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क्या संघ, सरकार, विपक्ष समझ चुके कि जेन-Z को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता? देखें खबरदार
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00:00राची में 14 दिन बाद सर्गार के साथ प्रदेशन कारी चातरों के बाचीत होने वाली है
00:04बाचीत लिए सर्गार की ओर से मंत्रे और अधिकारीयों का एक दल
00:08चातरों की ओर से 10 सब प्रतेनिधियों का दल मुराबवादी स्टेट गेस्ट हाउस पहुंच चुका है
00:15अब ये बाचीत किसी भी समय शुरू हो सकती है
00:18प्रदेशन कारी चातर अपनी मांगों पर अड़े हैं
00:21वो चाहते हैं कि 14 सिवल सर्विसेज परिक्षा जिसमें प्रलिम्स की परिक्षा हो चुकी है
00:26रिजल्ट आ चुका है वो रद्द कीज़ाए क्योंकि धानली का आरोप है
00:30जिसकी जाँच CID कर रही है लेकिन चातर ये भी कहते हैं कि जाँच CBI से कराई जाए
00:44तो क्या हमारा देश जल्दी अब दूश्रे बड़े जेंजी आंदूलन का असर
00:49जारगंड की राजधानी राची में देखने वाला है क्योंकि पिछले ही महीने जंतरमंतर पर जेंजी आंदूलन करके अपनी सबसे बड़ी
00:56बात मनवा चुके हैं
00:58जैन अलफा के शहर शहर आंदूलन का असर भी दिखने लगा है
01:01सरकारे मांग सुनने लगी हैं और इन सब के बीच राची में 14 दिन से चलते चातरों के प्रदेशन में
01:07सरकार और चातरों के एक प्रतिन अद्धि मंडल के बीच बातचीत बस अबसे गुशी देर बे शुरू होने वाली
01:12और तब खबरदार करता हुआ सीधा सा सवाल ये है कि क्या संग, सरकार, विपक्ष और समाज के दूसरे प्रभाव
01:19डालने वाले वर्ग ये समझ चुके हैं कि जैन्जी को नजर अंदाज नहीं किया जा सकी
01:27हाई फ्रेंड्स, बच्चों आओ, हम देश के लिए साथ मिलकर के आगे बढ़े हर सरकार के स्टूडेंट्स की बात सुननी
01:36चाहिए
01:49अब देश के बच्चों के भविश्य के साथ खिलवार करने वाली गैंग, उनको बकसा नहीं जाए
01:56स्टूडेंट प्रोटेस्ट तो देश में हो रही है, एजुकेशन सिस्टम के खिलाप हो रही है
02:01जारखन के कुछ बच्चों से भी राहूल गांधी का इंट्रेक्शन होना चाहिए
02:12सबको युवाओं की चिंता है, जेन जी से लेकर जेन इलफा तक की चिंता और यह चिंता युही नहीं आई
02:18बाद देश की करें, तो फरवरी 2024 के आखनों के मताबिक जब देश में कुल वोटर 96.88,21,926
02:28है
02:28तो 18-29 साल के वोटर यानि जेन जी की संख्या 21.69,18,770 यानि देश के कुल वोटर
02:37में 22.29 प्रतिशत हिस्सेदारी केवल जेन जी की है
02:40और अगर देश के सबसे वड़े राज्जी उत्तर प्रदेश की बात कर लें, तो उत्तर प्रदेश में कुल वोटर जब
02:4615.44.3,112 है
02:48तो 18-29 साल वाले जेन जी की तादा 3.27.18,019 यानि कुल वोटर में 21.1 नौप्रतिशत
02:59जेन जी है
03:09तो क्या यही वज़ा है कि जब जंतर मंतर की आंदोलन ने देश के शिक्षा मंतरी का इस्तीफा क्या दिलाया
03:15नेता सहन गए, सियासत सतर्क हो गई और विद्यार्थी सजग
03:19रश्टाचार की भेट चड़ती, मुल्क की 65 पीज़दी आबादी की नौजवानी अब सियासी रवानी में बहने को तयार नहीं है
03:27उसने अपना मोर्चा खोल लिया है
03:30चाहे भारी बरसात में दो हफ़ते से अंदोलन कर रहे राची के विद्यार्थियों
03:35या कॉलेज में बदिंतजामी बदहाली के खिलाफ सिस्थम को जमीन दिखाते च्छात्र
03:39ये जेंजी अब नेताओं की सियासत के चक्कर में अपने अधिकारों की अंदेखी बरदाश्ट करने को तयार नहीं
04:00आपका इंद से काम कही होता है सारे काम मेरे हाँ में नहीं है
04:04खर समस्याओं को मैं बढ़ा देता हूं आति के साथ फूं लेकिन विलम आगे होता है
04:25चात्र नेता के व्याभार की आलोच ना हो सकती है
04:28लेकिन धनबाद के कॉलेज का ये 27 जुलाई का वीडियो गवाही देता है
04:32कि विद्यार्थियों के मुद्धों को अंदेखा करने पर आक्रोश अब इस हद तक पढ़ चुका है
04:37और इसी नारागी को देखते हुए मुल्क के नेता सतरक और सियासत सहनी हुई
04:41वरना जंतर मंतर के बाद कुछ ऐसी हवा चली है
04:48कि हर दल किसी ना किसी तरह से जैन जी से मिलने जुलने उन्हें प्रभावित करने की कोशिश में जुट
04:53चुका है
04:54चाहे वो पियम मोदी के इंस्टा रीद सोंग राहुल गांधी के इंस्टा क्विश्चन आंसर सेशन हो
04:59चाहे वो मोहन भागवत का जेंजी कनेक्ट हो या राहुल गांधी का गुंज कारक्रम
05:04हर दल को लगता है कि जेंजी से कनेक्ट रहे बिना देश की सियासत में मौजू नहीं रहा जा सकता
05:28और देश की मौजूदा सकता को दिशा दिखाने वाले आरेसेस ने भी माना है
05:32कि जेंजी के साथ अन्याय हुआ है
05:35संग प्रमुक ने माना है कि अगर जेंजी विरोध प्रदर्शन कर रहा है तो वो राष्ट्र विरोधी नहीं हो जाता
05:40जेंजी पिछली पीड़ी से ज्यादा इमांदार और समेदन शील भी है
05:44ये नई पिड़ी डिक्टेशन नहीं सवालों का तरकपूर्ण जवाब चाहती है
05:49सरकार या सिस्टम के स्तर पर जेंजी की आवाज नहीं सुनी गई है
05:53और शिक्षा को व्यापार बना चुके सिस्टम को दोवारा सोचने की जरूरत है
06:11जेंजी के साथ चंद मिनट गुजारने के बाद
06:14प्लॉकिन तक के स्लैंग सीख चुके मोहन भागवत को इसी जेंजी ने कबूल करा दिया
06:19क्योंकि आवाज सुनने में सरकार नाकाम रही है
06:22इसमें आप मालेगी कि समवाद यदी पहले सी शुरू हुआ होता तो ये बाद में विशे ज्यादा जोवर जाता है
06:29जो नहीं होना चाहिए जब होता है तो कहिना कि इसमें चूक हो जाती तभी होता है
06:36किसकी है क्या है ये अलग बात है लेकिन कमी तो रही है ठीक हो जाएगे
06:45लेकिन इस कबूल नामे के बाद भी सियासत अपनी धार और अफ्तार चोड़ने को तयार है
06:49नेता अब भी जैन जी के मुद्दे को चुनावी और विद्यारतियों को सियासी मोहरा समझ रहे है
06:58अब जाएंगे बच्चे प्रोटेस करेंगे अमारी डेलिगेशन गई है हर चीज राहूल गांधी करेंगे
07:07मोदी कुछ नहीं करेंगे अमिट्शा पार्लेमिंट में भी नहीं आएंगे और आप लोग आके पुछेंगे राहूल जी क्या करेंगे
07:13अपने हख के लिए प्रोटेस्ट कर रहे हैं और अभी वो पूरा इसको मिला दिया है कि नैशनल इशू करके
07:31क्यूं भई पंजाब के लेके बात करो अभी करनाटक को लेके बात करो केरल को लेके बात करो इन सब
07:37जगह पे तो अपनी सरकार है
07:41नेता चाप्तरों के अंदोलन को आवाज दे या ना दे आज का जेंजी सिस्टम से एस सवाल पूछने लगा है
07:46कि देश की शिक्षा व्यवस्था में 79-30 स्कूल शिक्षा का दारूंदार उठार है
07:50सरकारी स्कूल बदहाल क्यों है और उनमें शिक्षकों की भारी कमी क्यों है
07:55दस साल में 94,000 सरकारी स्कूल बंद या आपस में मर्ज हुए है
07:59और निजी स्कूल 288,000 से बढ़कर 3,49,000 कैसे हो गए
08:06सरकार ने कहने को तो नई शिक्षा नीती लागू कर दी
08:09लेकिन स्कूली टीचर आज भी पढ़ाई से ज्यादा मिड़े मील से लेकर भेड़ बकरी गिन्ने तक में परेशान रहते
08:14सरकारी स्कूल कॉलेज से पढ़ लिक कर निकले विद्यार्थियों को नौक्रियास नहीं मिल पा रही
08:20लेहाजा शिक्षा के धंदेबाद दिन रात दो गुना चोगुना बढ़ते जा रहें
08:24और आज का जेंजी सिस्टम से सवाल पूछता है
08:26कि पिछले एक दशक में सरकारी उनिवस्टी तो 45.4 प्रतिशत ही बढ़े
08:32निजी विश्विद्याले में 149.3 प्रतिशत बढ़त क्यूं हो गए
08:36देश के 52,081 कॉलेज में 78 प्रतिशत कॉलेज निजी क्यूं है
08:40देश की उच्छ शिक्षा में औसत नामांग का ननुपात सिफ 28.4 प्रतिशत क्यूं है
08:462013-14 में 4.6 प्रतिशत से 4.7 प्रतिशत का शिक्षा बजट
08:522026-27 में 2.5 प्रतिशत से 2.6 प्रतिशत ही क्यूं रही है
09:00जवाब न तो सरकार देने को तयार है न सिस्टम सुधरने को लेकिन जंतर मंतर की जागरुपता यूँ ही बनी
09:07रही
09:07तो सरकारों को भी और सिस्टम को भी जेंजी की बाते सुननी भी पढ़ेंगी और समझनी भी आज तक ब्यूरो
09:16ये वाओ में बेरुजगारी का बड़ा कारण पेपर लीग भरतियों में प्रेश्ट अशार तो है ही
09:21लेकिन इसके साथ ही नौजवानों में बेरुजगारी का एक बड़ा कारण स्कूल एजुकेशन सिस्टम का बंटा धार होना भी है
09:28और यहाल एक रज नहीं बलकि हर रज जिका है जिसमें आज हम आपको सबसे पहले बिहार की ग्राउंड रिपूर्ट
09:34से खबरदार कर रहे हैं
09:36बिहार के मुक्य मंतरी समरार चौधरी एई आई क्लास एई आई टीचर की बात स्कूल शिक्षा में करते हैं
09:42शिक्षा मंतरी बिहार के विबिन दावे करते हैं लेकिन आज बिहार की सरकार का जमीनी सच आप देखिए
09:49जहां बिहार में सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने की बात लगातार हो रही है
09:53नई बिल्डिंग स्मार्ट क्लास और क्लासरूम के अलावा बहतर सुविधाओं के दावे किये जा रहे हैं
09:59पर जब आज तक की टीम सहरसा पश्चिमी चंपारन बेगु सराय मुझफर पुर और कैमूर से लेकर जहानाबाद तक के
10:05सरगारी स्कूलों तक पहुंची
10:07तो जमीनी हकिकत हमें कुछ और ही मिली कई स्कूल आज भी अपने भवन का अंतजार कर रहे हैं कहीं
10:13बच्चे जोपड़ी में स्कूल के नाम पर पढ़ रहे हैं कहीं स्कूल के नाम पर पेड़ के नीचे तो कहीं
10:18टिंशेड में ही तो कहीं एक ही कमरे में कई कई कख्षाओं
10:22कि पढ़ाई एक साथ चल रही है तो पांच मिनिट में पता चलेगा कि फलाना पंचायत में फलाना भूत नंबर
10:36पर जनता को क्या कस्टोरा है वहां क्या दिक्कत आ रही है वहां लोग क्यूं चिंतित हैं
10:50काश वो AI आने से पहले सरकार की आई यानि आखें खुल जाती तो दिख जाता कि जोपड़ी में एक
10:57ही जगा बिहार में पहली से लेकर पांचवी तक के बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर है
11:03यह एक जोपड़ी है और इस जोपड़ी के अंदर पहली से पांचवी क्लास के बच्चे पढ़ाई करते हैं
11:10AI और Computer Science पर एक University बनाने की कलपना को सरजमीन पर लाया और आप तमाम बिधायकों को भी
11:19मैं धन्यवाद देता हूं
11:20सबने समर्थन करके दोनों सदन से पारित करके महा महीं मग के पात भेजने का काम देता है
11:27क्योंकि हमको टेक्नलोजी चाहिए
11:30लेकिन काश मुख्यमंत्री समराच चौधरी एक टेक्नलोजी ऐसी भी खो जाते
11:36जहां दिख जाता कि बिहार के बच्चे भी जमीन पर बोरिया बिछाकर पेड़ के नीचे पढ़ रहें
11:42जहां सपना AI उनिवर्स्टी और Computer Science उनिवर्स्टी का संजोया जा रहा है
11:47पेड़ के नीचे ठंडी हवा में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है
11:55इसलिए क्योंकि स्कूल का अपना भवन नहीं है
12:00इसलिए मैंने कहा दिहार में जन्ता की सरकार है और गरीब बच्चे पढ़ने के लिए बाहर जाना पड़ता था
12:20जो खुला हुआ है उसको कौन देखेगा सरकार देखिये न पश्च्चे पढ़ाया जो खुला हुआ है उसको कौन देखेगा सरकार
12:36देखिये न पश्च्चिमी चमपारन का ये स्कूल जो मॉडल तो छोड़िये अब तक मॉडन यूग में नहीं आ पाए
12:42नन्य मुन्य बच्चे जमीन पर पढ़ते हैं लगे आपको क्या रहे ये सब तो होता रहता
12:49तो देखिये ना वुक्तिमंत्री जी आज आपके AI वाले युग सौपन के समय में बच्चे गल्यारे में तीन तीन चार
12:56चार क्लास एक साथ लगा कर पढ़ने के लिए
13:14अब लोगों ने एक आप दिया है जिसको रात के 11 वजे यदि बच्चा खोलेगा तो रात के 11 वजे
13:23भी एक मिनट के अंदर उसको सिच्छा कुप लब्द कराने का का हमारी सरकार करेगा
13:31लेकिन एक स्कूल की मारत तो दिला देती सरकार पहले वरना बिहार में एक मंदिर में स्कूल चला कर बच्चों
13:37को पढ़ाना ना पढ़ता
13:59हमने आव्यदन दिया है लेकिन उस पर अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है क्योंकि खुले में होने से
14:04दिक्कत तो होता होगा कि लोग पूजा पाठ के लिए आ रहे हैं बच्चे थोड़ा डिस्ट्रेक्ट भी होता होंगा बहुत
14:09बहुत प्रसानी होती है
14:10बिहार के मुख्यमंत्री समराच चौधरी बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी आज तक की खबरदार करती इस रिपोर्ट को आज
14:18बहुत ध्यान से देखें वक्त निकाल कर देखें क्योंकि ये देश के बच्चों के भविश्य का सवाल है
14:26ऐसा बिलकुल नहीं है कि बिहार के सरगार को पता नहीं पता मिथिलेश तिवारी और समराच चौधरी को सब कुछ
14:32है
14:32बिते दिनों मौनसून सत्र के दोरान सरगारी स्कूलों में भवनों की कमी का मामला विधान सभा में भी उटा है
14:39सरगार ने सदन में खुद ये माना है कि राज्य के 35 जिलों में 2276 प्राथमिक मध्य और माध्यमिक विध्याले
14:46आसे हैं जिनके पास अपना भवन तक नहीं है
14:50सबराड चौतरी सरकार ने ये भी बताया कि बिहार के 9297 माध्यमिक यानि कि प्लस टू स्कूल्स में से 720
14:58विध्याले अब भी बिना अपने भवन के ही चल रहे हैं संचालित हो रहे हैं
15:03सरकार के अनुसार 720 में से 677 उतक्रमित उच माध्यमिक विध्याले ओं कि भवन निर्मान के लिए प्रिशास्निक स्विक्रिती दी
15:13जा चुकी है
15:13लेकिन सवाल ये है कि जिस बिहार में 2005 से अधिक तर बीजेपी जेडियू की ही सरकार रही
15:36सरकार को जगाना और बताना इसलिए जरूरी है क्योंकि जब बिहार में मुख्यमंत्री समराज चौधरी और शिक्षामंत्री मिथलेश तिवारे
15:43आउनलाइन बिहार स्कूल लाइब क्लासेस कारक्रम का उधगाटन करते हैं तो देखकर ये लगता है कि सरकार शैद कुछ बहतर
15:50करने जा रही है
15:51जहां मुख्यमंत्री के पास बैटने के लिए कुरसी है सामने बोतल बंद साफ सुथरा बढ़िया पानी है
15:56सामने 50-55 इंच के टीवी पर AI क्लास से बिहार के स्कूल में कैसे सब कुछ बदल जाएगा
16:02उसकी प्रेजेंटेशन चल रही है लेकिन ये तो भविश की बात है
16:06भगवान करे भविश में ऐसा हो सब AI से पढ़ें और बढ़ें वरना
16:14हकीकत बिहार के स्कूलों की ये भी है कि ये घर है या फिर ये जोपड़ी है ये क्या है
16:19बच्चों को अगर कहीं पढ़ाई करने के लिए जाना हो तो उन्हें स्कूल जाना पड़ता है और स्कूल का एक
16:24अपना भवन होता है
16:25ये सबसे निमितम जो है कहे तो एक जरूरत होती है बच्चों की पढ़ाई के लिए लेकिन बिहार सरकार में
16:34सिक्षा विवस्था किस तरीके से ध्वस्त है इसकी तस्वीर दिखाने के लिए इस वक्त हम मौजूद हैं सहरसा जिले के
16:41सोनबर्सा प्रखंड अंतरगत मैना पट
16:55क्लास तक के बच्चे यहां पर पढ़ते हैं तो आप हैरान हो जाएंगे को कि आपको पीछे कुछ नजर नहीं
17:00आएगा लेकिन हकीकत है क्योंकि यह जो आप जोपड़ी देख रहे हैं यह जोपड़ी बिहार सरकार कप एक प्राइमरी स्कूल
17:11है
17:12बढ़ाई दीजिये सहरसा के सुनबर्सा प्रखंड के मैना पट्टी गाउं के 55 बच्चों को एक जोपड़ी में एक साथ पांच
17:19क्लास वाला स्कूल दिया गया है
17:21यह मेरे सामने यह दो बेंच लगा यह क्लास वन है फिलाल तीन बच्चे यहां पढ़ाई कर रहे हैं यह
17:29हो गया क्लास वन मेरे बाई तरफ यहां दो बेंच यह हो गया क्लास टू यहां पर फिलाल चार बच्चे
17:38पढ़ाई कर रहे हैं इस तरफ आ जाईए फिर उसके बगल
17:43में ठीक दो बंच इधर भी ये Class-3 हो गया यहां भी आपको पाँचए बच्चे पढ़ाई करते हुए दिख
17:50रहे होंगे अब उसके बगल में यह है चौती कक्षा चौती कक्षा भी दो बंच और यहां दो बच्चे पढ़ाई
17:58कर रहे हैं और अंत में पाचवी कक्षा यहां �
18:01पर एक ही बेंच है और तीन चात्राइं यहां पर पढ़ाई कर रही है तो बिहार के मुख्य मंत्रे समराड
18:11चौधरी मिथले इश्टिवारी शिक्षा मंत्री तूनों साथ में एक प्रेजेंटेशन के दौरान आप देख रहे हैं बड़ी-बड़ी बातें यहां
18:17पर हो रही है
18:18AI के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने की बात हो रही है समराड चौधरी मुख्य मंत्रे बिहार का यह सपना
18:24है कि बिहार के बच्चे उनके सरकारी स्कूल के बच्चे AI से पढ़ाई करें वहाँ पर स्मार्ट क्लास्रूम हों और
18:32आधुनिक पढ़ाई वहाँ पर करवाई ज
18:34जाए उन्हें modern education दिया जाए और देश और दुनिया के बच्चों के साथ वो खदमतायल करके चल सकती हैं
18:41लेकिन आज हम आपको सच्चाई दिखा रहे हैं
18:47पानी छोड़ दीजे वो सब तो दूर की बाते हैं कहने को सरकार बस ये कहकर पीप थपथपा सकती है
18:53कि अरे और गैनिक महौल में एक जोपड़ी में पांच क्लास चला कर सब का साथ सब का विकास का
18:58इससे बड़ा उदाहरन और कहा दिखेगा
19:06पानी की विवस्ता है जी नहीं है और कुछ दे नहीं पाई सरकार यहाँ जो उर्दू पढ़ने वाला कोई बच्चा
19:30खा नहीं
19:31तो उर्दू का टीचर जरूर दे दिया
19:36हम उर्दू की टीचर हैं लगनि हम उर्दू के बच्चे एक भी नहीं है तो हम one to five one
19:41to eight जो सभी सब्जेक्ट परा सकते हैं
19:43तो हम कभी math परा देते हैं तो कभी gk परा देते हैं कभी perya परा लेते हैं
19:47मेंदी आप उर्दू के टीचर हैं, उर्दू के कोई बच्चे हैं, उर्दू के बच्चे नहीं, इस पोसक छेतर में उर्दू
19:51बच्चे नहीं है, आप सारे बच्चो क्या क्या परहा लेते हैं, मैच साइन्स नहीं है, परियावरन परहा लेते हैं, इंगलिस
19:58परहा लेते हैं,
20:03इन बच्चों की नीवी सरकार खोखली कर देगी तो भविश में एक क्या कर लेंगे इनके साथ अपराद किया जा
20:09रहा है और दुख की बात है कि अपराद ही बिहार की ही सरकारी व्यवस्था है
20:14अगर इस हालात में बिहार में बच्चे पढ़ाई कर रहे हो भी चोटे बच्चे पहली से पांचवी प्राइमरी के बच्चे
20:22जिनकी बुनियाद अगर इस तरीके से अगर सीची जा रही है इस तबेले नुमा स्कूल में जोपड़ी है यहां पर
20:30सिर्फ के वर्थ तो फिर बह
20:42अगर दाता रोहित सिंग को तो अभी और चौंकना बाकी है सहरसा के सोन बर्सा का जिटकिया गाउं
20:502007 में आप रात्मे के स्कूल शुरू हुआ 20 साल बाद भी सरकार कह सकती है कि बच्चों को जमीन
20:56से जोड़ कर रखा है काहे कि ना उनके लिए कुरसी है ना मेज ना स्कूल की इमारत जमीन है
21:02बोरा है पेड़ है पेड़ भी बास वाला और बास के सहारे बोर्ड है क्योंकि सर
21:18बच्चे इसी तरीके से पेड़ की छाओं में रोजाना आते हैं पढ़ाई करते हैं ये प्राइमरी स्कूल जो है इसमें
21:27पहली से लेकर पांचवी कक्षा तक के बच्चे आते हैं और फिलहाल आप देख सकते हैं यहां पर पहली और
21:35दूसरी क्लास के बच्चे यहां पढ़
21:46किया करते थे लेकिन बिहार की स्थिति आज भी ऐसी है कि सब लोग को देखी अपना अपना बोरा लेकर
21:52खुद आना पड़ता है या बोरा यहां दिया जाता है लेकिन बोरे पर ही बैठ कर आज बिहार के ये
22:00नौनिहाल जो है वो यहां पढ़ाई करने के लिए मजबूर है क्य
22:16देख लीजे क्या स्थिति है यहाँ पर और जो बिहार के शिक्षा मंत्री है उनको जरा समझना चाहिए जरा उनको
22:26देखना चाहिए कि अगर इस तरीके से बिहार का विकास हो रहा है बिहार के नौनिहालों को पढ़ाया जा रहा
22:33है राज में जहां पर आज एड़्वांस प
22:40स्मार्ट टीवी से पढ़ाई होती है स्मार्ट क्लासेश चलते हैं हाइट पढ़ाई हो गई हैं और इसका दावबी किया जाता
22:48है कि बिहार में आइसा कुछ हो रहा है तो हकिकत देखने के लिए
22:52इस्कूल पे आ जाईए आप यहां पर जी साथ से फरवरी से बहुत पुरानी टीचर है बीस साल से यही
23:04विवस्ता है जी जी
23:07बोले बोले कि नहीं बीयो को डीयो को डीयम को किसी नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं
23:24बिहार के स्कूल में सरकारी दावों की हालत इस हैंड पंप की तरह है जहां का पानी केवल हाथ पैर
23:30धोने के काम आता है पीने के काम नहीं आता क्योंकि इस पानी में दावा है आईरन बहुत है जैसे
23:36सरकारी दावों में आईरन शक्ती बहुत होती है लेकिन हकीकत आपके सामन
23:40बाकी भीतर एक गोदाम नुवा कमरे में बापू और देश के असली लौपुरुष सरदार पटेल की तस्वीर है
23:47जो इस इंतजार में होंगे कि एक दिन कम से कम स्कूली शिक्षा के बुनियादी अधिकार की आजादी बिहार के
23:53इन स्कूल तक भी पहुचेगी
23:55रोहित सिंग सहर सा आज तक
24:25सेक्डो स्कूल में लाखों बच्चे अगर पेड़ के नीचे एक जोपड़ी के नीचे बैठ कर पढ़ रहे हैं ताट पटी
24:31पर बैठ कर पढ़ रहे हैं तो ये शर्मनाक है और ये इस्तिती इसलिए भी शायद है क्योंकि बच्चे वोटर
24:38नहीं होते वरना इनकी चिंता भी स
24:55कि बढ़ भरोसे बिहार के सैक्डो स्कूल चल रहे हैं जहां भगवान नहों मंदर नहों तो शैद स्कूल नन में
25:02चल पार स�б्यार भगवान भरोसे बच्ये यह सल्युक्त स्कूल मंहरा है
25:15यहां पर स्कूल चल रहा है पर आपको जूता खूल कर जाना पड़ रहा है वो इसलिए कि मंदिर के
25:20परिसर में सरकारी स्कूल चल रहा है यहां पर तर यहां क्लास यहीं चलता है
25:25स्कूल नहीं बन भवन नहीं है भवन नहीं रहने यहां चल रहा और अज़सर नहीं हों
25:43लेकिन उस पर अभी तो कोई एक्ट नहीं लिया गए है क्योंकि खुले में होने से दिक्कत तो होता होगा
25:47कि लोग पुजा पाट के लिए आ
26:17बच्चे थोड़ा डिस्ट्रेक्ट भी होते होंगे।
26:18पुल्भूत सुविधा नहीं मिल रही है मैम आप लोग कोशिश कर रही है तो क्या करेंगे बिलिंगे नहीं तब तो
26:25जैसे यहां करना हो इसे ही करेंगे ना तो मंदिर ने आप लोगों को यह जगे कम से कम दे
26:30रखिये 62 से तो शरज़ा निख है ते हैं पर बाट सब्सक्राइ
26:36कि यहां यहां आज सने बहुत दीन से इस कूल यह पर चल रहा है तो हम लोग बचा के
26:44देखिए आप लोग तो खूद देख रहे हैं कि हम लोग बचा के किस तरह से एक तो स्कूल में
26:51मज़ा आता है पढ़ने में अच्छा लगता है सबको क्या बनोंगी बड़ी हो करे प्ली
27:02बिहार की सरकारी व्यवस्था क्या अपराइत के हाथ हो ठगे जातेगा बच्चे बड़े होकर पुलिस बनना चाहते जहां पहले सरकारे
27:09बदलती रही रहे बस
27:20नहीं बदला बच्चों का भविष्यक।
27:42का इंतजार कर रहा है लाल रंग की पुरानी बिल्डिंग ये पुराना स्कूल है खंडार हो चुका है कभी इसे
27:48सरकार ने बनवाया ने गाउं के एक शक्त ने बाद में जमीन गाउवालों ने चंदा दिया तो चार कमरा तीन
27:53शेडवाला बन गया वहां दूसरी से पाच्वी
27:56क्लास कलती हैं पहली क्लास बाहर जमीन पर खुले में बच्चे पढ़ते हैं 106 बच्चे यहां पढ़ते हैं लेकिन पार्टी
28:02दफ्तरों को बनाने की चिंता करने वाले लोग बच्चों के स्कूल नहीं बनवा पाते हैं
28:34मुख्य मंत्री और शिक्षा मंत्री विहार के वेगुसराय का हाल देखें
28:39मतिहानी प्रखंड का प्रात्मिक विद्याल है एक समदाइक भवन के एक कमरे और एक बरामदी में चलता है
28:44112 बच्चे यहां पढ़ते हैं और जुगार देखें एक ब्लैक बोर्ड को आधाधा बाट कर दो टीचर पढ़ाती हैं
28:51एक तरफ क्लास वन दूसरी तरफ क्लास टू की पढ़ाई हो रही है
28:54एक मैडम जब पढ़ाने लगती हैं बच्चों को बोलवाती हैं दूसरी तब तक किनारे खड़ी रहती हैं
28:59यह सब 20 सदी में चल रहा जहां जैन जी जैनलफा की बात हो रही है
29:04बच्चों को मिलेनिल से भी पुराने दौरवाली शिक्षा व्यवस्था में हसा कर रखा गया है
29:09जहां ना बेंच, ना पुर्सि, ना टॉलेट, ना साफ पानी के व्यवस्था
29:13महिला टीचर तक टॉलेट के लिए आसपास के घरों में जाती है
29:17यहां यहां यह एक कमेनिटी हॉल है, समुदाइक भवन है, जो जीरिन स्री नवस्था में था
29:22फिर इसे हम क्यागते कंपोजिट ग्रांड के फंड से इसको रेनोवेट करा के यहां पे दो क्लासरूम चला रहे हैं
29:30एक अंदर में है जिसमें की 3, 4 और 5 के बच्चे पढ़ते हैं और बाहर जो है ब्रामदा में
29:351 और 2 के बच्चे पढ़ते हैं
29:37वर्ग एक कमरा में 3 कलास 3, 4, 5 की पढ़ाई चलती है जिसमें पढ़ाई के दोरान भी बहुत कठनाई
29:44सामने आती है
29:45ना तो चापाकल की विवस्था है पानी पीने के लिए भी समस्या होती है और बात्रूम की विवस्था नहीं है
29:52यहाँ पे दूसरे के घर जाना पड़ता है
29:56मुख्य मंत्री और शिक्षा मंत्री मुजबफरपुर का हाल देख ले हैं
30:00228 बच्चे यहाँ पढ़ते हैं दो कमरे हैं एक जरजट टिन शेड पहली से पाचवी तक की क्लास एक कमरे
30:07में चलती है
30:07छटी से आचवी के छाप टिन शेड के नीचे बाहर पढ़ते हैं स्कूल में ना बेंच न डेस्क बच्चे दरी
30:14पर बैठते हैं
30:14बारिश में टिन शेड से पानी टपकता ब्लैक बोर्ड हवा से गिर जाता कई क्लास एक साथ चलती है पढ़ाई
30:21क्या होती होगी आप समझते हैं
30:23दो कमडे हैं जिसमें एक कार जाले और एक जो है वो वर्ग कच कह सकते हैं आप जिसमें हम
30:30कई संजुक्त क्लास चलाते हैं कभी दो कभी तीन कभी चार-चार क्लास चलाते हैं और उसके बाद जो है
30:36वो से सभी का अच्छा है जो है वो बरामदे पर चलाते हैं यहां से वहां त
30:54मुख्य मंत्री और शिक्षा मंत्री कैमूर का हाल देख लिए अख्लास्पूर के प्रास्मे के जाले में 99 बच्चों के लिए
31:03तीन टीचर स्कूल के तीन कमरों में दो खंड है शिक्षक कहते हैं कुछ समय पहले चछत से प्लास्टर गीरा
31:10एक टीचर और छात्र घायल हो गए �
31:12ऐसा नहीं कि सरकार जानती नहीं वो सब जानती है क्योंकि बिहार के स्कूलों के इस हालत पर सवाल विधान
31:17सभा में सरकार के साथ ही ही उठाते हैं
31:20राज्य के कुल 35 जीलों में कुल 276 माध्यमिक यहों प्रात्मिक यहों मध्य विद्यालियों के पास अपना भवन नहीं है
31:30उन्चतर माध्यमिक पलस टू विद्यालियों की संख्या 9297 है जिसमें से 34 जीलों के 720 विद्यालियों के पास अपना भवन
31:41नहीं है
31:41शिक्षकों की संक्या बढ़ रही है चात्र चात्राओं की संक्या बढ़ रही है अध्यक्षमदे उसके अनुपात में मानिय मंत्री जी
31:48ने स्रिकार किया है कि प्रारंबिक हो उच्चतर मदविद्याले हो 10 प्लस 2 है उसमें भावनों का निर्मान नहीं है
31:58तो बच्चे हमारे �
32:00पढ़ेंगे कैसे बिहार के शिक्षा मंत्री कहते हैं कि 600 से ज्यादा स्कूलों को बनाने का फैसला लिया जा चुका
32:06है बाकि सब जल्द बनेंगे क्या आपको लगता है कि ये काम बिहार में होगा यकीन मानिए आज तक संबाद
32:12दाता एक बार फिर जल्दीनी स्कूलों में रि
32:30लोग ये कहते हैं कि प्रेम जताने के लिए भाशा की जरूरत नहीं होती प्रेम बिना बोले बताया और जताया
32:36जा सकता है भाशा की आती है बोली की आती है तो लोग जंतर मंतर पर चले आंदूलन में चंद
32:42लोगों की भाशा को लेकर पूरे आंदूलन पर सवाल उठाने क
32:54की बात कही जहां दिव्यांग चात्रों ने मौन क्रांती करके स्कूल में टूटे क्लास्रूम गंदे ट्वाइलेट्स की शिकायत सरकार के
33:02सामने ऐसी रखी कि सरकार के कांग तक वो आवाज बहुत तेज पहुँचे।
33:24क्या आवाज है या नहीं? ये देखा गया आवाज उठाने की ताकत है या नहीं?
33:35राजस्थान में ऐसा अंदोलन देखने को मिला जिसने ये साबित कर दिया कि आवाज सिर्फ शब्दों से नहीं बलकि होसलों
33:41से आती है।
33:41राजस्थान ने पहली बार मौन दिव्यांग छात्रों की ताकत देखी है, जहां मूख बधिर विद्यार्थियों ने बेरा एक शब्द बोले,
33:48ऐसा संदेश दिया, सरकार को भी जुकना पड़ा
33:51अब इस तीसरे वीडियो को देखे, राजस्थान की राजधानी जैपूर में सरकारी सेट आनंदिलाल पोद्दार, मुख बधिर उच्च माधिमिक विद्याले
34:00के ये वो बच्चे हैं जो ठक गए थे, चुप रहकार, चुपी उसको व्यवस्था के खिलाफ जो रोज इन्हे
34:06चीक कर अपनी आवाज उठाने को कहती थी, वही आवाज जब फूटती है, तो प्रदर्शन को देख सब अचरज में
34:12रह जाते हैं, लेकिन ये नौबत आई क्यूँ, जहां जो बोल नहीं सकते, जो सुन नहीं सकते, उन्होंने आवाज उठा
34:23कर अब तक आँख कान बंद कर
34:25की रखने वाले सरकारी प्रिशासन को जगाया, इसलिए आज तक संबाददाता शरत कुमार, जैपूर की स्मौन क्रांती की वज़ा, आप
34:36तक पहुंचाने के लिए जैपूर के इस सरकारी स्कूल पहुंचते हैं, जहां पहुंचते ही पता चल गया, कि क्यों छात्रों
34:44की प
34:53पढ़ने आते हैं क्लास में, वो डरते हैं, इस तरह से देख सकते हैं, पानी टपक रहा है किस तरह
34:58से, छटों से यहां पर पानी टपकता है, बाहर भी देख सकते हैं, आप किस तरह की आई सिती, अभी
35:04भी आपको पानी टपकता हुआ यहां पर दिखाई देगा, और इस तर
35:34जहां क्लास्रूम में जंग लगी कुर्सी और मेज है
35:40यह क्लास्रूम है दिव्यांग बच्चों का जहां पर देख सकते हैं किस तरह से यह टेबल और कुर्सियां हैं जिस
35:47पर यह बैठते हैं जंग लगे वे इस तरह से दिवाले जड़ रही है
35:50च्छतों से पपड़िया नीचे गिरते रहती हैं
35:55सिर पर जो पढ़ने बैठते हैं
35:57और ये सारे पर्शान रहते हैं
36:10और बात सिर्फ इतनी ही नहीं
36:12तस्वीर बदलने को ये दिव्यां केवल क्लासरूम की हालत भर से सड़क तक नहीं आई
36:18साफ पानी तक जैपूर में स्कूल में बच्चे नहीं पा रहे थे
36:25यहाँ पर बच्चों को पानी पीने के लिए वाटर कूलर लगाया गया है
36:29जो खराब पड़ा हुआ है आप देख सकते हैं किस तरह से किस सिती में आप पड़ा हुआ है
36:33और इन सब कहना है कि यहाँ पर पानी पीने के लिए आता रही है
36:49पानी के कहना है कि पानी आता नहीं जो पानी पहले आता भी था वो खराब आता था और इस
36:54तरह से यहाँ पर आप देख सकते हैं कि
36:56नल के ववस्था की गई है मगर नलों में पानी आता नहीं है किसी भी नल में पानी आता नहीं
37:02है
37:02इस ववस्था को लेकर यह सड़क पर उत्रे हुए हैं और आंदुलन कर रहे हैं
37:09हालत यह कि टॉलेट के भीतर तक स्कूल का बच्चा नहीं जा सकता इतनी दूरदशा है
37:19देव्यांग बच्चों के स्कूल बस की हालत देख लीजे लोहे का टुकडा भर बच्ची है
37:24और समस्या केवल इतनी नहीं गवन का भष्टाचारी टीचर सक स्कूल में काम करता मिल गया
37:40इस बच्चों की देख वाल है मोनीटरिंग है या कोई क्लास में अगर खाली है तो मैं इसमें तो लागता
37:47है
37:51जिस स्कूल में बच्चों को पानी टॉयलेट सुरक्षिद क्लासरूम नहीं मिल पाया वह एक सच ऐसा है जो सुनेंगे तो
37:57आपको लगेगा मजाक है लेकिन यह आपको अब तक किसी ने नहीं बताया
38:02कि राजधानी जैपूर के सरकारी स्कूल में जहां 17 क्लासरूम है और 592 दिव्यांग बच्चे पढ़ते हैं वहां इने पढ़ाने
38:10वाले टीचर की संख्या है छे अत्तर
38:13ऐसा दिव्य स्कूल तो कभी देखा सुना नहीं गया जहां 37-8 बच्चे पर एक टीचर रख दिया गया मतलब
38:19यह आप कहेंगे कि रामराज्य हो गया लेकिन हकीकत यह है कि यह वो टीचर है जो वी आईपी होने
38:24की वज़ा से यहां तबादला कड़ाकर आराम करते है आज त
38:53सबसे पूछ रहा हूं एक एक करके जब इतनी समस्य कठा हो गई तो जैपूर के सरकारी कॉलेज के देव्यांग
38:59बच्चे सड़क पर उतर गए किसी नारे भाशन या शोर्षराबे से नहीं इशारों की भाशा में हुए मौन धरने से
39:05प्रशासन को जगा है
39:08मैंने मेरा नंबर दे दिया है वो वही नंबर उनको सुन दो असाहीं से काम नहीं हो और बताओ कोई
39:19परेशान करे कोई परेशान करे सीधा मेरे को फोन करना
39:29अब यहाँ फिंस्पल भरत जोशी को हटा दिया गया है और दूसरी समस्याओं की समाधान का भरोसा दिया गया
39:35पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ये मूप बधिर बच्चे बोल भी नहीं सकते थे तब उनकी सुनने
39:41वाला कोई क्यू नहीं था
39:42शायद इसी दर्द ने इनके मौन को अंदोलन मना दिया
39:46यह सिर्फ एक स्कूल की कहानी नहीं बलकि उन हजारों दिव्यान बच्चों की आवाज है जिनने अकसर व्यवस्था के शोर
39:52में देखा कर दिया जाता है
39:54जैपुर के स्मौन अंदोलन ने साबित कर दिया कि जब अधिकारों की लड़ाई इशारों में लड़ी जाती है
39:59तब खामोशी भी सत्ता के दर्वाजे खटखटा कर अपना अधिकार ले लेती है
40:05शरक कुमार जैपुर आज तर
40:11राजस्तान के जेनल अलफा यानी स्कूलों के शात्रों के लगातार अलग-अलग प्रदेशन के कारण
40:16सरकार ने आज एक बड़ा निर्णे लिया है
40:18राजस्तान के शिक्षा विफाग ने पौरण नादेश जारी किये हैं
40:22सबी स्कूलों में टीचर्स की विवस्ता हो
40:25सेरक्लस टीचर्स शहरों से गाउं में भीजे जाएं
40:28अगर किसी स्कूल में बच्चे टीचर के लिए और सिंधाओं के लिए
40:32प्रदेशन करते नज़र आए
40:34तो अधिकारियों पर कार रवाई होगी
40:46ये होती है जेंजी जन अलफा की शक्ती ताकत
40:52उतरप्रदेश की राजनीती में भी सब के नज़रें जेंजी पर हैं
40:57जहां तिन करोर सदिक जेंजी वोटर्स हैं देखिए
41:03दिल्ली के जंतरमंतर से निकली जेंजी आंदोलन की इस चिंखारी ने
41:06सत्ता की रणीती को नए सिरे से गढ़ने पर मजबूर कर दिया है
41:10लखनों में सीम योग्यादी तनात ने नई युवा नीती को लेकर उच्चसतर ये बैठ़क की
41:15जिसमें दोहसार सत्ताइस से पहले जेंजी पर सतरकार का फोकस है
41:19युवाओं को लेकर एक आयोग कठित होने वाला है
41:22जिसमें 18 से 35 वर्ष के युवा यानि कि आसान भाशन में कहें
41:27तो कुछ हद तक जेंजी से सला मशौरा लिया जाएगा
41:31युवाओं को लेकर बनाई जाने वाली नीतियों को लेकर
41:35यानि कि योगी सरकार को ये मालूम पढ़ गया है
41:38कि जैंजी एक बहुत बड़ा वोटर है
41:41और ऐसे में उन्हें साथ लेकर ही चलना होगा
41:45तेज हो गई है
41:50और अब उत्तर प्रदेश की योगयान अतना सरकार एक युवा निती लेकर के आ रही है यह युवा निती युवाओं
41:55के सपनों को साकार करने वाली होगी
41:57तो उत्तर प्रदेश का जो जेन जी है जो जेन एलफा है जो मिलेनियम है वो समझ रहा है कि
42:03उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कुछ भी किसी चीज के अगर सिकार है योगी आदितनाजी तो आत्म मुगदता के सिकार है
42:09अगर आत्म मुगदता के सिकार न होते तो आपने चे
42:53प्रियागराज में जन्जी छात्रों के साथ संबाद करने जा रहे हैं।
42:55उत्तर प्रदेश के मुख्यमंद्री ने नया विशु रिकॉर्ड बनाया।
42:58साथ हजार करोड का कॉस्मेटिक फेशियल करवाया।
43:01हम इतनी ही राशी में केजी से पीजी और रिसर्च तक की वर्ल्ड क्लास दो तीन यूनिरसिटी बना कर बच्चों
43:08युवाओं का भविश्य सुधार कर दिखाएंगे।
43:10उत्तर प्रदेश को तरक्क्य और खुशाली के रास्ते पर ले जाएंगे।
43:15वह योग्या दितनात लगातार रेलियों में समझवादी पार्टी के कारिकाल की याद दिला रहे हैं।
43:21उस लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं। और बवव अभी यही करते थे। बारा बज़े सोके उड़ते थे।
43:31दो बज़े तक तयार होते थे। पांच बस्ते बस्ते उनके जिम जाने का समय हो जाता था।
43:40और साथ बज़े के बाद तो मैफिल जम जाती थी तब तो फिर देश और दुनिया से उनका समंधी समाप्त
43:46हो जाता था।
43:47तो परदेश के बारे में कहां से सोच उनके पास थे। इसी कारण दंगे होते थे महिनों महिनों कर फ्यूरेता
43:57था।
43:58बेराल यूपी में भी सियासी रणीती बदलती जा रही है जहां सब की नजरे जैंजी वोट वैंग पर है। आज
44:04तक देरो।
44:07और आई अब आपको पंजाब के खबर से खबरदार किये देते हैं जहां डिये यानि की बहंगाई भत्ता और पुरानी
44:14पेंशन स्कीम की मांग को लेकर पंजाब सरके के करमचारियों ने प्रोदेशन कारी वदान सबा कھیरने के लिए आगे बढ़े
44:23तो पुलिस ने बेरिके
44:25प्रेडिंग से करमचारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बहुत चार उन पर कर दी
44:55नजर जा रहे हैं लोगी लोग नजर आ रहे हैं कितने इंप्रोईज आप एक साथ किताब आए हैं और किन
45:00मांगों को लेके विए विरोर्ट परदाशन चल रहा है
45:03देखिए सब्रेच साल हो गए हैं इस सरकार को आए हुए पूरे चार साल और चार पंच मीने होने के
45:11बाद जूद इस सरकार ने हमें एग्नोर किया है
45:14जो हमारे सेंटिमेंट है हमारे हाँ बाव उनको इनके कुचल के रखा हुआ है
45:35और अब आपको दिल्ली इंसियार में जारी बारिश से खबरदार हम कर दें
45:40दिल्ली इंसियार में आज ही तेज़ बारिश ने एक बार फिर से शेहर के रफ़तार पर ब्रेक लगा दिया
45:45बारी बारिश के कारण राजधानी और आसपस के कई लाकों में पानी भर गया एस्थिती गंभीर हो गई
45:51लोगों को बारी परिशानियों का सामना करना पड़ रहा है
45:54देर शाम आफिसेस से लोड रहे लोगों के लिए सफर काफी मुश्किल हो गया
45:58कई प्रमुक सड़कों पर लंबा लंबा ट्राफिक जाम देखने को मिल रहा है
46:01गाडियां घंटों से रैंक्ती नजर आ रही है
46:04उधर मौसम विभाग ने बारिश को लेकर दिल्ली में यलो अलर्ट जारी किया है
46:08और आने वाले कुछ घंटों में कल हलकी से मध्यम बारिश की संभावना भी व्यक्त की है
46:16ऐसे में लोगों को ये सला दी जाती है कि बहुत जरूरी होने पर ही आप अपने घर से बाहर
46:22निकलें
46:22पानी भरने वाले रास्तों से बचें ट्राफिक एडवाईजरी का पालन करें और तभी घर से बाहर आप निकलें अगर बहुत
46:30जरूरी हो तभी
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