00:04शिवरात्री सावन महीने का सबसे खास त्योहार है और इस बार ये त्योहार 11 अगस्त दिन मंगलवार को पढ़ रहा
00:12है।
00:30शिवलिंग की पूजा करना चाँ रहे हैं, और भग्वान शिव की कृपा पाना चाहते हैं
00:34तो किन पूजन सामगरी की आपको जरुत पड़ेगी,
00:37पूजा का मुहरत क्या रहेगा और संपूर्ण और सबसे सरल पूजा विदी � key क्या होगी
00:42सबसे पहले बात करते हैं पूजा सामगरी के
00:44मिट्टी का एक पार्थेव शिवलिंग ले ले या फिर अपने घर पर रखेवे शिवलिंग की भी आप पूजा कर सकते
00:50हैं
00:50पांच फल साथ बेल पत्र साथ शमी पत्र लाल साथ फूल सादे दूद दही शहद घी शकर इत्र गंगा जल
00:59एक सो आट शावल के दाने मिठाई एक लोटा जल 21 दाने गेहुंके पांच कमल गट्टे 21 काली मिर्च एक
01:07चुटकी काले तिल एक धतूरा तीन गोल सुपारी रोली
01:10कलावा, अभीर, लॉंग, इलाइची, पान के पत्ते, गुलाल, पीला, चंदन, करपूर, दो दीपक, घी के धूब बत्ती, दो जन्यों जिसमें
01:19गणेजी और शिवर जी के लिए रखा जाएगा
01:21पूजा का शुम मूहरत, जहां जल जड़ाने का सबसे पहला मूहरत सुब़ चार बज कर 22 मिनट से 5 बज
01:28कर 48 मिनट तक रहेगा, तो दूसरा मूहरत सुब़ छे बजे से लेकर 10 बजे की बीच रहेगा, तीसरा शुम
01:34मूहरत दोपहर 12 बजे से 12 तरपन को रहेगा, वैं चौ
01:51सबसे जादा शुब मानी जाती है वहीं पाच्वा समय जल चड़ाने का रात 12 बचकर 5 मिनट से 12 बचकर
01:5848 मिनट तक रहेगा इस दोरान भी आप रुद्राविशेक कर सकते हैं ध्यान रहे जलाविशेक मुहुर्त में आप पूजा भी
02:05कर सकते हैं अब आईए जानते हैं पूज
02:10जल दी उठकर स्नानादी से निवरित्त होकर पूजा का संकल पलें पूजा कक्ष को साफ करें भगवान शिव की प्रतिमा
02:17रखें या फिर पार्थिव शिवलिंग लेकर आए या बनाएं शुब मुहुरत में शिवलिंग का पंचामरत और गंगाजल से अभिशेक करना
02:24होग
02:24इसके बाद फूल बेल पत्र भांग धतूरा इत रित्यादी जरूर चड़ाएं पूरु शिवलिंग पर जन्यों चड़ाएं तो वहीं महिलाय माता
02:31पार्वति को श्रिंगार सामगरी अर्पित करें सफेच चंदन से शिवलिंग पर त्रपुंड की आकरती बनाएं घी का द
02:53कानल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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