00:00एक थेओरी में आज पढ़ रहा था कि आज ही की खबर है कि अमेरिका के जनरल साहब ने ट्रॉम्प
00:07से ये कहा कि भाया सिरफ एयर अटाक से काम नहीं चलेगा and we need to end this war अब
00:13अमेरिका इस ये थेओरी मैंने ये पढ़ी कि अमेरिका इस जंग से निकलने के लिए पीछे से साथी
00:29मेरे को इस थेओरी में दम लगा क्योंकि डॉट टू डॉट कनेक्ट हो रहे हैं आप लोगों का इस पे
00:35क्या मानना है तिजावत सार आप से शुरू करते हैं अची बिल्कुल इसमें है क्योंकि अमेरिका की तरफ से जो
00:43प्रदिक्रिया आई है इस तरीके के संदी के लिए इ
00:59काफी विश्वस नहीं हैं तो यॉनाइटिट स्टेट एक चाहता है कि एक अल्टिनेटिव बन जाए ताकि जो उसकी जिम्मेदाली है
01:07वो कम हो जाए और एक उसके बरक्ष एक वो भी है जिसके बारे में हमने पैदे चर्शा की थे
01:13कि खुछ साओधी अरेपिया की भी जो अ
01:29अरेपिया एक आर्थिक ताकत तो है पर हम जानते के बाद ना तो पर्मानों ताकत हैं और ना ही वस्ता
01:36ही के से सैनी ताकत हैं आपर साहग जी बिलकुल मलिका जी आपका अपिनियन इस पर चाहूंगा
01:45अगर उसमें थोड़ा एक्सपैंड करूं तो कही ना कहीं फीट एक्जित में अभी हाली में बताया कि 37.5 बिलियन
01:53डॉलर्स अलड़ी खर्च हो चुके हैं इस वार में अमेरिका के कहीं पेट्रियट मिसाइल सिस्टम जो है हमने देखा प्री
02:02वार वो हजारों की संख्या मे
02:09है और यह वही डॉनल्ड ट्रम्प है जिन्होंने पूरा अपना इलेक्शन इस कारण जीता है कि भाई मैं अमेरिका को
02:17बोर में नहीं ले जाओंगा अगर आप कमला हैरेस को वोट करेंगे तो बोर में ले जाएंगी बॉड़ी बैग्स वापस
02:22आएंगे और कही ना कहीं हमन
02:39बता रहा है कि कैसे महंगाई बढ़ चुकी है 1.25% एवरी मंथ महंगाई बढ़ रही है अमेरिका में
02:45manufacturing companies जो लग रहा था, set up होगी अमेरिका में, कही न कहीं वापस हो रही है, कोई manufacturing
02:50companies ऐसे expand भी नहीं हो रही है
03:07Supreme Court इस war को illegal करार देता है, बहुत number of times, उन्हीं के appointed judges है Supreme Court
03:15में, Donald Trump नहीं जो appoint है, वही इस war को oppose कर रहे है, तो यह alarming बात है
03:20और जो आपने theory की बात कि बिलकुल अमेरिका ऐसा कर सकता है, क्योंकि अमेरिका को पता है कि यहां
03:25से वो जल्दी wrap up करना चाहता है, क्योंकि अब body bags आने च
03:37economic crisis पर खड़ा हुआ है, और उसको पता है कि अब यह war से निकलना ही, उसके लिए सही
03:43साबित होगा अगर जीव, अब इरान की बात उठी गई है, तो तेजावत सर मैं आपसे यह सवाल भी पूछे
03:49लेता हूँ, कि अब अमेरिका पे pressure पढ़ रहा है, जैसा कि मैं आम ने बता
03:54है कि दबाव अंदर से भी पढ़ रहा है, बार से भी पढ़ रहा है, होर्मूज को बड़ी मुश्किल से
03:59अभी साथ दिन के लिए खुलवाया है, तो अब what is gonna be the next step, अमेरिका के लिए भी,
04:06एरान के लिए भी, यह अलग से Islamic NATO, यह एक बात को भी अलग रखते हैं, बट यहा�
04:21हौमुश जो है, वो डिस्टर्ब हो चुका है, और यहाँ पर यॉनाइटिव स्टेट ना बहुत अच्छी तरीके से अपना नुक्सान
04:27करवाया है, क्योंकि अक्सर हमें पता है कि एक बहुत बड़ा जो फैकास 20% हम बात करते हैं कि
04:35ग्रापार यहां से होता है, वो इस तरी
04:38कि इसे डिस्टर्ब हुआ है कि जो इरान ने जो सी माइन्स पिछा ही है, उसको साफ करने में बरसों
04:43लग जाएंगे, खुद इरान को भी नहीं पता है कि कहां कहां पर वो ती माइन्स पैक है, अभी फिलाल
04:48एक जहाज लख रहा है था, तो अभी आप देखिए कि जैसे जैस
05:09इरान के इंट्रेस्ट हैं, वो दोनों ही एक मैच नहीं कर पा रहे हैं, तो संदी होने की कोई समाह
05:14नहीं है, पर अगर यह माहलो रेगुलर हो जाती है, यह पूरा हॉमस ट्रेट, तब भी जहाजों से वो सी
05:20माइस टकरा टकरा कि अगर वो फटना शुरू होंगे, तो कौन स
05:29सब देश हैं, वो उसकी सिक्यूर्टी की कारेंटी लेगा, और अगर हालात बिगटते हैं, जैसे अमेरीका पूरे वेस्ट एशिया पर
05:35वर्चस स्थापित करना चाहता है, यह उसकी तमना है, और अगर यह तमना नहीं भी होगी, तो वहां के जो
05:41खासकर प्रेशर ग्रोप्
05:46यह जनरल डाइनमेक, सारे यह जितनी भी जो कंपनिया हैं, उनके मालिक हैं, जो डारेक्ट और इंडारेक्ट तरीके से, रिपबिकंस
05:54और यहां तक की डेमोग्रेट्स को भी सपोर्ट करता है, तो यह लोग मुझे लगता है कि शांती होने नहीं
06:00देंगे, क्योंकि चंदा �
06:02जाता है, इतना पैसा है, प्रिजडेंट ट्रम के एक एक बयानों से पुरा शेयर मार्केट उपर नीचे हो जाता था,
06:08तो यह सब लोग उनको नॉमलाइज होने नहीं देंगे, तो ऐसे मैं यॉनाइटिट स्टेट के लिए यहां से निकलना, फिर
06:16जब निकलेंगे तो वहा
06:29ने यह कह दिया था कि हम कोई नहीं, मिसाले नहीं बनाएंगे, परवानों हमारी जहुरत नहीं है, उसमें एशुरेंस देते,
06:35तो उससे बहतर आप ऐसी कौन सी संदी के साथ आ रहे हैं इस लड़ाई के बाद में, कि जिससे
06:42हम कहें कि प्रिजडेंट ओबामा के बाद में, ह
06:45आपने कुछ नया हासिल किया है, जबकि आपने अमेरिका की एकोनोमी को स्लोडाउन कर दिया है, जो 2.1%
06:52के आसपास से उसकी ग्रोथ हो रही थी, अभी वो 1.5 के आसपास है, इसमें और गरबढ़ होने की
06:58संभावना है, वहाँ पे बेरोजगारी बहुत तेजी से बढ़ र
07:15जो खासकर मादूरों को किटनेप करने के बाद अमेरिका ने जो धाफ जमाई थे, कि वहाँ कुछ भी कर सकता
07:22है, इरान ने उसको विप्टी में मिला दिया एक तरीके से, तो क्या हासिल करके जा रहा है, तो यह
07:28है, वो चाहता है, निकले हैं, क्योंकि अभी जिक्र हुआ है
07:32कि जो खासकर उसकी मिसाइल हैं, वो आधी से भी कम रह गई है, साउस चाइना सी में चीन की
07:38जो ताकत बढ़ रही है, और उसने अगर ताइवान पे हमला कर दिया, तो अमेरिका के पास क्या है, मतलब
07:45बड़ा अजीन है, प्रिजिडेंट ट्रंप ने अमेरिका को जिस दोरा
08:00सारी टेक्स का है, और फाइदा कौन उठा रहा है, ये बड़े-बड़े लोग उठा रहे हैं, वो तो एक
08:06बड़, मैच्वर डेमोक्रिसी है, वो ऐसी थोड़ी है कि अरिस्टोक्रिसी में लोग वहां के जी रहे हैं, जैसे कि बहुत
08:13सारे जो इसिन कर्ट्रीज हैं, तो मै�
08:28को कोई बहुत अच्छी प्रिसिदेंट के रूप में इतियास याद नहीं करेगा, आकर साथ, जैसे, मैं लेका जी आपकी इस
08:35पर क्या रहा हैं, अब अमेरिका, विल्ले अटैक अगेन, इरान रिटैलिट करेगा, अमेरिका भागने की कुशिश करेगा, आप कहां देख
08:43रह
08:56अपने एर बेसे स्टैबलिश करता गया, कहीना कहीं हमने देखा कि वेनिजूला में जैसे सर ने भी बताया है, कि
09:02वेनिजूला पर भी अटाक हुआ, नेटो को भी ट्रंप आख दिखाने लग गया, यह वही नेटो के देश हैं, जो
09:07ट्रंप को सपोर्ट करते थे, कहीना कही
09:18अपने देखा होगा, पिछले कुछ दिनों में, हमने शुरुआती में देखा कि कैसे इसरेल और अमेरिका एक ही बुक पड़
09:26रहे थे, फिर लास में हमने देखा कि कैसे अलग-अलग पन्ने में नजर आ रहे थे हमें, कि जहां
09:31पर डॉनल्ड ट्रम क्रिटिसाइज कर रहे ह
09:35नितिन्याओं के लिए, फिर बोल रहे हैं कि नहीं, ये गलत है, ये ऐसे हैं, इन्होंने पहले अटाइक कर दिया,
09:41नहीं करना चाहिए इसरेल ने, उसके बाद हम देख रहे हैं कि वो और रहे होस्ट करने जा रहे हैं
09:45नितिन्याओं को तो खुद ही डॉनल्ड ट्रम हमारे �
09:49जमाने के content creator है आकर जी, हम रोज सुबह उठते हैं, उनके बयान बदलते रहते हैं, उनके कहिरा कहीं,
09:56उन्होंने पूरा geopolitics एक circus बना के रख चुका है, अगर आप उसे पूछें, तो हम देखते हैं, रोज उनके
10:02नहे बयान आते हैं, चालिस बार से उपर उन्होंने पूरे
10:06अपने बयान बाजी करते हैं, गीधर भख्यां देते हैं, कि नहीं, अब मैं पूरी civilization खतम कर दूँगा, दूसरे दिन
10:13वो बोलते हैं, मैं dialogue diplomacy करूँगा, तीसरे दिन वो बोलते हैं, नहीं, मुझे Saudi Arabia और Qatar में खीज
10:19कर रखावा हैं नहीं, तो मैं तो कली अटाइक कर देता,
10:22फुल ब्लॉन एक सूपर पावर की बात कर रहे हैं हम यहां पर, तो वो जो सूपर पावर की कही
10:27ना कही छवी थी आकर जी, वो अब अमेरिका के नहीं रही, इन फाक्क आप खाडी के देशों को देखिए,
10:32क्लास पॉइंट हाइलाइट करूँगी, खाडी के जितने देश ह
10:35आज के टाइम में, UAE को देखे, UAE कही ना कही पहले सिर्फेंस में जब भी भी बात करता था,
10:41तो अमेरिका सिर्फ करता था, वट अब खाडी के देश भी डाइवर्सिफाई करने लगे हैं, अब वो एशिया देशों की
10:47तरह हैं, इंडिया की तरफ देख रहे हैं, कोई पा
11:05सर्वोपरी रख रहे हैं, और अमेरिका का इंट्रेस कही ना कही हम देख रहे हैं, कि अब देश कम कर
11:10रहे हैं, अमेरिका को इतना सर्वोपरी नहीं मान रहे हैं.
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