ये नहीं कि वो जल्द ही भट जाएगी
03:04किसी जील का खत्रा उसके आकार, पानी की मातरा, प्राकृतिक बांध की मजबूती और आसपास की भोगोलिक स्तिती पर निरबर
03:10करता है
03:11लेकिन नेपाल की घटना ने एक बात साफ करती है
03:13हिमाले में खत्रा सिर्फ पहाडों पर नहीं बनता, उसका असर सैक और किलोमिटर नीचे तक पहुँच सकता है
03:18इसलिए सवाल ये नहीं है कि अगली जीलोएफ कटना कहा होगी
03:21असली सवाल ये है कि क्या भारत के पास खत्रे वाली इन 88 जीलों की लगातार निगरानी और समय रहते
03:26चेतावनी बेने की परियाप्त विवस्ता है
03:28क्योंकि पहाडों में जमा पानी दिखाई भले ना दे
03:30लेकिन अगर उसका रास्ता खुल गया तो नीचे रहने वालों के पास बचने के लिए समय बहुत कम हो सकता
03:35है
03:35क्योंकि अपर कुल है
04:05झाल

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