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'धर्म संसद' के मंच पर 'मुस्कुराके मंडली', अनोखी वेशभूषा से जीता दर्शकों का दिल, दिया ये संदेश

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00:00एक छोटा सा परिचे मुस्कुराके मंडली के लिए आप लोगों ने अगर आप जैन के वासी हैं इन दौर के
00:06हैं मदिप्रदेश के वासी तो आप लोगों ने अकसर इनको देखा होगा जाने मने हास से कलात्मक और संस्कृतिक कलाकारों
00:12की पूरी टोली है शेलेंद्र यानि स
00:15स्वामी मुस्कुराके जो इनका नाम है इस मंडली के मार्क दर्शक भी हो और मुख्य कलाकार भी जन से हम
00:21बाचीत भी करेंगे आज शेलेंद्र व्यास वैसे पेशे से सम्मानत शिक्षक भी है जने 2004 में तबकी राश्रपती डॉक्टर एपीचे
00:30अब्दुल कलाम ने देश
00:31इसके सर्वोच शिक्षक से भी शिक्षक सम्मान से भी नवासा था तो आज 49 साल से यह टोली इसी तरीके
00:40से प्रिफॉर्म कर रही है चले एक बार जोरदार तालियों के साथ स्वागत करते हैं मुस्कुराके टोली का
00:52कि भश्म रमाया भक्त मंडल
00:56कि जाओ डोल
01:01कि जाओ भक्त करते हैं
01:07कि जाओ भक्त
01:09कि जाओ
01:30
01:57झाल झाल
02:01झाल झाल
02:31झाल
03:03झाल
03:10तो देखिए परिच्छे कराना बहुत जरूरी हो जाता है क्योंकि मेरे पास जब यह लेस्ट आई स्वामी मुस्कुरा के
03:16स्वामी दिल मिला के स्वामी खिल खिला के जब तरफ कहरे शब्
03:34सब तरब कहर है आतंक का जहर है और इसे माहोल में मस्ती चाने वो महाकाल का उजेन शहर है
03:42क्या बात है क्या बल महाकाल महाराज की जहर
04:04क्या बात है क्या बात है क्या बात है
04:48क्या बात है क्या बात है
05:04इसमाइल अधरवन इसमाइल इसमाइल गोस फार माइल इफ यू वीप यू वीप अलोन हम बाटते हैं दुनिया को मुश्कराहट के
05:13लच्छे और लोग कहते हैं हमको पागल हम तो पागली अच्छे हैं
05:20अच्छे यह बताईए संदेश क्या देते आइडिया कहां से आया और 49 साल से लगातार श्रिव बारात में आपके पूरी
05:26टोली चलती है इसी तरीके से देखिए हमारा भारत की जो शनातन संस्कति है
05:32वो अटक से कटक तक और कश्मीर से कन्या कुमारी तक अपना वेभाव लिए हर प्रदेश में अपनी अलग संस्कति
05:43है अलग पेचान है अलग भाशा है अलग अलग प्रकार के राजा महरा जाओ है
05:48तो वर्ष असी के दशक में हमारे वजपन के मित्र और वर्तमान में मद्धिपदेश के मुख्यमंत्री शताओधानी मुख्यमंत्री विकास पुरुष
05:59डक्टर भोन यादव जीस हम साथ में महाकाल की सवारी देखने गए थे
06:04और जब महाकाल की सवारी को प्रधम बार देखा तो इसा लगा कि कहीं से एक घंटिया बजी के हमको
06:12भी सवारी का पार्ट बनना चाहिए
06:14तब से उधार की पकड़ी, उधार की धोती, उधार का कुर्ता, उधार की चप्पल लेके पहली बार सवारी में निकले
06:24और उसके बाद बाबा की ये शिक्रपा होई, कि धीरे धीरे राजिसी स्वरूप बढ़ता गया
06:30और स्वामी मुश्कुरा के, स्वामी खिलखिला के, स्वामी गुदगुदा के, अप्पु तलवार, ये सब जुड़ते गए
06:38और हमारी सनातन संस्कती के प्रचार का आनन्न आने लगा, और ये जो हमारी युवात्रणाई है ना, फटी जीन्स पहनने
06:47वाली, उल्टी टोपी लगने वाली या पर गमला पिरने वाली, मैं इंसे कहना चाहता हूं, कि गमला संस्कती में पलने
06:56वाला देश कभी भी आगे �
06:57नहीं बढ़ सकता है। इसलिए हमारा वेभवक, साफा, पगड़ी, हमारा धोती, कुर्ता यह हमारी संस्कतिक बेजभुशा है।
07:05तो आप पास्चात्र संस्कति को धारण करें, लेकिन हमारी परमपरा की पगड़ी को जरूर पहने।
07:12जाए महाकाल।
07:13चले, मैं आदे परूँ में।
07:43चले, मैं आदे परूँ में।
08:14अच्छा, ये बताए स्वामी जी, ये मुस्कुरा के खिल खिला की है, आप लोगों ने खुदी नाम रख लिये हैं।
08:19देखे, वर्ल में कई तरह के स्वामी आए, एक भी मुस्कुरा के निया।
08:23और जितने आए हैं स्वामी, महामनलेश्वय, प्रभचनकार ये मुस्कुराने के दाम लेते हैं।
08:44नहीं, शीखी है दास्ता, हमने आसू बहाने की, या अपनी हार पे तकदीर का शिक्वा सुनाने की, और तकदीर का
08:53हर तीर बहका, इसलिए हम पर हमें हर चोट पर आदत रही है, मुस्कुराने की।
09:00अच्छा एक चीज और फिर उसके बाद आप अपनी प्रफॉर्मेंस शुरू कीजेगा, शिव की नगरी में हम हैं, आप तो
09:06अक्सर हर सोमर, क्योंकि सावन के सोमर को सवारी निकलती है बाबा की, तो आप लोग साथ साथ होते हैं,
09:11आज क्या प्रफॉर्म करके दिखाने वा
09:27मंडल है, जिसने देश विदेश में बाबा के डमरू, जहांज, धोलक से उज्जेन महाकाल की सांसकतिक पहचान बनाई है, तो
09:35हम हमारी सांसकतिक वेजबुशाओं है, हम बार बार क्योंकि पुराने समय में, पुराना इतिहास से दिया आप देखेंगे, तो राजा
09:45भोज क
09:45समय बाबा महाकाल की सावारी पूरे लाव, लशकर, लवाजमे के साथ स्वयम राजा भोज आगे निकलते हैं, उसके बाद सिंधियाकाल
09:53में राणो जी सिंधिया जिन्नोंने इस सावारी को एक नया कलात्मक रूप दिया, और वर्तमान में डक्टर मोहन यादव जी
10:01जिन्न
10:02इस सावारी में आदिवाशिनत, विभिन विभिन सब्धाव सहसकती के केरल के आंडरपदेश के करनाटक के हमारे मद्यमानी सांसत जी बिड़ाजित
10:13हैं, यहाँ पर दो-दो सांसत बिड़ाजित हैं, मैं चाहूंगा दो-दो का जोड़दार तालियों से स्वागत करें, स्
10:32यह अलग-अलग धुन है, मालवा की धुने है, रजवाडी है, मठकी है, बेहरूजी है, कश्मिरी है, यह सब मंडली
10:40यहाँ पर मुस्कुराएगी और एक और भजन मंडली शेयन भक्तारती मंडल इसके बाद वो भी यहाँ पर अपना परफान मंस
10:47देगी, मुस्कुराएग
11:02कर दो
11:57झाल झाल
12:17सवारी निकलती है, तो आप लोग साथ साथ चलते हैं, बहुत से लोग कुछ गलत समझ लेते हैं, लोग कहते
12:24हैं, इतने मस्त हुए हैं, इतने मस्त और लोग आप भक्ती में मस्त हैं, कहते हैं कि जब इश्क हो
12:28जाता है, तो आप खुद के नहीं रहते हैं, तो यह कैसा इश्क
12:32षक है प्रभू से की भक्ती में इस तरीके से आप लीन हो जाते कि
12:36आपको पता नहीं चलता इसका संबंध बहुत लोग भांग से विजोड़ देते हैं
12:41देखे हाप अज और जिन आज अज न की जनता आपको देखकर है ओद परोथ
12:46आज उज्जेन की जनता आपको देखकर है ओत्प्रोत क्योंकि आप आज तक मुश्कराती जिसका नाम है नव जोद धन्यवाद ताली
12:57बजाई यह इतना सुन्दर मुश्कराट दे रही और इतना अच्छा शेर सुनाया है तो बात यह है कि भूद भावन
13:04बाबा भुलेनात य
13:08जिनका लिंग है इस पर हमारे माननी पंडे पुजारी पूरे वर्ष भर तीन सो पेशट दिन में 1225 तरे का
13:16विविद विविद शंगार करते हैं बाबा खुद भस मनमाते हैं अपनी उनकी अवस्था है शमशान में बास करते हैं और
13:27विश रुपी सर्पो अमंगल के साथ र
13:34सरंगार के प्रेमी हैं तो हमको लगा कि क्योंना हम भी हमारे दर्शक देवों को वर्ष भर मुस्कुराने के लिए
13:41विविद विविद प्रकार के राजा महराजा जो पूरे भारत में हुए जिनकी अपनी संस्कति और उसकी जलग हुई चाहे वो
13:48महराश्ट्र हो उत्तर प्
13:53हो करनाटक हो केरल हो सब की संसकतियों का प्रवाह हम करते हैं क्योंकि ये गुल्दस्ता मुश्कुराता रहेगा तो भारत
14:01खिल खिलाता रहेगा अचा बदलाव कितना है आपने 49 साल पहले शुरवात की उसके बाद अगर हम आज की बात
14:08करें आज कल हम सुबह से जो चर्चा
14:22आई रहे तो कैसे जैल होता है देखी यह जो हमारे साथ महनली है यह जेन जी नहीं है यह
14:30सब शिवजी वाले है आज की युवा तड़नाई अपने आपको राम के अधर्शों की मोड रही है आज की युवा
14:39तड़नाई अपने आपको राम के अधर्शों की और मोड रही है �
14:44उन्होंने तो धनुस तोड़ा था ये ट्यूब लाइट फर्णिचर और स्वास की संपत्ति तोड रही है
14:51उसी को तो रोकना है ठीक है जेन जी ने अपना प्रयास किया लेकिन इनकी भावनाओं को भी समझना जरूरी
14:59है
14:59चोड़ने वाले को शिव जी के साथ जोड़ना भी जरुरी है दिखे आज की युगा तोड़ना ही डिगरी का यग्योप
15:11दारन करके हुए चोराय पर खड़ी है उसकी इस्थिति बिना लिफापे कि लिफापे पर कोई किस जगे जाना यह नहीं
15:19लिखा वा है यससे समय में इन
15:21इन युवाओं को मार्दर्शन की जरूत है, इन युवाओं को इसने की जरूत है, इनकी बातों को प्यार से सुनने
15:28की जरूत है, और इनको रोजगार की जरूत है, और एक मुस्कुराहट की जरूत है, मुस्कुराहट तो तब ही आएगी
15:33जब रोजगार मिलेगा, बल महाकाल
16:04माराजी
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21:11किरती
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22:23मैं ये जानना चाहरी थी स्वामी मुस्कुरा के कि हमें पॉजिटिव रहना है आप ये मैसेज देते हैं आप खुश
22:30रहेंगे पॉजिटिव रहेंगे तो आपकी जीत सुनिश्ट है ये भी कहा जाता है और युद के मैदान में भी हर
22:35हर महादेव का जए घ्मूश लगता है �
22:37वो भी एक पॉजिटिविटी है बाबा महाकाल प्रसंदा के देवता है इसने के देवता है सदभावना के देवता है मर्यादा
22:46के देवता है सौंसकती के देवता है और हमारा जो भारत है उसको एकता के सुत्र में मुस्कुराने आले देवता
22:55है तो यदि आपको पॉजिट
23:07तो बाबा महकाल जो है, वो मुस्कुराट के देवता भी उनको कहा जाता है, क्योंकि जब पालकी में सवार होकर
23:14बाबा अपने शाही सुरूप में आते हैं, तो आप देख लिजेगा कि हर चेरे पर मुस्कुराट यही बाबा महकाल की
23:21पहचान है, अच्छा एक चीज और आज
23:36फृज़ा जी यहां पर उपस्थित हैं, और तिर्वाजी जी तो हमेषा बोलता है कि मुस्कुराट के रहिए, क्योंकि एक कलाकार
23:42है, मत पालिये टेंशन हमेशा रहिए एक अटेंशन वरना घर भालों को फिरी में मिलेगी पेंशन, इसलिए मुस्कुराट जरूर यह,
23:53आ�
24:05मुस्कुरहट के रूपने देखे बाबा महाकाल तीन चीजों को पसंद करते हैं हर चीज में त्रीदेव त्रिपुंड त्रिशूल बिलपत्र भी
24:15तीन और तिरंगा भी बाबा महाकाल चाहता है कि हमारा जो भारत देश है वह मुस्कुरहट में रहे
24:22आपके हर होली गंटंत्री की आन बन जाए देखें कुछ दिन बाद हमारा भारत का स्वतंत्रता दिवस जहां लाल किले
24:30की प्राचीर से डक्टर मोदी जी हमारे भारत के प्रधान मंत्री अब डक्टर तो होई गये हो जुनोंने इत्ती सल्लिक
24:39रियाय कर दिये विरोधियों की
24:41क्यों डक्टर हो गये हैं तो मैं कहना चाहता हूं कि आपके हर ओली गंटंत्र की आन बन जाए आपके
24:48हर दिवाली स्वतंत्रता की शाम बन जाए भरो पिछकारी में कुछ तीन रंग ऐसे जो कपड़ों पर गिरे तो हिंदुस्तान
24:56क्या बात है क्या बाता की भारत बाता की �
25:01वन दे वन दे चले इसी नोट के साथ मैं आपको मन चबाब के हमाले है अभी एक भक्तमंडल और
25:10आपके सामने उनको आमंतरत कर लेते हैं अमनतरत कर रहे हैं आप यह सब यहीं रहेंगे जिए शयन नार्ति भक्तमंडल
25:16महेंद्र कट्यार के नेतरत्न में अपनी मुष्क्रहट
25:19बिखेरने के लिए यहाँ पर है जरा एक बार जोड़दार ताली बजाई दीजे आप भी आपसे अनरोध है
25:26देखे राम ने धनुस तोड़ा तो सीता दोड़ी चली आई
25:29राम ने धनुस तोड़ा तो सीता दोड़ी चली आई
25:33क्रश्ण ने बासूरी बजाई नवजोद्धी तो राधा दोड़ी चली आई आप लोग इतने कंजूस हो इतने कंजूस हो इतने कंजूस
25:41हो यहां इतना पसीना भाया पर आपने जोड़दार ताली नहीं बजाए
25:48तालिया तो होनी चाहिए
26:03कर दो हो इतना लोग मैं धमाया पकल जोड़र तो हो इतने कंजूस हो Tay
26:39अजोरी अजोरी अजोरी
27:03अजल
27:03आख
27:03घूओ
27:04आख
27:05अजुल
27:06आख
27:32खूब
27:35ना वो दिशार ना वो जागरण ना वो दिशार न वो जागरण किया समय सत्कार और आप पढ़ा रहे आज
27:42तक के कारिक्रम में आपका बहुत-बहुत आभार
27:51नौजोज जी कर पे अब इसमें पुरार आप जी देखे बाबा कहते हैं कि बेटियों का संबान होना ची नरेंद्र
28:00मोदी जी हाते हैं को बेटियाँ आगे बड़े
28:04कल तक झुकती नहीं थी नजरे हमारे देश की क्या इस्तिती थी कल तक झुकती नहीं थी नजरे आज आसमा
28:12के पार है, कल तक गुंगट में थी सारी दुनिया, आज बाहों में सारा संसार है
28:18चुलिदा विल्यंग्स ने अंतरिक्स में छलांग लगाई तो हमारी बेटियां किसी भी खेतर में पुर्षो से पीछे नहीं है फूल
28:26सी कोमल होती है बेटियां और इस पर शखुर दुरा हो तो रोती है बेटियां बेटा करेगा केवल एक ही
28:36कुल को रोशन दो दो कुलो की म�
28:39होती है बेटियां तो आपका बस्मरमया भक्तमंडल शैन आरती मंडल और मुस्कुरा के मंदी द्वरा या जब तक ताली नहीं
28:49बजाएंगे मुस्कुराएंगे लिए
28:52महाराज की बस्मरमया भक्त मंडल की आज के आनंद की
29:02अरजे हो बस्मरमया के जरे हो जिस्ता मैया के
29:33प्रजब कर दो बस्मरा भाज़ की आनंद की आनंद को जरे हो बाज़ी की आनंद क्या भाज़ किपूब प्रुद।
30:11तूर्य का स्थवा सूर्य का स्थवा रोशनी को भूल गए चांद क्या डूबा चांदनी को भूल गए आप लोग इतने
30:21कंजूस हो समापन ताली वजानाई भूल गए बल महाकाल महाराज की धन्यवाद शुक्रिया भाद
30:30बाद बाद शुक्याओ
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