00:07विदेश मंत्रवाले ने एक बार फिर्स पश्ट किया कि अरणाचल प्रदीश भारत का एक अभिन और आविभार्ज हिस्सा था और
00:14हमीशा रहेगा
00:15सीमवर्ती राच्यों में जगाहूं के नाम बदलने की चीन की बेतुकी कोशिशों के बीच भारत ने ये सक्थ रुख अपनाया
00:23विदेश मंत्रवाले की प्रवक्ता रणधीर जासवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में जूर देकर कहा कि चीन द्वारा मनगडंत नाम रखने की
00:29वजह से ये निर्वेबाद सक्चाई बदल नहीं जाएगी
00:33भारत का मानना है कि दोनों देशों के बीच बहतर विपक्ष संबंधों के लिए वास्तविक नियंत्रों रेखा के पास शांती
00:40और स्थर्था और सुरक्षा बनाए रखना बीहद आवश्चक है
00:44हाली में हुई भारत और चीन के सीमा मामलों पर परामर्श और समनवय के लिए कारेकारी तंत्र की 36 वी
00:50बैठक में भी भारत ये पक्ष ने खुल कर अपनी बात रखी
00:53भारत ने इसपष्ट किया कि सीमा परतनाव का सीधासर व्यापक द्विपक्ष संबंधु पर पड़ेगा
01:00चीन की चालबाजी और क्षेत्रिय दावों को खारिज करती हुए भारत के सर्वे ओफ इंडिया ने आधिकारिक नक्षों पर अरुणाचल
01:07प्रिदीश की 27 महत्वपून जगाहों की पहचान और उनकी मानक एतिहासिक नामों से की
01:13इस कदम का मुख्य और देश्व और इन स्थानों की भागालिक और संस्कितिक पहचान को सुरक्षित रखना है और सही
01:20आतिहासिक महत्व के बारे में जाक रुपता बढ़ाना
01:23जिन 27 जगाहों को भारते नक्षे में प्रमुपता से दर्शाय किया उनने कई अत्यंत रणनेतिक और एतिहासिक स्थल्स शामिल है
01:31इनमें लॉंग जू प्रमुख है जो के 1969 में भारत और चीन की बीच सैनिट अक्राव का एतिहासिक स्थल रहा
01:37इसके लावा थागला भी सू
01:53स्वंदगड और शेरे थापा मैमोरील जैसी जगाहों को भी पूरे सम्मान के साथ शामिल किया गया यह स्थल 1962 के
02:00युद्ध में भारत यसे निनायकों के अदम में साहस समर्पण और बलिदान की याद दिलाते हैं भारत ने बार बार
02:06यह साबित किया कि चीन द्वारा अरु
02:22शकिल के पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और किसी भी विदेशी दावों को कभी स्विकार में ही करेगा
02:55सै пришते तरह से उसरे 새 से अप्रतव को करे जए अबते अचार, युदातर तरह सोच किया अप्ड़क्वास
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