00:28।
00:29वकील मनन कुमार मिश्रा और वकील सत्यम सिंग ने पक्ष रखा।
00:33सुप्रीम कोट में केंद्र सरकार, जार्खन सरकार, जार्खन लोग सेवा आयोग यानी JPSC और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा
00:41है।
00:41याचिका करता हरी शरण देवगण की ओर से पेश हुए वरिष्ट वकील मनन कुमार मिश्रा ने अदालत को बताया कि
00:49याचिका में इस पूरे मामले की CBI जाच या सुप्रीम कोट के किसी पूर्व जजज से जाच कराने की मांग
00:56की गई है।
00:56दरैसल विवाद है जारखंट सयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक प्रयोगी परिक्षा 2025 को लेकर याचिका में सुप्रीम कोट से मांग की
01:06गई है कि 19 अप्रेल को आयोजित इस परिक्षा को रद किया जाए और सुरक्षा के पुखता इंतजामों के साथ
01:13कानून के मुताबि
01:26कि CBI इस परिक्षा से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र, निस्पक्ष, व्यापक और समय पध जाच करें। इसके अलावा सुप्रीम कोट
01:35के रेटायर्ड जज या जारखंड के बाहर के किसी हाई कोट के रेटायर्ड चीफ जस्टिस अथ्वा जज की अध्यक्षता में
01:43एक
01:44स्वतंत्र समीती बनाने की भी मांगी गई है। इस समीती में फोरेंसिक साइंस, आईटी, परिक्षा सुरक्षा, मुल्यांकन, साइबर सिक्योरिटी और
01:53पब्लिक एड्मिनिस्ट्रेशन जैसे छेत्रों के विशिशग्य शामिल करने की भी मांग है। सबसे बड़ा सवाल �
02:01परिक्षा के नतीजों को लेकर भी उठाया गया है। याचिका में OMR की स्कैनिंग, कोडिंग, मुल्यांकन और रिजल्ट तयार करने
02:09वाले पूरे सिस्टम के स्वतंत्र आउडिट की मांग की गई है। साथ ही ये पता लगाने की मांग की गई
02:15है कि क्या उपलब्ध, वस्त
02:17निश्ट और सत्यापन योग्य सबूतों के आधार पर दागी और बेदाग उमीद्वारों को अलग-अलग पहचाना जा सकता है। यानि
02:26किसने सही तरीके से परिक्षा दी और किसकी परिक्षा प्रक्रिया सवालों के घेरे में है।
02:32Bureau Report, ETV भारत
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