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वीडियो जानकारी: Book Signing, KCC, Greater Noida || वेदान्त संहिता || 02.08.2026

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Transcript
00:00सिकल से विर्शड आपते मिलनी कि अभी बतातीग सब्सक्रों
00:05अभी बताता हूँ
00:05यह कंद्वान अगर आगाये तो मैं आपके अवय
00:10अभी हमेसा यह बताता ओव्ला अभी तुम भी अपनी इस कुंदली बताओ
00:14कुण्ट्री तरह इसे कुण्डली तो यह नहीं सकता।
00:18कुंडली कुण्डली कुण्डली कुण्डली यह लुग।
00:20कुंडली बताओ, तुम्हेरा वेट करेचा थै अ मुधर कर रहे।
00:23लिए ध्यानम है।
00:26बताना मथाओ, पताओ।
00:30गरवीप।
00:31यह बहुत सही है, इसमें कहा कि नाम तो मैं नाम से मुप्त हूँ।
00:42आपको जैसे सुनने लेकि बहुत अच्छा लगता है।
00:47जीवन को भी उस तरह से नहीं देख पा रहे हूं, लेकिन कोशिच कर रहे हूं।
00:51यह थोड़ा मेरे हंकार है यह क्या है। लेकिन मैं चाहरे हूं कि मितलब जल्दी से मैं यह सब जीजे
00:58समझने लग जाओं।
01:01तु जल्दी से समझने लग जाओं नी वो लगातार समझते रहाना होता।
01:06लेकिन जो पुराने थोट्स है, वो मतलब बना मैं आपकी वीडियो देख रहे हूं यार तब भी मतलब आ जाते
01:14हैं।
01:18आपका उनमे अभी रस है, जब रस नहीं रहता तो कोई चीज आती है, आप ध्यानी नहीं करते हैं।
01:23मज़ा ही नहीं आ रहा है, उसमें अभी मज़ा आ रहा है। मज़ा आ इसलिए आप ध्यान दे रहा है।
01:28इसमें खोना नहीं है।
01:29आप देखो पहले समझोतों से मज़ा क्या आ रहा आपको नहीं तो खुते तो रहोगे यह कोई संकल्प की बात
01:35थोड़ी है
01:37बोध की बात
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