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  • 2 days ago
त्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छठी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए 'बैग-लेस सैटरडे' पहल की शानदार शुरुआत हो चुकी है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत 'टेन बैगलेस डेज' की तर्ज पर अब बच्चों को अगले 10 शनिवार अपने भारी बस्तों का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा. वाराणसी के स्कूलों में पहले 'नो बैग डे' को लेकर बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला।बिना बस्ते के स्कूल पहुंचे बच्चों ने अपना पूरा दिन खेल-कूद, ड्राइंग, कुकिंग, आर्ट और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में बिताया. इस खास पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबों और ब्लैकबोर्ड से बाहर निकालकर प्रायोगिक, तनाव-मुक्त और कौशल-आधारित शिक्षा से जोड़ना है.

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00:01उत्तरप्रदेश के सरकारी स्कूलों में छटी कक्षा से आठवी कक्षा तक के बच्चों के लिए बैगलेस सेटरडे पहल की शुरुवात
00:09हुई है ये पहल बच्चों के लिए बेहत खास है अब दश शनिवार तक बच्चों को अपने भारी बस्तों का
00:15बोच नहीं उठाना �
00:16पड़ेगा इसके बजाएवे अपना दिन खेल कूद, खाना पकाने, आर्ट क्लास, प्रैक्टिकल सेशन और दूसरी रचनात्मग गतिविधियों में बिताएंगे ये
00:26पहल राश्ट्रिय सिक्षा नीती 2020 के तहट 10 बैगलेस डेस यानि बिना बस्ते के 10 दिन की सोच का हिस्
00:33इसका मकसद बच्चों के सीखने के अनुभव को ज्यादा वहवारिक और तनाव मुक्त बनाना है उत्तर प्रदेश के वारनसी में
00:41पहले बैगलेस सेटरडे को अपने स्कूल का बस्ता घर पर छोड़कर जाने का अनुभव बच्चों के लिए खास रहा उत्सा
00:48से भरे बच
01:03कि बारे में चल उतरग।
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02:21bagless saturday
02:22का मकसद
02:22बच्चों को शनिवार के दिन
02:24किताबों और स्कूल के बस्ते के बूद्ध से
02:26अलग रखते हुए
02:27गतिविधी आधारित, वहवारिक
02:29और कौशल आधारित सिक्षा से जोड़ना है
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