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00:22इसे टूरिस्ट पी बागो अच्छा पायदा लगे गा
00:27पश्चिम बंगाल का कोलकाता शहर अपनी संब्रिध विरासत और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है
00:33यहाँ चलने वाली ट्राप शहर की मशूर पीली टेक्सियों को टक कर देती है
00:38जहाँ पीली टैक्सियां कोलकाता की सडकों पर तेज रफ्तार से दौरती हैं वही ट्राम धीमी गती से चलती हैं और
00:45घंटी की आवाज के साथ अपनी मौझूदगी दर्ज कराती हैं
00:48कोलकाता की ट्राम यहाँ आने वाले सैलानियों को इस व्यस्त महानगर के नजारों का आरंद लेने का मौका देती हैं
00:55कोलकाता की ट्राम सेवा एशिया की सबसे पुरानी चालू इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है
01:01विद्यूती करन के बाद से ये प्रदूशन मुक्त परिवहन का साधन रही है
01:06हाल के सालों में कुछ रूट को छोड़कर शहर की पट्रियों से ट्राम को हटा लिया गया था
01:11लेकिन अब ट्राम सेवाओं को फिर से शुरू करने और शहर के दक्षिनी हिस्से से उत्तर में
01:17मश्चूर आध्यात्मिक शेत्र दक्षिनेश्वर तक इसका विस्तार करने पर विचार किया जा रहा है
01:22इसी हफते पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री ने कहा कि इंजिनियरिंग कंसल्टेंसी फर्म राइट्स कोलकाता की ट्राम सेवा को फिर
01:30से शुरू करने के लिए सर्वे करेगी
01:32Kolkata के लोग Tram Service को फिर से शुरू करने और इसका विस्तार करने के प्रस्ताव का स्वागत कर रही
01:38है
01:38माना जा रहा है कि इसमें AC Coach भी जोड़े जा सकते हैं
01:42इस बीच कुछ लोग बताते हैं कि Tram में सफर करना उनके लिए हमेशा से अच्छा नुभव रहा है
02:19कोलकाता में Tram सेवा साल 1873 में शुरू हुई थी
02:22वर्तमान में कोलकाता की सडकों पर कभी कभार Tram देखने को मिलती है
02:27लोग बताते हैं कि इने देखकर उनकी पुरानी यादे ताजा हो जाती है
02:31राजर सरकार का ये प्रस्ताव अगर लागू होता है तो Tram में सफर करना लोगों के लिए आम बात होगी
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