Skip to playerSkip to main content
مینارِ پاکستان لاہور کی ایک عظیم قومی اور تاریخی یادگار ہے، جو برصغیر کے مسلمانوں کی جدوجہد اور قراردادِ پاکستان کی یاد دلاتی ہے۔ لاہور کے اقبال پارک میں واقع یہ تاریخی مینار پاکستان کی آزادی، قومی اتحاد اور عزم کی علامت سمجھا جاتا ہے۔

اس ویڈیو میں جانیں گے مینارِ پاکستان کی تاریخ، تعمیر، طرزِ تعمیر، قراردادِ پاکستان سے اس کا تعلق اور اس عظیم قومی یادگار کی تاریخی اہمیت کے بارے میں دلچسپ معلومات۔

اگر آپ کو پاکستان کی تاریخ، ثقافت، تاریخی مقامات اور قومی ورثے سے متعلق ویڈیوز پسند ہیں تو Apna TV New York کو سبسکرائب کریں، ویڈیو کو لائک اور شیئر ضرور کریں۔


مینار پاکستان، مینارِ پاکستان، Minar e Pakistan, Minar-e-Pakistan, Minar Pakistan History, Minar e Pakistan History in Urdu, مینار پاکستان کی تاریخ، مینار پاکستان لاہور، لاہور کے تاریخی مقامات، قرارداد پاکستان، قرارداد لاہور، پاکستان کی تاریخ، قومی یادگار پاکستان، اقبال پارک لاہور، تاریخی عمارتیں پاکستان، Pakistan History, Lahore History, Historical Places in Pakistan, Pakistan Heritage, National Monument Pakistan


Minar e Pakistan, Minar-e-Pakistan, Minar Pakistan, Minar e Pakistan History, مینار پاکستان, مینارِ پاکستان لاہور, مینار پاکستان کی تاریخ, Minar Pakistan Lahore, Lahore Historical Places, Lahore History, Pakistan History, Pakistan Historical Places, Pakistan Heritage, National Monument, قرارداد پاکستان, قرارداد لاہور, Iqbal Park Lahore, Pakistan Independence, Pakistani Culture, Apna TV New York


#MinarEPakistan #مینارپاکستان #MinarPakistan #PakistanHistory #LahoreHistory #PakistanHeritage #HistoricalPlaces #IqbalPark #ResolutionOfPakistan #Pakistan #پاکستان #ApnaTVNewYork #pakistan #india #uk #usa #ternding #vrial #viral #viralvideo #shorts #shortvideo

Category

🎈
Fun
Transcript
00:00आज के इस खास जायजे में हम जनुबी एशिया की एक इंतिहाई शांदार और जानी पहचानी यादगार की बात करने
00:07वाले हैं, मिनारे पाकिस्तान.
00:08बजाहर तो हम सब इसे जानते हैं
00:10लेकिन आज हम इसकी वो छुपी हुई हिस्ट्री और राज डीकोड करेंगे
00:14जो सच में बहुत कम लोगों को मालूम है
00:16तो चले सीधा अपने मौज़ों के तरफ चलते हैं
00:33जो आम तोर पर नजरों से ओजल रहते हैं
00:36अब थोड़ा सा पसे मनजर देख लेते हैं
00:38ये अजीम औशान धाचा लाहॉर के तारीखी इकबाल पार्क में वाकिया है
00:42जिसे पहले मिंटो पार्क कहते थे
00:44और ये 23 मार्च 1940 की करारदाद लाहॉर की याद में बनाय गया था
00:49ये तारीख तो सबको याद ही होगी
00:50ये वही दिन था जब जब जनूबी एशिया के मुसल्मानों के लिए
00:54एक अलग वतन का पहला बकाइदा मुतालबा किया गया था
01:11अगर हम इसे बुलंदी से यानि इसका एरियल व्यू देखें
01:14तो एक बिलकुल ही नया और जबरदस्त मनजर सामने आता है
01:17उपर से देखने पर ये एक ऐसा जोमेट्रिक फूल लगता है
01:20जो एक पांच कोनों वाले सितारे पर खिला हुआ है
01:23और उसके इर्द गिर्द दो बहुत बड़े हिलाल यानि चांद बने वे हैं
01:27अब ये कोई इतिफाक नहीं है
01:28ये एक बहुत ही सोची समझी डिजाइनिंग है
01:31इसकी जोमेट्रिक के पीछे छुपी सोच वाकई कमाल है
01:34ये जो दो हिलाल नजर आ रहे हैं न
01:36ये दरसल मश्रिकी और मगरिबी पाकिस्तान की नुमाहिंदगी के लिए बनाये गए थे
01:40जैसे वो एक दूसरे से गले मिल रहे हूँ
01:41और गोर करें तो इन चांदों से निकलने वाली सीडियों की दो कतारें उपर जाकर एक ही जगा पर मिलती
01:47है
01:47ये इस बात के अलामत है कि इस नई कौम की तश्कील में मुल्क के दोनों हिस्सों ने बिलकुल यकसा
01:52रोहानी और जजबाती कुर्बानिया दी है
01:54बिलकुल वैसे जिसे काइद आजम का खाप था
01:57अब सवाल ये पैदा होता है कि इस कदर गहरी सोच और कौमियत के जजबे से भरा ये डिजाइन बनाया
02:03किसने था
02:03और यकीन माने इसका जबाब वाकई हैरान कुने
02:06आम तोर पर यही सोचा जाता है कि एक नई इसलामी रियासत की इतनी बड़ी और एहम अलामत है
02:12तो लाजमी किसी मशूर मकामी माहरे तामिरात नहीं से डिजाइन किया होगा
02:17लेकिन हकीकत में उसके मेमार की कहानी बहुत ही मुखतलिफ और दिल को चूलेने वाली है
02:22और यहां से इंट्री होती है नसर الدین मुराद खान की
02:26ये कोई आम कहानी नहीं है
02:28मुराद खान एक रूसी निजात कमेक मुसल्मान इंजीनियर थे
02:32जो 1904 में रूसी सल्तनत के इलाके दागस्तान में पैदा हुए
02:35जब जोज़फ स्टालिन के दौर में उनकी जान को खत्रा लहाग हुआ
02:39तो वो 1944 में जर्मनी फरार हो गए
02:41वहां महाजर केमपों की सखतियां जहली एक तुर्क महाजर खातून हामिदा अखमत से शादी की
02:47और फिर बिलाखिर 1950 में हिजरत करके पाकिस्तान आ गए
02:51उन्हें यहां एक महफूस ठिकाना मिला
02:53और फिर 1960 में उन्हें मिनारे पाकिस्तान डिजाइन करने का ये तारीखी प्रोजेक्ट सौपा गया
02:58इस प्रोजेक्ट की एहमियत का अंदाजा इस बात से लगाएं
03:01किसे आला तरीन हुकूमती सता की तवज्जो हासिल थी
03:041963 में उस वत के सदर अयूब खान ने मुराद खान को अपने दफ्तर बुलाया
03:08कहा जाता है कि उन्होंने अपनी जेब से एक फाउंटेन पहन निकाला
03:11उसे मेस पर बिल्कुल सीधा खड़ा किया और कहा
03:13मुझे इस तरह की एक इमारत बना कर दो
03:16वो चाहते थे कि ये यादगार इसी पैन की तरह सीधी और बुलंदियों को चूती हुई हो
03:20और मुराद खान ने इस विजन को इतनी खुबसूरती से हकीकत का रूप दिया
03:25कि उसका फाइनल डिजाइन खुद तहरीके आजादी के सफर का एक जीता जाकता इस्तारा बन गया
03:31इसे ज़रा समझीएगा मिनार के जो चार मुखतलिफ प्लैटफॉर्म्स हैं
03:35वो आजादी की जद्व जहद की बिल्कुल दुरुस्त अकासी करते हैं
03:38सबसे पहला प्लैटफॉर्म बगएर तराशे हुए खुरदरे टैक्सला के पत्रों से बना है
03:42जो इस जद्व जहद के मुश्किल तरीन और कठिन इप्तदाई दौर को जाहर करता है
03:47फिर दूसरा मरहला आता है जहां हथोड़े से तराशे गए पक्तर इस्तमाल हुए है
03:50फिर तीसरा मरहला छीनी से तराशे गए पत्रों का है
03:53और सबसे आखिर में चौथा प्लैटफॉर्म बिल्कुल पॉलिश किये हुए चमकदार सफेद संगे मरमर का है
03:59जो हत्मी काम्याबी और खुशाली की अलामत है
04:01कितना जबरदस्ट आइडिया है है ना
04:04जाहर है इतना बड़ा काम कोई रातों रातों नहीं हो सकता था
04:07इस सतर मीटर उंचे टावर को मुकमल होने में पूरे आठ साल लगे
04:111960 से 1968 तक
04:14इसकी चोटी तक पहुँचने के लिए 324 सीडियां बनाई गई
04:18लेकिन एक चीज जो और भी दिल्चस्प है वो इसकी फंडिंग का तरीका था
04:22इस पूरे प्रोजेट का खर्चा सिमेमा और घुर दौर के टिकेटों पर इजाफी टेक्स लगा कर पूरा किया गया
04:28मतलब पूरी कौम ने किसी ना किसी तरह इसकी तामीर में अपना हिस्सा डाला
04:33लेकिन यहाँ एक बहुत बड़ा ट्विस्ट है
04:35आज हम जो 70 मीटर का मिनार देखते हैं वो दरसल वैसा नहीं है जैसा मुराद खान ने असल में
04:42सोचा था
04:42मुराद खान इमारत के सबसे उपर गुमबद लगाने के बिलकुल खिलाफ थे
04:47उनका असल आइडिया ये था कि ये मिनार उपर जाते जाते बतद्रीच पतला हो और एक ला महदूद नुक्ते पर
04:54जाकर खत्म हो जाए
04:55क्यों? क्योंकि वो इस नई कौम की न खत्म होने वाली अमंगों और इरादों को दिखाना चाते थे
05:00उनका ख्याल था कि गुमबद लगा देने से इस यादगार की ग्रोथ रुक्सी जाएगी
05:04लेकिन खेर बाद में कमीटी ने फैसला किया कि इसके उपर एक गुमबद ही बनाया जाएगा
05:09गुमबद वाली बात के इलावा मुराद खान ने जान बूच कर इसे किसी रिवायती मकबरे या मस्जिद की शकल देने
05:16से गुरेस किया
05:17उनका वाज़ तोर पर ये मानना था कि चुँके पाकिस्तान आलम इसलाम में एक बिल्कुल नया और जुरत मंदाना तजर्बा
05:23है
05:23इसलिए इसका तरज तामीर भी नया होना चाहिए
05:26उन्होंने जदीद असरी खुतूत को मुगल तरज तामीर की खुबसूरती के साथ
05:30इस महारत से ब्लेंड किया कि एक शाकार बन गया
05:33अब इस सारी कहानी का सबसे खुबसूरत हिस्सा वो है
05:37जो पत्थरों और लोहे से नहीं बलके खालिस इनसानी जजबे से चुड़ाएं
05:41ये जो नंबर आपको नज़र आ रहा है
05:44दो लाक पचास हजार रुपए
05:45ये कोई मामूली रकम नहीं है
05:47ये वो फीस थी जो मुराद खान को इस प्रोजेक्ट पर
05:50सालों की मसलसल और ठका देने वाली मेहनत के वज मिलनी तैह हुई थी
05:55उस जमाने के हिसाब से ये एक बहुत ही खतीर रकम थी
05:58लेकिन यहां इनकी हुबलवतनी और एहसानमंदी का ऐसा कमाल नज़र आता है
06:04कि इनसान दंग रह जाए
06:05उन्होंने ये पूरी की पूरी रकम लेने से साफ इंकार कर दिया
06:09और इसे उसी तामीराती फंड में वापस अतिया कर दिया
06:12उनका कहना था कि ये उस मुलक का थोड़ा सा कर्द चुकाने की कोशिश है
06:17जिसने दरदर की ठोकरें खाने के बाद उन्हें एक महफूज घर दिया
06:21एक पहचान दी
06:22उन्होंने तो कोई माली मुआवजा कबूल नहीं किया
06:25लेकिन इस मुलक ने भी उनकी इस बेलोस खिदमत और लगन को फरामोश नहीं किया
06:291963 में इस वक्त के सदर ने
06:32इन्हें पाकिस्तान के बहुत बड़े सिवीले नैजाज तमगे इम्तियास से नवाजा
06:36एक महाजर की अपने नए वतन से महबबत का ये कितना शांदार सिला था
06:40तो इस सारे जाइजे के बाद ये कहानी एक बहुत ही गहरा सवाल छोड़ जाती है
06:46अगली बार जब हम आजादी की किसी ऐसी बुलंदो बाला इमारत को देखेंगे
06:50तो क्या हमें सिर्फ पत्थर, लोहा और संगे मरमर नजर आएगा
06:54या हम उस महाजर की रूह और उसके जजबे को भी महसूस कर सकेंगे
06:58जिसने उसे बनाया
06:59कौन जाने आजादी की इन बड़ी बड़ी अलामतों के पीछे
07:02जिलावतनी, शुक्र गुजारी और ना खत्म होने वाली अमंगों की
07:06और कितनी ही कहानिया खामोशी से छुपी बैठी हों
07:09जरा सोचिएगा जरूर
Comments
Apna Tv New York
Creator
#MinarEPakistan #مینارپاکستان #MinarPakistan #PakistanHistory #LahoreHistory #PakistanHeritage #HistoricalPlaces #IqbalPark #ResolutionOfPakistan #Pakistan #پاکستان #ApnaTVNewYork #pakistan #india #uk #usa #ternding #vrial #viral #viralvideo #shorts #shortvideo

Recommended