Skip to playerSkip to main content
  • 1 day ago
झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर उठे सवाल अब देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गए हैं. परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और JPSC समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.याचिकाकर्ता की ओर से इस पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध CBI जांच की मांग की गई है. इसके अलावा 19 अप्रैल को हुई इस प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा परीक्षा कराने की अपील भी की गई है. याचिका में सिर्फ परीक्षा रद्द करने की ही नहीं, बल्कि OMR स्कैनिंग और रिजल्ट तैयार करने वाले पूरे सिस्टम के स्वतंत्र ऑडिट की भी मांग उठाई गई है.

Category

🗞
News
Transcript
00:28
00:29वकील मनन कुमार मिश्रा और वकील सत्यम सिंग ने पक्ष रखा।
00:33सुप्रीम कोट में केंद्र सरकार, जार्खन सरकार, जार्खन लोग सेवा आयोग यानी JPSC और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा
00:41है।
00:41याचिका करता हरी शरण देवगण की ओर से पेश हुए वरिष्ट वकील मनन कुमार मिश्रा ने अदालत को बताया कि
00:49याचिका में इस पूरे मामले की CBI जाच या सुप्रीम कोट के किसी पूर्व जजज से जाच कराने की मांग
00:56की गई है।
00:56दरैसल विवाद है जारखंट सयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक प्रयोगी परिक्षा 2025 को लेकर याचिका में सुप्रीम कोट से मांग की
01:06गई है कि 19 अप्रेल को आयोजित इस परिक्षा को रद किया जाए और सुरक्षा के पुखता इंतजामों के साथ
01:13कानून के मुताबि
01:26कि CBI इस परिक्षा से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र, निस्पक्ष, व्यापक और समय पध जाच करें। इसके अलावा सुप्रीम कोट
01:35के रेटायर्ड जज या जारखंड के बाहर के किसी हाई कोट के रेटायर्ड चीफ जस्टिस अथ्वा जज की अध्यक्षता में
01:43एक
01:44स्वतंत्र समीती बनाने की भी मांगी गई है। इस समीती में फोरेंसिक साइंस, आईटी, परिक्षा सुरक्षा, मुल्यांकन, साइबर सिक्योरिटी और
01:53पब्लिक एड्मिनिस्ट्रेशन जैसे छेत्रों के विशिशग्य शामिल करने की भी मांग है। सबसे बड़ा सवाल �
02:01परिक्षा के नतीजों को लेकर भी उठाया गया है। याचिका में OMR की स्कैनिंग, कोडिंग, मुल्यांकन और रिजल्ट तयार करने
02:09वाले पूरे सिस्टम के स्वतंत्र आउडिट की मांग की गई है। साथ ही ये पता लगाने की मांग की गई
02:15है कि क्या उपलब्ध, वस्त
02:17निश्ट और सत्यापन योग्य सबूतों के आधार पर दागी और बेदाग उमीद्वारों को अलग-अलग पहचाना जा सकता है। यानि
02:26किसने सही तरीके से परिक्षा दी और किसकी परिक्षा प्रक्रिया सवालों के घेरे में है।
02:32Bureau Report, ETV भारत
Comments

Recommended