00:04लबस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ सईद दंसारी सौगत है आपका कूट नीतिम
00:13भारत को लेकर बंगलादेश का रुख लगातार बदल रहा है पहले खबर आई कि बंगलादेश के प्रधान मंतरी तारिक नहमान
00:19भारत दोरे पर आ रहे हैं
00:21फिर ढाका से बयान आया कि भारत पहले अनुकूल महौल बनाए और अब कहा जा रहा है कि पारस पर
00:26एक विश्वास और संप्रभुता के सम्मान के बिना उनके ब्रिक्स संबिलर में आने के उमीद बहुत कम
00:31ये तीन अलग अलग संदेश बताते हैं कि बंगलादेश खुद इस रिष्टे को लेकर कितने असमन जिसमें
00:37ये सिर्फ तारिक रह्मान के दिल्ले आने या ना आने का बामला नहीं है बलकि दूनों देशों के रिष्टों के
00:43भविश्य का सवार
00:44बंगलादेश को भारत की जरूरत है लेकिन वो दबाव भी बिनाना चाहता है और इस पूरे कूटनितिक किचाव के गेंदर
00:51में एक ये नाम है शेख हसीना
00:54पाँच अगस दोजार चौबीस को सरकार गिरने के बाद से हसीना भारत में शरंड लिये हुए है और ढाका उनके
01:02यहनी के हसीना के प्रत्रप्रण की मांग कर रहा है
01:05हाली में शेख हसीना ने भारत से एक वर्चौल प्रेस कांफरेंस की जिसमें उन्हों ने दिसम्बर तक बांगलादेश लौटने और
01:11लोगतों तर बाहल करने की बात कहिए इस से ढाका के सरकार बुरी तरह से भरा चाहता है
01:16तारीक रहमान सरकार के लिए शेख हसीना सिर्फ पूर्व प्यम नहीं बलकि उनके राजनीतिक अस्तित्व का सबसे बड़ा खत्रा है
01:24जब तक हसीना भारत में हैं रहमान के लिए भारत का दोरा करना घरेलू राजनीतिकी द्रिश्टी से लुक्सान दायाग है
01:32और इसलिए बांगलादेश अब भारत दोरे को हसीना के प्त्रपं की मान्ग से जोड़ रहा है
01:38बांगलादेश का कहाना है जिने ब्रिक्स सब्मिलन के लिए सम्मान जनक में पसा चाहिए
01:42वही भारत का साफ कहना है कि उसमें बंगलादेशी पी-म को दुए पक्षी दोरे के साथ साथ ब्रिक्स आउटरिच
01:49सेशन के लिए अलग से आम अंतरित भी किया है
01:52अब ये विवाद सर्फ बाचीप का नहीं है बलके भरोसे का है
01:55फारिक रहमान अपनी घरेलू जनता को ये नहीं दिखाना चाहते कि वो भारत के सामने जुक रहे हैं
02:01लेकिन भूगोल को बतला नहीं जा सकता बंगलादेश तीन तरफ से हमारे देश भारत से गिरा है
02:07बिजली, गैस, व्यापार, सुरक्षा के लिए बंगलादेश को भारत की सखत जरूरत थी है और हमेशा रहेगी
02:16भारत में अपने कूटले तेक दरवाजे खुले रखे
02:19भारत का रुख साफ है कि बंगलादेश की नई सरकार से रिष्टे आगे बढ़ाए जाएं
02:24और शेख हसीना के मामले को पानूनी प्रक्रिया के तहट देखा जाए
02:29बंगलादेश को ये तैय करना होगा कि वो हमारे साथ कैसा रिष्टा चाहता है
02:33शंकाओं पर टिका रिष्टा हर दोरे को विवाद बना देता है
02:37जबके एक वैवारिक नीती ही दूनों देशों के व्यापक राश्ट्रे हितों की रक्षा कर सकी है
02:44तो कूट नीत में आज के लिए बस इतना ही
02:46आप प्लीज अपना बहुत खैल रखेगा
02:49देखते रहे कि आज तैंक
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