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00:00बच्पन से ही मुझे सब जगा से इस तरह से आता था कि टाइनी हो छोटे हो बड़ जहां मेरी
00:06आइडेंटिटी बहुत जादा इन्वेस्टेड है जिसे डॉक्टरोंने की आइडेंटिटी उस पर मैंने बहुत मैनत करी और वो मैनत भी अब
00:12मुझे कहीं नगाई दिखरी है कि
00:13प्रूफ करने के दे थी कि मैं छोटी नहीं हूँ आप बस्केट बॉल प्लेयर हो तो आप हाइट का करोगे
00:20क्या डॉक्टर है आप आपको आपके काम में लंबाई से क्या होना है हाइट तो जितनी है उतनी है यह
00:28सब से लंबा गाना खड़े हो जो यह नहीं बहुत लंबे �
00:31नहीं है और कौन है वो रहा बढ़ियां लंबा वो देखो पीछे अभी तुम्हें हाट अटेक पड़ा वो उधर जाओगे
00:39कि क्या बढ़ियां कद निकाला या इनके पास आओगे आप बताओ क्या आपकी हाइट कि क्या रेलेवेंस है तुम खूब
00:45सोचो कि यह लड़की है
00:47इसका कद क्यों ऐसा है तुम सोचो ना मुझे भाई जन्दगी में करने के लिए दूसरे काम है इसका कोई
00:52समधान नहीं है बस इसकी
01:03नमस्ते आचारे जी आज जैसे डिसकेशन हो रहा था तो उसके साथ अवलोकन भी चल रहा था बहुत सारे बहुत
01:11सारे अलग-अलग डर है जैसे कभी अकेले हो जाने का डर कभी साइड लाइन हो जाने का डर कभी
01:17एक जो इमेज है जो बनी हुई है उसके एक हो जाने का डर
01:27बैठी थी गीता कम्यूटी स्टूडेंट्स के साथ ही, तो उस दौरान भी समझ आ रहा था, और आज भी अगर
01:34अच्छे से देखूं, तो गहराई में देखूं, तो एक ही डर है, और वो डर पास से ही आ रहा
01:44है, जैसे बच्पन से ही मुझे एक टाइनी ये टेग दिये कहलान
01:57जैसे जैसे बड़ी होई, 9, 10, 8 तक तो समझ ही नहीं आता था कि ये चीज क्या है, तो
02:02अपना मस्त रहती थी, पर दीरे दीरे दीरे दीरे कभी पैरेंट्स, कभी सिबलिंग, कभी रिलेटिव, कभी स्कूल, सब जगा से
02:10इस तरह से आता था कि टाइनी हो, छोटे हो, तो दी
02:25इसी गहरे डर से आ रहे हैं, कभी डिफेंसे हो जाना, कभी अटेक मूड में आ जाना, पजेज होना, या
02:32फिर इवन जिम भी जाती हो, तो इसी चीज से दूर जाने के लिए जारी हूं, ऐसा, तो कुछ डर
02:41थे, जो हट गए, जैसे पहले मुझे ड्राइविंग से डर लगत
02:55सीखा ऐसे, बट जहां मेरी आइडेंटिटी बहुत जादा इन्वेस्टेड है, जैसे डॉक्टरोंने के आइडेंटिटी, उस पर मैंने बहुत मैनत करी,
03:03और वो मैनत भी अब मुझे कहीं न गहीं दिख रही है, कि प्रूफ करने के लिए थी, कि मैं
03:07नहीं, मैं छोटी नही
03:12के लिए था, कि मैं मस्ती से भी पढ़ सकती थी, और उससे भी मेरे अच्छे नमबर आते थे, पर
03:17मैं बहुत जादा मैनत करती थी, कि मुझे All India Rank Top 10 नहीं लानी है, इस तरह से, वो
03:22आइडेंटिटी अभी भी नहीं हट रही, वहां कैसे काम करूँ?
03:29आपकी हाइड कितनी है? अभी एग्जेक्ट नहीं पता है? जितनी भी, वो तो है ना? वो तो है, फैक्ट है?
03:40वो तो फैक्ट है? जी. उसमें अच्छा बुरा क्या है?
03:49आजार जी, यह बात मैं सोचती हूँ, बट वो टेंप्रेरी हटता है, फिर. वो टेंप्रेरी इसलिए लगता है, क्योंकि आपका
03:55उस फैक्ट से बहुत लेना देना है. वो लेन देन कम करो ना? हाइड तो जितनी है, उतनी है. चाहे
04:03पांच फिट हो, चाहे साड़ चार फि�
04:14है. आपको पता होना चाहिए कि मेरी इतनी हाइट है, बस हो गया. ये एक शरीर है, इससे संबंधित बहुत
04:26सारी संख्याएं होती हैं, आप डॉक्टर हैं, आप मुझसे सौ गुना ज्यादा, हजार गुना ज्यादा संख्याएं बता देंगी शरीर से
04:33संबंधित. ठीक है? �
04:36एक लाख आखड़े होते होंगे मेटिकल साइंस में शरीर से संबंधित. आपको पता है? तो हाइट is one of those
04:42figures, another metric हो गया है. अब अपना काम करिए. आप जो काम कर रहे हो, अगर उसमें शरीर का
04:51कुछ महत्त होता, तो मैं जरूर कहता कि भई, थोड़ा सोचना पड़ेगा ये �
04:57मसला गंभीर है, गड़बड है, आप बसकेट बॉल प्लेयर हो, तो आप हाइट का करोगे क्या? भई हाइट है? हाँ,
05:09बिलकुल है. कोई पूछे आपकी क्या हाइट है? तो बता दीजे इतनी है. ये भी बता दीजे कि जो average
05:13हाइट होती है, female की इंडिया में इतनी है, मेरी �
05:16उससे इतने परसेंट कम है, which is fine, which is not even fine, which is actually irrelevant. है तो है,
05:24क्या करोगे? और क्या करना है? कुछ करने की जरूरत क्या है? भई, आप एक डॉक्टर है, आप एक डॉक्टर
05:35है, यहाँ आप एक गीता स्टूडेंट है, तो गीता पढ़ने करें लंबा ही निकालोगे, क्या है?
05:45डॉक्टर हैं आप, तो आपको आपके काम में लंबाई से क्या होना है? ना अध्यात्मिक काम में लंबाई से कुछ
05:53होना है, ना आपके व्योसाइक, प्रोफेशनल काम में लंबाई से कुछ होना है, बास्केटबॉल प्लेयर आप हो नहीं, तो आप
06:01लंबाई करोगे क्या?
06:03ने जिनकी ज्यादा है लंबाई उनकी ज्यादा भी है ठीक है
06:07मैं उनसे भी यही कहूँगा कि आपकी height irrelevant है
06:11कोई 6 feet की महिला भी आ सकती है तो उससे भी यही
06:13तुमारी 6 feet है वो एक आगड़ा है अच्छी बात है रखो उसको
06:16हाँ उसको मैं दरूर कहूँगा जाओ बास्केट बॉल ट्राई कर लो
06:21भाई इतनी अच्छी तुमारी height है 6 feet की हो जाओ बास्केट बॉल खेल लो अच्छी बात है
06:25भारत है बहुत जरूरत है
06:29मेडली नहीं आते
06:33relevance नहीं है इस मुद्दे की
06:37मैं इसको suppress करने को नहीं कह रहा है
06:39मैं चाहरा हूँ कि आप उस मुद्दे को वैसा देखें जैसा वो है
06:45उसमें ना कोई जिजखने की बात है
06:47ना शर्म की बात है ना कमजोरी की बात है
06:50सोजा
06:53इतना irrelevant मुद्दे बोरो के सो गया
07:00आप अपने बारे में आपकी बॉड़ी को ले करके आपको एक फॉर्म दे दिया जाए
07:05उसमें पचास चीजें आप भर सकते हो
07:09height is just another metric
07:11आप भर दोगे वहाँ पर भर दी
07:13अब क्या करोगे इसके बाद क्या करना है कुछ नहीं
07:19फिर बोल रहा हूँ
07:20आप बास्केटबॉल प्लेयर होते तो height का मुद्दा कुछ अर्थ रखता है
07:25पर भीतरी तौर पर
07:27आप एक मनुष्य हो
07:28आप एक बेचैनी हो
07:31आप मुक्ति तलाश रहे हो
07:33आप उपनिशद पढ़ रहे हो
07:34आप लाउट्सू को पढ़ रहे हो
07:36भीतरी तौर पर आप वो हो
07:38अब बताओ लाउट्सू को पढ़ने के लिए क्या कद निकालना पड़ेगा
07:40तो वहाँ पर भी height irrelevant हो गई
07:43अपरासंगिक हो गई
07:45professional तौर पर आप एक doctor हो
07:48और आपका मरीज
07:50आप से height
07:51पूछने नहीं आता
07:53इलाज पूछने आता है
07:54तो वहाँ भी आपकी height irrelevant है
07:59यहां सबसे लंबा को नहीं खड़े हो जाओ
08:04आप ही खड़े हो जाओ
08:05यह हैं बड़े लंबे
08:07यह नहीं बहुत लंबे नहीं है
08:08और कौन है वो रहा
08:09बढ़ियां लंबा
08:10वो देखो पीछे
08:11ठीक है
08:14अभी तुम्हें heart attack पड़ा
08:17वो उधर जाओगे
08:18कि क्या बढ़ियां कद निकाला
08:19या इनके पास आओगे आप
08:22बताओ क्या आपकी height की क्या relevance है
08:24आई यह relevance ज़रूर है कि
08:27आप दिखनी चाहिए
08:31नहीं तो बेचारा patient
08:34वो मारा जाएगा
08:35तो उसके लिए medical science ने पहले
08:38इंतिजाम कर दिया है
08:39डॉक्टर का
08:41पोट आप डाल लो
08:43क्या लेके फिर रहे हो या आप
08:47क्या है
08:48irrelevant question है
08:50जिस पर आप
08:50शायद आज तक इसलिए ठीके हुए हो
08:52क्योंकि जहां आपको चले जाना चाहिए था
08:55जहां आपकी care, concern, attention
08:59पहुँच जाने चाहिए थे
09:01वहां आप नहीं पहुँचे
09:02तो एक छोटी सी बात है
09:04बच्पन ने किसी ने tiny बोल दिया
09:06कुछ बोल दिया
09:07दोस्तों ने कुछ कह दिया
09:08वो अभी मौजूद है जिसकी कोई
09:10कोई प्रसंगिकता नहीं
09:12और अगर है
09:14तो बात खत्रे की है
09:16खत्रा बताओं क्या है
09:17इसका मतलब यह है कि आप अभी शरीर से कुछ चीजें तलाश रहो
09:20और आपको लग रहा है कि शरीर
09:22अगर एक कद का होगा कम कद का
09:24तो वो चीजें मिलेंगी नहीं
09:28शरीर इतना कुछ किसी को दे नहीं सकता है
09:30शरीर स्वस्थर है
09:32इतना ही काफी है
09:35शरीर में हम
09:36कुछ उटपटांग हरकत ना कर दें
09:40शरीर
09:42मानसिक दुख का कारण ना बन जाए
09:44इतना ही परयाप्त होता है
09:51कद निकालने के लिए नहीं होता है शरीर
09:56हाँ तोंद ना निकले ये जरूरी है
10:00वो ठीक है
10:04ठीक है
10:07इसका कोई समधान नहीं है
10:13बस इसकी इर्रेलेवेंस है
10:19आप यह नहीं कह सकते हैं कि
10:20I have solved this problem
10:23आप बस यह कह सकते हो
10:24I have outgrown this problem
10:28outgrowing का मतलब समझते हो
10:32वो problem अब मेरे लिए problem
10:35रही नहीं मैं आगे निकल गई
10:37थी कोई छोटी जी बच्ची जिसको बुरा लगता था
10:40किसी ने उसका नाम tiny रख दिया
10:41थी कोई छोटी बच्ची थी मैं उससे आगे निकल गई भाई
10:44यह मेरे लिए कोई problem नहीं है
10:49अब बाकी आपको अपने आपको वो
10:51motivate हो यह रहा करना हो
10:54तो google search या AI search कर लीजिए
10:57कि दुनिया में कितनी कम
11:00कद काठी की महिलाएं हुई हैं
11:01जिन्होंने कुछ उलिखनी यह कर दिखाया है
11:03तो आपको ऐसे 10-20 नाम मिल जाएंगे
11:06तो आप खुश हो जाएंगी
11:09अच्छी बात है
11:10आपको आप इतना ही कह दीजिए
11:12कि महिलाएं जिनका कद 5 फिट या 5 फिट से कम था
11:15जिन्होंने लेकिन जिन्दगी में
11:16कुछ बढ़ियां काम करके दिखाया
11:18तो आपको ऐसे 20 नाम मिल जाएंगे
11:20वो 20 नाम मिल प्याद कर लीजिए
11:22तो थोड़ी देर के लिए सहारा हो जाएगा
11:23लेकिन मैं कहा रहा हूँ
11:24सहारा भी परयाप्त नहीं होगा
11:26बात तो परयाप्त तब होगी
11:28जब आपके लिए ये मुद्दा
11:30मुद्दा ही न रहे
11:31नौन इश्यू बन जाए
11:36नौन इश्यू
11:38ये कोई मुद्दा ही नहीं है
11:40जिसके लिए होगा उसके लिए होगा
11:42मेरे लिए नहीं है
11:43जिसके लिए है ये मुद्दा
11:44ये उसकी परिशानी है
11:47तो ये मेरा कद दिख रहा है
11:49तो it's your problem
11:53not mine
11:54तुम परिशान रहो
11:56तुम खूब सोचो
11:57कि ये लड़की है इसका कद क्यों ऐसा है
11:59तुम सोचो न मुझे भाई जिन्दगी में करने के लिए दूसरे काम है
12:03I'm there
12:04I'm not even present to this matter
12:08I have outgrown
12:09I have left
12:10I have proceeded
12:11I have moved on
12:16Move on
12:17Outgrow
12:22शरीर तो शरीर है
12:23हाँ स्वस्थ रखिये उसको वो जरूरी है
12:28बहां में ताकत रखिये
12:31आप डॉक्टर हैं आप जानती हैं
12:33जितनी भी चीजें होती है शरीर की
12:35उनको चकाचक रखिये बिलकुल
12:38बाकी तो
12:39और उनको इसलिए नहीं चकाचक रखना है
12:41कि कोई आकर्शित हो जाएगा या कुछ
12:43कोई
12:45प्रभावित हो करके आपको भला बोल देगा
12:47उनको बढ़िया इसलिए रखना है कि शरीर जब बढ़िया रहता है
12:51तो अहंकार को एक और कहानी फिर नहीं मिलती
12:56नहीं तो वो जो भीतर बैठा है न
12:59गपोड़ी
13:01वो कहानियों की तलाश हो रहता है उसको एक कहानी और मिल जाती है
13:04मैं ऐसी हूँ मेरे साथ बुरा हो गया
13:06फिर मेरी बाड़ी में ये हो गया
13:08फिर ये रोग लग गया फिर उसने ऐसा कह दिया
13:10फिर मैंने ऐसा सोचा
13:11फिर मैं डिप्रेस हो गई
13:14शरीर का
13:15सुस्त रहना तगड़ा रहना जरूरी है
13:18इसलिए नहीं कि शरीर अपने आप में कोई बहुत बड़ी वात है
13:22इसलिए क्योंकि आप अहंकार हो
13:25और आपने अपना नाता जोड़ा हुआ है
13:29शरीर गड़बड हुआ तो आपको रोने के लिए एक कहानी और मिल जाएगी
13:46क्या रोना, बहाने बनाना, रोना, विक्टिम प्ले करना
13:51तो इसलिए शरीर बढ़िया रखो ताकि रोने के बहाने कम मिले
13:56बागी कुछ नहीं रख रहे है
14:02थेंक यू आचार जी
14:04इर्रेलेवेंट
14:05क्या?
14:07इर्रेलेवेंट
14:10ना अच्छा ना बुरा
14:12ना प्राब्लम ना सॉलूशन, कुछ नहीं है इसमें
14:16इर्रेलेवेंट से
14:18अप्रासंगिक्ता
14:20मुद्दा ही नहीं है
14:24ठीक है?
14:25मुवड़न, I have left the problem
14:28behind
14:28have I solved the problem? I don't bother to
14:31the problem has not been
14:33solved, the problem has been
14:36left behind
14:38मैं आगे निकल आई, problem
14:39पीछे छूड़ गई
14:40solve थोड़ी क्या मैंने problem को, पीछे छोड़ दिया
14:43वो पड़ी हुई है वही problem
14:45अब वो मेरे लिए नहीं है न
14:46मैं तो आगे निकल आई
14:50ठीक है?
14:54कोई भी situation
14:55problem बन जाएगी और उसको पकड़ कर
14:57रखोगे
14:59कई problems का solution बस
15:01यही होता है कि तुम आगे निकल जाओ
15:02तुम आगे निकल गए
15:03तो अब वो problem problem नहीं है
15:06वो एक situation है बस
15:09वो एक स्थित है
15:11एक तथ्य है
15:12जैसे उचाई एक तथ्य होता है
15:13कद, height एक तथ्य है
15:15height is a fact
15:17not a problem
15:20आप आगे निकल जाएए
15:21आपका यह दुनिया में करने के लिए
15:23और इतने काम है
15:25मैं कौन हूँ मैं जानना चाहती हूँ
15:27सही सार्थक सुंदर जीवन जीना चाहती हूँ
15:29मुझे वो सब देखना है
15:30leave it behind
15:39आपको तो
15:41उस मुद्दे को इतना irrelevant बना लेना चाहिए
15:45कि आप
15:47आप खुदी कई बार
15:49self-referential jokes भी मार ले
15:55जैसे कि किसी और की बात हो रही हो
15:58क्योंकि मैं तो आगे निकल गई ना
16:01मैं आगे निकल गई
16:02मेरे लिए मुद्दा है यह नहीं
16:05तो कभी मुझे लगा कि लोगों को हसाना है
16:08लोग बैठे हुए हुए हुदास मायूद
16:09अब मुझे लग रहा है रिसे बिकार बैठे है
16:11इन्हें हसाए किसी तरीके से
16:12तो हमने खुदी अपनी हाइट पर
16:15एक जोक सुना दिया सबको
16:16सब हसने लगे हमने का अच्छी बात
16:21ठीक है
16:22यह तो दूर की बात है कि कि किसी और
16:24ने हम पर जोक मार दिया
16:25तो हम हर्ट हो गए हमें बुरा लगा
16:29हम इतना आगे निकल गए हैं
16:31कि अब हम खुदी अपनी हाइट पर जोक मार लेते हैं
16:33सबको हसा देते हैं खुद भी हस लेते हैं
16:36हम इतना आगे निकल गए
16:40the matter has become
16:42irrelevant
16:43I am somewhere else
16:45मैं आसमान की हूँ
16:46मुझे बहुत आगे जाना है
16:48यकद हो गयरा बहुत मिट्टी की बाते हैं
16:51मिट्टी का शरीर मिट्टी हो जाना है
16:53मैं इसी में थोड़ी उलजी रहूंगी
16:59अध्यात्म के नाम पर आपको बहुत बताया जाएगा कि
17:05अतीत को मत सोचो
17:08भविष्य को मत कलपो
17:13लेकिन ये तो दोनों कर्म है ना
17:18जब तक आप ठोस अहंकार हो
17:22अतीत तो रहेगा
17:24स्मृतियां रहेंगी
17:27और भविष्य की चिंता कल्पना बेचैनी ये भी रहेंगे
17:33तो इसी लिए अतीत को दबाने से
17:39इसका दमन से कोई लाव नहीं है
17:44मैं कह रहा हूँ अतीत को जरूर सोचो
17:52परिमानदारी के साथ निश्पक्छो करके
17:54क्यों सोचो
17:56क्योंकि ज्यादा तर लोग बदलते नहीं है
18:00आप आज क्या बने बैठे हो
18:04आहंकारिक तल पर
18:05वो समझना है तो ये देखो कि आप कल क्या थे और परसों क्या थे
18:09और दस साल पहले क्या थी क्योंकि हो तो आप आज भी वही
18:13बिरला होता है कोई जो सचमुछ बदला हो
18:18ज्यादा तर लोग वो एक उम्र के बाद ठस हो जाते हैं जम जाते हैं
18:27और उस उम्र तक भी वो सिर्फ इसलिए बदलते हैं क्योंकि प्रकृति ही उनको बदल रही होती है
18:34पांच साल का बच्चा और पंदरह साल का किशोर ये एक नहीं होते ये बदले होते हैं ये मानसिक तोर
18:46पर बदले होते हैं
18:48ये मानसिक तोर पर इसलिए बदलते हैं क्योंकि प्रकृति पांच से पंदरह के बीच में इनका शरीर ही बदल देती
18:54है
18:58अहंकार शरीर की पैदाईश है ना
19:01जब प्रक्रिते आपका शरीर ही बदल देती है तेजी से
19:07तो आप मानसिक तोर पर भी बदल जाते हो
19:12लेकिन पंद्रह के बाद वो प्रक्रिय धीमी पड़ जाती है
19:15क्योंकि अब शरीर जैसा है अब लंबे समय तक वैसा ही रहेगा
19:21इसी लिए ज्यादा तर लोग मानसिक तोर पर
19:26साइकलोजिकली जैसे होते हैं पंद्रह की उम्र में
19:29आप उनको पैटीस में भी वैसा ही पाओगे पच्पन में भी लगभग वैसा ही पाओगे
19:34बाहर बाहर से बदलाव हो जाएंगे भीतरी तौर पर उनका धाचा जम जाता है
19:45उस पर बाहर से रंग रोगन पेंट प्लास्टर वो बदलता रहता है
19:56पीछे मुड़ना और देखना जरूरी है
20:02क्या मैं आज भी वही नहीं कर रहा हूँ मैं 35 का हो गया जो मैं 15 की उमर में
20:06कर रहा था
20:11इसी लिए डायरी लिखना अपने आप में लाभपरत बात है
20:16अपने ही पुराने वक्तव्यों को पढ़ो
20:20और पुराने वक्तव नहीं है उपलब्ध तो पुरानी तस्वीरें देख लो
20:28जो आपकी पीड़ी है उसके पास तो पुराने वीडियो भी होंगे
20:32क्योंकि आप जब तक बड़े हुए तब तक वीडियो बाजी आम हो चुकी थी
20:38अब वीडियो होंगे तो उसमें आप कुछ बोल भी रहे होंगे कुछ कर रहे होंगे
20:43देखो अपने आपको सुनो अपने आपको
20:47विचितर लगेगा कि तुम आज भी वही हो
20:55दसी पंदरा साल पहले की बात है
20:57एक साधारन सा उधारन है
21:00दो क्रिकेटर हैं आप सब जानते हूं
21:03मैदान पर एक वाक्या हुआ था जिको थपड़ मार दिया था
21:08तो कल किसी ने मुझे एक रील भेजी जिसमें कहा कि
21:12मुझे श्रीसंत की बेटी मिली छोटी सी
21:14और उसने कहा मैं आप से बात नहीं करूँगी
21:16यू हर्ट माइ डैड
21:19तूट गया भीतर से
21:20और मैंने उस वक्त फिर से माफी मांगी
21:23और उस घटनागी मैं दो सो बार माफी मांग चुका हूं
21:30लेकिन क्या ठीक उस समय
21:33माफी मांगना संभव था
21:35जब ही घटना घटी
21:38बाद में असान हो जाता है
21:41आप लड़ भीड लेते हो अगले दिन जा करके सौरी और ही बोलाते हो
21:48है ना
21:49पात साल पहले वाला बंदा आप के अनुसार
21:52गलत था
21:53और आप हो आज भी वही जो आप
21:55पात साल पहले थे तो आप आज भी तो गलती हो ना
22:02आप आज भी तो गलती हो ना
22:06बातारी से मुझे
22:09अतीत गरीवी का था
22:12तो भविश्य अमीरी का हो सकता है
22:15पर वो अमीरी अकर्शित ही इसलिए कर रही है
22:19क्योंकि अतीत का दुस्वपन अभी शेश है
22:26क्योंकि उस गरीबी की यादे आज भी तड़ पा रही है
22:29इसी लिए पैसे के पीछे भाग रहे हो
22:35अगर भुला दिया होता उस गरीबी को
22:38तो आज पैसे के पीछे भी नहीं भाग रहे होते
22:41तुम आज भी गरीब हो
22:42और यही तुम्हारी अमीरी का कारण है
22:46लेओ अतीत ही भाविश्य बन गया
22:50गरीबी अमीरी बन गई
22:54लेकिन गरीबी अमीरी के केंदर में जो बैठा है
22:56वो वैसा ही रहा
23:01वो गरीब का गरीबी है
23:07बलकि वो बहुत
23:11गर्व के साथ
23:13अब को बताता है
23:14अरे एक समय होता था
23:18जब हमारे पास
23:21चलने के लिए चपल भी नहीं होती थी
23:29आज हमारा फुट्वियर का अपना ब्रैंड है
23:34तुम्हारे पैरों में हो सकता है
23:36बहुत बड़े
23:39बेशकीमती जूते आ गए हो
23:40तुम्हारी जेबें तुम्हारे ब्रैंड से भर गई हो
23:47लेकिन तुम्हारे
23:49दिल में आज भी पुराने चाले हैं
23:55बिना जूते के चलते थे
23:57चाले पैरों पर पड़ते थे
23:59वो चाले तो मिट गए कब के
24:01पर दिल पर आज भी पुरानी गरीवी के च्छाले है
24:06और वही पुरानी गरीवी आज भी तुम्हें पैसे के पीछे भगा रही है
24:13कुछ नहीं बदला, तुम आज भी गरीव हो
24:22मुझे ना बच्पन में किसी से प्यार नहीं मिला
24:27फिर मेरी जिंदगी में रोहन आया
24:32खास कर डैडी तुम उझे बिलकुल प्यार करते ही नहीं थे
24:36अब जब से रोहन आया है उसने इतना प्यार दिया
24:40तुम कुछ नहीं कर रही हो, तुमने रोहन को डैडी बना लिया है
24:43यून आज भी भी वही छोटी सी बच्ची है
24:57जिसको बाप का साया चाहिए
25:02और रोहन अभी चलेगा नहीं बहुत दिन तक
25:04वो बाप बनने नहीं आया था तेरे पास
25:07माने दूसरे अर्थ में
25:10तेरा बाप बनने
25:18पर लगता है सब बदल गया, पहले कोई था नहीं
25:24कोई मेल फिगर, कोई फादरली फिगर
25:26जो मेरी परवाह कर सके, जो मुझे सुरक्षा दे सके
25:29अब देखो रोहन आ गया और रोहन मेरा कितना ख्याल रखता है
25:33कुछ बदला थोड़े ही है
25:35तो आज भी वही असुरक्षित और डरी हुई छोटी सी बच्ची है
25:42बात आ रही है समझ में
25:45आंकार के लिए सच पूछो तो वर्तमान जैसा कुछ होता नहीं
25:50क्यों नहीं होता, क्योंकि वर्तमान
26:04उत्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त
26:05अतीत की होती है
26:06जो कहानियों में जीरा है
26:08वो तत्थियों से घबराएगा
26:19सब कहानिया कहानिया ही तो है कलपनाए
26:24वर्तमान माने वो जो है
26:28जो है वो तो कलपनाओं को तोड़ देगा न
26:30तो वर्तमान इसी लिए घातक लगता है आंकार को
26:36हंकार को कुछ पता नहीं होता सचमुच क्या है क्योंकि जो सचमुच है
26:41अगर उससे संपर्क में आ गया हंकार तो खंडित हो जाएगा
26:49हंकार को खुद को बचाना है माने अपनी कहानिया बचानी है माने अपनी कल्पनाए बचानी है
26:53जिसको कल्पनाए बचानी है वो यथार्थ के संपर्क में आना कैसे गवारा करेगा
27:03हंकार कहानियों में जीता है हंकार अतीत में जीता है
27:06छोड़ दो अतीत को नहीं छोड़ सकते नहीं
27:09तो मैं कह रहा हूँ और निकट जाओ अतीत के जाकर देखो उसको फिर शायद छूड़ जाए
27:18नारे लगाने से आदर्श बनाने से काम कभी होता नहीं
27:24ये बात नहतिकता की और उसूलों की नहीं है कि मैं आपसे कह दों कि अतीत को छोड़ दो और
27:29आगे बढ़ो
27:29बुरे बोलने से छोड़ दोगे क्या हाथों में बेडियां पड़ी हुई है त्याग दो त्याग दो इनको कैसे त्याग दोगे
27:41त्याग सकते हो गया
27:46एक कमरे में बंद हो और मैं आपको उत्साह दिला रहा हूँ निकल जाओ निकल जाओ तो निकल जाओ गे
27:54क्या
27:54नहीं, दीवारों के करीब जाना पड़ेगा, दीवारों को टटोलना पड़ेगा, क्या पता, कोई जिर्री, कोई जरुखा, कोई दर्वाजा, किसी तरह
28:06की कोई कुंडी, कोई मौका, पकड़ में आ जाए,
28:15जो आपकी बेड़ी है, उस पर जोर लाने से काम नहीं चलेगा, उसको पास जाके देखना पड़ेगा, इसकी संग्रचना कैसी
28:22है, जिसने तुम्हें पकड़ रखा है, उसको भूलाने से काम नहीं चलता, उसको दबाने से काम नहीं चलता, उसके निकट
28:31जाना पड़ता है, अ
28:42अतीत को दबाओगे भुलाओगे वो और चड़ेगा चुपचाप और हावी हो जाएगा पूरी जिंदगी बन जाएगा भविश्य बन जाएगा
28:57अपनी ही कहानियों
29:01का अवलोकन करना पड़ता है
29:03और मुल्यांकन करना पड़ता है
29:05अपनी ही कहानियों को परखना पड़ता है
29:06अधीत माने क्या है
29:07कोई तत्य तो है नहीं
29:08मौजूद तो है नहीं
29:09कहा होता है अधीत
29:10खोपड़े में ही होता है
29:11स्मृतियों आतरहती
29:14जो कहानी बना रखी
29:15उसको परखो तो कितनी खरी है
29:17और पूछो कि कहानी में
29:19मैंने यही सब तत्व क्यों याद रखे हुए है
29:23पहला तत्व कितना है
29:25और दूसरा यही
29:27तत्व क्यों याद है
29:30जो याद है
29:31पहली बात तो तथ्यात्मक है भी कि नहीं
29:33और दूसरी बात
29:34जो याद है वही क्यों याद है
29:36और कुछ क्यों याद है बाकी क्यों भूलाया
29:38इतने ही क्यों याद रखा
29:43आपको खुशी होगी इसनाते जो हमारी अपनी एप है जिसमें हमारे गीता और बाकी सब कारिकरम चलते हैं
29:50यहाँ पर बुद्ध हैं, गीता हैं, उपनिशद हैं, अश्टावक्र हैं, यह मुझे मिले मेरी जिन्दगी बदली, यह तुम्हें मिलेंगे तुम्हारी
29:58जिन्दगी भी बदलेगी
29:59सच पूछी हो तो मतलब, लाखों नहीं तो कम से कम हजारों जिन्दगी हैं जो बिलकुल बदली हैं
30:31अचार्य प्रशान सर्च करें और अभी दाउनलोड करें
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