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आजतक 'धर्म संसद' के मंच पर बाबा सत्यनारायण मौर्य, सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति पर की चर्चा
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00:01बंबं बोले हमारा जो अगला श्रीशक है टॉपिक है बंबं बोले जिसको लेकर हम चर्चा आप करने वाले हैं धर्म
00:10और शास्त्रों को जानने के लिए कहा जाता है कि केवल किताबे पढ़ने की जरूत नहीं है कभी-कभी आप
00:15आस-पास हर किसी चीज से सीखते हैं लेकिन द
00:29जब उसे जानने की बात आती है तो हमें प्रक्टिकालिटीज पर जाना पड़ता है और उसके लिए मैं इस वक्त
00:38मंच परामंतुरित करना चाहूंगी बाबा सत्यनारायन मौरेजी को जो खुद एक पेंटर हैं पोईट हैं कथा वाचक भी है और
00:46धर्म को मानने से जादा उ
00:59सबसे बड़ी बात यह है कि यह राष्ट भक्त हैं धर्म के जरीए कैसे राष्ट भक्ति को दिखाया जा रहा
01:06है और कैसे हम राष्ट के प्रती समर्पित हो सकते हैं उसको कहीं न कहीं चरितरात करेंगे आज अपनी पेंटिंग्स
01:13के जरीए भारत भक्ति संस्थान के संसाप
01:29विक्रम विश्वुद्याले उजयन से ललित कला में स्वणपदक प्राप्त इनोंने किया इसके अलावा चुत्रकला के अलावा व्यंगात्मक गायन मंच संचालन
01:40में सधस्त है और प्रमुख कारे और उपलभियों के अगर हम इनकी बात करें तो अनेकों अनेक किताबे 25 किता
01:58जायदा शायद प्रसुतियां दी हो अब मेरे ख्याल से अंगिनत समय आप अमेरिका जा चुके हैं और सनातन का प्रचार
02:03प्रसार कर चुके हैं बिल्कुल तो चलिए हम यही से शुरुआत करेंगे एक बार तालियों के साथ जोड़दार तालियों के
02:10साथ स्वागत करिए
02:13सते नाराइन मौर्या जी
02:22भागत आपका
02:25बहुत बहुत धन्यवाद आज तक धर्म संसत में आने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद
02:30भारत माता की आरती के साथ जब हम कारिक्रम की शुरुबात करते हैं और मैंने यहाँ पर एक शब्द बोला
02:35और यह शब्द भी आपी के श्रिमुक से मैंने सुना था
02:38कि धर्म को मांगते तो हम सब लोग हैं
02:42हम रोल सुभा उटते हैं, पूजा पाठ करते हैं, आरती करते हैं, जल चढ़ाते हैं, फूल चढ़ाते हैं
02:48लेकिन क्या वाकई हम धर्म को जानते हैं, उस धर्म को जानना कितना जरूरी है
02:53यह सवाल सर आज की तारिख में इसलिए important हो जाता है क्योंकि जब छोटे बच्चे हम किसी को कहें
02:59कि जाए बेटा आज सावन सोम वार है तो जल चढ़ाना बहुत important है या पिर आपके लिए पाठ करना
03:05बहुत important है तो यही सवाल करते हैं कि important क्यों है
03:09मैं क्यों यह पाट करूं मैं क्यों यह जल चड़ाओं तो जानने के लिए मेरे खेल से आपसे बहुतर माध्यम
03:15कोई होगा नहीं कैसे धर्म को जाना जाएगा
03:18जिसको भारे में आप बात कर रहें कुछ शब्दोमें कशूज्झन है जब भी बात करते हिंदु घर्म मुसलिन ओर्म क्रिश्टन
03:25थार्म तो वास्तों में धर्म मजभ संप्रदाय रिजीजंड शब्दों रिविजे को धर्म भातै 110 मैं चैनतन धर्म यह किसी एक
03:36जेटी का द
03:54ये दिशनडे और हिंधने पार्मात्मा को जानने कि सालगने के लिपए WiFi SARAH
04:02और कवा जानो जैसे कोई बाप सम्पत्था है और उसके बाद बेटे से ये नहीं कहता और ये संपत्ति
04:12मुझे संतोश होगा हमारे भारत के जितने रिशी मुनी है
04:15वो कहते हैं मैंने यहां तक कमाया है तुम इसके आगे जानो
04:18परमात्मा को जानो परमात्मा को जानो
04:20मानने के बाद तो बात खतम हो जाती है
04:22जो पंथ मान लेते हैं वे सड़ जाते हैं
04:26इसी बात को मैं संगीत की भाशा में कहता हूँ
04:28सड़े कुवे सी बुद्धी नहीं हम ज्ञान की अविरलधारा
04:37केवल हम ही सच है एसा दिया कभी ना नारा
04:41सच को खुद ही जाना सबको अपना सामाना
04:46सबको जुख देता आया विज्ञान हमारा है
04:50पहचान हमारी है सम्मान हमारा है
05:00नब में लहरा काये को रोगान हमारा है
05:04श्मस को अभी सियों म�f लिकने वाला है
05:07जब सियों मस लजेगा अलग अलग प्रकार के जंडे लगेंगे
05:10कोई लाल रंक है कोई पीले रंके
05:12के जितने संतांगे ये, काले रम का पेञे के आजएंगे,
05:18जैसे वो कि उधारन बताउँ आजकर जब बात करते हैं भारत क्या किया,
05:25तो मैं तो दुनिया घर में चेलेंज करता हूँ,
05:27आज दुनिया में मंगल के बारे में उचा जाए,
05:30पाथ फाइंडर भेजा उसने लोटकर बताया मंगल ग्रह का रंग लाल है में इनका कमाल है हमारे गाओं की बिना
05:37पड़ी लिखी बुड़िया से कुछलो मंगल की प्रावल में कोन्स रंग के अंगनुती पेनू बिना पड़ा लिखा उज्जेन का पंडित
05:43बता देगा सड़
05:43किनारे लाद रंग के उठी पेन हमारी दादी मा जो बिना पड़ी विखी है वो जानती गुरू का रंग तीला
05:49है साइंस ने अब कहा हमारे तब से कहा गुरुवार कवरते पीले रंग के कप्रे पेन यह मैं आप से
05:55बात कहता हूं भारत को तो विग्ज्ञान था जिसको के �
05:58शुंकिनल मिंच्छा उंता हूं उसका नाम तो ट्रिकोर्न मितई जिसको के घृमेटरी यह जोमेंटर नहीं था इसका नाम था ज्यामिती
06:04मैने जानने की बात की है हमको जानन नहीं सिखहए गया मानना बिंदी क्यो लगई मैं मैं अमेरvine का मैं
06:11था जब बिंदी लगाने की �
06:13वह बात हुई बोले हम क्यो बिंदी लगांए वाई विटुक इस रेड़ी स्पार्ट में कर नो प्रावलम उनको सम्झाया आगया
06:19चक्र होता है वो ते विडोंट आगया चक्र में कर नो प्रावलम इफ यू डोंट आगया चक्र अपन दबॉक आप
06:24अटमी और अच्छ इस प
06:38कुवारी लड़कियां माँझ क्यों नी भर्ती विद्वा मांझ क्यों नी भरती ये हुंदू दर्म है यहां पुछ नो?. बुरा नहीं?
06:44अल्ला के बारे में प्रश नहीं पूचा जा सकता है इसलाम में
06:46पुरान में शंका नहीं खड़ी जा सकती
06:49बाइबिल के हिसाब सो शंका खड़ी नहीं कर सकते हो
06:51लेकिन हमारे ग्रंट तो शंका करने पर ही खड़े होते हैं
06:54मांग महिलाएं भरे
06:55तो कुमारी लड़किया मांग क्यों नहीं भरती, विद्वा मांग क्यों नहीं भरती, क्योंकि सर जग्दिश चन बोस में सिद्ध करके
07:03बताया है, जहां पर महिलाएं मांग भरती है, यह इस्थान महिलाओं में पूर्शो के अपेकशा जी कोमल होता है, और
07:09इस बीच के इस्�
07:10स्फान पर अगर असली संदूर, मतलब नकली संदूर नहीं, नकली भक्ति नहीं, असली संदूर लगाया जाएगा तो यह महिलाओं के
07:17प्रजनन के समय हार्मोन से बदला होता है, उसमें फायदा करता है, इसलिए कि अधर अई अधर अपने धर्म को
07:36जान जाएंगे, तो शा
07:40एक बार में तो नहीं जान सकते है एक जान सकते है,
07:59उठा के जेल में डाल दिया गया था, कोपर निसको सूरी पर लटकर दिया गया, ब्रूनो को खड़ा करके जिंदा
08:05जला दिया गया, क्योंकि उसने कहा सा प्रत्वी सूरी के चक्कर लगाती है, बाइबिल नहीं माना, लेकिन हमारे यहां तो
08:11पूरा विज्ञान ही है, और जान
08:29यह किवल ग्यान है, बाप बुरों ने बताये लिए शिव की पूजा कर ले, पर शिव की पूजा क्यों करे,
08:34अभी मैं सुन रहा था, शंकर जी को भसम लगाई गई, भसम तो लगाई गई, महाकाल पर भसम लगती है,
08:40लेकिन यह मंदिर भी तूट गया था, महाकाली का मंद
08:56बना यह मत सोचें, यह सोचें, मंदिर तूटा क्यों था, यह मंदिर भी तूटा था, लेकिन वापस बना, मेरा आप
09:02से, आप सबसे एक अम्रोध है, धर्म को वास्तों में जाने, हम कमजोर क्यों हुए जाने, हम अच्छे क्यों हुए
09:09जाने, हमारे धर्म में क्या-क्या वि
09:23केंगुघा प्रिष्ण करता है यह मैं जो कारीकम करता हूं आप मुझसे प्रविव कुंद करते हो भारत में क्यों नहीं
09:30करते
09:31भारतमें तो भारत में किसको जरुवत है लुघ्योत स Aprèsasters riesu मैं अमेरिका में के जिए आ� lee se
10:22महान क्यों तब मैंने उनसे पूछा who invented the airplane उन्होंने कहा
10:27मैं अपनी बाप प्रारम कर दू क्योंकि आप मुझेंगे लेकिन ये मैंने बताया ना वह ना मेरे प्यार की उमरो
10:34इतनी सनम तेरे नाम से शुरू तेरे नाम पर खतम तो जितने दुनिया भर के मजब हैं किसी के नाम
10:40से शुरू हुए और किसी के नाम पर खतम हुए लेकिन हम
10:43ना आदी ना अंत हमारा हम अनंत की धारा केवल हम ही सच हैं साधिया कभी ना नारा
11:13नारotype क्यों से बढ़े हैं यह कालेज की बच्चे पूछेंगे शंकर जी भस्म लगाते है पागल है कया और आगर
11:21वो बस्म लगाते हैं तो तुम भस्म लगा कर क्यो नहीं भूमते बगा में गुंते बघ्वान गणेश है इतने बड़े
11:27गनेश मोटे पेट के गनेश गनेश �
11:29मोटे पेट के पसंद है पर खुद का पेट मोटा हो जातार बाबा रामदे श्रुन में जाते हैं इन सब
11:34का हर्थ सम्झेगे मैं चाहता हूं भस्म से बाद शुरू कर दूँ पल्कुल शिव केतन की भस्मी में आप कत्रेबी
11:44चाहूंगा मेरे सांथ
11:52मैं है।
11:53मैं आमसेर कि अधना उने खौना पाइए।
12:07लेकिन आप अंगरोथ करना चाहता हूँ।
12:09हम भारत के लोग, हम सनातरी निलोग,
12:12शंकर जी डंगु बजाते की नहीं बजाते हैं?
12:14बोलो ना हाँ, तारवति जी बीना बजाती नहीं बजाती है, नारज जी भी कुछ न कुछ बजाते हैं, हनुमान जी
12:23को और कुछ न मिले, तो सोटा उठा के राख्षशो को बजाते हैं, पर बजाते जरूर है, आपको भी तालिया
12:29बजाते हुए, मेरे साथ जाए
12:49शितेतन की भस्मी जग की नश्वर ता दिखलाई
12:54Om Namash Shivaya, Om Namash Shivaya
13:30Om Namash Shivaya
13:31मुंद मुंद में मती अलग है गुंद इक देता है शक्ति
13:35एक उत्र है ज्यान कसागर इक देता है शक्ति
13:41पारवती वेभाव की पतिमा चंकर अना सक्ति
13:46शिम के घर में सभी रंग मिल एक रंग हो जाए
13:51Om Namash Shivaya
13:54Om Namash Shivaya
14:03Om Namash Shivaya
14:05Om Namash Shivaya
14:08Om Namash Shivaya
14:10Om Namash Shivaya
14:12Om Namash Shivaya
14:14Om Namash Shivaya
14:16Om Namash Shivaya
14:26याद कर रहे हैं लेकिन समझें आप ये बच्चे पूछेंगे कि ये मतलब क्या या है आप यहीं कर रहे
14:33हो इतने मोड़े गड़े पर क्यों बैठे उए
14:35हैं शंकर को भषम क्यों लगई हम भषम नहीं लगाना चाहते इनका मतलब समझ ले वनलारोज area, तूट रहे हैं
14:43पती पत्मी की नहीं पत्ती पुलिस वालों को बच्चे को कूट रहे हैं बच्चे पुलिस वालों पर पत्थर फेग रहे
14:49हैं नेता जंता को गाली दे रही है जंता अधिकारियों को बोल रहे हैं क्यों बोल रहे हैं उसका एक
14:55मात्र कारण है हम में आपस में सामन जिस नहीं है
14:59कितनी भगवान शंकर की पूजा कर लेना
15:01अगर शिवनिंग पर जल चलाने से
15:03देश की समस्या का समाधार होता
15:05तो आज देश में लड़ाई नहीं होती
15:09अर्थ समझ ले
15:10भगवान शंकर का परिवार
15:12भगवान शंकर सन्यासी
15:14भगवान शंकर सन्यासी
15:16और उनकी पत्नी राजकुमारी, आजकल जितने परिवाद तूट रहे हैं, इसी बात पर तूट रहे हैं, तेरे मेरे विचार नहीं
15:24मिलते, कहां से विचार मिलेंगे, एक बिल्कुत धनी घर की लड़की, एक सन्यासी, उनके दो बच्चे, पेले गनेश, पेले कार्थी
15:33के, का
15:46मोर सर्प चुहे में सदियों से हैं बेल पुराना, शेर बेल का एक जगह ना रहता कभी ठिकाना,
16:11पर शिव के संग रहते हैं, सब बेरी व्रति भुलाई, ओम नमस्षिवाय बोलो, ओम नमस्षिवाय, ओम नमस्षिवाय बोलो, ओम नमस्षिवाय,
16:25ओम नमस्षिवाय बोलो, ओम नमस्षिवाय, ये मजबुरी है, इनको आमिर खान सिखाता है, दूद शिलिंग पर क्यों च�
16:34मैं भी आए वहुस्टन चे मेरिका में लोग मुझको बोल रहे थे यह करते हो इतना गी इतना थिल ब्लड
16:42जो जो यह सब आग में डाल जते हो गरीब बछों को बाट देना चाहिए आप लगता हूं मेरे जहन
16:48थी तिक गरीबों में बाट देना चाहिए घी को आग में क्यों डाल लिया मैंने भी उनसे कहा,
16:54You want practical answer and theoretical answer उनने का भी नहीं practical answer मैं नकी दो मिर्च लेकर आओ,
17:01वो जो मिर्च लेकर आए, तीन चार सुखी मिर्च, मैंने का एक मिर्च को एक आदमी खाओ,
17:05एक आदमी ने मिर्च खाई, उसका मुह जलने लगा, वो कहने लगा, my mouth is burning, मैंने कितने लोगों का
17:12मुह जल रहा है, बोले एक मिर्च मैंने खाई, मेरा मुह जल रहा है, मैंने का एक काम करो, दूसरी
17:18मिर्च को आग में डाल दो, जब दूसरी मिर्च आग में डाली गई, सारे
17:22लो दिदा लेकिन आव मेद मिर्श आते अगल चाने पर एक
17:29आदमी पर मूह जल रहा है लेकिन आग्रिंट में डालने पर सब क्यों खात रहे हो।
17:33बोले सबको असर कर रही है मैंन जा पेटा यही कारण लेकिन वहीडियों प्प्रकों कर Blairgener
17:42तो सूख शुनोकर पूरे वायू मंदल में सबसे असर करेगी बोले इसका मतलब क्या फिर घी असर क्यों नहीं करता
17:52में नका दारू का असर जल्दी होता घी का असर जल्दी यह बहुत आसान है कहना यह बच्चे यह दिल्ली
17:59में हम बोलते हैं बच्चे बिगड़ रहे हैं ब�
18:04की बच्चे में पढ़ने वाले बच्चे हैं राम की भात करे शीव की बात करें लेकिन एक बात सोचे राम
18:10की लु supply लेकिन अपने बच्चं को घु�ote विच्ने कउ तैयार है
18:14मेरा बच्चा तो अंग्रेजी में पढ़ना चाहिए और मैं आप से कहना चाहता हूँ
18:18गंधवाजी मैं अंग्रेजी नहीं पढ़ा और मैं आप से भी कहता हूँ
18:23अंग्रेजी केवल भाषा है अंग्रेजी का मतलब ज्यान नहीं है
18:28अमेरिका में अंग्रेज भी आंग्रेजी में भीक मांगता है तो मैं तो एक पाश हूँगा आप से एक यह भी
18:35बात है जब भगवान शंकर की बात करें तो भगवान शंकर किस से संबन्दित है
18:42भारत का कला भारत की कला भगवान शंकर से संबंदी थे नटराज कलाओं के देउता हैं भारत का विग्यान भगवान
18:53शिव से संबंदी थे भारत की क्रशी शिव से संबंदी थे और भारत का व्याकरण शिव से संबंदी थे जो
19:01पानी नी की व्याकरण है अब आज तो मेरे सा
19:12कि अंग्रेजी नहीं जानता, लेकि जब अंगरेज बोलता हूं, तो अंगरेज को दिक्कत नहीं होती, क्योंकि अंग्रेजी में कितने अक्षर
19:17होते हैं
19:32हमने गीद रटाया था, अमेरिका में वेसिंडीज में गीद सिखाया
19:35संग्ठन गढ़े चलो सुपन्थ पर बढ़े चलो आपने तो गाया है संग्ठन गढ़े चलो सुपन्थ पर बढ़े चलो मनोज जी
19:43वो अमेरिका के लोग बोलते हैं संग्ठन गढ़े चलो
19:47क्योंकि उन में ठाव अलग अलग नहीं है वो टमाटर को टमाटर बोलेंगे तमातर को टमातर बोलेंगे ये शीव तांडविस्तोत्र
19:54पूरी दुनिया के लिए ये पानी निकी व्याकरन जो भगवान शीव का दिया हुआ है पूरी दुनिया के लिए खुदराने
20:00आप लोग �
20:30तालिया बजाते हुए एक भगवान शीव की आरादन करे
20:31र सकतार करें कान्डवं कामक जाठाप गटाप अप्रमा प्रमने लिमप निर्जरी भीलोवी जवाल्लरी वीराजमान मूर्धनी धाट धाट धाट धाट गट
20:49जवला लाटव पट्ट पाव के
20:52किशोर चंद्र शेखर रति प्रतिक्षण ममा मैं चाहूगा मैंने बताया ना जब भी कम पड़ता तो समय ही कम पड़ता
21:04है और मैं आप सबसे भी कहूँगा जब तक व्यक्ति जीने लायक होता है तब तक वापस जाने का टाइम
21:10आ जाता है अब आप ताली बजाने लगे तब
21:14तक समय गोठना कर रहा चल दो तो मैं चाहूँगा सावन का महीना है भेया नहीं हाया नहीं यह हाथ
21:21उठाओ जोड़दार तरीके से एसे और एसे खीच के रखो जरा हाथ यह क्योंकि यह से हाथ रखे आपको सर्वाइकल
21:29नहीं होगा यह सर्वाइकल और स्लिप डिस्क सबस
21:44नहीं कामर निकाल लेना और निकलती है कामर पर क्या देश में दुश्मनी की आख कम हो गई यह कामर
21:52पहले भी निकलती थी रिक्टी चार धाम जाता था आप से बात हुई थी आपके बहुत प्रश्ने हैं लेकिन लेकिन
22:02के प्रश्न जिसका उत्तर आज आज कम से कम यहां आ
22:12नोगोर्ट एक बात समझ लो जैसे आप मुझे देख रहे हैं तो नोग देख पा रहे हैं अच्छा आप नीचे
22:22करो में कहां दिख रहा हूं
22:25सामने यह मैं हूं क्या
22:27यह मेरा पेर है में नहीं हूं यह में हूं क्या
22:31ये मेरा कुर्टा है मैं नहीं हूँ
22:35ये मेरे बाल है ये मैं नहीं हूँ
22:37ये मेरा पेर है ये मैं नहीं हूँ
22:39जब कुछ भी नहीं है अंदर से काट के देख लेना
22:41मेरा खून मिलेगा लेकिन मैं नहीं मिलूँगा
22:44मेरी हड़ी मिलेगी लेकिन मैं नहीं मिलूँगा
23:01उस दिन बुद्ध के तरह नीन धराम हो जाएगी, उस दिन विवेकनन के तरह घर से निकल लोगे, उस दिन
23:05ऐसे संत माहत्मा बनके ढूंटे फिरोगे, मैं उस बात पर नहीं जाओंगा, लेकिन एक बात कहूंगा, आमीर खान सिखाएगा, कि
23:12शीवलिंग पर दूद क्यों च�
23:30बाइबिल, मुसलमानों के हिसाफ से धार्मिक पुस्तक कोन सी है, लेकिन हिंदूों के हिसाफ से, अरे रामयान महाभारत वेच सब
23:39पढ़ लेना, पुरान पढ़ लेना, जिंदा वेसता पढ़ लेना, त्रि पढ़ लो, लेकिन ये नहीं, गनित कोन सा subject है,
23:46धार्मिक सबजे
23:59हो कुछ मिनार है मुझे इसकुल में पढ़ाया गया मैं भी बाबा क्यों बन गया मैं भी गोल्ड मेडलिस था
24:05डबल ए में हूँ बाबा इसलिए बना जब मुझे मालूम पढ़ा में जो कुछ पढ़के एमें किया है वो जूट
24:11है हमको आज भी इसकुल में पढ़ाया जाता है
24:13बिल्ली में कुटू ञुनार कुटू बुद्विनेबक ने बनाई
24:16गलत इस उद्जेन के नवरत रथे
24:18बॉरा महीर
24:19बॉरा मीर के लिए वेश्चला बनाई गई थी
24:21इसका नाम था मिहरावली
24:23जिसका नाम बिगर के होगए महर 16
24:26इसलिए वहां से गनेश की मूर्तिया निकलती है मैं आप सबसे कहूँगा मेरे बाबाजी बनने के पीछे कारण है मुझको
24:33गलत सिक्षा दी गई लेकिन मैं कहना चाहता हूँ आप तो सब जगे सर्च कर सकते हैं यह देश में
24:39भगवान शिव को मानना है उज्जेन भी चले ज
24:54हुए है बारा जोतिर लिंग बने हैं अगर भगवान शंकर को नहीं मानता मा गुर्गा को मानता है तो भी
25:00जाके आ एककवन शक्ति पीठ है अगर विश्णु को मानता है तो भी आ और सिम्वस्थ भी क्या है मैं
25:07कहना चाहता हूँ इस मंच से सरकार भी कोशिश कर रही है ब�
25:21बड़े-बड़े सादूसंत अपनी दुकाने चलाते हैं असली सिम्वस्थ देखना है जो एक मैने के लिए अपने घर से अपने
25:30रोटी दाल सिर पर रखकर आते हैं बेटना या देखना तो कभी जाकर देखना विरत के पास में पूरी दुनिया
25:36के लोग भारत के लोग उत्
25:50नको सब्फ़ परंपर से पहुचा है या तो हम तीर्थों पर जहाए या तीर्थ हमेरे घरपर आह आए पर अभी
25:56तो क्यूव एक मैं चांघा रोंगा समापन के समय सब तैयार हो ताली मुद अग्या विगे सम गाई है हैं
26:06ह्हान छीम करती
26:11जिम जिम करती वर्शा की बूंदे मस्ती में गाई
26:22ओम नमस्षिवाई
26:24ओम नमस्षिवाई
26:27ओम नमस्षिवाई
26:32जिम जिम करती वर्शा की बूंदे मस्ती में गाई
26:37लिम्धिम करती भर्शा की भूंदे मस्ती में गाई
26:42ओम नमस्षिवाई
26:47ओम नमस्षिवाई
26:50ओम नमस्षिवाई
26:52ओम नमस्षिवाई
27:02आधा खाकर आधा जूटन छोड़ दिया जो थाली में
27:07आधा खाकर आधा जूटन छोड़ दिया जो थाली में
27:22आधा पीकर आधा पानी दोल दिया जो नाली में
27:32एसा करने से एसा करने से जब तप सब मित्ती में मिल जाए
27:42ओम नमस्षिवाई
27:45ओम नमस्षिवाई ओम नमस्षिवाई ओम नमस्षिवाई
27:52आपने कहा महाकाल अगर मूर्ति के अंदर महाकाल दितने हैं
27:57समझ ना बच्चे वाली भक्ती है
28:00मूरत में भगवाण दिखे ये तो आरंभ है भक्ती का
28:10कन कन जब हो जाए शिव मैं द्वार खुले तब मुक्ती का
28:20फेद द्रस्ट ये जीव को शिव से दूर दूर ले दाए
28:25ओम नमस्षिवाई
28:28ओम नमस्षिवाई ओम नमस्षिवाई ओम नमस्षिवाई
28:36जो मूरत में वही पुजारी में वो ही है जन जन में
28:41जो मूरत में वही पुजारी में वो ही है जन जन में
28:46जो वस्तु अपने राम को अर्पित ना कर सके
28:49अगर राम को सिगरेट पिलाने की हिम्मत मही है तो खुद भी मत किजिएगा
28:56वो जो मूरत में वही पुजारी में वो ही है जन जन में
29:02वो नदिया में वो परवत में जनगल में नंदनवन में
29:12अर बादल के रूपो में डम डम
29:20पागल के रूपो में दम दम दम रूबही बजाई
29:25Om Namah Shivaya
30:05बहुत बहुत धन्यवाद, बहुत बहुत धन्यवाद हमारे साथ आज यहाँ आज तक धर्म संसद नारे के लिए
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