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Iran War के बीच Islamic NATO को लेकर एक बड़ा geopolitical सवाल खड़ा हो गया है।क्या Trump अब Iran के खिलाफ सीधे युद्ध से बचने के लिए Saudi Arabia और Pakistan को आगे कर रहे हैं?
Islamic NATO की चर्चा ने Middle East की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है।Saudi Arabia और Pakistan की भूमिका इस पूरे power game में क्यों अहम हो गई है?क्या अमेरिका Iran के खिलाफ अपनी रणनीति बदलकर regional allies पर ज्यादा निर्भर हो रहा है?
Trump की Iran War strategy को लेकर कई सवाल और दावे सामने आ रहे हैं।क्या Islamic NATO वास्तव में Iran के खिलाफ बनाया जा रहा कोई नया strategic front है?इस पूरे घटनाक्रम का Iran, Saudi Arabia, Pakistan और अमेरिका के रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा?
जानिए इस वीडियो में Islamic NATO, Trump की strategy और Iran War की पूरी geopolitical कहानी।

The Iran War has triggered a major geopolitical debate over the proposed Islamic NATO.Is Trump trying to avoid a direct confrontation with Iran by pushing Saudi Arabia and Pakistan to the forefront?The growing discussion around an Islamic NATO could reshape the balance of power in the Middle East.Why have Saudi Arabia and Pakistan suddenly become so important in the regional strategy?Is Washington shifting its Iran strategy and relying more heavily on regional partners?Trump’s approach to the Iran War is now facing intense scrutiny and speculation.Could Islamic NATO become a new strategic front against Iran?What could this mean for Iran, Saudi Arabia, Pakistan and the United States?
Watch the full video for the latest geopolitical analysis of Trump, Islamic NATO and the Iran War.

#IranWar #Trump #IslamicNATO #Iran #SaudiArabia #Pakistan #MiddleEast #Geopolitics #IranConflict

~HT.410~PR.512~GR.506~ED.110~VG.HM~

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00:00एक थेओरी में आज पढ़ रहा था कि आज ही की खबर है कि अमेरिका के जनरल साहब ने ट्रॉम्प
00:07से ये कहा कि भाया सिरफ एयर अटाक से काम नहीं चलेगा and we need to end this war अब
00:13अमेरिका इस ये थेओरी मैंने ये पढ़ी कि अमेरिका इस जंग से निकलने के लिए पीछे से साथी
00:29मेरे को इस थेओरी में दम लगा क्योंकि डॉट टू डॉट कनेक्ट हो रहे हैं आप लोगों का इस पे
00:35क्या मानना है तिजावत सार आप से शुरू करते हैं अची बिल्कुल इसमें है क्योंकि अमेरिका की तरफ से जो
00:43प्रदिक्रिया आई है इस तरीके के संदी के लिए इ
00:59काफी विश्वस नहीं हैं तो यॉनाइटिट स्टेट एक चाहता है कि एक अल्टिनेटिव बन जाए ताकि जो उसकी जिम्मेदाली है
01:07वो कम हो जाए और एक उसके बरक्ष एक वो भी है जिसके बारे में हमने पैदे चर्शा की थे
01:13कि खुछ साओधी अरेपिया की भी जो अ
01:29अरेपिया एक आर्थिक ताकत तो है पर हम जानते के बाद ना तो पर्मानों ताकत हैं और ना ही वस्ता
01:36ही के से सैनी ताकत हैं आपर साहग जी बिलकुल मलिका जी आपका अपिनियन इस पर चाहूंगा
01:45अगर उसमें थोड़ा एक्सपैंड करूं तो कही ना कहीं फीट एक्जित में अभी हाली में बताया कि 37.5 बिलियन
01:53डॉलर्स अलड़ी खर्च हो चुके हैं इस वार में अमेरिका के कहीं पेट्रियट मिसाइल सिस्टम जो है हमने देखा प्री
02:02वार वो हजारों की संख्या मे
02:09है और यह वही डॉनल्ड ट्रम्प है जिन्होंने पूरा अपना इलेक्शन इस कारण जीता है कि भाई मैं अमेरिका को
02:17बोर में नहीं ले जाओंगा अगर आप कमला हैरेस को वोट करेंगे तो बोर में ले जाएंगी बॉड़ी बैग्स वापस
02:22आएंगे और कही ना कहीं हमन
02:39बता रहा है कि कैसे महंगाई बढ़ चुकी है 1.25% एवरी मंथ महंगाई बढ़ रही है अमेरिका में
02:45manufacturing companies जो लग रहा था, set up होगी अमेरिका में, कही न कहीं वापस हो रही है, कोई manufacturing
02:50companies ऐसे expand भी नहीं हो रही है
03:07Supreme Court इस war को illegal करार देता है, बहुत number of times, उन्हीं के appointed judges है Supreme Court
03:15में, Donald Trump नहीं जो appoint है, वही इस war को oppose कर रहे है, तो यह alarming बात है
03:20और जो आपने theory की बात कि बिलकुल अमेरिका ऐसा कर सकता है, क्योंकि अमेरिका को पता है कि यहां
03:25से वो जल्दी wrap up करना चाहता है, क्योंकि अब body bags आने च
03:37economic crisis पर खड़ा हुआ है, और उसको पता है कि अब यह war से निकलना ही, उसके लिए सही
03:43साबित होगा अगर जीव, अब इरान की बात उठी गई है, तो तेजावत सर मैं आपसे यह सवाल भी पूछे
03:49लेता हूँ, कि अब अमेरिका पे pressure पढ़ रहा है, जैसा कि मैं आम ने बता
03:54है कि दबाव अंदर से भी पढ़ रहा है, बार से भी पढ़ रहा है, होर्मूज को बड़ी मुश्किल से
03:59अभी साथ दिन के लिए खुलवाया है, तो अब what is gonna be the next step, अमेरिका के लिए भी,
04:06एरान के लिए भी, यह अलग से Islamic NATO, यह एक बात को भी अलग रखते हैं, बट यहा�
04:21हौमुश जो है, वो डिस्टर्ब हो चुका है, और यहाँ पर यॉनाइटिव स्टेट ना बहुत अच्छी तरीके से अपना नुक्सान
04:27करवाया है, क्योंकि अक्सर हमें पता है कि एक बहुत बड़ा जो फैकास 20% हम बात करते हैं कि
04:35ग्रापार यहां से होता है, वो इस तरी
04:38कि इसे डिस्टर्ब हुआ है कि जो इरान ने जो सी माइन्स पिछा ही है, उसको साफ करने में बरसों
04:43लग जाएंगे, खुद इरान को भी नहीं पता है कि कहां कहां पर वो ती माइन्स पैक है, अभी फिलाल
04:48एक जहाज लख रहा है था, तो अभी आप देखिए कि जैसे जैस
05:09इरान के इंट्रेस्ट हैं, वो दोनों ही एक मैच नहीं कर पा रहे हैं, तो संदी होने की कोई समाह
05:14नहीं है, पर अगर यह माहलो रेगुलर हो जाती है, यह पूरा हॉमस ट्रेट, तब भी जहाजों से वो सी
05:20माइस टकरा टकरा कि अगर वो फटना शुरू होंगे, तो कौन स
05:29सब देश हैं, वो उसकी सिक्यूर्टी की कारेंटी लेगा, और अगर हालात बिगटते हैं, जैसे अमेरीका पूरे वेस्ट एशिया पर
05:35वर्चस स्थापित करना चाहता है, यह उसकी तमना है, और अगर यह तमना नहीं भी होगी, तो वहां के जो
05:41खासकर प्रेशर ग्रोप्
05:46यह जनरल डाइनमेक, सारे यह जितनी भी जो कंपनिया हैं, उनके मालिक हैं, जो डारेक्ट और इंडारेक्ट तरीके से, रिपबिकंस
05:54और यहां तक की डेमोग्रेट्स को भी सपोर्ट करता है, तो यह लोग मुझे लगता है कि शांती होने नहीं
06:00देंगे, क्योंकि चंदा �
06:02जाता है, इतना पैसा है, प्रिजडेंट ट्रम के एक एक बयानों से पुरा शेयर मार्केट उपर नीचे हो जाता था,
06:08तो यह सब लोग उनको नॉमलाइज होने नहीं देंगे, तो ऐसे मैं यॉनाइटिट स्टेट के लिए यहां से निकलना, फिर
06:16जब निकलेंगे तो वहा
06:29ने यह कह दिया था कि हम कोई नहीं, मिसाले नहीं बनाएंगे, परवानों हमारी जहुरत नहीं है, उसमें एशुरेंस देते,
06:35तो उससे बहतर आप ऐसी कौन सी संदी के साथ आ रहे हैं इस लड़ाई के बाद में, कि जिससे
06:42हम कहें कि प्रिजडेंट ओबामा के बाद में, ह
06:45आपने कुछ नया हासिल किया है, जबकि आपने अमेरिका की एकोनोमी को स्लोडाउन कर दिया है, जो 2.1%
06:52के आसपास से उसकी ग्रोथ हो रही थी, अभी वो 1.5 के आसपास है, इसमें और गरबढ़ होने की
06:58संभावना है, वहाँ पे बेरोजगारी बहुत तेजी से बढ़ र
07:15जो खासकर मादूरों को किटनेप करने के बाद अमेरिका ने जो धाफ जमाई थे, कि वहाँ कुछ भी कर सकता
07:22है, इरान ने उसको विप्टी में मिला दिया एक तरीके से, तो क्या हासिल करके जा रहा है, तो यह
07:28है, वो चाहता है, निकले हैं, क्योंकि अभी जिक्र हुआ है
07:32कि जो खासकर उसकी मिसाइल हैं, वो आधी से भी कम रह गई है, साउस चाइना सी में चीन की
07:38जो ताकत बढ़ रही है, और उसने अगर ताइवान पे हमला कर दिया, तो अमेरिका के पास क्या है, मतलब
07:45बड़ा अजीन है, प्रिजिडेंट ट्रंप ने अमेरिका को जिस दोरा
08:00सारी टेक्स का है, और फाइदा कौन उठा रहा है, ये बड़े-बड़े लोग उठा रहे हैं, वो तो एक
08:06बड़, मैच्वर डेमोक्रिसी है, वो ऐसी थोड़ी है कि अरिस्टोक्रिसी में लोग वहां के जी रहे हैं, जैसे कि बहुत
08:13सारे जो इसिन कर्ट्रीज हैं, तो मै�
08:28को कोई बहुत अच्छी प्रिसिदेंट के रूप में इतियास याद नहीं करेगा, आकर साथ, जैसे, मैं लेका जी आपकी इस
08:35पर क्या रहा हैं, अब अमेरिका, विल्ले अटैक अगेन, इरान रिटैलिट करेगा, अमेरिका भागने की कुशिश करेगा, आप कहां देख
08:43रह
08:56अपने एर बेसे स्टैबलिश करता गया, कहीना कहीं हमने देखा कि वेनिजूला में जैसे सर ने भी बताया है, कि
09:02वेनिजूला पर भी अटाक हुआ, नेटो को भी ट्रंप आख दिखाने लग गया, यह वही नेटो के देश हैं, जो
09:07ट्रंप को सपोर्ट करते थे, कहीना कही
09:18अपने देखा होगा, पिछले कुछ दिनों में, हमने शुरुआती में देखा कि कैसे इसरेल और अमेरिका एक ही बुक पड़
09:26रहे थे, फिर लास में हमने देखा कि कैसे अलग-अलग पन्ने में नजर आ रहे थे हमें, कि जहां
09:31पर डॉनल्ड ट्रम क्रिटिसाइज कर रहे ह
09:35नितिन्याओं के लिए, फिर बोल रहे हैं कि नहीं, ये गलत है, ये ऐसे हैं, इन्होंने पहले अटाइक कर दिया,
09:41नहीं करना चाहिए इसरेल ने, उसके बाद हम देख रहे हैं कि वो और रहे होस्ट करने जा रहे हैं
09:45नितिन्याओं को तो खुद ही डॉनल्ड ट्रम हमारे �
09:49जमाने के content creator है आकर जी, हम रोज सुबह उठते हैं, उनके बयान बदलते रहते हैं, उनके कहिरा कहीं,
09:56उन्होंने पूरा geopolitics एक circus बना के रख चुका है, अगर आप उसे पूछें, तो हम देखते हैं, रोज उनके
10:02नहे बयान आते हैं, चालिस बार से उपर उन्होंने पूरे
10:06अपने बयान बाजी करते हैं, गीधर भख्यां देते हैं, कि नहीं, अब मैं पूरी civilization खतम कर दूँगा, दूसरे दिन
10:13वो बोलते हैं, मैं dialogue diplomacy करूँगा, तीसरे दिन वो बोलते हैं, नहीं, मुझे Saudi Arabia और Qatar में खीज
10:19कर रखावा हैं नहीं, तो मैं तो कली अटाइक कर देता,
10:22फुल ब्लॉन एक सूपर पावर की बात कर रहे हैं हम यहां पर, तो वो जो सूपर पावर की कही
10:27ना कही छवी थी आकर जी, वो अब अमेरिका के नहीं रही, इन फाक्क आप खाडी के देशों को देखिए,
10:32क्लास पॉइंट हाइलाइट करूँगी, खाडी के जितने देश ह
10:35आज के टाइम में, UAE को देखे, UAE कही ना कही पहले सिर्फेंस में जब भी भी बात करता था,
10:41तो अमेरिका सिर्फ करता था, वट अब खाडी के देश भी डाइवर्सिफाई करने लगे हैं, अब वो एशिया देशों की
10:47तरह हैं, इंडिया की तरफ देख रहे हैं, कोई पा
11:05सर्वोपरी रख रहे हैं, और अमेरिका का इंट्रेस कही ना कही हम देख रहे हैं, कि अब देश कम कर
11:10रहे हैं, अमेरिका को इतना सर्वोपरी नहीं मान रहे हैं.
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