00:00वंद्बात्रम पर जारी घमासान का असर बॉलीवुड में भी देखने को मिल रहा है
00:04शर्मीला टैगौर ने वंद्बात्रम के दो पद का समर्थन किया यानि दो स्टेंजा का जिस पर कंग्ना रनौट भड़क गई
00:14वल्दे बातरम पर जारी सियासत के बीच शर्मीला टेगोर की एंट्री ने आद में घी का काम किया है
00:20शर्मीला टेगोर का ये बयान इसलिए माइने रखता है क्योंकि वो रविंदर नाथ टेगोर के खानदान से तालुख रखती है
00:26रविंदर नाथ टेगोर ही राष्ट गान के रचईता थे
00:29इसके रावाश शर्मीला टेगोर केंद्रे फिल्म प्रमारन बोर्ड यानी सीबी एच्सी की अध्यक्ष रही
00:34वो 13 अक्टूबर 2004 से 31 मार्च 2011 तक इस पद पर रही
00:40और तब केंद्र में यूपिये की सरकार थी
00:43खैथ सिर्फ इस लिए शर्मीला टेगोर की दलील को सियासी चश्मे से देखना सही नहीं होगा
00:48बहरहाल शर्मीला टेगोर की मुखालपत में बॉलिवुट की एक और अभिनेत्री सामने आ गई है
00:53जिनका नाम कंगना रनावत है
00:55एक कलाकार के तौर पर मुझे हैरानी होती है कि कला या कविता के बारे में उनकी सोच इतनी सिमित
01:01और बनावती कैसे हो सकती है
01:03किसी भी कविता या गाने में शब्द रूपत यानी मेटफर्स होते हैं
01:07कवी अकलाकार मनचाहा सर पैदा करने के लिए तरह तरह की कलतनाओं और अधुत तुलनाओं का इस्तिमाल करते हैं
01:14बंदे मातरम आजादी की लड़ाई की भावना है
01:16बंकिम चंदर जी देश को अपने भीतर की शक्ति को जगाने के लिए प्रेदित कर रहे थे
01:21आप कलाकी इतनी महान रचना को सिर्फ एक धार्मिक रीती रिवाज कैसे कह सकती है
01:26इस तरह शर्मिला टेगोर के खिलाफ कंगना रणावत ने मोचा कोल दिया
01:30और इस मोचे से उन्होंने शर्मिला टेगोर पर हमलों की बोचार कर दी
01:34कंगना आगे कहती है
01:35बंकिन चंदर चेटर जी ने कहा था कि उन्हें ऐसे युवा चाहिए
01:39जिनका शरीद लोहे जैसा हो
01:41हड़िया स्टील की हो और नसों में बिजली जैसी ताकत दोड़ती हो
01:45वो मौसम का हाल नहीं बता रहे थे
01:47बलकि वो शक्ति के जागरण का आभवान कर रहे थे
01:50कृप्या हिंदू-मुस्लिम बारी सोच से बहर आईए
01:53भले ही हम एक इश्वर में विश्वास करते हो
01:57कांगना और शर्मीला के बीच ये लड़ाई बता रही है
02:00कि वंदे मातरम के दो चंद या छे चंद के सवाल पर
02:03बॉलिवुड में भी बेचानी है
02:05अचितक ब्यूरू
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