00:28।
00:3012 अगस को तमिलनाटु विधान सभा ने भी इसी मांग को लेकर प्रस्ताफ पास किया था।
01:00और एडुकेशन इंडिकेटर्स हासिल किये और मजबूत एकोनॉमिक ग्रोथ दिखाई।
01:04अगर आने वाले समय में सर्फ पॉपुलेशन के आधार पर लोगसभा सीटों का रीडिस्रिबूशन होता है तो उन्हें पॉलिटिकल रिप्रेजेशन
01:12के मामले में नुकसान हो सकता है।
01:14यानि सवाल है कि क्या पॉपुलेशन कम करने की एकोनॉमिक और सोशल सक्सेस की कीमत पॉलिटिकल रिप्रेजेशन कम होने के
01:21रूप में चुकानी पड़ेगी।
01:22अब यहाँ एक बेहद इंट्रेस्टिंग एकोनॉमिक डिवलाप्मेंट सामने आता है।
01:262026-27 के लिए 16th Finance Commission ने राजियों के बीच Central Taxes माटने के फॉर्मूले में पहली बार GDP
01:34Contribution को 10% वेट दिया है।
01:37इस बदलाफ का फायदा Southern States को मिला है।
01:40यानि South में जितने भी राजी हैं उनको इस बदलाफ का फायदा मिला।
01:44किरनाटक, केरल, अंध्रप्रदेश, तेलंगाना और तमिलनादू इन पांच राजियों को 2026-27 में पिछले Finance Commission के मुकाबले कुल करीब
01:5318,330 करोड रुपे ज्यादा Tax Devolution मिलने का अनुमान है।
01:59यानि एक तरफ, Fiscal Policy में Economic Performance और GDP Contribution को ज्यादा महत्व मिल रहा है।
02:05और दूसरी तरफ, Political Representation में Population एक बड़ा आधार बना हुआ है।
02:10यहीं से South India versus Delimitation की पूरे Economic Debate शुरू होती है।
02:15अब समझे, एक Analysis के मुताबिक, तमिलनादू, करनाटक और तेलंगाना मिलकर,
02:20सेंटर के Direct और Indirect Taxes में करीब 20 फीसिदी का योगदान करते हैं।
02:26जबकि उत्तरप्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश का Combined Contribution करीब 6 फीसिदी बताया गया है।
02:32ध्यान दीजिएगा, हम यह नहीं कह रहे हैं कि ज्यादा टैक्स देने वाले राजियों को
02:36automatically ज्यादा लोकसभा seat मिलने चाहिए, क्योंकि देखिए भारत में
02:41representation का अधार सिर्फ tax contribution नहीं है, लेकिन South India का argument ये है
02:46कि economic contribution, population control और development performance को पूरी तरह नजर अंदाज भी नहीं किया जा सकता।
02:53और यहीं वज़ा है कि विजय के पत्र को सिर्फ political statement मानना अधूरा होगा, क्योंकि अगर आने वाले समय
02:59में
02:59deal limitation के बाद, parliament में राजियों की seatों का balance बदलता है, तो उसका असर सिर्फ MPs, यानी सांसदों
03:07के numbers पर नहीं होगा, सांसदों की संख्या पर नहीं होगा, इसका असर center state negotiations पर भी पढ़ सकता
03:14है
03:14infrastructure projects पर, industrial policies पर, central schemes की bargaining पर और लंबे समय में राजियों की policy making influence
03:22पर भी
03:23हाला कि यहां एक जरूरी बात समझना भी बेहद important है, अभी ये तैन नहीं है कि किस राजी की
03:29कितनी seatे बढ़ेंगी या घटेंगी
03:31center की तरफ से पहले ये argument दिया जा चुका है कि south states को नुकसान पहुचाने के बजाए, लोकसभा
03:38का overall size बढ़ाकर representation का balance बनाये रखा जा सकता है
03:43यानि debate सिर्फ यह नहीं कि 543 seatे रहेंगी या बढ़ेंगी, असली सवाल है कि अगर seatे बढ़ती है तो
03:49उनका distribution कैसे होगा
03:51और अगर population को ज्यादा weight मिलता है तो क्या तेजी से बढ़ती आबादी वाले राज्यों की political power disproportionately
03:58बढ़ जाएगी, यानि बिना किसी balance के
04:01यही वज़ा है कि वज़े की 543 seatे freeze करने के मांग अब एक बड़े federal और economic debate का
04:08हिस्सा बन गई है
04:08और इसमें एक और महत्वपून आंगल है, women reservation
04:13तमिलनारू विदानसभा के प्रस्ताव में मौझूदा लोकसभा strength के अंदर ही महिलाओं को 33% reservation देने की मांग भी
04:20की गई है
04:21यानि विज़े का प्रस्ताव सिर्फ delimitation रोकने की मांग नहीं कर रहा बलकि representation का नया balance भी सुझा रहा
04:27है
04:27तो अब आगे क्या करना है, देखिए एक तरफ center के सामने population based representation और demographic fairness का सवाल
04:34है
04:34दूसरी तरफ South India के सामने economic contribution और political representation के बीच balance का सवाल है
04:41और investors के लिए इसका क्या मतलब है, immediate stock market impact शायद नहीं दिखेगा लेकिन अगर delimitation के साथ
04:48center state power equation बदलती है
04:50तो इसका long term असर infrastructure spending, industrial incentives, public investments और राजों की economic bargaining power पर जरूर पढ़
04:58सकता है
04:59इसलिए विज़े का PM Modi को लिखा ये पत्र सिर्फ 543 लोकसभा सीच की कहानी नहीं है
05:05ये असल में एक बड़े सवाल की शुरुआत है, क्या भारत में political power का अगला formula सिर्फ population होगा
05:11या economic contribution और development performance को भी उतनी ही एहमियत मिलेगी
05:16और यही सवाल आने वाले समय में politics से लेकर business और economy तक सबसे बड़ी बहस, सबसे बड़ी debates
05:22में से एक बन सकता है
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