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वीडियो जानकारी: 24.05.2026, संत सरिता (SS)

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Transcript
00:00पूरी दुनिया कर्जदार है माओं की और वो कर्ज कभी नहीं उतारती और कर्ज भी ऐसे बताया जाता है मा
00:08के दूद का कर्ज वो कोई कर्ज नहीं है दूद हो गयरा तो केमिकली भी अब मैनुफैक्चर हो जाता है
00:16वो तुम पीलो वो उतना ही पोशक हो जाएगा
00:20मा के समय का कर्ज है तुमारे ऊपर, दूद होगे तो अलग है
00:28आपको मालूम है ये हजार करीब नोबल प्राइज दिये जा चुके हैं अब तक
00:33उन में से ज्यादा तर नोबल प्राइज पचास से कम की ही उमर में मिला है
00:41शरीर के ढल जाने के बाद बौधिक शमता भी घटने लगती है
00:46ज्यादा तर जो क्रियेटिव वर्क हुआ है
00:49वो थर्टीज, फॉर्टीज, बहुत हुआ पचास आते हो जाता है
00:55यद्या पी कुछ अपवाद भी है पर वो अपवाद कम है
00:59तो मा का भी शारीरिक स्वर्ण योग कौन सा होता है
01:05वही जब वो पंदरा साल से लेकर के पैतीस साल तक की होती है
01:10और ये जो च्छोने होते हैं ये मा से मा का स्वर्ण काल चीन लेते हैं
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