00:002022-2026 के बीच TCS नाशिक आफिस में कई महिलाओं ने सेक्शुल हरास्मेंट के आरूप लगाए
00:07क्या हम इस पूरी सिच्वेशन को इस आंगल से नहीं देख सकते ही कि वो जो पीमेंज थी
00:13कोई ना कोई उनकी जो मजबूरी रहोगी जो उन्हें उस जॉम में भले हो रही थी बट
00:20कोई तुम्हारे उपर दो-दो दिशाओं से चढ़ा आ रहा है, तुमसे कह रहा है कि धर्म बदल लो, तुमसे
00:25कह रहा है कपड़े उतारो, और क्या दम था इस मामले में शोशन करने वालों में, ये कोई बहुत बड़े
00:32पद पर बैठे प्रभावशाली लोग नहीं थे, एक स
00:50गवार है हो, बहुत बड़ा है, लेकिन ये तुम्हें बताने वाला कोई नहीं है, नहीं तो तुम ठीक अभी वित्रोह
00:56कर दो, तुम जेलते नहीं रहोगे, पुरुष हो, तुम्हारा बॉस हो, सुपरवाइजर हो, हिंदू हो, मुसल्मान हो, किसी को नहीं
01:02बख्ष होगे �
01:03तुम, क्या हो जाएगा, नौकरी चली जाएगी, तो करनाना संघर्ष, गुजरना मुश्किलों से, खोड़ी कठनाई उठाना, खोजना दूसरी नौकरी, यही
01:12तो होगा, कठनाई क्यों नहीं उठानी है, संघर्ष क्यों नहीं करना है, कोई पुरुष तुम्हार उपर च
01:33मर तो जाओगे ही एक दिन, मौत के सामने तो मजबूर होई जाना है, उससे पहले काई मजबूरी मजबूरी का
01:40रो न रो रहे हो, सौधा होती है मजबूरी, स्वार्थ होते हैं, तुम क्यों नहीं उसका मूँ तोड़ देते
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