00:00इस्तितियां बदली है बांगलादेश में लोकतंद्र की बहाली हुई है और हाला कि जो सरकार है वो शेख हसीना की
00:09धूरविरोधी पाटी की सरकार है वहां पर जो दो राजनितिक विचारधारा रही है बांगलादेश में बांगलादेश के निर्मान के बाद
00:17से सत्ता में उन
00:29राजनीति में शेख हसीना को जितनी लंबी पाड़ी खेलनी थी मेरे ख्याल से वो खेल चुकी है उनकी राजनीति का
00:36अवसान हो चुका है और जो जिस घरवापसी की बात वो कर रही है, दिसम्बर में बांगलादेश चाती
00:43है बंगलादेश में उनके खिलाफ जो कानूनी कारवाई होगी क्या होगी इसकी संभावना हम और आप समझ सकते हैं इनके
00:53पिता शेख मुझीबूर रहमान के साथ बंगलादेश में क्या न्याय किया था वो जग जाहिर है पता नहीं शेख हसीना
01:01यह चांते समस्तिय हुए भी
01:03क्यों बंगलादेश वापस जा रही है यह चिंता की बात तो जरूर है हालां कि देखिए एक राजनितिक कारण है
01:10जिस तरह से बंगलादेश की राजनित में अब खालिद्याज जी आके पुत्र अस्थापित हो चुके हैं अब इनकी भी तो
01:18अगली पीड़ी को अस्थापि
01:39सब्सक्राइब श्थापित करने की एक कवायद है इसलिए बंगलादेश वापस जाने की बात शेक अ सीना कर रही हैं देखना
01:47ये होगा कि
01:48दिसंबर तक बांगलादेश की राजनेती क्या-क्या मोड लेती है जहां तक रही बात वहां के कानून और व्रशासन की
01:57बात
02:00सत्ता में नए प्रधानमंत्री के आने के बाद से थोड़ी तो बहतर हुई है लोक-तंत्र की वापसी आज दुनिया
02:09के किसी भी कोने में कोई भी मुल्क हो वहां पर लोक-तंत्र की वापसी निश्चित रूप से प्रशंस निये
02:16है लेकिन बंगलादेश की मौझूदा निजाम
02:21में शेख हसीना या उनकी पार्टी के लिए कोई जगह मुझे फिलहाल नहीं दिख रही है कि चुनाओ कैसे कड़ाएगे
02:27बांगलादेस में जब कोई अपोजिशन ही नहीं है तब तो एक ही पार्टी जीते गी ही इस तरह के चुनाओ
02:33से चुनी हुई सरकार से बहुत जादा सम
02:49समय होगा। भारत के लिए भी है। भारत की भूम का पर सवाल उठे है। बांगलादेस के बीच को है
03:10एक्स ट्रिशाधिन नहीं है
03:11तो भारत बाध्य नहीं है बांगादेश, तसलीमा नसरीन या फिर इस तरह के वैक्ति जो यहाँ पर सरणार्थी हैं उनको
03:18किसी को हैंड ओवर करने के लिए भारत बाध्य तो नहीं है लेकिन यह अंतरराश्ची संवंधों की परिक्षा का भी
03:26समय है
03:26बिल्कुल एक सवाल और उठ रहा है केशो जी क्या बांगादेश में जो वहाँ के लोग हैं क्या शेक हसीना
03:34की अभी लोगप्रेता वैसी उनकी है अगर वहाँ पर जाती है और जनसमर्थन जुटाने कोशिश करती हैं क्या उन्हें मिल
03:40पाएगा आपने कहा कि वह अगली पी�
03:54का पुराना इतिहास रहा है जब जब शेक हसीना सथा में रही है बी-यं-पी की मुख्या खालिदा-जिया
03:59के आ Lawrence करना नहीं नहीं
04:15नहीं ये तो बहुत बड़ी चिंता की बात है हमने पहले भी कहा कि शेक अ healsina के पता मुझिए
04:20रहमात्यों जो की बंगला अदिश के निर
04:24शेख मुझीबूर रहमान का वो लंबा संघर्स नहीं होता तो आज ये पुरी पाकिस्तान ही रहता बिलकुल जिस तरह से
04:31उन्होंने पाकिस्तान के नैशनल असेंबली में आवाज उठाई अलग बांगलादेश की पुरी लड़ाई लड़ी मुक्तिवाहिनी का गठन किया औ
04:40भारत से सहायता मांगी तब जाकर बांगलादेश का निर्मान हुआ बाकिस्ट मुझीबूर रहमान के साथ क्या किया वह किसी से
04:50चुपी विने वह इतिहास के पन्नों में दर्ज है शेख मुझीबूर रहमान को उहां पर मौत की सजा दी गई
04:57और दी गई बजापता बिलक�
05:11लोक तंत्र में उन्माद की कोई जगह नहीं होती है और प्रतिहिंसा जब लोगों के सर पे सवार होती है
05:22तो ऐसे ही काम होते हैं उस देश में स्वेक हसीना वापसी करने की सोच रही है बिलकुल उनका अपना
05:29घर है और किसी वी व्यक्ति के लिए कहा जाता है निर्वासन स�
05:32से बड़ी पीडा होती है महाभारत के यक्ष की कौन खुश है यद्म से को मोदते उसके जवाब में कहते
05:42हैं कि अपने गर में पाँचवे या चछटे पहर में साग ही
05:46बनाकर खाता हो लेकिन किसी का रिणी कर्चदार नहीं हो और प्रवासी नहीं हो वही सुखी है तो प्रवास की
05:54अपनी पीरा है अपने घर का सुख अपना सुख होता है उससे अपना लगाव होता है बांगलादेश की पूरी डाजनीती
06:00शेख हसीना के इर्दगिर्द एक समय म
06:16हैं वो तो बनी रहेंगी खासकर तब जबकि बंगलादेश में ऐसे वापसी का स्वागत नहीं हुआ है शेख मुझीवूर रहमान
06:25के साथ बंगलादेश ने क्या किया यह जग जाहिर है और फिर भी शेख हसीना इतना वरा फैसला कर रही
06:33है हो सकता है इत्यास से बंगलादेश
06:36सबक सीखे और जो शेख मुझीवूर रहमान के साथ इनके पिता के साथ हुआ वो इनके साथ नहों बहुत जादा
06:45समय बीट गया है नई पीड़ी सक्ता में आ गई है लेकिन फिर भी इतना तो तैह है कि शेख
06:51हसीना की सियासत का यह आखरी दौर है और बलकि मैं तो यह मानत
06:57हूं कि शेख हसीना के सियासत का दौर भी खत्म हो चुका है खालिदा जी आव इस दुनिया में रही
07:03नहीं शेख हसीना अपने राजनीट के अपने कैरियर के आखरी पड़ाओं पर हैं लेकिन मुझे जो समझ में आ रहा
07:12है वो सबसे बड़ी जो बात होगी जो एंबिशन है
07:16वो है शेख हसीना के बेटे को बांगलादेश के पॉलिटिक्स में एस्टेबलिस करना और इसके लिए शेख हसीना को वापस
07:23बांगलादेश जाना परेगा बांगलादेश की अधालत में शेख हसीना के खिलाफ जो मामले चल रहे हैं जो जो अंतरीम सरकार
07:34ने मामले दर्ज
07:34कराएं हैं उस उन मामलों में क्या सजा होती है ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन बंगलादेश की जो
07:42उनमादी भीर थी जिन्हों
07:44कि इनके घड़ों में तोड़ फोड़ की जिसने इनके अंतहवस्त्रों को हवा में लहराया वो इनका किस तरह से स्वागत
07:53करेंगे यह समझने वाली बात हो सकती है केशो जी एक और सवाल है बंगलादेश ये वाला कभी पाकिस्तान का
08:00हिस्सा हुआ करता था बटवारा हुआ �
08:02या कहलें कि आजाद हुआ ये मुल्क अपना एक अलग देश बना बंगलादेश उसमें जो सबसे प्रमुक मुद्दे थे वो
08:09ये थे कि बंगलादेशी मुसल्मान जो बंगला भाशी हैं उनको उर्दू बोलने वाले पंजाबी बोलने वाले मुसलिम उतना ज्यादा पसं�
08:28का हावी होना हो वहाँ पर तमाम ऐसे दल आ रहे हैं जो कटरपंथी हैं और कह सकते हैं कि
08:34वो उन जनभावनाओं को भी उकसा रहे हैं मुसलिम जो एक अपनी पहचान है उसको लेकर और वो खुद को
08:40पाकिस्तान से ज्यादा निकट पाते हैं भारत की तुलना में वो भी अ�
08:46भारत का समर्थक माना जाता है बांगलादेश की राजनीती का उदारवादी चेहरा रहे हैं शेक मुझीव रहमान और उनके बाद
08:54उनकी लेगेसी को समाल रही थी शेक हसीना और जो दूसरी पार्टी है खालिदा जिया के नेत्रित वाली उसको आप
09:02पाकिस्तान परस्त भी
09:03कह सकते है वो इस्लामिक जो रेडिकल इसलामिक भिलीफ है उसमें वो ज्यादा बहरोसा रखते हैं इसलिए आप देखें कि
09:13जब जब शेक हसीना की सरकार आई बंगलादेश की जो विदे शनीती है भारत के जादा कर रहे है और
09:20जब जब खालिजा की शरकार आई
09:22तो बांगलादेश की विदेश नहीं थी भारत के विप्रित दिशा में चलती है पिछले दो सालों से अगर बात करें
09:30तो शेक असीना के निरवासन के बाद से जब अंतरीम सरकार रही तब भी बांगलादेश में चरमपंथियों का बोल बाला
09:38रहा है और खासकर जब तारिक र
09:52मंत्री की ताजपोशी हुई है बांगला देश ने फिलहाल तो ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है जिससे यह सावित हो
10:00सके कि तारीक रहमान भी अपनी मा के ही नक्षे कदम पे चल रहे हैं या पाकिस्तान के ज्यादा करीब
10:06जा रहे हैं लेकिन दुनिया भर में जो यह मुस्लिम
10:11वाला कॉंसेप्ट है उसको लेकर चिंता रहती है दुनिया भर की चिंता रहती है ऑ्ह तेरा मेरा रिस्ता क्या हायला
10:22हाईलहा वादी जब बात होने लगए तब आप विकास से कोसू दूर हो जाते हैं तब आप नैतिक्ता से भी
10:29दूर होते चलते हैं Hindu का ये
10:30आर्थ नहीं मैं जो कह रहा हूं उसका आर्थ नहीं लगाना चाहिए कि इसलाम में नैतिकता नहीं है वह एक
10:35इसलाम एक मजहब के रूप में फॉलो करने के लिए अलग बात है लेकिन सिर्फ इसलामिक कॉंसेप्ट पे आप देश
10:45और दुनिया को चलाने की सोच रहे हैं तब �
10:48एक दूसरा रूफ अक्तियार कर लेती है यही इस्तिती है बांगलादेश और पाकिस्तान के साथ है देखे बांगलादेश अगर उदारवादी
10:55नहीं होता तो बांगलादेश की अर्थ विवस्ता छोटी है लेकिन जिस रफ्तार से उसने विकास किया है वह आदूटी यह
11:01ह
11:01आज बांगलादेश का रुपिया भारत से भी आगे है बांगलादेश का टाका जो है भारत से आगे है लेकिन पाकिस्तान
11:09का रुपिया देख लीजी पाकिस्तानी रुपिया भारत से काफी नीचे है पाकिस्तान के की अंतर रास्ट्रिय बाजार में कितनी पैठ
11:17है लेकिन �
11:18बांगलादेश में बने हुए कपड़े आज अंतरास्ट्रिय बाजारों में जाते हैं यहां तक कि आपको मैं अगर उपेनली बताओं तो
11:24जो एक समय में भारत वस्त्रों का निर्यातक था पिछले कुछ वर्षों में बांगलादेश ने उस बिजनेस में अपनी हिस्सेदारी
11:34काफी बढ़ा ली है तो जब तक आप उदारवाद की तरफ नहीं बढ़ेंगे आप अगर चरम पंथ से ग्रसित रहेंगे
11:43तो फिर यह जो विकासवादी सोच है वो आपसे दूर हो जाती है बांगलादेश में शेख हसीना का होना भारत
11:53के लिए अच्छा समझा जाता है ले
12:04च्राव्रफ कर आपक प्रियास नहीं हुए है भारत के तरफ से काफी कोशिये की गई लकॉल उस तरह से बांगलादेश
12:09से रेशिप्रूकेट नहीं किया गया अब जब कि उस दिन कल कि बाट करें तो उन्होंने प्रेस कॉड़ करेंस को
12:17खत्म करते हुए जाय हिंधा जाए ह
12:22भी जाए उन्होंने भारत का आभार भी जताया हो सकता है अब जब नए सिरे से
12:28मैगलादेश की राजनिती कुनर परिभाशिक की जाएगी नए नेता तारीकahur
12:34आमान है या फिर अगर सजीब जाते हैं मांगलादेश या फिर शेख हसीना ही
12:40बंगलादेश की सियासत में वापसी करती है तब भारत के साथ उनके संबंदों की पड़कता लिखी जाएगी तो उसमें एक
12:47नया अध्याय जुड़े
12:48हाला की इसकी संभावना मुझे बहुत कम दिखती है सरकारों की अपनी मजबूरी होती है अगर शेख हसीना की भी
12:56सरकार वहार है लेकिन जिस तरह से पिछले कुछ वर्षों में बंगलादेश में चरम पंथ ने सर उठाया है उसको
13:03देखते हुए लगता नहीं है कि शेख हसीन
13:06हो या कोई और प्रधान मंत्री बन जाए बांगलादेश का वो ऐसे फैसले ले पाएंगी जो उदारी करन के ज्यादा
13:14करीब हो मुझे ऐसा नहीं लगता है फिलहाल बिल्कुल
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